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रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट दिल दहला देने वाला ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। ये बेहद घिनौना और घटिया कृत्य है पुलिस ने इस मामले में अशोक यादव और महालू महतो पर FIR दर्ज का जेल भेज दिया है मामला बिहार के नालंदा का।
Ramprasad dhangar
रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट दिल दहला देने वाला ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। ये बेहद घिनौना और घटिया कृत्य है पुलिस ने इस मामले में अशोक यादव और महालू महतो पर FIR दर्ज का जेल भेज दिया है मामला बिहार के नालंदा का।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by वचन(कमल ) प्रजापति1
- Post by Ramprasad dhangar1
- Post by Sanjay Kumar yati1
- चौमहला /झालावाड़ चौमहला -कुंडला मार्ग पर निपानिया तिराहे के पास आज दोपहर गेहूं से भरी पिक अप पलटी खा गई ,जिसमें महिलाओं ,पुरुषों सहित 9 लोग घायल हो गए ,घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची ,घायलों को एम्बुलेंस से सी एच सी चौमहला लेकर पहुंची घायलों का उपचार जारी तीन गंभीर घायलों 2 महिलाओं ,एक पुरुष को जिला चिकित्सालय किया रेफर । घायलों में 7 महिलाएं ,भारत बाई पत्नी पुरसिंह ,राजपूत उम्र 50 वर्ष , रत्ना ,श्यामू बाई पत्नी भगवान सिंह उम्र 45 वर्ष अनीता बाई पत्नी श्याम सिंह 35 वर्ष तीनों निवासी हड़मतिया रत्ना ,कलाबाई पत्नी कचरू लाल 60 वर्ष जाती भील निवासी रावण गुराडि ,रुक्मण बाई पत्नी बाबूलाल जाती मेहर उम्र 60 वर्ष निवासी लकवा थाना सुवासरा मप्र,मनीषा पत्नी आकाश मेहर उम्र 18 साल निवासी लकवा ,थाना सुवासरा मप्र,अवना बाई पत्नी रमेश मेहर उम्र 58 निवासी सुवासरा मप्र, पुरुषों में घायल शिवनारायण पिता पन्नालाल ब्राह्मण 62 वर्ष निवासी हड़मतीया रत्ना , भगवान सिंह पिता धूल सिंह राजपूत 58 वर्ष निवासी हड़मतिया रत्ना ,पिकअप चालक फरार ,3
- Post by Arjun rathore29941
- शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने जाम में फंसी एक एंबुलेंस को एस्कॉर्ट कर जाम से निकाला! हुआ यू की शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर अपने विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी कोटा का दौरा कर वापस कोटा शहर के लिए लौट रहे थे! तभी दरा घाटी में कमल पूरा गांव से लेकर दरा स्टेशन तक जाम लगा होने और वाहनों की कतारे फंसी होने की जानकारी मिली ! इसी बीच एक एंबुलेंस गंभीर रोगी को लेकर पीछे से आ गई और जाम में फस गई ! मंत्री के साथ चल रही पुलिस एस्कॉर्ट और सुरक्षा जापते को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने निर्देश दिए की तत्काल व्यवस्था करो और इस एंबुलेंस के लिए रास्ता क्लियर कराओ ! इसके बाद मंत्री के साथ चल रहा पुलिस जाप्ता और एस्कॉर्ट के जवान सक्रिय हुए और पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाल कर एंबुलेंस को आगे लिया! और मंत्री के काफिले में शामिल कर एंबुलेंस को जाम से निकालते हुए दरा घाटी पार कराई ! एंबुलेंस में बैठे मरीज के परिजनों ने मंत्री मदन दिलावर का आभार प्रकट किया !1
- Post by हर खबर आपके साथ1
- *_मंदसौर में शिक्षकों का बड़ा विरोध: TET अनिवार्यता खत्म करने और सेवा अवधि प्रथम नियुक्ति से जोड़ने की मांग_* ________________ *_विधिक आवाज़ न्यूज़_* _मुबारिक हुसैन मंसुरी_ *_जिला ब्यूरो चीफ मन्दसौर_* ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *_कयामपुर (मंदसौर), 11 अप्रैल 2026_* _जिला मंदसौर के शिक्षक/अध्यापक संयुक्त मोर्चा द्वारा एक ज्ञापन प्रस्तुत कर प्रदेश सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। यह ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन भोपाल के नाम संबोधित करते हुए तहसीलदार महोदय, कयामपुर के माध्यम से सौंपा गया।_ _ज्ञापन में बताया गया कि आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश के नॉन-TET शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस पर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 10 अगस्त 2010 की अधिसूचना के अनुसार कुछ वर्गों के शिक्षकों को TET से छूट प्रदान की गई है।_ _ज्ञापन के अनुसार, 3 सितंबर 2001 के पूर्व नियुक्त शिक्षक (संविदा शाला शिक्षक), 3 सितंबर 2001 के बाद नियुक्त शिक्षक (शिक्षाकर्मी व संविदा शाला शिक्षक) तथा वर्ष 2011 से 2014 के बीच नियुक्त शिक्षकों को पहले ही TET से छूट दी जा चुकी है। इसके अलावा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय में भी इस छूट का उल्लेख किया गया है।_ _इसके बावजूद विभागीय आदेशों के माध्यम से नॉन-TET शिक्षकों को पुनः TET उत्तीर्ण करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिसे शिक्षक संगठन ने न्यायालय के निर्णय और अधिसूचना के विरुद्ध बताया है।_ _शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मांग की है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 2 मार्च 2026 एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को जारी आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही प्रदेश के लाखों शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कर मानसिक तनाव से राहत प्रदान की जाए।_ _इसके अलावा एक प्रमुख मांग यह भी रखी गई है कि शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए, जिससे उन्हें पेंशन, क्रमोन्नति, वेतनमान एवं अन्य शासकीय लाभ मिल सकें।_ _ज्ञापन के अंत में शिक्षक नेताओं ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस विषय में संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेगी, जिससे शिक्षकों को राहत मिल सके।_1