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राजधानी में कल देश के भविष्य यानी युवाओं को खूब 'प्रसाद' वितरित किया गया है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र से जुड़े मास्टर श्यौराज ने देश के युवाओं के साथ हुए इस व्यवहार को 'प्रसाद वितरण' बताते हुए तीखा कटाक्ष किया है।
Bku lokshakti master sheoraj singh
राजधानी में कल देश के भविष्य यानी युवाओं को खूब 'प्रसाद' वितरित किया गया है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र से जुड़े मास्टर श्यौराज ने देश के युवाओं के साथ हुए इस व्यवहार को 'प्रसाद वितरण' बताते हुए तीखा कटाक्ष किया है।
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- राजधानी में कल देश के भविष्य यानी युवाओं को खूब 'प्रसाद' वितरित किया गया है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र से जुड़े मास्टर श्यौराज ने देश के युवाओं के साथ हुए इस व्यवहार को 'प्रसाद वितरण' बताते हुए तीखा कटाक्ष किया है।2
- "आवाज सिर्फ पीड़ित नहीं, गलत होता देखने वाला हर व्यक्ति उठाता है" — जंतर-मंतर पहुंचे वर्किंग प्रोफेशनल का जनता से भावुक संदेश! दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच एक वर्किंग प्रोफेशनल युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। युवक ने प्रदर्शन स्थल से संदेश साझा करते हुए उन लोगों को करारा जवाब दिया है जो इस आंदोलन को "फालतू का ड्रामा" या "अराजकता" बता रहे थे। 📌 वीडियो संदेश के मुख्य बिंदु: "मैं छात्र नहीं, जॉब करता हूँ": युवक ने स्पष्ट किया कि वह कोई छात्र नहीं बल्कि नौकरीपेशा है। ऑफिस से छुट्टी न मिलने के कारण वह पहले दिन नहीं आ सका था, लेकिन अपनी नागरिक जिम्मेदारी समझते हुए वह यहाँ पहुँचा है। अराजकता बताने वालों को जवाब: उसने कहा कि उसके कुछ सहकर्मियों और दोस्तों का मानना था कि यहाँ सिर्फ छात्रों को होना चाहिए और बाकी लोग ड्रामा कर रहे हैं। इस भ्रम को तोड़ने के लिए ही वह जंतर-मंतर आया है। अन्याय के खिलाफ एकजुटता: युवक ने कहा, "आवाज सिर्फ पीड़ित या उसके परिवार वाले ही नहीं उठाते, बल्कि आवाज हर वो व्यक्ति उठाता है जिसे कुछ गलत होता हुआ दिखता है।" समर्थन और शांति की अपील: मुँह में छाले (अल्सर) होने के बावजूद युवक ने लोगों से अपील की कि वे इस प्रदर्शन को सही से समझें और अपना समर्थन दें—चाहे सोशल मीडिया के जरिए हो या जंतर-मंतर आकर। साथ ही, उसने प्रदर्शन को पूरी तरह से शांतिपूर्वक और अहिंसक बनाए रखने का आग्रह किया। इस वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह लड़ाई केवल छात्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज का हर वर्ग न्याय की इस आवाज के साथ खड़ा हो रहा है।1
- मानसून सत्र शुरू होते ही देश के हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लोगों को साल 2001 का दृश्य याद आने लगा है। स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि पार्लियामेंट के दरवाजे तक बंद करने पड़ गए हैं। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी की भीड़ संसद के लिए रवाना हो गई है और देश की लगातार खराब होती स्थिति को लेकर लोगों में भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार को अपनी तानाशाही बंद करनी चाहिए और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लेना चाहिए। अनशनकारियों को भारत का ही निवासी बताते हुए मांग की जा रही है कि सरकार उनसे बातचीत करे और इस समस्या का तुरंत निराकरण करे। सरकार के इस विरोध में विपक्ष की लगभग सभी पार्टियों के प्रतिनिधि पहुंच गए हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या छात्रों की है और अनशन पर बैठे लोगों को किसानों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है।4
- देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके खिलाफ की गई क्रूरता को लेकर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की गई है। छात्रों के खून का हिसाब मांगने के लिए सीधे प्रधानमंत्री के घर का रुख किया गया है। तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार अपनी जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती है।1
- पलवल में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, कर्नाटक प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के आगमन पर कांग्रेस नेता फिरे पोसवाल के नेतृत्व में उनका भव्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान रणदीप सिंह सुरजेवाला ने देश के वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने दो-टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी आम जनता, युवाओं और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुरजेवाला ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और छात्रों की आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर उनके साथ मजबूती से खड़ी है। इस मौके पर कांग्रेस नेता फिरे पोसवाल ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लाठियों के दम पर युवा शक्ति की आवाज़ को दबाने का प्रयास पूरी तरह से अस्वीकार्य है। पोसवाल ने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना पर सीधा हमला करार दिया। इस स्वागत समारोह के दौरान हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश पोसवाल, महिला जिला अध्यक्ष सविता चौधरी, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष योगेश कुमार, हथीन के विधानसभा अध्यक्ष राहुल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नासिर, पलवल के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष लखविंदर बैंसला, हथीन के उपाध्यक्ष सचिन विकल, पलवल युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुरेंदर, पूर्व प्रदेश सचिव संतराम मेघवाल और ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र खोकियाका उपस्थित रहे। इनके साथ ही मोहित एडवोकेट, बॉबी फागना, तरुण, हरिओम मावी, जोगराज, कपिल, श्यामबीर, राजेश और नरेश सहित कई अन्य लोग भी मौके पर मौजूद रहे।1
- अलीगढ़ के खैर में तमंचे के दम पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले एक आरोपी को स्थानीय ग्रामीणों ने घेराबंदी करके दबोच लिया। ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अलीगढ़ दस्तक न्यूज़ के रिपोर्टर राजकुमार के अनुसार, आरोपी इलाके में सरेआम तमंचे के बल पर फायरिंग कर रहा था, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।1
- फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में लगातार हुई बारिश ने सब्जी मंडी की व्यवस्थाओं की पूरी तरह से पोल खोल दी है। मंडी परिसर में भारी जलभराव हो जाने के कारण दुकानदारों, ग्राहकों और रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को बेहद गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में कई जगहों पर पानी जमा हो जाने से लोगों को कीचड़ और फिसलन के बीच से होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे पूरा व्यापार प्रभावित हो रहा है। इस अव्यवस्था से नाराज स्थानीय लोगों का साफ तौर पर कहना है कि हर बारिश के बाद मंडी के हालात इसी तरह बदतर हो जाते हैं। प्रशासन की लापरवाही के कारण इस विकट समस्या का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिसके चलते लोगों को बार-बार इस मुसीबत को झेलना पड़ता है।1
- देश के छात्रों के भविष्य और सरकार के मंत्रियों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। देश का छात्र आज अत्यंत निराश होकर कह रहा है कि उसका कोई भविष्य नहीं बचा है, लेकिन इसके विपरीत सरकार के मंत्रियों का कहना है कि उनकी कुर्सी नहीं जाएगी। इस स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा गया है कि जिस देश में छात्र अपना भविष्य खो दें और मंत्रियों की कुर्सी बची रहे, वहां न्याय का अस्तित्व ही नहीं है।1