घंसौर–केदारपुर मार्ग पर आंधी-तूफान से गिरा बरसों पुराना वृक्ष , यातायात बाधित घंसौर–केदारपुर मार्ग पर आंधी-तूफान से गिरा बरसों पुराना वृक्ष , यातायात बाधित घंसौर। क्षेत्र में अचानक बदले मौसम के चलते तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। इसी दौरान आज 4 अप्रैल 2026 को घंसौर से केदारपुर मार्ग पर एक बरसों पुराना विशाल वृक्ष सड़क पर गिर गया, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और यातायात प्रभावित हुआ। वृक्ष गिरने के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आपसी सहयोग से पेड़ को काटकर सड़क से हटाया। ग्रामीणों की तत्परता से कुछ ही समय में मार्ग को साफ कर यातायात सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
घंसौर–केदारपुर मार्ग पर आंधी-तूफान से गिरा बरसों पुराना वृक्ष , यातायात बाधित घंसौर–केदारपुर मार्ग पर आंधी-तूफान से गिरा बरसों पुराना वृक्ष , यातायात बाधित घंसौर। क्षेत्र में अचानक बदले मौसम के चलते तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। इसी दौरान आज 4 अप्रैल 2026 को घंसौर से केदारपुर मार्ग पर एक बरसों पुराना विशाल वृक्ष सड़क पर गिर गया, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और यातायात प्रभावित हुआ। वृक्ष गिरने के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आपसी सहयोग से पेड़ को काटकर सड़क से हटाया। ग्रामीणों की तत्परता से कुछ ही समय में मार्ग को साफ कर यातायात सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
- घंसौर–केदारपुर मार्ग पर आंधी-तूफान से गिरा बरसों पुराना वृक्ष , यातायात बाधित घंसौर। क्षेत्र में अचानक बदले मौसम के चलते तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। इसी दौरान आज 4 अप्रैल 2026 को घंसौर से केदारपुर मार्ग पर एक बरसों पुराना विशाल वृक्ष सड़क पर गिर गया, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और यातायात प्रभावित हुआ। वृक्ष गिरने के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आपसी सहयोग से पेड़ को काटकर सड़क से हटाया। ग्रामीणों की तत्परता से कुछ ही समय में मार्ग को साफ कर यातायात सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।1
- Post by Neelesh THAKUR1
- Post by Salim khan1
- जनपद सदस्य बोधसिंह मरकाम का अनिश्चितकालीन धरना तेज, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की एंट्री से बढ़ा सियासी पारा। प्रदेश अध्यक्ष इंजी. कमलेश तेकाम ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। तेकाम ने कहा, "जनप्रतिनिधि की नहीं सुनवाई, जनता का क्या होगा?" गोंडवाना पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा।1
- मंडला में एक धरना अब सियासी तूफान बन चुका है… 45 दिनों से धरने पर बैठे जनपद सदस्य… और अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की एंट्री ने बढ़ा दी है प्रशासन की टेंशन! सबसे बड़ा सवाल… क्या प्रशासन गहरी नींद में है… या फिर जानबूझकर अनदेखी कर रहा है?1
- Post by Rajju Bhartiya1
- खितौला क्षेत्र का मामला; CCTV में कैद घटना, पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश --- जबलपुर के खितौला थाना क्षेत्र में एक महिला से ठगी का मामला सामने आया है। 60 वर्षीय लक्ष्मी पटेल को बाइक सवार दो युवकों ने बातों में उलझाकर सोने के गहने लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, महिला घर के बाहर थीं, तभी आरोपी उनके पास पहुंचे और रास्ता पूछने लगे। बातचीत के दौरान उन्होंने महिला से कहा कि सोना पहनना सुरक्षित नहीं है। आरोपियों की बातों में आकर महिला ने अपना मंगलसूत्र और अंगूठी उतार दी। बदमाशों ने गहनों को चेक करने के बहाने हाथ में लिया और मौका मिलते ही फरार हो गए। --- 🎥 CCTV में कैद वारदात पूरी घटना घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है। --- 🚨 उठ रहे सवाल इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए जागरूकता जरूरी है। --- 🏛️ पुलिस कार्रवाई खितौला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। --- 📍 लोकेशन खितौला थाना, जबलपुर (मध्यप्रदेश) --- 👤 रिपोर्टर दीपक विश्वकर्मा जबलपुर --- 📰 स्रोत सच तक पत्रिका न्यूज़1
- मध्यप्रदेश के मंडला जिले में गहराते जल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सोमेश मिश्रा ने पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए निजी नलकूप यानी बोरवेल खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की रिपोर्ट के अनुसार मंडला जिले के बिछिया, मवई, घुघरी, नैनपुर, बीजाडांडी, नारायणगंज और निवास क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। ऐसे में आने वाले भीषण गर्मी के दिनों में पेयजल संकट और गहराने की आशंका जताई गई है। प्रशासन के आदेश के तहत अब बिना अनुमति कोई भी बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मशीन जब्ती, एफआईआर दर्ज करना, साथ ही जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान शामिल है। हालांकि यह प्रतिबंध शासकीय योजनाओं के अंतर्गत होने वाले नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा। वहीं आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी की अनुमति के बाद ही बोरवेल खनन की अनुमति दी जाएगी। यह आदेश 1 अप्रैल से 15 जुलाई तक प्रभावी रहेगा, जिसका उद्देश्य जिले में भूजल संरक्षण और पेयजल संकट से निपटना है।1