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मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

3 hrs ago
user_Kumar Mithun
Kumar Mithun
मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
3 hrs ago

मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

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  • मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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    मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित
मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।
लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है।
सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित
बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है।
शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा
सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित
मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।
लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है।
सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित
बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है।
शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा
सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    3 hrs ago
  • मुख्यमंत्री नलजल योजना को लेकर पारित 102 करोड़ की राशि के आधार पर जल्द होगा काम शुरू नगर स्वास्थ्य केंद्र को लेकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने किया घोषणा ललन सिंह ने कहा - 2004 के बाद जमालपुर में सड़क तथा बिजली व्यवस्था का हुआ कायाकल्प
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    मुख्यमंत्री नलजल योजना को लेकर पारित 102 करोड़ की राशि के आधार पर जल्द होगा काम शुरू
नगर स्वास्थ्य केंद्र को लेकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने किया घोषणा
ललन सिंह ने कहा - 2004 के बाद जमालपुर में सड़क तथा बिजली व्यवस्था का हुआ कायाकल्प
    user_Pawan Kumar Choudhary
    Pawan Kumar Choudhary
    Journalist मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    6 hrs ago
  • हिंदी दिवस पर गोगरी में होगा विशेष कार्यक्रम आयोजन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय। गोगरी अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद, गोगरी की आयोजन समिति की एक आवश्यक बैठक रविवार को परिषद कार्यालय, ब्राह्मण टोला गोगरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा ने की , जबकि संचालन परिषद के संस्थापक सचिव डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने किया।बैठक में आगामी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर रजिस्ट्री चौक स्थित दुर्गा मंदिर विवाह भवन के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने पर सहमति बनी। बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजन समिति के डॉ सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का अवसर है। अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद का उद्देश्य क्षेत्र में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा समय-समय पर साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी हिंदी के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। बैठक में आयोजन समिति के सदस्य अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा, अमर सिंह, डॉ. पुष्पा कुमारी, राजीव कुमार, डॉ. मुरारी यादव, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा, नीरज कुमार, दीपक कुमार,मु जहीर आलम, रवि कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। समिति ने क्षेत्रवासियों से भी हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
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    हिंदी दिवस पर गोगरी में होगा विशेष कार्यक्रम आयोजन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय।
गोगरी अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद, गोगरी की आयोजन समिति की एक आवश्यक बैठक रविवार को परिषद कार्यालय, ब्राह्मण टोला गोगरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा ने की , जबकि संचालन परिषद के संस्थापक सचिव डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने किया।बैठक में आगामी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर रजिस्ट्री चौक स्थित दुर्गा मंदिर विवाह भवन के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने पर सहमति बनी।
बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजन समिति के डॉ सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का अवसर है। अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद का उद्देश्य क्षेत्र में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा समय-समय पर साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी हिंदी के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा।
बैठक में आयोजन समिति के सदस्य अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा, अमर सिंह, डॉ. पुष्पा कुमारी, राजीव कुमार, डॉ. मुरारी यादव, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा, नीरज कुमार, दीपक कुमार,मु जहीर आलम, रवि कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
समिति ने क्षेत्रवासियों से भी हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    7 hrs ago
  • Post by हीराभाई
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    Post by हीराभाई
    user_हीराभाई
    हीराभाई
    खगड़िया, खगड़िया, बिहार•
    21 hrs ago
  • #खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी... खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर.. #खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी... खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर..
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    #खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी...
खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर..
#खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी...
खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर..
    user_GAUTAM KUMAR
    GAUTAM KUMAR
    Parbatta, Khagaria•
    17 hrs ago
  • भूगोल विभाग में विदाई समारोह, भावुक हुए शिक्षक और विद्यार्थी मुंगेर। आर. डी. एंड डी.जे. कॉलेज, मुंगेर के भूगोल विभाग में गुरुवार को स्नातकोत्तर (पी.जी.) सत्र 2024-26 के विद्यार्थियों के विदाई समारोह का आयोजन जूनियर बैच 2025-27 द्वारा किया गया। समारोह में वरिष्ठ विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. रविन कुमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संजीव कुमार एवं डॉ. विनय कुमार उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रेरणा एवं ऋचा ने किया। विदाई समारोह में विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन, एक्ट एंड गेस, क्विज सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वरिष्ठ विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रीतम कुमार को मिस्टर फेयरवेल तथा पल्लवी को मिस फेयरवेल चुना गया। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रविन कुमार ने कहा कि शिक्षक के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसके विद्यार्थी उससे ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए आगे भी मार्गदर्शन का भरोसा दिलाया। विश्वविद्यालय भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार व्यक्तिगत कारणों से समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने संदेश के माध्यम से कहा, विदाई किसी रिश्ते का अंत नहीं, बल्कि नई यात्रा का शुभारंभ है। आप अपने माता-पिता, गुरुजनों और भूगोल विभाग का नाम गौरवान्वित करें। वहीं, डॉ. संजीव कुमार ने वरिष्ठ विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए जूनियर विद्यार्थियों को नियमित कक्षा में आने और पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने की सलाह दी। डॉ. विनय कुमार ने भी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अदिति ने अपने पी.जी. जीवन के अनुभव साझा करते हुए जूनियर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में गुलशन, विकास, सौरव, खुशी, बिरबल एवं रूचि सहित अन्य विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक ग्रुप फोटोग्राफी कर समारोह की यादों को संजोया। भावुक माहौल में कार्यक्रम का समापन हुआ।
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    भूगोल विभाग में विदाई समारोह, भावुक हुए शिक्षक और विद्यार्थी
मुंगेर। आर. डी. एंड डी.जे. कॉलेज, मुंगेर के भूगोल विभाग में गुरुवार को स्नातकोत्तर (पी.जी.) सत्र 2024-26 के विद्यार्थियों के विदाई समारोह का आयोजन जूनियर बैच 2025-27 द्वारा किया गया। समारोह में वरिष्ठ विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. रविन कुमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संजीव कुमार एवं डॉ. विनय कुमार उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रेरणा एवं ऋचा ने किया।
विदाई समारोह में विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन, एक्ट एंड गेस, क्विज सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वरिष्ठ विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रीतम कुमार को मिस्टर फेयरवेल तथा पल्लवी को मिस फेयरवेल चुना गया।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रविन कुमार ने कहा कि शिक्षक के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसके विद्यार्थी उससे ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए आगे भी मार्गदर्शन का भरोसा दिलाया।
विश्वविद्यालय भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार व्यक्तिगत कारणों से समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने संदेश के माध्यम से कहा, विदाई किसी रिश्ते का अंत नहीं, बल्कि नई यात्रा का शुभारंभ है। आप अपने माता-पिता, गुरुजनों और भूगोल विभाग का नाम गौरवान्वित करें।
वहीं, डॉ. संजीव कुमार ने वरिष्ठ विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए जूनियर विद्यार्थियों को नियमित कक्षा में आने और पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने की सलाह दी। डॉ. विनय कुमार ने भी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर अदिति ने अपने पी.जी. जीवन के अनुभव साझा करते हुए जूनियर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गुलशन, विकास, सौरव, खुशी, बिरबल एवं रूचि सहित अन्य विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक ग्रुप फोटोग्राफी कर समारोह की यादों को संजोया। भावुक माहौल में कार्यक्रम का समापन हुआ।
    user_Piyush kumar priyadarshi
    Piyush kumar priyadarshi
    Local News Reporter खड़गपुर, मुंगेर, बिहार•
    21 hrs ago
  • VIP नहीं, जनता की थाली बाढ़ राहत शिविर में CM सम्राट का सादगी भरा अंदाज बिहार बाढ़ की चपेट में है। उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक कई इलाकों में लोग प्रभावित हैं। ऐसे कठिन समय में माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने वैशाली एवं सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत शिविरों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वही भोजन स्वयं ग्रहण किया, जो बाढ़ प्रभावित लोगों को परोसा जा रहा था, ताकि भोजन की गुणवत्ता का भी प्रत्यक्ष रूप से जायजा लिया जा सके। मुख्यमंत्री जी का यह कदम संवेदनशीलता के साथ-साथ यह संदेश भी देता है कि संकट की घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी है।
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    VIP नहीं, जनता की थाली बाढ़ राहत शिविर में CM सम्राट का सादगी भरा अंदाज
बिहार बाढ़ की चपेट में है। उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक कई इलाकों में लोग प्रभावित हैं। ऐसे कठिन समय में माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने वैशाली एवं सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत शिविरों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वही भोजन स्वयं ग्रहण किया, जो बाढ़ प्रभावित लोगों को परोसा जा रहा था, ताकि भोजन की गुणवत्ता का भी प्रत्यक्ष रूप से जायजा लिया जा सके।
मुख्यमंत्री जी का यह कदम संवेदनशीलता के साथ-साथ यह संदेश भी देता है कि संकट की घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी है।
    user_SUMIT KUMAR
    SUMIT KUMAR
    Press advisory तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    15 min ago
  • लॉकेशन मुंगेर रिपोर्ट मिथुन कुमार हेडलाइन *मुंगेर में सामुदायिक किचन की खुली पोल, बाढ़ पीड़ितों ने भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, भोजन करने से बाढ़ प्रभावित ने किया अहंकार* *मुंगेर में सामुदायिक किचन की खुली पोल, बाढ़ पीड़ितों ने भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, भोजन करने से बाढ़ प्रभावित ने किया इनकार
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    लॉकेशन मुंगेर 
रिपोर्ट मिथुन कुमार 
हेडलाइन 

*मुंगेर में सामुदायिक किचन की खुली पोल, बाढ़ पीड़ितों ने भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, भोजन करने से बाढ़ प्रभावित ने किया अहंकार*
*मुंगेर में सामुदायिक किचन की खुली पोल, बाढ़ पीड़ितों ने भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, भोजन करने से बाढ़ प्रभावित ने किया इनकार
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    3 hrs ago
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