विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम 2025" के तहत मीडिया संवाद का आयोजन मंगलवार को अपराह्न 02.00 बजे शेखपुरा स्थित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के संगीति सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण मीडिया संवाद आयोजित किया गया। उप विकास आयुक्त, शेखपुरा, श्री संजय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस संवाद का मुख्य विषय "भ्रम बनाम तथ्य तथा रोजगार से परिसंपत्ति तक" था। अधिनियम के मुख्य बिंदु और उद्देश्य: संवाद के दौरान उप विकास आयुक्त ने अधिनियम की निम्नलिखित विशेषताओं पर प्रकाश डाला: ऐतिहासिक कदम: यह अधिनियम "विकसित भारत 2047" के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थायी आजीविका सृजित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। रोजगार की गारंटी: इस नए अधिनियम के तहत, अकुशल शारीरिक कार्य के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को अब प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। यह पूर्व की 100 दिनों की सीमा से अधिक है। स्थायी परिसंपत्ति निर्माण: योजना का उद्देश्य केवल गड्ढा खुदाई नहीं, बल्कि स्थायी संपत्तियों जैसे सड़क, खेल मैदान, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, जल संरक्षण और सामुदायिक भवनों का निर्माण करना है। फोकस क्षेत्र: इस अधिनियम के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों—जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका अवसंरचना और मौसमी चुनौतियों से निपटने—पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पारदर्शिता और वित्तीय संरचना: बजट साझाकरण: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 के अनुपात में होगा (उत्तर पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10 है)। तकनीकी निगरानी: मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, तकनीकी आधारित निगरानी और सशक्त सोशल ऑडिट व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासनिक सुधार: कर्मियों के बेहतर मानदेय और प्रशिक्षण के लिए प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। कृषि कार्यों का समन्वय: अधिनियम में यह प्रावधान भी है कि कृषि कार्यों (बुआई एवं कटाई) के चरम मौसम के दौरान राज्य सरकार वर्ष में अधिकतम 60 दिनों की अवधि के लिए अधिसूचना जारी कर कार्य स्थगित रख सकती है, ताकि खेती बाधित न हो। यह अधिनियम ग्रामीण बेरोजगारी को कम करने के साथ-साथ गांवों में सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम 2025" के तहत मीडिया संवाद का आयोजन मंगलवार को अपराह्न 02.00 बजे शेखपुरा स्थित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के संगीति सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण मीडिया संवाद आयोजित किया गया। उप विकास आयुक्त, शेखपुरा, श्री संजय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस संवाद का मुख्य विषय "भ्रम बनाम तथ्य तथा रोजगार से परिसंपत्ति तक" था। अधिनियम के मुख्य बिंदु और उद्देश्य: संवाद के दौरान उप विकास आयुक्त ने अधिनियम की निम्नलिखित विशेषताओं पर प्रकाश डाला: ऐतिहासिक कदम: यह अधिनियम "विकसित भारत 2047" के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थायी आजीविका सृजित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। रोजगार की गारंटी: इस नए अधिनियम के तहत, अकुशल शारीरिक कार्य के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को अब प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। यह पूर्व की 100 दिनों की सीमा से अधिक है। स्थायी परिसंपत्ति निर्माण: योजना का उद्देश्य केवल गड्ढा खुदाई नहीं, बल्कि स्थायी संपत्तियों जैसे सड़क, खेल मैदान, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, जल संरक्षण और सामुदायिक भवनों का निर्माण
करना है। फोकस क्षेत्र: इस अधिनियम के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों—जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका अवसंरचना और मौसमी चुनौतियों से निपटने—पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पारदर्शिता और वित्तीय संरचना: बजट साझाकरण: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 के अनुपात में होगा (उत्तर पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10 है)। तकनीकी निगरानी: मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, तकनीकी आधारित निगरानी और सशक्त सोशल ऑडिट व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासनिक सुधार: कर्मियों के बेहतर मानदेय और प्रशिक्षण के लिए प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। कृषि कार्यों का समन्वय: अधिनियम में यह प्रावधान भी है कि कृषि कार्यों (बुआई एवं कटाई) के चरम मौसम के दौरान राज्य सरकार वर्ष में अधिकतम 60 दिनों की अवधि के लिए अधिसूचना जारी कर कार्य स्थगित रख सकती है, ताकि खेती बाधित न हो। यह अधिनियम ग्रामीण बेरोजगारी को कम करने के साथ-साथ गांवों में सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
- अरारी गांव में 11 उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन कटा, 13,460 रुपये की वसूली लोहान पंचायत अंतर्गत अरारी गांव में बिजली विभाग द्वारा बकाया राशि को लेकर सख्ती बरती गई। मंगलवार को चलाए गए विशेष अभियान के तहत कुल 11 उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। इस दौरान विभाग ने बकाया धारकों से 13,460 रुपये की वसूली भी की। इस संबंध में जानकारी देते हुए विभाग के कनीय अभियंता (जेई) राजकुमार प्रसाद ने बताया कि लंबे समय से बकाया राशि का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पूर्व में भी नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल जमा करने की अपील की गई थी, बावजूद इसके भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई की गई। अभियान मंगलवार की शाम लगभग 5 बजे तक चला। इस दौरान विभागीय कर्मियों की टीम गांव में मौजूद रही और बकाया उपभोक्ताओं से संपर्क कर राशि जमा कराने का प्रयास किया गया। जेई ने स्पष्ट किया कि जो उपभोक्ता अपना बकाया शीघ्र जमा कर देंगे, उनका कनेक्शन नियमानुसार पुनः बहाल कर दिया जाएगा। बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से समय पर बिल भुगतान करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।1
- जाति का, का मतलब जानवर होता है,, धरम एक, भरम,, है,, इंसान जोड़ो यात्रा,, BLCP ITS ASHOK SAMRAT RAJ KUMAR PRINCE SSDBIHARCOD1081
- भारत सरकार द्वारा देश को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं और नीतियों को लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रस्तावित “विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025” का उद्देश्य समग्र विकास, सुशासन और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। अधिनियम का मुख्य उद्देश्य इस अधिनियम का लक्ष्य भारत को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास, रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार तथा आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रमुख प्रावधान देश में उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देना युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाना डिजिटल और तकनीकी विकास को गति देना महिलाओं, किसानों और कमजोर वर्गों के लिए विशेष योजनाएँ पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस अधिनियम के तहत गाँवों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग और वंचित वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँच सके। देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कदम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस अधिनियम के प्रावधान प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो भारत तेजी से आर्थिक प्रगति करेगा और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। निष्कर्ष “विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025” देश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाना है।1
- दिल्ली प्रस्थान से पहले सभी का स्नेह और प्यार मिला, साथ ही बड़ो का आशीर्वाद मिला, और होली से पूर्व थोड़ा ग़ुलाल के संग आनंद... और जायका...4
- अच्छाई दिखाइए, अच्छे बनिये, ज़रूरतमंद को आवश्य जगह दीजिए #railway #rpf_awareness #humanity1
- आईएएस अधिकारी बिहार में भूलभुलैया कर रहे हैं और बिहार की जनता पलायन कर रही है1
- लखीसराय। शहर के नया बाजार स्थित बड़ी दुर्गा स्थान में श्री संयुक्त समिति बड़ी दुर्गा स्थान के तत्वावधान में श्री श्री 1008 नवदुर्गा माता का सातवां वार्षिक उत्सव समारोह 18 फरवरी को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में देखी गईं। मंदिर परिसर एवं मुख्य द्वार को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत सजावट एवं फूल-मालाओं से पूरे क्षेत्र को उत्सवी स्वरूप दिया गया है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस अवसर पर माता का अलौकिक भाव-श्रृंगार किया जाएगा तथा 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। इसके साथ ही विशेष पूजन, महाआरती और संध्या प्रसाद वितरण का भी कार्यक्रम निर्धारित है। समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्था की जा रही है। भक्तों की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना हुआ है।1
- चेवाड़ा में आंगनबाड़ी सेविकाओं का दो दिवसीय परीक्षण संपन्न चेवाड़ा स्थित अंबेडकर भवन में शिशु एवं बाल आहार, पोषण तथा देखभाल विषय पर आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए आयोजित दो दिवसीय परीक्षण मंगलवार की शाम 4 बजे संपन्न हो गया। इस परीक्षण का उद्देश्य सेविकाओं को बच्चों के समुचित पोषण, स्वास्थ्य देखभाल एवं संतुलित आहार की जानकारी को परखना एवं सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय समन्वयक पंकज कुमार की देखरेख में परीक्षण की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन से आंगनबाड़ी सेविकाओं की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है तथा शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। दो दिनों तक चले इस परीक्षण में विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं ने भाग लिया। परीक्षण में शिशु आहार की गुणवत्ता, कुपोषण की पहचान, टीकाकरण की जानकारी तथा बच्चों की समग्र देखभाल से संबंधित विषयों पर प्रश्न पूछे गए। समापन अवसर पर समन्वयक ने प्रतिभागियों को अपने-अपने केंद्रों पर सीखी गई बातों को व्यवहार में लागू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।1