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लोकनिर्माण विभाग के सतना से सेमरिया मार्ग की डायवर्शन सड़क नैना सगमनिया मार्ग पर जाम लग गया है। इस जाम की वजह से रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालक और यात्री काफी परेशान हो रहे हैं।
रोहित कुमार पाठक
लोकनिर्माण विभाग के सतना से सेमरिया मार्ग की डायवर्शन सड़क नैना सगमनिया मार्ग पर जाम लग गया है। इस जाम की वजह से रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालक और यात्री काफी परेशान हो रहे हैं।
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- लोकनिर्माण विभाग के सतना से सेमरिया मार्ग की डायवर्शन सड़क नैना सगमनिया मार्ग पर जाम लग गया है। इस जाम की वजह से रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालक और यात्री काफी परेशान हो रहे हैं।1
- अमरपाटन के रामनगर तिराहे पर स्थित संदीपनी विद्यालय के मुख्य गेट के सामने बीते दिन असामाजिक तत्वों का खुलेआम तांडव देखने को मिला। ये असामाजिक तत्व स्कूल में अध्ययनरत छात्रों के साथ आए दिन विवाद करते हैं, जिससे छात्र परेशान हैं। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन की भारी लापरवाही सामने आ रही है, जो बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद आंखों पर पट्टी बांधकर बैठा हुआ है। वहीं, घटनास्थल से महज कुछ ही कदम की दूरी पर पुलिस स्टेशन मौजूद है, लेकिन वहां बैठे साहब भी शहर की घटनाओं से बेखबर नजर आ रहे हैं और इस स्थिति को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं।1
- नीट और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर बीते बीस दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन जारी था, जिसे सोनम वांगचुक के अनशन और अरविंद केजरीवाल के समर्थन से राष्ट्रीय स्वरूप मिला। विदेश से छुट्टी मनाकर लौटने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों ने अप्रत्याशित ढंग से पीएम हाउस के गेट पर धरना दे दिया। सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा संसद में चर्चा की मांग मान लिए जाने के बावजूद राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के त्यागपत्र की मांग करते हुए धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। अंततः पुलिस ने राहुल गांधी और वहां मौजूद नेताओं को हिरासत में लिया, जहां जमीन पर लेटने और पुलिस के साथ खींचतान का वीडियो वायरल कर लड़ाकू इमेज चमकाने की कोशिश की गई। इस राजनीतिक ड्रामेबाज़ी के कारण नीट और शिक्षा माफिया का मूल मुद्दा गायब हो गया और पूरी चर्चा राहुल गांधी के इर्द-गिर्द सिमट गई। जहां राहुल गांधी आ जाते हैं, वहां बीजेपी वैसे ही सुकून में आ जाती है; यहां तक कि आम आदमी पार्टी ने भी आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष को राहत पहुंचाने के लिए ही राहुल ने यह धरना दिया था। इस प्रदर्शन में अरुंधति राय, योगेंद्र यादव, शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, प्रकाश राज और कुणाल कामरा जैसे 'आंदोलनजीवी' चेहरे भी दिखाई दिए, जिनके लिए आंदोलन एक व्यवसाय है। एनजीओ को मिलने वाले विदेशी पैसे पर केंद्र सरकार द्वारा शिकंजा कसे जाने से यह वर्ग तड़पड़ा रहा है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार धरनों से नहीं बल्कि संवाद और विशेषज्ञों की सलाह से संभव है। वैसे भी नीट का मुद्दा अब खत्म हो चुका है क्योंकि दोबारा परीक्षा हो चुकी है और एडमिशन जारी हैं। विपक्ष संसद के मॉनसून सत्र को केवल पिकनिक और हंगामे में बर्बाद कर रहा है, जबकि असल लक्ष्य शिक्षा सुधार नहीं बल्कि पीएम की कुर्सी है जो केवल जनादेश से ही संभव है।1
- मैहर जिले के अमरपाटन में पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस दौरान महर्षि विद्या मंदिर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही मानव श्रृंखला, नाटक प्रस्तुत कर और शपथ दिलाकर नशा मुक्त समाज का संदेश दिया गया। इसी कड़ी में अमरपाटन बस स्टैंड पर नुक्कड़ कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल से प्रभावित होकर लोगों ने स्वेच्छा से नशे से संबंधित सामग्री का त्याग किया। कार्यक्रम के माध्यम से नशा मुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में सभी से अपना योगदान देने की अपील की गई है।1
- रोजगार पाने का सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।1
- सतना जिले के मैहर थाना क्षेत्र अंतर्गत मैहर-कटनी मार्ग पर धतूरा पंचायत के दशयपुर गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक के पहियों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ट्रक के अन्य हिस्सों में भी फैलने लगी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के दौरान चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क किनारे रोका और अपनी जान बचाई। फिलहाल आग लगने के कारणों और इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामले की सूचना पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अमले को दे दी गई है।2