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हिंदी दिवस पर गोगरी में होगा विशेष कार्यक्रम आयोजन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय। गोगरी अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद, गोगरी की आयोजन समिति की एक आवश्यक बैठक रविवार को परिषद कार्यालय, ब्राह्मण टोला गोगरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा ने की , जबकि संचालन परिषद के संस्थापक सचिव डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने किया।बैठक में आगामी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर रजिस्ट्री चौक स्थित दुर्गा मंदिर विवाह भवन के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने पर सहमति बनी। बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजन समिति के डॉ सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का अवसर है। अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद का उद्देश्य क्षेत्र में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा समय-समय पर साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी हिंदी के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। बैठक में आयोजन समिति के सदस्य अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा, अमर सिंह, डॉ. पुष्पा कुमारी, राजीव कुमार, डॉ. मुरारी यादव, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा, नीरज कुमार, दीपक कुमार,मु जहीर आलम, रवि कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। समिति ने क्षेत्रवासियों से भी हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

7 hrs ago
user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
गोगरी, खगड़िया, बिहार•
7 hrs ago

हिंदी दिवस पर गोगरी में होगा विशेष कार्यक्रम आयोजन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय। गोगरी अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद, गोगरी की आयोजन समिति की एक आवश्यक बैठक रविवार को परिषद कार्यालय, ब्राह्मण टोला गोगरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा ने की , जबकि संचालन परिषद के संस्थापक सचिव डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने किया।बैठक में आगामी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर रजिस्ट्री चौक स्थित दुर्गा मंदिर विवाह भवन के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने पर सहमति बनी। बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजन समिति के डॉ सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का अवसर है। अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद का उद्देश्य क्षेत्र में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा समय-समय पर साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी हिंदी के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। बैठक में आयोजन समिति के सदस्य अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा, अमर सिंह, डॉ. पुष्पा कुमारी, राजीव कुमार, डॉ. मुरारी यादव, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा, नीरज कुमार, दीपक कुमार,मु जहीर आलम, रवि कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। समिति ने क्षेत्रवासियों से भी हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

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  • हिंदी दिवस पर गोगरी में होगा विशेष कार्यक्रम आयोजन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय। गोगरी अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद, गोगरी की आयोजन समिति की एक आवश्यक बैठक रविवार को परिषद कार्यालय, ब्राह्मण टोला गोगरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा ने की , जबकि संचालन परिषद के संस्थापक सचिव डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने किया।बैठक में आगामी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर रजिस्ट्री चौक स्थित दुर्गा मंदिर विवाह भवन के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने पर सहमति बनी। बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजन समिति के डॉ सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का अवसर है। अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद का उद्देश्य क्षेत्र में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा समय-समय पर साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी हिंदी के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। बैठक में आयोजन समिति के सदस्य अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा, अमर सिंह, डॉ. पुष्पा कुमारी, राजीव कुमार, डॉ. मुरारी यादव, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा, नीरज कुमार, दीपक कुमार,मु जहीर आलम, रवि कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। समिति ने क्षेत्रवासियों से भी हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
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    हिंदी दिवस पर गोगरी में होगा विशेष कार्यक्रम आयोजन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय।
गोगरी अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद, गोगरी की आयोजन समिति की एक आवश्यक बैठक रविवार को परिषद कार्यालय, ब्राह्मण टोला गोगरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा ने की , जबकि संचालन परिषद के संस्थापक सचिव डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने किया।बैठक में आगामी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर रजिस्ट्री चौक स्थित दुर्गा मंदिर विवाह भवन के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने पर सहमति बनी।
बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजन समिति के डॉ सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का अवसर है। अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद का उद्देश्य क्षेत्र में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा समय-समय पर साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी हिंदी के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा।
बैठक में आयोजन समिति के सदस्य अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा, अमर सिंह, डॉ. पुष्पा कुमारी, राजीव कुमार, डॉ. मुरारी यादव, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा, नीरज कुमार, दीपक कुमार,मु जहीर आलम, रवि कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
समिति ने क्षेत्रवासियों से भी हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    7 hrs ago
  • मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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    मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित
मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।
लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है।
सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित
बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है।
शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा
सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित
मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।
लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है।
सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित
बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है।
शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा
सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    3 hrs ago
  • मुख्यमंत्री नलजल योजना को लेकर पारित 102 करोड़ की राशि के आधार पर जल्द होगा काम शुरू नगर स्वास्थ्य केंद्र को लेकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने किया घोषणा ललन सिंह ने कहा - 2004 के बाद जमालपुर में सड़क तथा बिजली व्यवस्था का हुआ कायाकल्प
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    मुख्यमंत्री नलजल योजना को लेकर पारित 102 करोड़ की राशि के आधार पर जल्द होगा काम शुरू
नगर स्वास्थ्य केंद्र को लेकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने किया घोषणा
ललन सिंह ने कहा - 2004 के बाद जमालपुर में सड़क तथा बिजली व्यवस्था का हुआ कायाकल्प
    user_Pawan Kumar Choudhary
    Pawan Kumar Choudhary
    Journalist मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    6 hrs ago
  • #खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी... खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर.. #खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी... खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर..
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    #खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी...
खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर..
#खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी...
खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर..
    user_GAUTAM KUMAR
    GAUTAM KUMAR
    Parbatta, Khagaria•
    17 hrs ago
  • Post by हीराभाई
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    Post by हीराभाई
    user_हीराभाई
    हीराभाई
    खगड़िया, खगड़िया, बिहार•
    21 hrs ago
  • VIP नहीं, जनता की थाली बाढ़ राहत शिविर में CM सम्राट का सादगी भरा अंदाज बिहार बाढ़ की चपेट में है। उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक कई इलाकों में लोग प्रभावित हैं। ऐसे कठिन समय में माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने वैशाली एवं सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत शिविरों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वही भोजन स्वयं ग्रहण किया, जो बाढ़ प्रभावित लोगों को परोसा जा रहा था, ताकि भोजन की गुणवत्ता का भी प्रत्यक्ष रूप से जायजा लिया जा सके। मुख्यमंत्री जी का यह कदम संवेदनशीलता के साथ-साथ यह संदेश भी देता है कि संकट की घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी है।
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    VIP नहीं, जनता की थाली बाढ़ राहत शिविर में CM सम्राट का सादगी भरा अंदाज
बिहार बाढ़ की चपेट में है। उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक कई इलाकों में लोग प्रभावित हैं। ऐसे कठिन समय में माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने वैशाली एवं सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत शिविरों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वही भोजन स्वयं ग्रहण किया, जो बाढ़ प्रभावित लोगों को परोसा जा रहा था, ताकि भोजन की गुणवत्ता का भी प्रत्यक्ष रूप से जायजा लिया जा सके।
मुख्यमंत्री जी का यह कदम संवेदनशीलता के साथ-साथ यह संदेश भी देता है कि संकट की घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी है।
    user_SUMIT KUMAR
    SUMIT KUMAR
    Press advisory तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    15 min ago
  • स्वतंत्र भारद्वाज के जगह पर अगर कोई मुस्लिम होता तो अबतक क्या होता ? #savtantrabhardwaj #bihar #keshavyadav
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    स्वतंत्र भारद्वाज के जगह पर अगर कोई मुस्लिम होता तो अबतक क्या होता ? #savtantrabhardwaj #bihar #keshavyadav
    user_THE LIVE Munger
    THE LIVE Munger
    तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    21 hrs ago
  • घास लाने गई बुजुर्ग बाढ़ के पानी में लापता स्थानीय खोजबीन के बावजूद नहीं मिला सुराग। गोगरी पंचायत के इमादपुर बिंदटोली निवासी बुजुर्ग बुच्ची सिंह शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, बावजूद इसके उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। इससे परिवार के लोगों में चिंता और दहशत का माहौल है।लापता बुजुर्ग के पुत्र मुनमुन सिंह ने बताया कि उनके पिता शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने आसपास के इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनकी तलाश शुरू की। कई जगह खोजबीन करने के बावजूद बुच्ची सिंह का पता नहीं चल पाया। परिजनों का आरोप है कि लापता होने की सूचना जनप्रतिनिधि द्वारा रविवार की देर दोपहर में दी गई, जिसके कारण समय रहते एसडीआरएफ टीम या गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि यदि सूचना समय पर प्रशासन तक पहुंचती तो बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाकर बुजुर्ग को तलाशने की संभावना अधिक रहती। मामले को लेकर अंचलाधिकारी आमिर हुसैन से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द एसडीआरएफ टीम या प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाने की मांग की है। बुजुर्ग के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं और उनके सकुशल वापस लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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    घास लाने गई बुजुर्ग बाढ़ के पानी में लापता स्थानीय खोजबीन के बावजूद नहीं मिला सुराग।
गोगरी पंचायत के इमादपुर बिंदटोली निवासी बुजुर्ग बुच्ची सिंह शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, बावजूद इसके उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। इससे परिवार के लोगों में चिंता और दहशत का माहौल है।लापता बुजुर्ग के पुत्र मुनमुन सिंह ने बताया कि उनके पिता शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने आसपास के इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनकी तलाश शुरू की। कई जगह खोजबीन करने के बावजूद बुच्ची सिंह का पता नहीं चल पाया।
परिजनों का आरोप है कि लापता होने की सूचना जनप्रतिनिधि द्वारा रविवार की देर दोपहर में दी गई, जिसके कारण समय रहते एसडीआरएफ टीम या गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि यदि सूचना समय पर प्रशासन तक पहुंचती तो बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाकर बुजुर्ग को तलाशने की संभावना अधिक रहती।
मामले को लेकर अंचलाधिकारी आमिर हुसैन से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द एसडीआरएफ टीम या प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाने की मांग की है।
बुजुर्ग के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं और उनके सकुशल वापस लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    23 hrs ago
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