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भजन गायक रामनिवास देवासी की गायकी को बहुत सुन्दर बताया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे इस प्रस्तुति को ज्यादा से ज्यादा साझा करें।
गायक रामनिवास देवासी
भजन गायक रामनिवास देवासी की गायकी को बहुत सुन्दर बताया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे इस प्रस्तुति को ज्यादा से ज्यादा साझा करें।
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- भजन गायक रामनिवास देवासी की गायकी को बहुत सुन्दर बताया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे इस प्रस्तुति को ज्यादा से ज्यादा साझा करें।1
- पाली जिले के सीरियारी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला आचार्य भिक्षु स्थल पर रखी गई थी। इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा के जिला आईटी सहसंयोजक धर्मवीर कीर का जिला पदाधिकारी ने पार्टी का दुपट्टा भेंट कर मान-सम्मान किया। कार्यशाला के अंतिम दिवस पर, कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया गया। यह सम्मान समारोह जिला अध्यक्ष सुनील जी भंडारी के नेतृत्व में, कैबिनेट अविनाश गहलोत और प्रभारी मंत्री जबर सिंह जी खरा के सानिध्य में संपन्न हुआ।1
- मसूदा तहसील के सतावड़िया गाँव में राजकीय पशु चिकित्सालय केलू द्वारा 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के अंतर्गत एक विशेष पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। पशुपालक गुमान रेबारी के यहां आयोजित इस शिविर का मुख्य फोकस ऊंट संरक्षण था, जहाँ कुल 14 ऊंटों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार कर आवश्यक औषधियाँ निःशुल्क वितरित की गईं। इस दौरान पशुपालकों को ऊंटों में बांझपन निवारण से संबंधित महत्वपूर्ण परामर्श और उपचार सेवाएँ भी प्रदान की गईं। शिविर में पशुपालकों को ऊंटों के संरक्षण, संतुलित पोषण, रोग नियंत्रण, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और प्रजनन प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सुन्वासिया ने राजस्थान में ऊंटों की घटती संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पशुपालकों को राज्य सरकार द्वारा नवजात नर ऊंट (टोडिया) और मादा ऊंट (टोडियो) के जन्म पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि योजना की जानकारी दी और उन्हें इसका अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। अभियान के तहत पशुपालकों को जल संरक्षण के महत्व और पशुधन संवर्धन में जल की उपयोगिता के प्रति भी जागरूक किया गया। इस शिविर के आयोजन में राजकीय पशु चिकित्सा उपकेन्द्र चावण्डिया के पशुधन निरीक्षक जय प्रकाश झारोटिया का सराहनीय सहयोग रहा।1
- ब्यावर के नानणा गांव, हाल अली नगर मुंदरी महिंद्रातान निवासी दीपाराम कटारिया के पुत्र राहुल की ग्राम सुरडिया खान में दोपहर स्नान करते समय डूबने से मौत हो गई। दुखद है कि कठिन प्रयासों के बावजूद अभी तक राहुल का शव बरामद नहीं किया जा सका है। शव की तलाश और खान के पानी को बाहर निकालने के लिए प्रशासन और गांव बस्ती का पूरा सहयोग मिल रहा है। इस कार्य में दो ट्रैक्टरों के साथ श्री सीमेंट की एक विशेष पानी निकालने वाली मशीन भी लगाई गई है।3
- पाली के नया गांव स्थित पाली सेवा मंडल अस्पताल में बुधवार को एक निःशुल्क किडनी रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पाली सेवा मंडल और अजमेर के घीसीबाई मेमोरियल मित्तल हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में अजमेर से आए किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. चक्रपाणि मित्तल ने जिले भर से आए रोगियों की जांच कर उनका उपचार किया। शिविर की जानकारी होने पर सुबह से ही पाली सेवा मंडल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, और अपनी समस्या का समाधान होने पर इन्होंने पाली सेवा मंडल का आभार जताया। इस पहल को पाली के किडनी रोगियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर माना जा रहा है, जिससे उन्हें अब अपने शहर में ही उपचार मिल सकेगा।1
- राज्य सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत बुधवार को ग्राम पंचायत सेन्दड़ा के राजस्व ग्राम धोलिया में जल संरक्षण को लेकर एक जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, लोकगीतों और पारंपरिक कलश यात्रा के माध्यम से “जल ही जीवन है” का संदेश दिया और जल बचाने का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे गांव में इस दौरान उत्साह और धार्मिक वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत धोलिया स्थित उपवन में पाँच पौधे लगाकर की गई, जिसके जरिए पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इसके बाद ग्रामीण महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में एक भव्य कलश यात्रा निकाली, जो गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पहुँची। मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर गांव की सुख-समृद्धि तथा अच्छी वर्षा के लिए कामना की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रशासक रतन सिंह भाटी ने जोर देकर कहा कि जल संरक्षण केवल एक सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक सामूहिक संकल्प है। उन्होंने ग्रामीणों को राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं, जैसे मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान और कृषि विभाग की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी, साथ ही उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित भी किया। इस दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया और पानी की प्रत्येक बूँद बचाने का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए भी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण सुरक्षा में सामूहिक भागीदारी निभाने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में किशन सिंह, खंगार सिंह, प्रकाश सिंह, प्रेम सिंह, बंटी चौहान, हनुवंत सिंह, गोविंद सिंह, सुरेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, मोहन सिंह, किशन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस पूरे आयोजन में लोक संस्कृति, सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी का एक अनूठा संगम देखने को मिला।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- ब्यावर में राज्य सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत पत्रकारों ने राजियावास तालाब का भ्रमण कर क्षेत्र में संचालित जल संरक्षण एवं जल संचय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता श्री पृथ्वीराज ने उपस्थित पत्रकारों को जल संरक्षण के महत्व, वर्षा जल संचयन तथा क्षेत्र में संचालित जल संरचनाओं की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। ग्राम पंचायत राजियावास के सरपंच श्री बृजपाल सिंह रावत ने राजियावास तालाब के स्थानीय महत्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी कि यह तालाब वर्षों से ग्रामीणों के लिए जल का प्रमुख स्रोत रहा है। उन्होंने गांव में चल रही जल संरक्षण गतिविधियों एवं जनसहभागिता से किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी साझा की। कनिष्ठ अभियंता श्री पृथ्वीराज ने यह भी बताया कि जल संसाधन विभाग की मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत फूलसागर जालिया बांध, नारायण सागर बांध एवं रायपुर लूणी बांध क्षेत्र की प्रमुख जल संरचनाएं हैं, जिनसे सिंचाई एवं जल संरक्षण कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने विभाग के अधीन ब्यावर क्षेत्र में जवाजा तालाब, राजियावास तालाब, देलवाड़ा तालाब, मकरेड़ा तालाब, बलाड़ तालाब, काबरा तालाब, कालीकांकर तालाब एवं फूलसागर जालिया बांध को प्रमुख जल स्रोत बताया। वहीं, बदनौर क्षेत्र में देव सागर, मसूदा क्षेत्र में नारायण सागर एवं लौहड़ी बांध तथा जैतारण क्षेत्र में रायपुर लूणी बांध, गिरीनन्दा एवं बाबरा प्रमुख जल संरचनाएं हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायत समिति विभाग से हस्तांतरित 96 तालाब भी क्षेत्र में संचालित हैं, जिनके माध्यम से जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण के कार्य किए जा रहे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री सतीश सोनी ने बताया कि भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया तथा जल संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।1