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फर्रुखाबाद से मिली ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, एक 14 वर्षीय युवक की दौड़ते समय मृत्यु हो गई।
द कहर न्यूज़ एजेंसी
फर्रुखाबाद से मिली ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, एक 14 वर्षीय युवक की दौड़ते समय मृत्यु हो गई।
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- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालयों के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपने के निर्णय के खिलाफ फर्रुखाबाद में अधिवक्ताओं, विलेख लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों में भारी आक्रोश फैल गया है। सरकार की इस नीति के विरुद्ध सदर तहसील में शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे जिले में विस्तृत हो चुका है, जिसके कारण सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से रुक गया है। सोमवार को उप-निबंधक कार्यालय परिसर में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने एकजुट होकर एक भव्य धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीति के विरोध में "निजीकरण वापस लो", "रोजगार छीनो नहीं", और "जनता के हित में फैसला लो" जैसे जोरदार नारे लगाए। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि रजिस्ट्री कार्यालयों का निजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा क्योंकि यह हजारों लोगों की आजीविका छीन लेगा और आम आदमी का शोषण करेगा। उन्होंने तर्क दिया कि निजी कंपनियां मनमानी फीस वसूलेंगी, जिससे आम व्यक्ति के लिए जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री कराना मुश्किल हो जाएगा और पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता पर यह अतिरिक्त बोझ बनेगा। वकीलों ने सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा की बात करते हुए आशंका जताई कि निजीकरण से भ्रष्टाचार, देरी और महंगे शुल्क बढ़ेंगे। प्रदर्शन के बाद, आंदोलनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रमुख अधिवक्ता अतुल मिश्रा, विनोद सक्सेना, संजय कटियार, कुलदीप त्रिपाठी, ओमू दुबे और विपिन यादव ने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन सिर्फ रोजगार की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हितों की सुरक्षा के लिए भी है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें जिले भर के सभी अधिवक्ता और संबंधित कर्मचारी शामिल होंगे। इस आंदोलन का प्रभाव उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी पड़ने की संभावना है। जनता और वकीलों की मुख्य मांग है कि निबंधन कार्यालयों के निजीकरण का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए और मौजूदा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व सुगम बनाया जाए।4
- बिहार सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि राज्य में पुलिस को केवल हत्या और रेप करने वालों को ही इनाम दिया जाता है।1
- फर्रुखाबाद के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (ARTO) में आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें कार्यालय के कर्मचारियों के साथ-साथ वहाँ अपने कार्य से आए आवेदकों को भी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया। मॉक ड्रिल के दौरान प्रतिभागियों को आग लगने, भूकंप, दुर्घटना और अन्य आपदाओं की स्थिति में घबराने के बजाय शांत रहकर सही निर्णय लेने की विस्तृत जानकारी दी गई। कर्मचारियों को सुरक्षित निकासी, लोगों को बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार प्रदान करने, सुरक्षा उपकरणों का उचित उपयोग करने और संबंधित विभागों को तत्काल सूचना देने जैसी प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर जोर देते हुए कहा कि आपदा कभी भी और कहीं भी आ सकती है, और ऐसी स्थितियों में पहले से किया गया अभ्यास तथा सही प्रशिक्षण ही जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम करने में सर्वाधिक सहायक सिद्ध होता है।1
- शहर में एक नशे में धुत युवक ने बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा किया, जिससे लोगों का ध्यान उस ओर गया।1
- फर्रुखाबाद के राजेपुर विकास खंड में सोमवार को केंद्रीय प्रभारी अधिकारी सर्वदानंद ने विकास कार्यों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लॉक कार्यालय, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तक पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण की शुरुआत ब्लॉक कार्यालय की समीक्षा बैठक से हुई, जहाँ अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी, ग्राम सचिवों और संबंधित विभागों के अधिकारियों से विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया। इस दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पुष्टाहार भी वितरित किया गया। इसके बाद उन्होंने राजेपुर के पीएम कंपोजिट विद्यालय का दौरा किया और बच्चों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम सहित सामान्य ज्ञान के सवाल पूछकर शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूनम मिश्रा ने बताया कि यहाँ 250 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं और 9 शिक्षक तैनात हैं। परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं को फल और मिष्ठान वितरित किए गए, साथ ही बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने राजेपुर सीएचसी पहुँचकर ओपीडी, एनसीडी क्लीनिक, नेत्र परीक्षण केंद्र, प्रयोगशाला, अतिरिक्त ओपीडी कक्ष, आयुष्मान चिकित्सा कक्ष और एनबीएसयू का गहन निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमित राजपूत और डॉ. रजत कटियार ने बताया कि निरीक्षण के दिन ओपीडी में 104 मरीजों का उपचार किया गया। महिला वार्ड में स्टाफ नर्स रुचि ने जानकारी दी कि उस दिन तीन सुरक्षित प्रसव कराए गए, जबकि अस्पताल में औसतन हर महीने करीब 200 प्रसव होते हैं। उन्होंने अस्पताल परिसर के बाहर स्थित सुलभ शौचालय की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समापन पर केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने दोहराया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।4
- हरदोई जिले के जसमई गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल के पास की सड़क कई सालों से उखड़ी पड़ी है। इस सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, जिसके चलते राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि छोटे वाहन भी इस खराब सड़क से नहीं निकल पा रहे हैं।1
- फर्रुखाबाद जनपद में रविवार से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2026 का विधिवत शंखनाद हो गया है। जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने आज राम मनोहर लोहिया संयुक्त जिला चिकित्सालय में फीता काटकर इस महत्वपूर्ण अभियान का शुभारंभ किया। उद्घाटन के मौके पर चिकित्सालय में उपस्थित बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई। इस दौरान, जिलाधिकारी ने बच्चों के अभिभावकों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और बच्चों को चॉकलेट भी बांटी, जिससे नन्हे-मुन्नों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अभियान के शुभारंभ के बाद, जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया और महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। यह अभियान कुल तीन दिवसीय है, जिसके तहत घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। पहले दिन, निर्धारित बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा दी गई।1
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