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धौलपुर के सरमथुरा में एक टायर पंचर के खोखे में आग लगने का मामला सामने आया है।
भरत सिंह मीणा सरमथुरा
धौलपुर के सरमथुरा में एक टायर पंचर के खोखे में आग लगने का मामला सामने आया है।
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- धौलपुर के राजाखेड़ा और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। SE विवेक शर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के तहत, ₹15 लाख रुपये के बकाया पर विभाग द्वारा 14 कृषि ट्रांसफॉर्मर उतारे गए हैं। बिजली विभाग की इस कड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर ही 5 उपभोक्ताओं ने ₹3 लाख रुपये का बकाया जमा कराया। इसके साथ ही, क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों और मीटर बाईपास कर एसी चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ विभाग द्वारा वीसीआर भरने की कार्रवाई लगातार जारी है।1
- मुरैना के कैलारस में पुलिस ने कोचिंग सेंटरों पर पहुंचकर छात्र, छात्राओं और शिक्षकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई है। कैलारस पुलिस द्वारा यह कदम मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत उठाया गया है, जिसके अंतर्गत 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाया जा रहा है।1
- करौली शहर में महिला कांग्रेस की बैठक आयोजित की गई, जिसमें महिला आरक्षण की मांग को लेकर जोरदार चर्चा हुई। गुरुवार दोपहर 3:00 बजे आयोजित हुई इस बैठक में महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की और जल्द से जल्द महिला आरक्षण को लागू करने की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया, जिसके तहत सैकड़ों महिलाओं ने हस्ताक्षर कर पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संदेश भेजा और आरक्षण को जल्द लागू करने का आग्रह किया। बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष शरदो गुर्जर ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण लंबे समय से लंबित है और देश की आधी आबादी को उसका अधिकार अब तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर जानबूझकर इस मुद्दे को टालने का आरोप लगाया और आरक्षण के भीतर ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी शामिल करने की मांग जोर-शोर से उठाई। इस बैठक में महिला कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष बीना मीणा, मीना देवी मीणा, मुकेशी मीणा, सुशीला गौड, बर्फी देवी, सुनीता बाई, कमलेशी देवी, प्रियंका मीणा, शारदा मीणा, निशा देवी और महिंद्रा देवी मीणा सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं।1
- राजस्थान के हिंडौन सिटी में सदर थाने के नवनियुक्त थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सदर थाना क्षेत्र का भौगोलिक दायरा काफी बड़ा है, जिसमें विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग निवास करते हैं। इस सामाजिक विविधता को सकारात्मक रूप से लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस सभी वर्गों के प्रबुद्ध लोगों और आमजन के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित कर काम करेगी, क्योंकि जनता के सहयोग से ही एक सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकता है। क्षेत्र में बढ़ते अपराधों और युवाओं को गर्त में धकेल रहे नशे के अवैध कारोबार पर चिंता जताते हुए थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ किया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों और नशे के सौदागरों को बिल्कुल भी पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाएगी। पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास पैदा करना ही उनका मुख्य ध्येय है और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस पूरी सख्ती से निपटेगी।1
- करौली जिले के हिंडौन सदर थाना के नवनियुक्त थाना अधिकारी सुमेर सिंह से अखिल भारतीय अब्बासी वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर उनका स्वागत किया। एसोसिएशन के जिला महासचिव रहमान अब्बासी ने गुरुवार सुबह 10:00 बजे बताया कि हिंडौन सदर थाना पर नवनियुक्त थाना अधिकारी सुमेर सिंह का एसोसिएशन के प्रदेश सचिव पत्रकार कलमुद्दीन खांन और जिला सचिव रहमान अब्बासी ने साफा पहना कर स्वागत किया। इस मुलाकात के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने थाना अधिकारी सुमेर सिंह को शुभकामनाएं प्रेषित कीं और उनके साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर भी चर्चा की।1
- धौलपुर के सरमथुरा में एक टायर पंचर के खोखे में आग लगने का मामला सामने आया है।1
- धौलपुर के बाड़ी में कन्या कॉलेज की छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन और व्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। कॉलेज का नया भवन बाड़ी से आठ किलोमीटर दूर बनाया गया है, लेकिन वहां बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस भीषण गर्मी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के विरोध में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष काजल परमार के नेतृत्व में छात्राओं ने जेवीवीएनएल कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। छात्राओं ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन समस्याओं का जल्द ही समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगी।4
- मुरैना के कैलारस में किसानों के लिए खाद की गंभीर किल्लत के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने पुरानी सब्जी मंडी में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। खरीफ की फसल के लिए यूरिया की भारी जरूरत होने के बावजूद कहीं भी खाद उपलब्ध नहीं है। बाजार से डीएपी खाद गायब है और किसानों को एनपीके खाद ₹2100 प्रति कट्टा की बढ़ी हुई दर पर अनिवार्य रूप से दी जा रही है, जिससे किसान भारी आर्थिक संकट में होने के बावजूद इसे खरीदने को मजबूर हैं। खाद बनाने वाली एलएनजी गैस का टैंकर जहाज समुद्र में खड़ा है, लेकिन मोदी सरकार ट्रंप के आदेश को मानकर उसे भारत लाने का प्रयास नहीं कर रही है, जिससे खाद का उत्पादन नहीं हो रहा है और संकट गहरा गया है। इस भूख हड़ताल में माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सियाराम सिंह बस्तोली, निरंजन शाक्य, सुरेश चंद्र धाकड़, बनवारी लाल धाकड़ निरारा और डॉ. रामकुमार श्रीवास सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। इस दौरान हुई सभा को माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सरवन लाल धाकड़, कन्हैयालाल और रामकुमार श्रीवास आदि ने संबोधित किया। इस भूख हड़ताल की समाप्ति पर कल 27 जून को दोपहर 12:00 बजे प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है। इस मामले में वर्तमान में केवल एक पक्ष पर एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि दूसरे पक्ष के आरोपों की जांच नहीं की जा रही है, जिसे न्याय की भावना के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। श्योपुर के प्रसिद्ध 'बल्लू टी स्टॉल' की ओर से जारी एक संदेश में मांग की गई है कि श्योपुर जिला अस्पताल की घटना की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि वीडियो में डॉक्टरों द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार और मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित डॉक्टरों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि दूसरे पक्ष की कोई गलती सामने आती है, तो उन पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। इस मांग का मुख्य उद्देश्य किसी एक पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष न्याय दिलाना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और स्वास्थ्य व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास बना रहे।1