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सोनकच्छ, मध्य प्रदेश में छह साल के लंबे अंतराल के बाद गुरु और शिष्य का पुनर्मिलन हुआ। इस भावुक अवसर पर प्रसन्न सागर महाराज और उनके सभी श्रद्धालु अत्यंत भावुक हो उठे।
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सोनकच्छ, मध्य प्रदेश में छह साल के लंबे अंतराल के बाद गुरु और शिष्य का पुनर्मिलन हुआ। इस भावुक अवसर पर प्रसन्न सागर महाराज और उनके सभी श्रद्धालु अत्यंत भावुक हो उठे।
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- सोनकच्छ, मध्य प्रदेश में छह साल के लंबे अंतराल के बाद गुरु और शिष्य का पुनर्मिलन हुआ। इस भावुक अवसर पर प्रसन्न सागर महाराज और उनके सभी श्रद्धालु अत्यंत भावुक हो उठे।1
- पीपलू क्षेत्र के कुरेडा गांव से गुजरने वाली सहोदरा नदी में पानी आने के कारण कुरेडा, गहलोद, ज्वाली, पासरोटिया, डोडवाड़ी, मुंडिया और कुरेडी समेत सात पंचायतों का उपखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। यह समस्या इसलिए विकट हो गई है क्योंकि वर्ष 2024 में इसी नदी पर बना पुल टूट गया था, जिसका पुनर्निर्माण इतने लंबे समय बाद भी नहीं हो पाया है। पुल टूटने के बाद ग्रामीणों ने आवागमन के लिए एक वैकल्पिक रास्ता तैयार किया था, लेकिन सहोदरा नदी में पानी आने से अब वह मार्ग भी बंद हो गया है। इसके चलते इन सात पंचायतों के हजारों लोगों को उपखंड मुख्यालय तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अब उपखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए पासरोटिया मार्ग से लगभग 30 किलोमीटर और टोंक मार्ग से करीब 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और सरकारी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। गहलोद भाजपा मंडल अध्यक्ष लोकेश कुरेडा ने इस स्थिति की जानकारी देते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक रास्ता चालू कराया जाए और सहोदरा नदी पर टूटे पुल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से त्वरित कार्रवाई कर आवागमन बहाल करने की गुहार लगाई है।1
- कोटा-दौसा मेगा हाईवे पर गुडला टोल नाके के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में बाइक सवार पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा एक अज्ञात वाहन की टक्कर के कारण हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुँच गई। बताया गया है कि यह दुर्घटना बूंदी क्षेत्र के केशोरायपाटन टोल प्लाजा के पास हुई थी।1
- बूंदी के लबान में आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से लबान पहुंचे, जहां शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। बाद में, मदन दिलावर के साथ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा और जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने बुके भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा और पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल समेत भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। वीआईपी आगमन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर था। यह कार्यक्रम 8-लेन एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़ा था, जिसे लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बूंदी में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात भी की। इस दौरे को "हाड़ौती के इतिहास का सबसे बड़ा दिन!" बताया गया, जहाँ गडकरी, बिरला और भजनलाल शर्मा एक साथ मिनी बस में यात्रा करते दिखे। हालांकि, इस दौरान नितिन गडकरी ने कोटा के लिए करोड़ों की घोषणाएं कीं, लेकिन बूंदी के लिए कोई घोषणा नहीं की, जिससे बूंदी को शून्य मिला।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के शहर में सर्व समाज महा भगवा कावड़ यात्रा की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में, विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के नगर अध्यक्ष नरेश सिंधी के नेतृत्व में कावड़ यात्रा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मोनू मानेसर से मुलाकात की। उन्होंने आगामी कावड़ यात्रा में मोनू मानेसर को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया और दुपट्टा ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं सम्मान करते हुए उनसे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का आग्रह किया। नगर अध्यक्ष नरेश सिंधी ने जानकारी दी कि इस वर्ष सर्व समाज महा भगवा कावड़ यात्रा की 13वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है, जिसे पहले से कहीं अधिक भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। परंपरानुसार, शोलेश्वर महादेव मंदिर से पवित्र जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा, जिसके बाद एक भव्य भगवा कावड़ यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों के अखाड़ों के हैरतअंगेज प्रदर्शन, सजीव धार्मिक झांकियां और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन समिति ने समस्त हिंदू समाज से अपील की है कि वे 3 अगस्त को शहर में निकलने वाली इस कावड़ यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाएँ।1
- ग्राम पंचायत सारसोप के ऐतिहासिक किले पर स्थित प्राचीन चामुंडा माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां हर दिन स्थानीय भक्तों के साथ-साथ दूर-दराज के गांवों और शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्त मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चामुंडा माता के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर परिसर से दिखाई देने वाला आसपास का प्राकृतिक दृश्य भी भक्तों और पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र है। विशेष पर्वों और नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से सराबोर हो जाता है।1
- पूर्व डीएम दिव्या मित्तल ने कछवा का दौरा किया, जहाँ उन्होंने सारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर क्षेत्र से संबंधित है।1