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बुलंदशहर के सिकंदराबाद अंतर्गत नगला गोविंदपुर में नाली की सफाई नहीं की गई है, जिसके कारण यह पूरी तरह भरी पड़ी है। इस क्षेत्र में सफाई के लिए कोई भी सफाई कर्मी नहीं आता है।
Imran Khan
बुलंदशहर के सिकंदराबाद अंतर्गत नगला गोविंदपुर में नाली की सफाई नहीं की गई है, जिसके कारण यह पूरी तरह भरी पड़ी है। इस क्षेत्र में सफाई के लिए कोई भी सफाई कर्मी नहीं आता है।
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- बुलंदशहर के सिकंदराबाद अंतर्गत नगला गोविंदपुर में नाली की सफाई नहीं की गई है, जिसके कारण यह पूरी तरह भरी पड़ी है। इस क्षेत्र में सफाई के लिए कोई भी सफाई कर्मी नहीं आता है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर एक वर्किंग प्रोफेशनल युवक का वीडियो संदेश सामने आया है। युवक ने प्रदर्शन स्थल से बात करते हुए उन लोगों को करारा जवाब दिया है जो इस आंदोलन को "फालतू का ड्रामा" या "अराजकता" बता रहे थे। युवक ने स्पष्ट किया कि वह कोई छात्र नहीं बल्कि नौकरीपेशा है और ऑफिस से छुट्टी न मिलने के कारण पहले दिन नहीं आ सका था, लेकिन अपनी नागरिक जिम्मेदारी समझते हुए यहाँ पहुँचा है। उसने बताया कि उसके कुछ सहकर्मियों और दोस्तों का मानना था कि यहाँ सिर्फ छात्रों को होना चाहिए और बाकी लोग ड्रामा कर रहे हैं, इसी भ्रम को तोड़ने के लिए वह जंतर-मंतर आया है। युवक ने कहा, "आवाज सिर्फ पीड़ित या उसके परिवार वाले ही नहीं उठाते, बल्कि आवाज हर वो व्यक्ति उठाता है जिसे कुछ गलत होता हुआ दिखता है।" मुँह में छाले होने के बावजूद युवक ने लोगों से अपील की कि वे इस प्रदर्शन को सही से समझें और चाहे सोशल मीडिया के जरिए हो या जंतर-मंतर आकर, अपना समर्थन दें। साथ ही उसने प्रदर्शन को पूरी तरह से शांतिपूर्वक और अहिंसक बनाए रखने का आग्रह किया। इस वीडियो संदेश ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई केवल छात्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज का हर वर्ग न्याय की इस आवाज के साथ खड़ा हो रहा है।1
- देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके खिलाफ की गई क्रूरता को लेकर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की गई है। छात्रों के खून का हिसाब मांगने के लिए सीधे प्रधानमंत्री के घर का रुख किया गया है। तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार अपनी जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती है।1
- हापुड़ में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के प्रथम आगमन पर कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत कर शक्ति प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की गई। इसके बाद आयोजित पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन की गहन समीक्षा की गई और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष ने संविधान, युवाओं और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर अपने विचार रखे, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने आगामी चुनाव के लिए बड़ा संकल्प लिया।1
- गाजियाबाद के लोनी स्थित वार्ड नंबर 47 में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण जनता बेहद परेशान है। वार्ड में न तो पक्की सड़कें बनी हैं, न नालियाँ हैं और न ही जल निकासी की कोई व्यवस्था है। बारिश होते ही सड़कें कीचड़ और भारी जलभराव की चपेट में आ जाती हैं, जिससे परेशान स्थानीय लोग मजबूरी में अपने ही पैसों से मलबा डलवाने को विवश हैं। इस बदहाली से तंग आकर जनता ने सवाल उठाया है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है और क्या वार्ड नंबर 47 के लोगों को ऐसे ही नारकीय जीवन जीना पड़ेगा? स्थानीय निवासियों ने जल्द से जल्द पक्की सड़क, नालियों के निर्माण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि जनता अपनी मूलभूत सुविधाएं मांग रही है, कोई एहसान नहीं।1
- गाजियाबाद के मुरादनगर में सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हुए लाड़ली बहनों का तृतीय सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होने जा रहा है। आयुष त्यागी काकड़ा के सौजन्य से आयोजित यह कार्यक्रम 22 जुलाई 2026 को दोपहर 11 बजे से कस्बा मुरादनगर के अग्रसेन मार्किट स्थित राणा फार्म हाऊस में संपन्न होगा। समारोह के निवेदक और आयोजक आयुष त्यागी काकड़ा ने समस्त क्षेत्रवासियों से सामूहिक विवाह के इस मंडप में पहुंचकर लाड़ली बहनों को अपना आशीर्वाद देने की विशेष अपील की है।2
- देश के छात्रों के भविष्य और सरकार के मंत्रियों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। देश का छात्र आज अत्यंत निराश होकर कह रहा है कि उसका कोई भविष्य नहीं बचा है, लेकिन इसके विपरीत सरकार के मंत्रियों का कहना है कि उनकी कुर्सी नहीं जाएगी। इस स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा गया है कि जिस देश में छात्र अपना भविष्य खो दें और मंत्रियों की कुर्सी बची रहे, वहां न्याय का अस्तित्व ही नहीं है।1
- छात्रों के प्रदर्शन और नीट (NEET) के मुद्दे पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने के लिए संसद से बाहर प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई है। दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें मौके से हटाने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की जा रही थी, जिस दौरान धक्का लगने से वे नीचे गिर पड़े। यह पूरा विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से नीट परीक्षा और छात्रों के आंदोलन पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध करने के लिए आयोजित किया गया था, जिस दौरान पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की में राहुल गांधी नीचे गिर गए।1