कानपुर नगर में सीएमओ द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जांच आख्या प्राप्त होने के बाद एक गंभीर मामले में कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में प्राप्त रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष स्पष्ट नहीं था, जिसके बाद मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और दोष निर्धारण सहित रिपोर्ट मांगी गई थी। संशोधित रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल को उपचार में अत्यधिक विलंब के लिए गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस आधार पर, दोनों अस्पतालों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आईटीबीपी और पुलिस के मध्य किसी प्रकार का कोई मतभेद अथवा टकराव नहीं था। प्रकरण के संबंध में चर्चा हेतु आईटीबीपी के कमांडेंट एवं मेडिकल ऑफिसर को स्वयं पुलिस कार्यालय में आमंत्रित किया गया था, ताकि जांच से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पुनः विचार-विमर्श कर सीएमओ स्तर से विस्तृत परीक्षण कराया जा सके। बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी अपने साथ काफी संख्या में फोर्स लेकर आए थे, जिसे पुलिस कार्यालय के बाहर खड़ा किया गया। इससे मीडिया में गलत संदेश प्रसारित हुआ। जब मीडिया में खबर आई, तो कमांडेंट को अविलंब अपने साथ लाए बल को वापस करने को कहा गया। इस प्रकरण में आईटीबीपी मुख्यालय एवं उनके महानिदेशक महोदय को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया गया है कि संबंधित स्तर पर विभागीय एवं अनुशासनात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह जानकारी कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त श्री रघुबीर लाल महोदय द्वारा दी गई है।
कानपुर नगर में सीएमओ द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जांच आख्या प्राप्त होने के बाद एक गंभीर मामले में कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में प्राप्त रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष स्पष्ट नहीं था, जिसके बाद मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और दोष निर्धारण सहित रिपोर्ट मांगी गई थी। संशोधित रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल को उपचार में अत्यधिक विलंब के लिए गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस आधार पर, दोनों अस्पतालों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आईटीबीपी और पुलिस के मध्य किसी प्रकार का कोई मतभेद अथवा टकराव नहीं था। प्रकरण के संबंध में चर्चा हेतु आईटीबीपी के कमांडेंट एवं मेडिकल ऑफिसर को स्वयं पुलिस कार्यालय में आमंत्रित किया गया था, ताकि जांच से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पुनः विचार-विमर्श कर सीएमओ स्तर से विस्तृत परीक्षण कराया जा सके। बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी अपने साथ काफी संख्या में फोर्स लेकर आए थे, जिसे पुलिस कार्यालय के बाहर खड़ा किया गया। इससे मीडिया में गलत संदेश प्रसारित हुआ। जब मीडिया में खबर आई, तो कमांडेंट को अविलंब अपने साथ लाए बल को वापस करने को कहा गया। इस प्रकरण में आईटीबीपी मुख्यालय एवं उनके महानिदेशक महोदय को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया गया है कि संबंधित स्तर पर विभागीय एवं अनुशासनात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह जानकारी कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त श्री रघुबीर लाल महोदय द्वारा दी गई है।
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित अमरपाली बाजार में ट्रांसफार्मर के पास लगे ठेलों और सड़क जाम को लेकर एक खबर प्रसारित होने के मात्र 40 मिनट के भीतर थाना गाजीपुर पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर के आसपास से अतिक्रमण हटवाया और सड़क घेरकर यातायात बाधित कर रहे ठेला संचालकों को कड़ी चेतावनी दी। यह कार्रवाई दरोगा उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई, जो थाना गाजीपुर में तैनात होने के साथ-साथ सेकंड मोबाइल पर एंटी रोमियो प्रभारी भी हैं। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में उनके साथ कॉन्स्टेबल अखिलेश कुमार, रोहिताश और भुवन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों का कहना था कि ट्रांसफार्मर के पास ठेलों के लगे होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अमरपाली बाजार के दुकानदारों में खुशी का माहौल देखा गया। व्यापारियों ने पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस के समय रहते हस्तक्षेप को एक बड़ी समस्या टालने वाला कदम बताया, जिसका श्रेय उस खबर के 'बड़े असर' को दिया जा रहा है जिसने पुलिस को तुरंत एक्शन मोड में लेकर आई।1
- आज 25 मई को जनपद सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाने में धरमपुर ग्रेसिंगपुर निवासी श्रीमती शिवकुमारी ने सूचना दी कि उनके बड़े बेटे लक्ष्मीकांत मिश्रा ने, जो नशे का आदी था, स्वयं को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान फील्ड यूनिट भी मौजूद रही। पुलिस द्वारा पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है, और इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय गौतम ने भी अपनी बाइट दी।1
- उन्नाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महोबा में अनुसूचित जाति की एक छात्रा के अपहरण और कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इसे 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के नारे देने वाली सरकार की बेटियों की सुरक्षा में विफलता करार दिया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में लगातार महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमत सिंह ने महोबा की घटना को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया, जिसमें नीट परीक्षा की तैयारी कर रही अनुसूचित जाति की छात्रा को कथित रूप से अगवा कर 16 दिनों तक प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता करार दिया। वहीं, उपाध्यक्ष संगठन चंद्र प्रकाश शुक्ला ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महामहिम राज्यपाल को तत्काल सरकार को बर्खास्त करने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला, इस दौरान वे “बेटी के सम्मान में कांग्रेस मैदान में” जैसे नारे लगाते रहे। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त किया और उसे महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में महामंत्री अजय गौतम, अमरेंद्र प्रताप सिंह, श्याम प्रकाश मिश्रा एडवोकेट, संतोष मिश्रा एडवोकेट, आशुतोष कुमार शर्मा, रज्जन सोनी, तन्मय श्रीवास्तव, राम बाबू, फैज फारुकी, शाश्वत बाजपेई, मोहित विनय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- राजधानी लखनऊ में आज से नौतपा शुरू हो गया है, जिसके चलते आसमान से आग बरस रही है और भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। नौतपा में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ने के कारण सड़कें भी आग उगल रही हैं, जिससे बढ़ी तपिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस भीषण गर्मी के बीच नगर निगम ने राहगीरों को राहत देने के लिए एक पहल की है और वह अलर्ट पर है। यातायात सिग्नलों पर ग्रीन शेड बनाए जा रहे हैं और इन ग्रीन शेडों पर पानी के फुहारे भी लगाए जाएंगे ताकि गर्मी से राहत मिल सके। मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नौतपा का यह चरण सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के कारण शुरू हुआ है। एक मान्यता के अनुसार, जितनी तेज नौतपा की गर्मी पड़ती है, उतना ही बेहतर मानसून आता है, जिससे किसानों को लाभ मिलता है।1
- लखनऊ में सोमवार सुबह एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। इस ताजा वृद्धि के बाद पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.72 प्रति लीटर महंगा हो गया है, जिसे जनता पर महंगाई की एक और नई मार बताया जा रहा है। यह पिछले दो हफ्तों में चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम आदमी का बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार सुबह 6 बजे से लागू हुई इन नई कीमतों ने लखनऊ में तेल भरवाना और भी महंगा कर दिया है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा की गई इस लगातार बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोग विशेष रूप से परेशान हैं, और वाहन चालकों को भी एक बड़ा झटका लगा है। प्रीमियम पेट्रोल XP95 और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल XG के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।1
- तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर गरमागरम बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में 10 साल की एक बच्ची के हत्या मामले में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधिकारी मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने इसे एक संवेदनशील मामले में असंवेदनशील व्यवहार करार दिया है, जिस पर लगातार सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि बच्ची का शव मिलने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था और परिजनों ने न्याय की मांग की थी। फिलहाल, इस वायरल वीडियो को लेकर किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि मर्डर केस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों के इस रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- कानपुर नगर में सीएमओ द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जांच आख्या प्राप्त होने के बाद एक गंभीर मामले में कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में प्राप्त रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष स्पष्ट नहीं था, जिसके बाद मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और दोष निर्धारण सहित रिपोर्ट मांगी गई थी। संशोधित रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल को उपचार में अत्यधिक विलंब के लिए गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस आधार पर, दोनों अस्पतालों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आईटीबीपी और पुलिस के मध्य किसी प्रकार का कोई मतभेद अथवा टकराव नहीं था। प्रकरण के संबंध में चर्चा हेतु आईटीबीपी के कमांडेंट एवं मेडिकल ऑफिसर को स्वयं पुलिस कार्यालय में आमंत्रित किया गया था, ताकि जांच से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पुनः विचार-विमर्श कर सीएमओ स्तर से विस्तृत परीक्षण कराया जा सके। बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी अपने साथ काफी संख्या में फोर्स लेकर आए थे, जिसे पुलिस कार्यालय के बाहर खड़ा किया गया। इससे मीडिया में गलत संदेश प्रसारित हुआ। जब मीडिया में खबर आई, तो कमांडेंट को अविलंब अपने साथ लाए बल को वापस करने को कहा गया। इस प्रकरण में आईटीबीपी मुख्यालय एवं उनके महानिदेशक महोदय को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया गया है कि संबंधित स्तर पर विभागीय एवं अनुशासनात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह जानकारी कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त श्री रघुबीर लाल महोदय द्वारा दी गई है।1
- सुलतानपुर जनपद में पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत, जयसिंहपुर पुलिस टीम ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 25 मई, 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक महोदय और क्षेत्राधिकारी महोदय जयसिंहपुर के कुशल निर्देशन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के देवपरापार निवासी मुनीराम पुत्र महगू और राजाराम पुत्र आशाराम के रूप में हुई है। दोनों अभियुक्त मु0अ0सं0 179/2026, धारा 103(1)/191(2)/191(3) बीएनएस थाना जयसिंहपुर जनपद सुलतानपुर से संबंधित थे। इस गिरफ्तारी अभियान में थानाध्यक्ष विवेक कुमार राय, हेड कांस्टेबल रविशंकर मौर्या, कांस्टेबल रजनीश कुमार, रिजर्व कांस्टेबल आदित्य कुमार और रिजर्व कांस्टेबल अभिषेक सेन शामिल थे। पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद, दोनों अभियुक्तों को आवश्यक कार्यवाही के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष भेजा गया है। उनके आपराधिक इतिहास में भी यही प्रकरण दर्ज है।1
- लखनऊ में विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने के फैसले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह कुलपतियों और प्रोफेसरों की नियुक्ति में पहले आरक्षण लागू करे, उसके बाद ड्रेस कोड की बात करे। मनोज सिंह काका ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने से पहले दलितों, पिछड़े वर्ग के लोगों और आदिवासियों को उनके संवैधानिक हक मिलने चाहिए। इसी क्रम में, सपा ने PDA वर्ग के शैक्षणिक शोषण का मुद्दा उठाते हुए राज्यपाल के निर्देशों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सपा प्रवक्ता ने पूछा है कि क्या विश्वविद्यालयों में PDA वर्ग का शैक्षणिक शोषण जारी रहेगा।1