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रामदेव नगर स्कूल में मौत लटक रही छत से - रविवार की छुट्टी ने बचाई जान, तस्वीरें बयां कर रही हकीकत* *रामदेव नगर स्कूल में मौत लटक रही छत से - रविवार की छुट्टी ने बचाई जान, तस्वीरें बयां कर रही हकीकत* *प्रधानाध्यापिका कक्ष की छत में बड़ा गड्ढा - प्लास्टर-स्लैब गिरा, सरिये दिखे - अधिकारी देखकर गए, मरम्मत कब?* *जयपुर।* *राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामदेव नगर, जयपुर की जर्जर हालत की ये तस्वीरें सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं।* स्कूल के प्रधानाध्यापिका कक्ष की छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। *छत में गहरा गड्ढा हो गया, प्लास्टर उखड़कर नीचे गिरा, अंदर के सरिये साफ दिख रहे हैं।* _[फोटो संलग्न]_ *रविवार ने बचाई जान:* गनीमत यह रही कि *रविवार अवकाश रहने के कारण स्कूल बंद था, वरना कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।* सोमवार को *स्कूल की प्रधानाचार्या सुषमा नरूका ने जैसे ही सुबह 7:15 बजे स्कूल खोला* तो कक्ष में छत गिरी मिली और मलबा जमीन पर बिखरा था। अगर स्कूल समय में हादसा होता तो प्रधानाचार्या समेत कई बच्चे चपेट में आते। *मौके पर पहुंचे अधिकारी, सिर्फ मुआयना:* प्रधानाचार्या ने *तुरंत ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर अवगत कराया।* अधिकारीगण मौके पर आए, टूटी छत का मुआयना किया, फोटो खींचे और चले गए। *लेकिन बड़ा सवाल - अब इस जर्जर स्कूल की मरम्मत कब होगी?* क्या फिर फाइलों में घूमेगा मामला? *भामाशाह भरोसे चलेगा स्कूल?* प्रदेश के कई स्कूलों में मरम्मत के लिए पैसा पास होने के बाद भी काम अटका है। मजबूरी में भामाशाहों से टीन शेड लगवाने पड़ रहे हैं। *अब देखना यह है कि रामदेव नगर के इस स्कूल की छत क्या सरकार बनवाएगी या यहां भी किसी भामाशाह, दानदाता या संस्था को आगे आना पड़ेगा?* *जैसलमेर-झालावाड़ दोहराने का खतरा:* आंधी-तूफान का दौर जारी है। कल ही जयपुर में तेज बारिश हुई। *छत की हालत देखकर साफ है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो जैसलमेर-झालावाड़ जैसा हादसा दोहराने में देर नहीं लगेगी।* 1. *छत में इतना बड़ा गड्ढा होने के बाद भी बच्चे कैसे पढ़ेंगे? स्कूल तुरंत बंद क्यों नहीं किया गया?* 2. *पैसा पास होने के बाद भी मरम्मत क्यों नहीं हुई - किसकी लापरवाही से बच्चों की जान दांव पर लगी?* 3. *अधिकारी सिर्फ मुआयना करने आते हैं या मरम्मत भी करवाएंगे?* 4. *क्या अब हर स्कूल की छत भामाशाह ही बनवाएंगे - शिक्षा विभाग का काम क्या है?* *अल्टीमेटम:* तस्वीरें चीख-चीखकर गवाही दे रही हैं कि स्कूल रहने लायक नहीं है। *तुरंत प्रभाव से स्कूल की मरम्मत शुरू हो और बच्चों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाए, वरना हादसे की पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और सरकार की होगी।*

2 hrs ago
user_Hello Chittorgarh News
Hello Chittorgarh News
Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
2 hrs ago
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रामदेव नगर स्कूल में मौत लटक रही छत से - रविवार की छुट्टी ने बचाई जान, तस्वीरें बयां कर रही हकीकत* *रामदेव नगर स्कूल में मौत लटक रही छत से - रविवार की छुट्टी ने बचाई जान, तस्वीरें बयां कर रही हकीकत* *प्रधानाध्यापिका कक्ष की छत में बड़ा गड्ढा - प्लास्टर-स्लैब गिरा, सरिये दिखे - अधिकारी देखकर गए, मरम्मत कब?* *जयपुर।* *राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामदेव नगर, जयपुर की जर्जर हालत की ये तस्वीरें सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं।* स्कूल के प्रधानाध्यापिका कक्ष की छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। *छत में गहरा गड्ढा हो गया, प्लास्टर उखड़कर नीचे गिरा, अंदर के सरिये साफ

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दिख रहे हैं।* _[फोटो संलग्न]_ *रविवार ने बचाई जान:* गनीमत यह रही कि *रविवार अवकाश रहने के कारण स्कूल बंद था, वरना कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।* सोमवार को *स्कूल की प्रधानाचार्या सुषमा नरूका ने जैसे ही सुबह 7:15 बजे स्कूल खोला* तो कक्ष में छत गिरी मिली और मलबा जमीन पर बिखरा था। अगर स्कूल समय में हादसा होता तो प्रधानाचार्या समेत कई बच्चे चपेट में आते। *मौके पर पहुंचे अधिकारी, सिर्फ मुआयना:* प्रधानाचार्या ने *तुरंत ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर अवगत कराया।* अधिकारीगण मौके पर आए, टूटी छत का मुआयना किया, फोटो खींचे और चले गए। *लेकिन बड़ा सवाल - अब इस जर्जर स्कूल की मरम्मत

कब होगी?* क्या फिर फाइलों में घूमेगा मामला? *भामाशाह भरोसे चलेगा स्कूल?* प्रदेश के कई स्कूलों में मरम्मत के लिए पैसा पास होने के बाद भी काम अटका है। मजबूरी में भामाशाहों से टीन शेड लगवाने पड़ रहे हैं। *अब देखना यह है कि रामदेव नगर के इस स्कूल की छत क्या सरकार बनवाएगी या यहां भी किसी भामाशाह, दानदाता या संस्था को आगे आना पड़ेगा?* *जैसलमेर-झालावाड़ दोहराने का खतरा:* आंधी-तूफान का दौर जारी है। कल ही जयपुर में तेज बारिश हुई। *छत की हालत देखकर साफ है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो जैसलमेर-झालावाड़ जैसा हादसा दोहराने में देर नहीं लगेगी।* 1. *छत में इतना बड़ा गड्ढा होने

के बाद भी बच्चे कैसे पढ़ेंगे? स्कूल तुरंत बंद क्यों नहीं किया गया?* 2. *पैसा पास होने के बाद भी मरम्मत क्यों नहीं हुई - किसकी लापरवाही से बच्चों की जान दांव पर लगी?* 3. *अधिकारी सिर्फ मुआयना करने आते हैं या मरम्मत भी करवाएंगे?* 4. *क्या अब हर स्कूल की छत भामाशाह ही बनवाएंगे - शिक्षा विभाग का काम क्या है?* *अल्टीमेटम:* तस्वीरें चीख-चीखकर गवाही दे रही हैं कि स्कूल रहने लायक नहीं है। *तुरंत प्रभाव से स्कूल की मरम्मत शुरू हो और बच्चों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाए, वरना हादसे की पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और सरकार की होगी।*

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  • 😏 नया भारत, नए रिश्ते… अब “सात फेरे” नहीं, सीधे “सात दिन में प्लान” बनते हैं। पति? बस एक औपचारिकता है… और प्यार? वो तो कहीं और “अपडेट” हो चुका है। 💔 व्रत-उपवास की जगह अब “सीक्रेट चैट” रखी जाती है। 💔 साथ निभाने की कसम की जगह “मौका मिलते ही छुटकारा” प्लान होता है। और फिर… 👉 कहानी खत्म 👉 एक ज़िंदगी खत्म 👉 और सिस्टम बोले — “जांच जारी है” ⚖️ कानून भी शायद यही सोचता है: “पहले सबूत मरते हैं, फिर इंसान…” 👏 वाह री तरक्की! जहां भरोसा सबसे सस्ता और धोखा सबसे आसान हो गया है। 📢 पूछना तो पड़ेगा — क्या अब शादी रिश्ता है… या एक रिस्की निवेश?
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    😏 नया भारत, नए रिश्ते…
अब “सात फेरे” नहीं,
सीधे “सात दिन में प्लान” बनते हैं।
पति?
बस एक औपचारिकता है…
और प्यार?
वो तो कहीं और “अपडेट” हो चुका है।
💔 व्रत-उपवास की जगह
अब “सीक्रेट चैट” रखी जाती है।
💔 साथ निभाने की कसम की जगह
“मौका मिलते ही छुटकारा” प्लान होता है।
और फिर…
👉 कहानी खत्म
👉 एक ज़िंदगी खत्म
👉 और सिस्टम बोले — “जांच जारी है”
⚖️ कानून भी शायद यही सोचता है:
“पहले सबूत मरते हैं, फिर इंसान…”
👏 वाह री तरक्की!
जहां भरोसा सबसे सस्ता
और धोखा सबसे आसान हो गया है।
📢 पूछना तो पड़ेगा —
क्या अब शादी रिश्ता है…
या एक रिस्की निवेश?
    user_प्रताप
    प्रताप
    Taxi Driver चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • Post by देबी लाल जाट
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    Post by देबी लाल जाट
    user_देबी लाल जाट
    देबी लाल जाट
    Farmer Mandalgarh, Bhilwara•
    3 hrs ago
  • जोगणिया माता की ऐसी भक्ति सच्चा भक्त कर सकता है
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    जोगणिया माता की ऐसी भक्ति सच्चा भक्त कर सकता है
    user_Diwansh Bairwa
    Diwansh Bairwa
    Farmer मंडल गढ़, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान 9660737539 9079008107
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    गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान
9660737539
9079008107
    user_न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा
    न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा
    Farmer छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • रायला में बदमाशों बुजुर्ग महिला से गहने और नकदी भरा बैग लूटा, वारदात में महिला शामिल रायला कस्बे में रायला चौराहे से गांव में जाते वक्त की यह घटना । बदमाशों को चुनौती देते हुए दिनदहाड़े लूट की एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। राजकीय बालिका विद्यालय के सामने की है घटना रायला चौराहे से गांव में जाते हुए। बाजार में स्कूटी सवार एक बुजुर्ग महिला के हाथ से बाइक सवार लुटेरे बैग झपटकर फरार हो गए। इस वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लुटेरों के गिरोह में एक महिला और एक छोटा बच्चा भी शामिल था, जिन्होंने 'पारिवारिक आवरण' का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया। हाथ पर झपट्टा मारा, फिर आंखों से ओझल रायला थाना प्रभारी मूलचंद वर्मा ने बताया कि स्थानीय निवासी रामस्वरूप लढ़ा अपनी 70 वर्षीय पत्नी प्रेमदेवी के साथ स्कूटी पर भीलवाड़ा से रायला लौट रहे थे। जैसे ही लढ़ा दंपत्ति रायला के व्यस्त बाजार से गुजरे, सामने से एक बाइक आई जिस पर एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चा सवार थे। इससे पहले कि बुजुर्ग दंपत्ति कुछ समझ पाते, बाइक सवारों ने प्रेमदेवी के हाथ पर झपट्टा मारा और रुपयों व गहनों से भरा बैग छीनकर तेज रफ्तार में रफूचक्कर हो गए। नकदी और सोने के जेवरात ले उड़े लुटेरे पीड़ित दंपत्ति के शोर मचाने पर बाजार में हड़कंप मच गया और भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को पीड़ित परिवार ने बताया कि लुटे गए बैग में 15 हजार रुपये नकद, सोने की चेन और अंगूठी सहित अन्य कीमती जेवरात थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय व्यापारियों और आमजन में भारी दहशत और आक्रोश व्याप्त है। सीसीटीवी के घेरे में 'लुटेरा परिवार' पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी करवाई है और वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लुटेरों ने वारदात के लिए महिला और बच्चे को साथ रखा ताकि किसी को उन पर शक न हो। पुलिस जल्द ही आरोपियों को दबोचने का दावा कर रही है, लेकिन इस घटना ने रायला की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। <
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    रायला में बदमाशों बुजुर्ग महिला से गहने और नकदी भरा बैग लूटा, वारदात में  महिला शामिल
रायला कस्बे में रायला चौराहे से गांव में जाते वक्त की यह घटना । बदमाशों को चुनौती देते हुए दिनदहाड़े लूट की एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। राजकीय बालिका विद्यालय के सामने की है घटना रायला चौराहे से गांव में जाते हुए। बाजार में स्कूटी सवार एक बुजुर्ग महिला के हाथ से बाइक सवार लुटेरे बैग झपटकर फरार हो गए। इस वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लुटेरों के गिरोह में एक महिला और एक छोटा बच्चा भी शामिल था, जिन्होंने 'पारिवारिक आवरण' का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया।
हाथ पर झपट्टा मारा, फिर आंखों से ओझल
रायला थाना प्रभारी मूलचंद वर्मा ने बताया कि स्थानीय निवासी रामस्वरूप लढ़ा अपनी 70 वर्षीय पत्नी प्रेमदेवी के साथ स्कूटी पर भीलवाड़ा से रायला लौट रहे थे। जैसे ही लढ़ा दंपत्ति रायला के व्यस्त बाजार से गुजरे, सामने से एक बाइक आई जिस पर एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चा सवार थे। इससे पहले कि बुजुर्ग दंपत्ति कुछ समझ पाते, बाइक सवारों ने प्रेमदेवी के हाथ पर झपट्टा मारा और रुपयों व गहनों से भरा बैग छीनकर तेज रफ्तार में रफूचक्कर हो गए।
नकदी और सोने के जेवरात ले उड़े लुटेरे
पीड़ित दंपत्ति के शोर मचाने पर बाजार में हड़कंप मच गया और भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को पीड़ित परिवार ने बताया कि लुटे गए बैग में 15 हजार रुपये नकद, सोने की चेन और अंगूठी सहित अन्य कीमती जेवरात थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय व्यापारियों और आमजन में भारी दहशत और आक्रोश व्याप्त है।
सीसीटीवी के घेरे में 'लुटेरा परिवार'
पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी करवाई है और वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लुटेरों ने वारदात के लिए महिला और बच्चे को साथ रखा ताकि किसी को उन पर शक न हो। पुलिस जल्द ही आरोपियों को दबोचने का दावा कर रही है, लेकिन इस घटना ने रायला की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    user_Rajendra Dhanopiya
    Rajendra Dhanopiya
    बनेड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • तरुण जोशी राजसमंद 9414 239 644 राजसमंद में आज सुबह से सभी पेट्रोल पंप बंद, वाहन चालक पेट्रोल के बिना हो रहे हैं परेशान, पंप संचालकों का कहना आगे से नहीं हो रही सप्लाई, कुछ लोगों ने जताई पेट्रोल के दाम कल से बढ़ाने की आशंका, राजसमंद में कल रात से ही सभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बंद कर दी गई है। इस कारण सभी पंपों पर वाहन चालकों की लंबी कतारे लगी हुई है। पंप संचालकों का कहना है की आपूर्ति नहीं होने के कारण स्टॉक उपलब्ध नहीं है।इसी कारण से आपूर्ति नहीं हो पा रही। वहीं जिला मुख्यालय पर मौजूद एकमात्र सीएनजी पंप पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई है। कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम आने के बाद पेट्रोल की कीमतें बढ़ने की संभावना है। जिसके चलते पंप संचालकों ने आपूर्ति बंद कर दी है। अचानक पेट्रोल बंद होने से वाहन चालकों में अफरा तफरी का माहौल है लोग अपने वाहन लेकर दूर-दूर पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। जिला मुख्यालय के अधिकांश पंपों पर पेट्रोल नहीं होने से आमजन की परेशानियां बढ़ गई है। जबकि केवल एक पेट्रोल पंप पर ही पेट्रोल बेचा जा रहा है जिससे वहां लगातार वाहनों की भीड़ जमा हो रही है। शहर के दो नायरा पंप पर 110 रुपए की कीमत से पेट्रोल आपूर्ति जारी है। यहां पिछले 5 दिन पूर्व भी पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए थे।
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    तरुण जोशी
राजसमंद 
9414 239 644 
राजसमंद में आज सुबह से सभी पेट्रोल पंप बंद,
वाहन चालक पेट्रोल के बिना हो रहे हैं परेशान,
पंप संचालकों का कहना आगे से नहीं हो रही सप्लाई,
कुछ लोगों ने जताई  पेट्रोल के दाम कल से बढ़ाने की आशंका,
राजसमंद में कल रात से ही सभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बंद कर दी गई है। इस कारण सभी पंपों पर वाहन चालकों की लंबी कतारे लगी हुई है। पंप संचालकों का कहना है की आपूर्ति नहीं होने के कारण स्टॉक उपलब्ध नहीं है।इसी कारण से आपूर्ति नहीं हो पा रही। वहीं जिला मुख्यालय पर मौजूद एकमात्र सीएनजी पंप पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई है। कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम आने के बाद पेट्रोल की कीमतें बढ़ने की संभावना है। जिसके चलते पंप संचालकों ने आपूर्ति बंद कर दी है। अचानक पेट्रोल बंद होने से वाहन चालकों में अफरा तफरी का माहौल है लोग अपने वाहन लेकर दूर-दूर पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। जिला मुख्यालय के अधिकांश पंपों पर पेट्रोल नहीं होने से आमजन की परेशानियां बढ़ गई है। जबकि केवल एक पेट्रोल पंप पर ही पेट्रोल बेचा जा रहा है जिससे वहां लगातार वाहनों की भीड़ जमा हो रही है। शहर के दो नायरा पंप पर 110 रुपए की कीमत से पेट्रोल आपूर्ति जारी है। यहां पिछले 5 दिन पूर्व भी पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए थे।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • *रामदेव नगर स्कूल में मौत लटक रही छत से - रविवार की छुट्टी ने बचाई जान, तस्वीरें बयां कर रही हकीकत* *प्रधानाध्यापिका कक्ष की छत में बड़ा गड्ढा - प्लास्टर-स्लैब गिरा, सरिये दिखे - अधिकारी देखकर गए, मरम्मत कब?* *जयपुर।* *राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामदेव नगर, जयपुर की जर्जर हालत की ये तस्वीरें सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं।* स्कूल के प्रधानाध्यापिका कक्ष की छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। *छत में गहरा गड्ढा हो गया, प्लास्टर उखड़कर नीचे गिरा, अंदर के सरिये साफ दिख रहे हैं।* _[फोटो संलग्न]_ *रविवार ने बचाई जान:* गनीमत यह रही कि *रविवार अवकाश रहने के कारण स्कूल बंद था, वरना कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।* सोमवार को *स्कूल की प्रधानाचार्या सुषमा नरूका ने जैसे ही सुबह 7:15 बजे स्कूल खोला* तो कक्ष में छत गिरी मिली और मलबा जमीन पर बिखरा था। अगर स्कूल समय में हादसा होता तो प्रधानाचार्या समेत कई बच्चे चपेट में आते। *मौके पर पहुंचे अधिकारी, सिर्फ मुआयना:* प्रधानाचार्या ने *तुरंत ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर अवगत कराया।* अधिकारीगण मौके पर आए, टूटी छत का मुआयना किया, फोटो खींचे और चले गए। *लेकिन बड़ा सवाल - अब इस जर्जर स्कूल की मरम्मत कब होगी?* क्या फिर फाइलों में घूमेगा मामला? *भामाशाह भरोसे चलेगा स्कूल?* प्रदेश के कई स्कूलों में मरम्मत के लिए पैसा पास होने के बाद भी काम अटका है। मजबूरी में भामाशाहों से टीन शेड लगवाने पड़ रहे हैं। *अब देखना यह है कि रामदेव नगर के इस स्कूल की छत क्या सरकार बनवाएगी या यहां भी किसी भामाशाह, दानदाता या संस्था को आगे आना पड़ेगा?* *जैसलमेर-झालावाड़ दोहराने का खतरा:* आंधी-तूफान का दौर जारी है। कल ही जयपुर में तेज बारिश हुई। *छत की हालत देखकर साफ है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो जैसलमेर-झालावाड़ जैसा हादसा दोहराने में देर नहीं लगेगी।* 1. *छत में इतना बड़ा गड्ढा होने के बाद भी बच्चे कैसे पढ़ेंगे? स्कूल तुरंत बंद क्यों नहीं किया गया?* 2. *पैसा पास होने के बाद भी मरम्मत क्यों नहीं हुई - किसकी लापरवाही से बच्चों की जान दांव पर लगी?* 3. *अधिकारी सिर्फ मुआयना करने आते हैं या मरम्मत भी करवाएंगे?* 4. *क्या अब हर स्कूल की छत भामाशाह ही बनवाएंगे - शिक्षा विभाग का काम क्या है?* *अल्टीमेटम:* तस्वीरें चीख-चीखकर गवाही दे रही हैं कि स्कूल रहने लायक नहीं है। *तुरंत प्रभाव से स्कूल की मरम्मत शुरू हो और बच्चों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाए, वरना हादसे की पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और सरकार की होगी।*
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    *रामदेव नगर स्कूल में मौत लटक रही छत से - रविवार की छुट्टी ने बचाई जान, तस्वीरें बयां कर रही हकीकत*  
*प्रधानाध्यापिका कक्ष की छत में बड़ा गड्ढा - प्लास्टर-स्लैब गिरा, सरिये दिखे - अधिकारी देखकर गए, मरम्मत कब?*  
*जयपुर।* *राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामदेव नगर, जयपुर की जर्जर हालत की ये तस्वीरें सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं।* स्कूल के प्रधानाध्यापिका कक्ष की छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। *छत में गहरा गड्ढा हो गया, प्लास्टर उखड़कर नीचे गिरा, अंदर के सरिये साफ दिख रहे हैं।* _[फोटो संलग्न]_
*रविवार ने बचाई जान:* गनीमत यह रही कि *रविवार अवकाश रहने के कारण स्कूल बंद था, वरना कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।* सोमवार को *स्कूल की प्रधानाचार्या सुषमा नरूका ने जैसे ही सुबह 7:15 बजे स्कूल खोला* तो कक्ष में छत गिरी मिली और मलबा जमीन पर बिखरा था। अगर स्कूल समय में हादसा होता तो प्रधानाचार्या समेत कई बच्चे चपेट में आते।
*मौके पर पहुंचे अधिकारी, सिर्फ मुआयना:* प्रधानाचार्या ने *तुरंत ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर अवगत कराया।* अधिकारीगण मौके पर आए, टूटी छत का मुआयना किया, फोटो खींचे और चले गए। *लेकिन बड़ा सवाल - अब इस जर्जर स्कूल की मरम्मत कब होगी?* क्या फिर फाइलों में घूमेगा मामला?
*भामाशाह भरोसे चलेगा स्कूल?* प्रदेश के कई स्कूलों में मरम्मत के लिए पैसा पास होने के बाद भी काम अटका है। मजबूरी में भामाशाहों से टीन शेड लगवाने पड़ रहे हैं। *अब देखना यह है कि रामदेव नगर के इस स्कूल की छत क्या सरकार बनवाएगी या यहां भी किसी भामाशाह, दानदाता या संस्था को आगे आना पड़ेगा?*
*जैसलमेर-झालावाड़ दोहराने का खतरा:* आंधी-तूफान का दौर जारी है। कल ही जयपुर में तेज बारिश हुई। *छत की हालत देखकर साफ है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो जैसलमेर-झालावाड़ जैसा हादसा दोहराने में देर नहीं लगेगी।*
1. *छत में इतना बड़ा गड्ढा होने के बाद भी बच्चे कैसे पढ़ेंगे? स्कूल तुरंत बंद क्यों नहीं किया गया?*  
2. *पैसा पास होने के बाद भी मरम्मत क्यों नहीं हुई - किसकी लापरवाही से बच्चों की जान दांव पर लगी?*  
3. *अधिकारी सिर्फ मुआयना करने आते हैं या मरम्मत भी करवाएंगे?*  
4. *क्या अब हर स्कूल की छत भामाशाह ही बनवाएंगे - शिक्षा विभाग का काम क्या है?*  
*अल्टीमेटम:* तस्वीरें चीख-चीखकर गवाही दे रही हैं कि स्कूल रहने लायक नहीं है। *तुरंत प्रभाव से स्कूल की मरम्मत शुरू हो और बच्चों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाए, वरना हादसे की पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और सरकार की होगी।*
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • कभी-कभी एक गलत फैसला… सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि दो परिवारों और कई जिंदगियों की तबाही का कारण बन जाता है। जब रिश्ते सहमति से नहीं, बल्कि दबाव, भ्रम या जबरदस्ती से तय किए जाते हैं—तो उसका अंजाम अक्सर बहुत भारी होता है। एक तरफ वो युवक होता है जिसकी जिंदगी बिना किसी गलती के बिखर जाती है… और दूसरी तरफ दो परिवार होते हैं, जो “इज़्ज़त” और “समाज” के नाम पर खुद को सही साबित करने में उलझकर टूट जाते हैं। ये समझना जरूरी है— रिश्ते अगर दिल से नहीं बने, तो वो घर नहीं बसाते… सिर्फ विवाद पैदा करते हैं। और सबसे बड़ा नुकसान तब होता है जब फैसले संवाद से नहीं, मजबूरी और दबाव से लिए जाते हैं। नतीजा क्या निकलता है? कहीं दर्द, कहीं गुस्सा, कहीं टूटे हुए रिश्ते… और बीच में पिसती हुई जिंदगियाँ। समाज को अब यह समझना होगा— किसी की जिंदगी पर “जबरदस्ती का फैसला” करना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। क्योंकि गलत फैसला सिर्फ आज नहीं तोड़ता… वो आने वाले कल को भी हमेशा के लिए खराब कर देता है।
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    कभी-कभी एक गलत फैसला… सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि दो परिवारों और कई जिंदगियों की तबाही का कारण बन जाता है।
जब रिश्ते सहमति से नहीं, बल्कि दबाव, भ्रम या जबरदस्ती से तय किए जाते हैं—तो उसका अंजाम अक्सर बहुत भारी होता है।
एक तरफ वो युवक होता है जिसकी जिंदगी बिना किसी गलती के बिखर जाती है…
और दूसरी तरफ दो परिवार होते हैं, जो “इज़्ज़त” और “समाज” के नाम पर खुद को सही साबित करने में उलझकर टूट जाते हैं।
ये समझना जरूरी है— रिश्ते अगर दिल से नहीं बने, तो वो घर नहीं बसाते… सिर्फ विवाद पैदा करते हैं।
और सबसे बड़ा नुकसान तब होता है जब फैसले संवाद से नहीं, मजबूरी और दबाव से लिए जाते हैं।
नतीजा क्या निकलता है? कहीं दर्द, कहीं गुस्सा, कहीं टूटे हुए रिश्ते… और बीच में पिसती हुई जिंदगियाँ।
समाज को अब यह समझना होगा— किसी की जिंदगी पर “जबरदस्ती का फैसला” करना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।
क्योंकि गलत फैसला सिर्फ आज नहीं तोड़ता…
वो आने वाले कल को भी हमेशा के लिए खराब कर देता है।
    user_प्रताप
    प्रताप
    Taxi Driver चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • कुंभलगढ़ केलवाड़ा थाना क्षेत्र के गजपुर पंचायत के चतराजी के गुड़ा के पास आकाशीय बिजली गिरने से 16 बकरी की मौत सूचना पर केलवाड़ा थाना अधिकारी मनमंत सिंह पुलिस जाता मौके पर
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    कुंभलगढ़ केलवाड़ा थाना क्षेत्र के गजपुर पंचायत के चतराजी के गुड़ा के पास आकाशीय बिजली गिरने से 16 बकरी की मौत सूचना पर केलवाड़ा थाना अधिकारी मनमंत सिंह  पुलिस जाता मौके पर
    user_Suresh Bagora
    Suresh Bagora
    Newspaper publisher राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    2 hrs ago
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