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देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके खिलाफ की गई क्रूरता को लेकर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की गई है। छात्रों के खून का हिसाब मांगने के लिए सीधे प्रधानमंत्री के घर का रुख किया गया है। तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार अपनी जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती है।
Subodh kumar
देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके खिलाफ की गई क्रूरता को लेकर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की गई है। छात्रों के खून का हिसाब मांगने के लिए सीधे प्रधानमंत्री के घर का रुख किया गया है। तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार अपनी जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती है।
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- "आवाज सिर्फ पीड़ित नहीं, गलत होता देखने वाला हर व्यक्ति उठाता है" — जंतर-मंतर पहुंचे वर्किंग प्रोफेशनल का जनता से भावुक संदेश! दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच एक वर्किंग प्रोफेशनल युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। युवक ने प्रदर्शन स्थल से संदेश साझा करते हुए उन लोगों को करारा जवाब दिया है जो इस आंदोलन को "फालतू का ड्रामा" या "अराजकता" बता रहे थे। 📌 वीडियो संदेश के मुख्य बिंदु: "मैं छात्र नहीं, जॉब करता हूँ": युवक ने स्पष्ट किया कि वह कोई छात्र नहीं बल्कि नौकरीपेशा है। ऑफिस से छुट्टी न मिलने के कारण वह पहले दिन नहीं आ सका था, लेकिन अपनी नागरिक जिम्मेदारी समझते हुए वह यहाँ पहुँचा है। अराजकता बताने वालों को जवाब: उसने कहा कि उसके कुछ सहकर्मियों और दोस्तों का मानना था कि यहाँ सिर्फ छात्रों को होना चाहिए और बाकी लोग ड्रामा कर रहे हैं। इस भ्रम को तोड़ने के लिए ही वह जंतर-मंतर आया है। अन्याय के खिलाफ एकजुटता: युवक ने कहा, "आवाज सिर्फ पीड़ित या उसके परिवार वाले ही नहीं उठाते, बल्कि आवाज हर वो व्यक्ति उठाता है जिसे कुछ गलत होता हुआ दिखता है।" समर्थन और शांति की अपील: मुँह में छाले (अल्सर) होने के बावजूद युवक ने लोगों से अपील की कि वे इस प्रदर्शन को सही से समझें और अपना समर्थन दें—चाहे सोशल मीडिया के जरिए हो या जंतर-मंतर आकर। साथ ही, उसने प्रदर्शन को पूरी तरह से शांतिपूर्वक और अहिंसक बनाए रखने का आग्रह किया। इस वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह लड़ाई केवल छात्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज का हर वर्ग न्याय की इस आवाज के साथ खड़ा हो रहा है।1
- देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके खिलाफ की गई क्रूरता को लेकर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की गई है। छात्रों के खून का हिसाब मांगने के लिए सीधे प्रधानमंत्री के घर का रुख किया गया है। तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार अपनी जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती है।1
- बुलंदशहर के सिकंदराबाद अंतर्गत नगला गोविंदपुर में नाली की सफाई नहीं की गई है, जिसके कारण यह पूरी तरह भरी पड़ी है। इस क्षेत्र में सफाई के लिए कोई भी सफाई कर्मी नहीं आता है।1
- फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में लगातार हुई बारिश ने सब्जी मंडी की व्यवस्थाओं की पूरी तरह से पोल खोल दी है। मंडी परिसर में भारी जलभराव हो जाने के कारण दुकानदारों, ग्राहकों और रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को बेहद गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में कई जगहों पर पानी जमा हो जाने से लोगों को कीचड़ और फिसलन के बीच से होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे पूरा व्यापार प्रभावित हो रहा है। इस अव्यवस्था से नाराज स्थानीय लोगों का साफ तौर पर कहना है कि हर बारिश के बाद मंडी के हालात इसी तरह बदतर हो जाते हैं। प्रशासन की लापरवाही के कारण इस विकट समस्या का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिसके चलते लोगों को बार-बार इस मुसीबत को झेलना पड़ता है।1
- हरियाणा के फरीदाबाद में जोरों की बारिश होने के कारण एक घर के भीतर पानी भर गया है। घर में पानी भरने और पानी के बाहर निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, पीड़ित ने लोगों से उन्हें सपोर्ट करने और सब्सक्राइब करने का भी अनुरोध किया है।2
- फरीदाबाद की पर्वतीया कॉलोनी में चपराना डेरी और नेतराम सरिया वाला रोड के नजदीक गली नंबर 150 में अवैध अतिक्रमण की वजह से हालात बेहद खराब हो गए हैं। इस अवैध अतिक्रमण के कारण पूरी गली का रास्ता बाधित हो चुका है, जिसके चलते यहाँ न तो पानी का कोई टैंकर आ पा रहा है और न ही कचरा उठाने वाली गाड़ी आ सकती है। स्थिति इतनी गंभीर है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में यहाँ कोई इमरजेंसी वाहन भी दाखिल नहीं हो सकता है, जिससे लोगों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।3
- राजधानी में कल देश के भविष्य यानी युवाओं को खूब 'प्रसाद' वितरित किया गया है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र से जुड़े मास्टर श्यौराज ने देश के युवाओं के साथ हुए इस व्यवहार को 'प्रसाद वितरण' बताते हुए तीखा कटाक्ष किया है।2
- देश के छात्रों के भविष्य और सरकार के मंत्रियों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। देश का छात्र आज अत्यंत निराश होकर कह रहा है कि उसका कोई भविष्य नहीं बचा है, लेकिन इसके विपरीत सरकार के मंत्रियों का कहना है कि उनकी कुर्सी नहीं जाएगी। इस स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा गया है कि जिस देश में छात्र अपना भविष्य खो दें और मंत्रियों की कुर्सी बची रहे, वहां न्याय का अस्तित्व ही नहीं है।1