Shuru
Apke Nagar Ki App…
धौलपुर के राजाखेड़ा और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। SE विवेक शर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के तहत, ₹15 लाख रुपये के बकाया पर विभाग द्वारा 14 कृषि ट्रांसफॉर्मर उतारे गए हैं। बिजली विभाग की इस कड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर ही 5 उपभोक्ताओं ने ₹3 लाख रुपये का बकाया जमा कराया। इसके साथ ही, क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों और मीटर बाईपास कर एसी चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ विभाग द्वारा वीसीआर भरने की कार्रवाई लगातार जारी है।
रोहित वर्मा
धौलपुर के राजाखेड़ा और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। SE विवेक शर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के तहत, ₹15 लाख रुपये के बकाया पर विभाग द्वारा 14 कृषि ट्रांसफॉर्मर उतारे गए हैं। बिजली विभाग की इस कड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर ही 5 उपभोक्ताओं ने ₹3 लाख रुपये का बकाया जमा कराया। इसके साथ ही, क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों और मीटर बाईपास कर एसी चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ विभाग द्वारा वीसीआर भरने की कार्रवाई लगातार जारी है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- धौलपुर के बाड़ी में अपना घर महिला इकाई द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का सफल नेतृत्व अपना घर आश्रम की संरक्षक कमलेश गर्ग, अपना घर महिला इकाई की अध्यक्ष ऊषा मित्तल और सचिव नीलम मंगल के सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान कमलेश गर्ग और ऊषा मित्तल ने महिला इकाई की सभी सदस्य महिलाओं को पौधों का वितरण किया और उन्हें पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर कमलेश गर्ग और ऊषा मित्तल ने पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पौधे केवल पर्यावरण की शोभा नहीं बढ़ाते, बल्कि ये हमारे जीवन का मुख्य आधार हैं। पौधे हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, प्रदूषण को कम करते हैं और जलवायु को संतुलित रखने में सहायक होते हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ व सुरक्षित वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी के साथ देखभाल करनी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद सभी महिलाओं ने पौधों के संरक्षण और पर्यावरण बचाने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- धौलपुर में नया भवन बनाकर कन्या महाविद्यालय को शहर से 8 किलोमीटर दूर शिफ्ट तो कर दिया गया है, लेकिन यहाँ छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। इस नए कॉलेज परिसर में अभी तक न तो बिजली की कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है और न ही पीने के पानी का कोई इंतजाम किया गया है। सुविधाओं की इस कमी के साथ-साथ छात्राओं को कॉलेज आवागमन में भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी यहाँ बसें नहीं रुक रही हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों और प्रशासन को कम से कम छात्राओं की इन मूलभूत सुविधाओं का ध्यान तो जरूर रखना चाहिए।1
- राजस्थान के धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लेने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति पहुंची है। समिति के चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल और सदस्य अंजन मोहन्ती ने धौलपुर दौरे के दौरान सबसे पहले अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों, संवेदनशील मार्गों और चेक पोस्टों की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था का अवलोकन किया। अधिकारियों ने समिति को अवैध बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं और त्वरित कार्रवाई की पूरी जानकारी दी। इसके बाद समिति ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, डीटीओ गौरव यादव, डीएफओ वी. चेतन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम को लेकर विभागीय समन्वय, निगरानी तंत्र और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई। समिति ने आधुनिक तकनीक के अधिक प्रभावी उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त और निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।4
- भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। 12 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे भरत तिवारी के परिवार को अदालत ने पटना हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। कोर्ट का मानना है कि हाईकोर्ट इस मामले की बेहतर निगरानी कर सकता है। इस बीच, बिहार सरकार द्वारा इस मामले की न्यायिक जांच करवाई जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी सेवानिवृत्त जज विनोद सिन्हा को सौंपी गई है। इस पूरे एनकाउंटर को एक गहरा षड्यंत्र करार देते हुए शाहपुर थाना प्रभारी (SHO) राजेश मालाकार के बयानों पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। थाना प्रभारी ने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि 'मरने को लिखा था सो मर गया' और 'ज्यादा खून निकलेगा तो मरेगा ही'। आरोप है कि शाहपुर से आरा के बीच चलती वैन में सभी की नजरों से बचकर भरत के गुप्तांग में जानबूझकर पहली गोली मारी गई और उसे मौके पर ही खत्म करने के लिए दूसरी गोली सीने में दागी गई। इस मामले में एसडीपीओ (SDPO) राजेश शर्मा और एसपी श्रीराज को भी चेतावनी दी गई है कि उनकी मनमानी कैमरे में भले न कैद हुई हो, लेकिन सच्चाई छिप नहीं सकती और जरूरत पड़ने पर सीबीआई इस पतंग की डोर को अपने पास खींच ही लेगी। इस षड्यंत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के कमांडो को भेजने पर भी कड़े सवाल खड़े किए गए हैं। एसटीएफ कमांडो, जिन्हें खतरनाक अपराधियों, डकैतों, नक्सलियों या आतंकवादियों को मारने के लिए भेजा जाता है, उन्हें एक सीधे-साधे इंसान के खिलाफ उतार दिया गया। भरत भूषण तिवारी कानून के रिकॉर्ड में कोई अपराधी या डकैत नहीं था, बल्कि गरीबों और दलितों की सेवा करने वाला एक मसीहा था, जिसने शादी न करने का संकल्प लिया था और अपना पिंडदान तक कर चुका था। सुरक्षा के लिए हथियार रखने की तुलना हनुमान जी के सोटे से की गई है। साथ ही, इस फर्जी एनकाउंटर की कहानी की तुलना मुजफ्फरपुर के थानाध्यक्ष राजेश शर्मा की 19 साल पुरानी उस कहानी से की गई है, जिसमें उसने फर्जी एनकाउंटर में तीन छात्रों को मार गिराया था। न्यायिक जांच शुरू होने के बाद इस खेल के षड्यंत्रकारियों में भारी चिंता है क्योंकि छल-कपट का फल इसी धरती पर भुगतना पड़ता है। इस एनकाउंटर को लेकर मुख्य रूप से तीन गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पहला, आरोपी के हथियार डालने और समर्पण करने के बाद भी गोली क्यों चलाई गई; दूसरा, एनकाउंटर में सामान्यतः पैर पर गोली मारी जाती है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट से निकली गोली सहित पांच घाव कैसे मिले; और तीसरा, एसटीएफ कमांडो को भेजने का आदेश किसने और क्यों दिया। इस फर्जी एनकाउंटर के आकाओं का बुरा वक्त अब शुरू हो चुका है।4
- धौलपुर के सरमथुरा में अवैध चम्बल बजरी खनन और इसके परिवहन की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा लगातार चौकसी बरती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना के तहत गुरुवार को नवागत थाना प्रभारी कैलाश चंद ने पुलिस जाब्ते के साथ झिरी क्षेत्र के चम्बल घाटों पर गश्त की। क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर पूरी तरह लगाम कसने व अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और निगरानी बढ़ाई जा रही है।1
- विष्णु कुमार सोनी की रिपोर्ट के अनुसार, धौलपुर के सरमथुरा कस्बा में मोतियापुरा मोड के पास बुधवार देर रात को एक टायर पंचर की खोखे नुमा दुकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने की इस घटना में दुकान के अंदर रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद सरमथुरा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।1
- धौलपुर जिले के उपखण्ड राजाखेड़ा और उसके ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। SE विवेक शर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान 15 लाख रुपये के बकाया होने पर विभाग द्वारा 14 कृषि ट्रांसफॉर्मर उतारे गए हैं। विभाग की इस कार्रवाई के बीच मौके पर ही 5 उपभोक्ताओं ने 3 लाख रुपये का भुगतान भी किया। इसके साथ ही, बिजली चोरी करने वाले और मीटर बाईपास कर एसी चलाने वाले लोगों के खिलाफ भी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वालों के खिलाफ वीसीआर भरने की कार्रवाई लगातार जारी है।1
- धौलपुर के राजाखेड़ा और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। SE विवेक शर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के तहत, ₹15 लाख रुपये के बकाया पर विभाग द्वारा 14 कृषि ट्रांसफॉर्मर उतारे गए हैं। बिजली विभाग की इस कड़ी कार्रवाई के दौरान मौके पर ही 5 उपभोक्ताओं ने ₹3 लाख रुपये का बकाया जमा कराया। इसके साथ ही, क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों और मीटर बाईपास कर एसी चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ विभाग द्वारा वीसीआर भरने की कार्रवाई लगातार जारी है।1