झुंझुनूं जिले की बिसाऊ तहसील के कस्या बिसाऊ के मूल निवासियों ने तहसीलदार महोदय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनका आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज शेश गांव का खसरा नंबर 1089 वाला कटानी रास्ता बंद कर दिया गया है, जो उनके घर और खेतों तक पहुँचने का एकमात्र मार्ग है। याचिकाकर्ताओं ने इसे खोलने के लिए शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता पहले से ही प्रचलित था, लेकिन अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे उनके घर और खेतों में जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस रुकावट के कारण कई गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं; घर में मौजूद बीमार बूढ़ी दादी तक एम्बुलेंस का पहुँच पाना असंभव हो गया है, और घर के तीन बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नायब तहसीलदार ने रास्ता बंद करने वाले लोगों को नोटिस भी भेजा था, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। अतः, याचिकाकर्ताओं ने तहसीलदार महोदय से प्रार्थना की है कि वे अपनी टीम को मौके पर भेजकर जल्द से जल्द रास्ते को खुलवाने की कृपा करें और उन्हें इस परेशानी से राहत प्रदान करें।
झुंझुनूं जिले की बिसाऊ तहसील के कस्या बिसाऊ के मूल निवासियों ने तहसीलदार महोदय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनका आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज शेश गांव का खसरा नंबर 1089 वाला कटानी रास्ता बंद कर दिया गया है, जो उनके घर और खेतों तक पहुँचने का एकमात्र
मार्ग है। याचिकाकर्ताओं ने इसे खोलने के लिए शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता पहले से ही प्रचलित था, लेकिन अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे उनके घर और खेतों में जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस रुकावट के कारण कई
गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं; घर में मौजूद बीमार बूढ़ी दादी तक एम्बुलेंस का पहुँच पाना असंभव हो गया है, और घर के तीन बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नायब तहसीलदार ने रास्ता बंद करने वाले लोगों को
नोटिस भी भेजा था, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। अतः, याचिकाकर्ताओं ने तहसीलदार महोदय से प्रार्थना की है कि वे अपनी टीम को मौके पर भेजकर जल्द से जल्द रास्ते को खुलवाने की कृपा करें और उन्हें इस परेशानी से राहत प्रदान करें।
- राज्य सरकार के निर्देश पर लोसल नगर पालिका प्रशासन ने हाल ही में "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस पहल के अंतर्गत, अल सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जिसके माध्यम से आमजन को स्वच्छता और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। प्रभात फेरी के समापन के बाद, सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया, जिसमें सभी ने एक स्वच्छ और सुंदर लोसल बनाने का संकल्प लिया। इस अभियान का मुख्य संदेश 'जल बचाओ, स्वच्छता अपनाओ' रहा।1
- उदयपुरवाटी में आज शाम एक बार फिर तेज हवाओं, आंधी-तूफान और जोरदार बारिश का दौर चला। पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में झमाझम बारिश हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- चूरू जिले की तारानगर तहसील के धीरवास बड़ा गांव की ढाणियों में 4 मई 2026 की रात आए तूफान से कई विद्युत पोल टूट गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी विद्युत विभाग ने अभी तक इन टूटे हुए पोलों को ठीक नहीं किया है। इस बड़ी लापरवाही के कारण पिछले एक महीने से ग्रामीण इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने टूटे हुए पोलों की सूचना कई बार विद्युत विभाग के अधिकारी एईएन साहब को दी है, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। धीरवास बड़ा के कृष्ण कुमार S/O हेमराज सिहाग ने बताया कि साहवा जाने वाले स्टेट हाइवे के पास उनके खेत में लगा विद्युत पोल तूफान से टूट गया है, जिससे बिजली की सप्लाई बंद है और करंट दौड़ते हुए बिजली के तार जमीन पर पड़े हुए हैं। उन्होंने कई बार एईएन और कर्मचारियों को फोन कर अवगत कराया, फिर भी पोल नहीं बदला गया, जिससे खेत में बिजली न होने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। इसी तरह, गांव में रेड़ी के रास्ते पर मोहन थालोड़ की ढाणी में भी पिछले एक महीने से दो विद्युत पोल टूटे पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद विभाग ने टूटे हुए पोलों को नहीं बदला है, जिससे ये टूटे पोल और लटकते ढीले तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, और राहगीरों व बच्चों के लिए भारी खतरा पैदा कर रहे हैं। बिजली न होने से ढाणियों में पंखे-कूलर बंद पड़े हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों का गर्मी से बुरा हाल है। इस लापरवाही से धीरवास बड़ा की ढाणियों के दर्जनों परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम से अविलंब नए पोल लगाने और बिजली व्यवस्था को सुचारू करने की मांग की है, क्योंकि भीषण गर्मी के इस दौर में जिम्मेदारी की यह अनदेखी किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है।1
- राजस्थान के सीकर जिले के चौकड़ी क्षेत्र में अचानक आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगभग 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की प्रचंड रफ्तार से चली हवाओं ने पूरे क्षेत्र में कहर बरपाया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस भीषण आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ जड़ से उखड़ गए और विभिन्न स्थानों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। धूल भरी तेज आंधी के चलते सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिसने वाहन चालकों के लिए आवागमन में गंभीर मुश्किलें खड़ी कर दीं। हालांकि, तूफान के साथ हुई बारिश से मौसम में कुछ ठंडक जरूर आई, लेकिन क्षेत्र के कई हिस्सों से भारी नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। बिगड़े हुए हालात को देखते हुए, ग्रामीणों ने तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। उन्होंने प्रशासन से यह मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू किए जाएं और बाधित हुई बिजली व्यवस्था को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि लोगों की दैनिक दिनचर्या सामान्य हो सके।3
- राजस्थान के सरदारशहर क्षेत्र में एक तेज़ काली पीली आंधी ने दिन का नज़ारा पूरी तरह बदल दिया। इस आंधी के प्रभाव से दिन के समय में ही अंधेरे जैसा माहौल छा गया, जिससे ऐसा लगा मानो दिन रात में परिवर्तित हो गया हो।1
- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुदरत के कहर के कारण 96 लोगों की जान जाने की दुखद खबर सामने आई है। इस गंभीर स्थिति में, लोगों से सावधानी बरतते हुए यात्रा करने, अपने घरों से सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने, मौसम विभाग की हिदायतों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने का आग्रह किया गया है। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यही बचाव का एकमात्र तरीका है।1
- पूर्व मंत्री रघु शर्मा ने भावुक होकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें उन्होंने शपथ ली कि जिस क्षेत्र को उन्होंने जिला बनाया था और जिसे 'इन बेईमानों द्वारा' यानी BJP सरकार द्वारा हटा दिया गया, उसे वे वापस जिले का दर्जा दिलाकर रहेंगे। शर्मा ने दृढ़ता से कहा कि जब तक उनकी सांस रहेगी, वे यह सुनिश्चित करेंगे कि उस क्षेत्र को पुनः जिला बनाया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह उनकी 'कसम' है।1
- राजस्थान में हनुमान बेनिवाल के एक बयान ने सत्ताधारी पार्टी में हलचल पैदा कर दी है। इस बयान के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने हनुमान बेनिवाल पर युवाओं को गलत दिशा में बात कहने का आरोप लगाया है।1
- कुदरत के कहर के आगे मजबूत टावर भी धराशायी हो गए हैं। इस घटना को देखते हुए सभी को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ हमेशा खतरनाक नतीजे पेश करती है।1