घास लाने गई बुजुर्ग बाढ़ के पानी में लापता स्थानीय खोजबीन के बावजूद नहीं मिला सुराग। गोगरी पंचायत के इमादपुर बिंदटोली निवासी बुजुर्ग बुच्ची सिंह शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, बावजूद इसके उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। इससे परिवार के लोगों में चिंता और दहशत का माहौल है।लापता बुजुर्ग के पुत्र मुनमुन सिंह ने बताया कि उनके पिता शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने आसपास के इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनकी तलाश शुरू की। कई जगह खोजबीन करने के बावजूद बुच्ची सिंह का पता नहीं चल पाया। परिजनों का आरोप है कि लापता होने की सूचना जनप्रतिनिधि द्वारा रविवार की देर दोपहर में दी गई, जिसके कारण समय रहते एसडीआरएफ टीम या गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि यदि सूचना समय पर प्रशासन तक पहुंचती तो बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाकर बुजुर्ग को तलाशने की संभावना अधिक रहती। मामले को लेकर अंचलाधिकारी आमिर हुसैन से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द एसडीआरएफ टीम या प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाने की मांग की है। बुजुर्ग के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं और उनके सकुशल वापस लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
घास लाने गई बुजुर्ग बाढ़ के पानी में लापता स्थानीय खोजबीन के बावजूद नहीं मिला सुराग। गोगरी पंचायत के इमादपुर बिंदटोली निवासी बुजुर्ग बुच्ची सिंह शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, बावजूद इसके उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। इससे परिवार के लोगों में चिंता और दहशत का माहौल है।लापता बुजुर्ग के पुत्र मुनमुन सिंह ने बताया कि उनके पिता शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने आसपास के इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनकी तलाश शुरू की। कई जगह खोजबीन करने के बावजूद बुच्ची सिंह का पता नहीं चल पाया। परिजनों का आरोप है कि लापता होने की सूचना जनप्रतिनिधि द्वारा रविवार की देर दोपहर में दी गई, जिसके कारण समय रहते एसडीआरएफ टीम या गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि यदि सूचना समय पर प्रशासन तक पहुंचती तो बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाकर बुजुर्ग को तलाशने की संभावना अधिक रहती। मामले को लेकर अंचलाधिकारी आमिर हुसैन से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द एसडीआरएफ टीम या प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाने की मांग की है। बुजुर्ग के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं और उनके सकुशल वापस लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
- हिंदी दिवस पर गोगरी में होगा विशेष कार्यक्रम आयोजन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय। गोगरी अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद, गोगरी की आयोजन समिति की एक आवश्यक बैठक रविवार को परिषद कार्यालय, ब्राह्मण टोला गोगरी में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा ने की , जबकि संचालन परिषद के संस्थापक सचिव डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने किया।बैठक में आगामी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर रजिस्ट्री चौक स्थित दुर्गा मंदिर विवाह भवन के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने पर सहमति बनी। बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजन समिति के डॉ सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का अवसर है। अनुमंडल हिंदी भाषा साहित्य परिषद का उद्देश्य क्षेत्र में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा समय-समय पर साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी हिंदी के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। बैठक में आयोजन समिति के सदस्य अधिवक्ता प्रेम शंकर मिश्रा, अमर सिंह, डॉ. पुष्पा कुमारी, राजीव कुमार, डॉ. मुरारी यादव, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा, नीरज कुमार, दीपक कुमार,मु जहीर आलम, रवि कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। समिति ने क्षेत्रवासियों से भी हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।1
- मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित मुंगेर। जिले में गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी जिले की 35 पंचायतों में फैल चुका है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। दियारा क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण लेने लगे हैं। लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है। सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है। दोनों प्रखंडों की कुल 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी फैलने के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह घरों के आसपास और संपर्क सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन बाधित है। शहर के इलाकों में भी घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ का पानी अब मुंगेर शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है। गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भरने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश करने वाला मार्ग बंद हो गया है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य सड़क से संपर्क टूटने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।1
- मुख्यमंत्री नलजल योजना को लेकर पारित 102 करोड़ की राशि के आधार पर जल्द होगा काम शुरू नगर स्वास्थ्य केंद्र को लेकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने किया घोषणा ललन सिंह ने कहा - 2004 के बाद जमालपुर में सड़क तथा बिजली व्यवस्था का हुआ कायाकल्प1
- #खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी... खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर.. #खगड़िया/ परबत्ता बिशौनी गांव के समीप जीएन बांध पर बाढ़ का पानी उछाल की संभावना को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य जारी... खगड़िया जिला प्रशासन की तटबंध पर पैनी नजर..1
- Post by हीराभाई2
- बक्सर में बाढ़ का रौद्र रूप: शहर के बीचों-बीच तड़का नाला के पास मोहल्ले में घुसा गंगा का पानी, दहशत में सैकड़ों परिवार* बक्सर से की रिपोर्ट.. *बक्सर में बाढ़ का रौद्र रूप: शहर के बीचों-बीच तड़का नाला के पास मोहल्ले में घुसा गंगा का पानी, दहशत में सैकड़ों परिवार* *बक्सर।* बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। शहर के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित बक्सर मुख्यालय के तड़का नाला के पास मोहल्ले में गंगा का पानी घुस गया है, जिससे सैकड़ों घर के लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के हृदय स्थल में पानी घुसने से स्थिति और भयावह हो गई है। उनका घर कभी भी नदी के आगोश में आ सकता है। लोगों ने बताया - _"डर के मारे हम लोग घर के अंदर सो नहीं रहे हैं। दूसरे जगह जाकर रात गुजारते हैं। कभी भी कुछ भी हो सकता है।"_ बाढ़ के पानी के साथ ही जहरीले सांप घरों में घुस रहे हैं, जिससे सांपों के आतंक से लोग और सहमे हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शहर के बीचों-बीच यह स्थिति होने के बावजूद अब तक कोई भी प्रशासनिक सहयोग नहीं मिला है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन का कोई भी अधिकारी तड़का नाला क्षेत्र में जायजा लेने तक नहीं आया है। लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द मदद की गुहार लगाई है। बाइट- रामजी सिंह समाजसेवी बक्सर बाईट- पीडित परिजन3
- बाढ़ प्रभावित कुतलूपुर-जफरनगर में डीएम-एसपी ने नाव से लिया जायजा, ग्रामीणों की सुनी समस्याएं मुंगेर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेने रविवार को डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने नाव से कुतलूपुर व जफरनगर पंचायत का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। कुतलूपुर के वार्ड संख्या-6 में डीएम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच प्लास्टिक शीट का वितरण किया। उन्होंने अधिकारियों को जरूरतमंदों तक राहत सामग्री शीघ्र पहुंचाने का निर्देश दिया। साथ ही सामुदायिक रसोई संचालित कर नियमित व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने को कहा। चलंत मेडिकल टीम को लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने, स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण का निर्देश दिया गया। एसपी ने बताया कि ग्रामीणों ने सरकारी नावों के परिचालन में नाविकों को डराने-धमकाने और चोरी की घटनाओं की शिकायत की। इसके बाद नाव परिचालन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। एसडीआरएफ और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।2
- घास लाने गई बुजुर्ग बाढ़ के पानी में लापता स्थानीय खोजबीन के बावजूद नहीं मिला सुराग। गोगरी पंचायत के इमादपुर बिंदटोली निवासी बुजुर्ग बुच्ची सिंह शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, बावजूद इसके उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। इससे परिवार के लोगों में चिंता और दहशत का माहौल है।लापता बुजुर्ग के पुत्र मुनमुन सिंह ने बताया कि उनके पिता शनिवार की सुबह घास लाने के लिए घर से निकले थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने आसपास के इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनकी तलाश शुरू की। कई जगह खोजबीन करने के बावजूद बुच्ची सिंह का पता नहीं चल पाया। परिजनों का आरोप है कि लापता होने की सूचना जनप्रतिनिधि द्वारा रविवार की देर दोपहर में दी गई, जिसके कारण समय रहते एसडीआरएफ टीम या गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि यदि सूचना समय पर प्रशासन तक पहुंचती तो बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाकर बुजुर्ग को तलाशने की संभावना अधिक रहती। मामले को लेकर अंचलाधिकारी आमिर हुसैन से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द एसडीआरएफ टीम या प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से बाढ़ के पानी में खोज अभियान चलाने की मांग की है। बुजुर्ग के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं और उनके सकुशल वापस लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं।1