बूंदी के लबान में आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से लबान पहुंचे, जहां शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। बाद में, मदन दिलावर के साथ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा और जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने बुके भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा और पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल समेत भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। वीआईपी आगमन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर था। यह कार्यक्रम 8-लेन एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़ा था, जिसे लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बूंदी में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात भी की। इस दौरे को "हाड़ौती के इतिहास का सबसे बड़ा दिन!" बताया गया, जहाँ गडकरी, बिरला और भजनलाल शर्मा एक साथ मिनी बस में यात्रा करते दिखे। हालांकि, इस दौरान नितिन गडकरी ने कोटा के लिए करोड़ों की घोषणाएं कीं, लेकिन बूंदी के लिए कोई घोषणा नहीं की, जिससे बूंदी को शून्य मिला।
बूंदी के लबान में आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से लबान पहुंचे, जहां शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। बाद में, मदन दिलावर के साथ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा और जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने बुके भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा और पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल समेत भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। वीआईपी आगमन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर था। यह कार्यक्रम 8-लेन एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़ा था, जिसे लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बूंदी में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात भी की। इस दौरे को "हाड़ौती के इतिहास का सबसे बड़ा दिन!" बताया गया, जहाँ गडकरी, बिरला और भजनलाल शर्मा एक साथ मिनी बस में यात्रा करते दिखे। हालांकि, इस दौरान नितिन गडकरी ने कोटा के लिए करोड़ों की घोषणाएं कीं, लेकिन बूंदी के लिए कोई घोषणा नहीं की, जिससे बूंदी को शून्य मिला।
- कोटा में रोटरी क्लब पद्मिनी के स्थापना एवं पदभार ग्रहण समारोह के साथ नए सत्र की शुरुआत सेवा संकल्प के साथ हुई। इस अवसर पर आर.ए.ए. कृष्णा शुक्ला मुख्य अतिथि रहीं, जबकि पूर्व प्रांत प्रज्ञा मेहता गेस्ट ऑफ ऑनर थीं। प्रज्ञा मेहता ने ज़ोर देकर कहा कि किसी क्लब की पहचान उसके सदस्यों की संख्या से नहीं, बल्कि समाज हित में किए गए सेवा कार्यों से होती है, और सेवा का भाव आजीवन रहना चाहिए, जबकि पद केवल एक वर्ष का होता है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीप्ति राजावत ने कॉलर एक्सचेंज कर पदभार ग्रहण किया और बालिका शिक्षा, महिला स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, चिकित्सा तथा अन्नपूर्णा से जुड़े जनकल्याणकारी प्रकल्पों की घोषणा की। क्लब ने अब तक दो राजकीय बालिका विद्यालयों में सेनेटरी वेंडिंग मशीनें स्थापित की हैं, एक आर्थिक रूप से कमजोर छात्रा की 12वीं तक की शिक्षा का दायित्व लिया है, और सिलाई केंद्र पर निर्मित कपड़े के थैलों का वितरण किया है। क्लब ने 130 चिकित्सकों एवं सी.ए. का सम्मान किया है और 150 पौधारोपण किए हैं, साथ ही आगामी वर्षा ऋतु में 500 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। समारोह में 42 सदस्यीय कार्यकारिणी ने पद एवं सेवा की शपथ ली। गत वर्ष उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए क्लब को 20 सम्मान प्राप्त हुए थे। कार्यक्रम का संचालन शशि अग्रवाल ने किया, मोनिका ने सहयोग दिया, और सोनिया लाखोटिया कोषाध्यक्ष रहीं। नए सदस्य को असिस्टेंट गवर्नर ने शपथ दिलाई। अंत में सचिव प्रीति शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष कमला गौड़, गुरप्रीत आनंद, अमिता माहेश्वरी, मंजू यादव सहित बड़ी संख्या में रोटेरियन उपस्थित थे।4
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार अलसुबह एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पाँच अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के जालिमपुरा इंटरचेंज के पास हुई, जहाँ एक ट्यूरिस्ट बस की ट्रक से टक्कर हो गई। बस में दिल्ली जल बोर्ड के कुल 15 कर्मचारी सवार थे, जो उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर दिल्ली लौट रहे थे। इस हादसे में दिल्ली जल बोर्ड के एक कर्मचारी ने अपनी जान गंवा दी। इसी 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर, जहाँ यह दुखद घटना घटी, उसके तुरंत बाद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसका निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राजस्थान के शिक्षा और पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर, स्पीकर ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान के ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद थे। वीडियो में इन महानुभावों को इतनी बेफिक्री से टहलते हुए देखा जा सकता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें उसी एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण हादसे और एक व्यक्ति की मौत से कोई फर्क नहीं पड़ा।1
- सड़क मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री भजनलाल के आगमन की बात सामने आई है।1
- मंगलवार आधी रात कोटा रेल मंडल में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) का कपलर रणथंभौर और मखोली स्टेशन के बीच अचानक उखड़ गया, जिसके कारण ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के आगे के डिब्बों को मखोली स्टेशन ले जाया गया, जबकि पीछे के हिस्से को रणथंभौर स्टेशन वापस लाया गया। पूरी रात ट्रेन को फिर से रवाना करने की कोशिशें जारी रहीं, और क्षतिग्रस्त कोच की जगह कोटा से दूसरा कोच मंगाने की तैयारी की गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ।1
- कोटा में चंबल नदी के किनारे, विशेष रूप से कोटा बैराज और जवाहर सागर के बीच, दुर्लभ और संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजाति 'स्मूथ-कोटेड ओटर' या 'जल मानुष' का एक पूरा परिवार अठखेलियां करता नजर आया है। इस नजारे ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों को बेहद रोमांचित कर दिया है, खासकर जब चंबल नदी एक बार फिर दुर्लभ जीवों के लिए सुरक्षित घर बन रही है। हाल ही में इन ऊदबिलावों का चंबल किनारे मस्ती करते और मछलियों का शिकार करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है। 'रिवर डॉग्स' के नाम से भी मशहूर ये अर्ध-जलीय जीव दिखने में मासूम पर बेहद चालाक और फुर्तीले शिकारी होते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऊदबिलाव हमेशा झुंड में रहते हैं और एक साथ होने पर इतने आक्रामक व शक्तिशाली हो जाते हैं कि मगरमच्छ और पानी के किनारे आने वाले पैंथर तक को चुनौती दे सकते हैं। कोटा बैराज के पास हाल ही में ऐसा ही एक दृश्य देखा गया, जहाँ पूरा कुनबा मिलकर मछलियों का शिकार कर रहा था और किनारे पर आए स्ट्रीट डॉग्स को खदेड़ रहा था। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने ऊदबिलाव की तेजी से घटती संख्या के कारण इसे अपनी 'रेड लिस्ट' में 'संकटग्रस्त' श्रेणी में शामिल किया था। एक समय इनकी कीमती खाल के लिए बड़े पैमाने पर शिकार होने के कारण ये भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क जैसे कई प्राकृतिक आवासों से पूरी तरह विलुप्त हो गए थे। हालांकि, हाल के वर्षों में कोटा से लेकर रावतभाटा के बीच चंबल की साफ और गहरी जलधाराओं में इनकी संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नदी में ऊदबिलावों की उपस्थिति उस जलस्रोत की अच्छी सेहत का सूचक है, क्योंकि ये जीव केवल साफ पानी और पर्याप्त भोजन (मछलियां और केकड़े) वाले स्थानों पर ही जीवित रह सकते हैं। चंबल नदी मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से होकर भी गुजरती है, जो इनके पनपने के लिए अत्यंत अनुकूल जगह है। 'कोटा स्टोरीलाइन' का संदेश है कि ये 'जल मानुष' कोटा के इको-टूरिज्म और जलीय जैव-विविधता की शान हैं, और नदी में प्लास्टिक कचरा, केमिकल या गंदगी न बहाकर चंबल के इस अनोखे वन्यजीवन को हमेशा सुरक्षित व फलता-फूलता रखना चाहिए।1
- कोटा शहर में देर रात हुई झमाझम बारिश से मौसम पूरी तरह सुहाना हो गया है। लगातार हुई बरसात के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। बारिश के चलते शहर का वातावरण खुशनुमा हो गया और ठंडी हवाओं ने मौसम में नई ताजगी घोल दी। इस दौरान छावनी फ्लाईओवर से बारिश की बूंदों और शहर के मनमोहक नज़ारों को कैमरे में कैद किया गया। बादलों से घिरे आसमान और रिमझिम फुहारों ने शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए। इस खुशनुमा मौसम का आनंद लेने के लिए लोग घरों से बाहर निकले और कई स्थानों पर बारिश का लुत्फ उठाते हुए दिखाई दिए। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी कोटा संभाग में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।2
- मुकुंदरा टाइगर रिजर्व की पहाड़ियों के बीच बनाई जा रही 4.9 किलोमीटर लंबी, 8 लेन दरा टनल का निर्माण कार्य चार साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। टनल के चालू न होने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से यात्रा करने वाले हजारों वाहन चालकों को आज भी दरा की नाल के घुमावदार और जामग्रस्त मार्ग से गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। 1100 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ अभी तक आम जनता को नहीं मिल सका है। प्रतिदिन लगभग 20 हजार वाहन चालकों को दरा की नाल में लगने वाले लंबे जाम और धीमी यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। यह परियोजना वर्ष 2021 में शुरू हुई थी और इसे दिसंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, निर्माण में हो रही देरी के कारण इसकी समय-सीमा अब तक पांच बार बढ़ाई जा चुकी है, जो सितंबर 2025, दिसंबर 2025, फरवरी 2026, मई 2026 और फिर जून 2026 तक तय की गई है। अधिकारियों ने हर बार तकनीकी कारणों और निर्माण संबंधी चुनौतियों को देरी की वजह बताया है। एनएचएआई, कोटा संभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को कोटा आएंगे। वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करते हुए वडोदरा की ओर प्रस्थान करेंगे, लेकिन इस दौरे के दौरान दरा टनल का उद्घाटन नहीं किया जाएगा।1
- कोटा के जेके लोन अस्पताल में कार्यरत उच्च कुशल नर्सिंग कर्मियों ने भाजपा नेता फुरकान मिर्ज़ा के नेतृत्व में अस्पताल अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मई और जून माह का बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि नई ठेका फर्म के कार्यभार संभालने के बाद से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि अस्पताल प्रशासन द्वारा उनका पंजीकरण पहले ही पूरा किया जा चुका है। फुरकान मिर्ज़ा ने स्पष्ट किया कि समय पर वेतन का भुगतान कर्मचारियों का अधिकार है और चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर बकाया राशि जारी नहीं की गई, तो नर्सिंग कर्मियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।1
- दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें महाकाल के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं में से एक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 15 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के दौरे से ठीक पहले हुई।1