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नागरिकों के लिए यह जानकारी सामने आई है कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी बात कैसे पहुँचा सकते हैं। खबर में ऐसे तरीके बताए गए हैं, जिनका इस्तेमाल कर लोग अपनी चिंताओं या संदेशों को सीधे CM योगी तक पहुँचा सकते हैं। इस पहल को '20.7K NEWS' के माध्यम से प्रचारित किया गया है, जो लोगों को इन माध्यमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
Hemraj Maurya
नागरिकों के लिए यह जानकारी सामने आई है कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी बात कैसे पहुँचा सकते हैं। खबर में ऐसे तरीके बताए गए हैं, जिनका इस्तेमाल कर लोग अपनी चिंताओं या संदेशों को सीधे CM योगी तक पहुँचा सकते हैं। इस पहल को '20.7K NEWS' के माध्यम से प्रचारित किया गया है, जो लोगों को इन माध्यमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
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- कौशांबी जनपद के कोखराज थाने में तैनात दरोगा आनंद स्वरूप प्रजापति पर एक विवादित मुकदमे में आरोपी पक्ष को बचाने के लिए कथित तौर पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि जिस आरोपी को बचाने का प्रयास किया गया, उसका संबंध अतीक अहमद गैंग से जुड़े लोगों से बताया जा रहा है। आरोप है कि दरोगा ने पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव बनाते हुए कहा कि पैसा लेकर मुकदमा खत्म कर दें। जब पीड़ित पक्ष समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो कथित तौर पर विपक्षी पक्ष से सांठगांठ कर मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाने की कार्रवाई कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि अवैध मिट्टी खनन, हरे पेड़ों की कटाई और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर भी दरोगा की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। सूत्र यह भी बताते हैं कि दरोगा अपने प्रभाव और उच्च अधिकारियों से करीबी संबंधों का हवाला देकर क्षेत्र में दबदबा बनाए रखने की बात करते हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- कौशांबी में मौसम के बदलते मिजाज के बीच भी RPSA की सेवाएं लगातार जारी हैं। बदलते परिवेश में भी RPSA अपनी सेवाएँ निर्बाध रूप से प्रदान कर रहा है।1
- कौशांबी जिले के संदीपन घाट चौकी, मूरतगंज में तैनात सिपाही योगेश कुमार पर अवैध वसूली और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला तब गर्माया जब घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में इस पर तीखी चर्चा शुरू हो गई है। वायरल वीडियो के मद्देनजर, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित सिपाही के खिलाफ कार्रवाई कब की जाएगी।1
- कौशाम्बी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में शुक्रवार शाम एक महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मृतक महिला की पहचान मनीता देवी के रूप में हुई है, जो दशरथ लाल की पत्नी थीं। घटना के समय मनीता देवी अपने पति को गोडा में खाना देने जा रही थीं। कथित तौर पर अज्ञात लोगों ने उनका गला दबाकर हत्या कर दी। परिजनों ने इस घटना के लिए अज्ञात व्यक्तियों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले का अनावरण करने और दोषियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है।1
- कौशांबी में टेवां से ओसा होते हुए मंझनपुर तक बनाए गए राम वन गमन मार्ग (NH-731A) का निर्माण होने के कुछ ही महीनों बाद इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस आरसीसी सड़क पर दरारें उभरने लगी हैं, जिससे इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। जिस सड़क को वर्षों तक मजबूत रहने और यातायात का भार सहने के लिए बनाया गया था, वह शुरुआती चरण में ही कमजोर होती दिख रही है। सड़क पर आई ये दरारें केवल तकनीकी खामी नहीं हैं, बल्कि पूरे निर्माण तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी नई सड़क इतनी जल्दी क्यों क्षतिग्रस्त हो रही है। क्या निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं थी, क्या गुणवत्ता की जांच केवल कागजों तक ही सीमित रही, या फिर निर्माण कार्य में जल्दबाजी और लापरवाही बरती गई? जनता इन सवालों के जवाब जानना चाहती है। विडंबना यह है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जब ऐसी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं तो जिम्मेदारी तय करने वाला कोई नजर नहीं आता। यदि सड़क का यह हाल कुछ ही महीनों में है, तो आने वाले वर्षों में इसकी स्थिति क्या होगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में मरम्मत और पुनर्निर्माण के नाम पर सरकारी धन फिर खर्च किया जाएगा, जबकि मूल निर्माण की गुणवत्ता पर कभी गंभीरता से सवाल नहीं उठाए जाएंगे। यह मुद्दा केवल सड़क में आई दरारों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन के उपयोग, निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही और सरकारी निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता से भी जुड़ा है। जनता यह जानना चाहती है कि इस सड़क के निर्माण में कितनी लागत आई, निर्माण किस ठेकेदार द्वारा कराया गया और कार्य की गुणवत्ता की जांच किन अधिकारियों ने की थी। यदि सड़क समय से पहले क्षतिग्रस्त हो रही है, तो उसकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। ऐसे में, पूरे निर्माण कार्य की एक स्वतंत्र और उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की आवश्यकता है। सड़क की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और भुगतान से संबंधित सभी पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, अभियंताओं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। यह केवल एक सड़क का नहीं, बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये का सवाल है।1
- कौशांबी के मनौरी बाजार में 29 मई को एक वृहद भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन नवनिर्मित मंदिर में भगवान शिव जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर किया गया था। मनौरी बाजार के व्यापारियों और ग्रामवासियों द्वारा किए गए इस भव्य कार्यक्रम के दौरान शिव बारात भी निकाली गई। ग्राम प्रधान कुबेर केसरवानी ने इस अवसर पर कहा कि यह नवनिर्मित मंदिर सभी ग्रामवासियों की देन है और सभी का सहयोग अतुलनीय रहा। यह नवनिर्मित मंदिर चरवा रोड पर मनौरी ट्रांसफार्मर के पीछे स्थित है।1
- नागरिकों के लिए यह जानकारी सामने आई है कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी बात कैसे पहुँचा सकते हैं। खबर में ऐसे तरीके बताए गए हैं, जिनका इस्तेमाल कर लोग अपनी चिंताओं या संदेशों को सीधे CM योगी तक पहुँचा सकते हैं। इस पहल को '20.7K NEWS' के माध्यम से प्रचारित किया गया है, जो लोगों को इन माध्यमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।1
- कौशांबी जनपद की सिराथू तहसील के भादवा गांव में गंभीर जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे स्थानीय ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कौशांबी के जिलाधिकारी से कई बार शिकायतें करने के बावजूद आज तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है। गांव के मुख्य रास्तों पर पानी जमा होने के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने भाजपा सरकार के 'स्वच्छ भारत मिशन' पर सवाल उठाते हुए कहा है कि गांव की दयनीय स्थिति इस मिशन की वास्तविक हकीकत उजागर करती है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने और इस समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करने की मांग की है।1
- कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में एक एम्बुलेंस और डीसीएम (ट्रक) के बीच हुई टक्कर का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस हादसे में कुल सात लोग घायल हो गए।1