वाराणसी के जैतपुरा स्थित मां बागेश्वरी देवी के प्रांगण में अखिल भारतीय सनातन न्यास द्वारा आयोजित संगीतमय मानस प्रवचन के चौथे दिन पातालपुरी पीठाधीश्वर पूज्य संत जगतगुरु बालक देवाचार्य जी महाराज काशी ने राम कथा का विस्तार किया। उन्होंने बताया कि चारों भाइयों के जन्म के बाद महाराज दशरथ ने गुरु वशिष्ठ के चरणों में शीश झुकाकर उन्हें नामकरण के लिए आमंत्रित किया, जिसके बाद गुरु जी ने चारों भाइयों का नाम राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखा। राजकुमारों ने गुरुकुल में सामान्य बालकों की तरह शिष्य बनकर अल्पकाल में ही धनुर्विद्या में पारंगतता हासिल की और गुरु का आशीर्वाद लेकर राजमहल लौटे। जगतगुरु बालक देवाचार्य जी महाराज ने आगे बताया कि एक दिन राजा दशरथ के दरबार में गुरु विश्वामित्र के आगमन पर राजा ने उन्हें आदरपूर्वक सिंहासन पर बैठाया। विश्वामित्र जी ने तब उनसे राम-लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए वन ले जाने की बात कही। राजा दशरथ इस पर काफी सोच-विचार में पड़ गए, किंतु लोकहित के लिए उन्होंने सहर्ष मुनि जी को दोनों भाइयों को सौंप दिया। वन के मार्ग में राक्षसों का वध करते हुए गुरु विश्वामित्र ने गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का भी उद्धार किया और आगे वन की ओर प्रस्थान किया। इस अवसर पर पंडित वेदप्रकाश मिश्र कलाधर ने राजा दशरथ के आंगन की छवि की प्रशंसा की। सनातन संस्था के पूज्य सद्गुरु नितेश सिंह बाल ने उपस्थित भक्तजनों से सदैव सत्संग से जुड़े रहने की अपील की। कथा प्रारंभ होने से पूर्व प्रसिद्ध लोक गायिका रंजना राय ने 'ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनिया' जैसे गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे सभी श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। कार्यक्रम के मंच का संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया। अंत में डॉ. अजय जायसवाल, जयशंकर गुप्ता, रवि प्रकाश, प्रमोद यादव, मुन्नू लाल, संजय महाराज, प्रदीप कुमार, विनोद गौड़, राजकुमार, बिंदु लाल मोदनवाल, शीला गुप्ता, अर्चना चौरसिया, ममता जी, कंचन जी, आरती देवी और गौतम कुशवाहा सहित अन्य भक्तों ने व्यास पीठ की आरती उतारी।
वाराणसी के जैतपुरा स्थित मां बागेश्वरी देवी के प्रांगण में अखिल भारतीय सनातन न्यास द्वारा आयोजित संगीतमय मानस प्रवचन के चौथे दिन पातालपुरी पीठाधीश्वर पूज्य संत जगतगुरु बालक देवाचार्य जी महाराज काशी ने राम कथा का विस्तार किया। उन्होंने बताया कि चारों भाइयों के जन्म के बाद महाराज दशरथ ने गुरु वशिष्ठ के चरणों में शीश झुकाकर उन्हें नामकरण के लिए आमंत्रित किया, जिसके बाद गुरु जी ने चारों भाइयों का नाम राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखा। राजकुमारों ने गुरुकुल में सामान्य बालकों की तरह शिष्य बनकर अल्पकाल में ही धनुर्विद्या में पारंगतता हासिल की और गुरु का आशीर्वाद लेकर राजमहल लौटे। जगतगुरु बालक देवाचार्य जी महाराज ने आगे बताया कि एक दिन राजा दशरथ के दरबार में गुरु विश्वामित्र के आगमन पर राजा ने उन्हें आदरपूर्वक सिंहासन पर बैठाया। विश्वामित्र जी ने तब उनसे राम-लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए वन ले जाने की बात कही। राजा दशरथ इस पर काफी सोच-विचार में पड़ गए, किंतु लोकहित के लिए उन्होंने सहर्ष मुनि जी को दोनों भाइयों को सौंप दिया। वन के मार्ग में राक्षसों का वध करते हुए गुरु विश्वामित्र ने गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का भी उद्धार किया और आगे वन की ओर प्रस्थान किया। इस अवसर पर पंडित वेदप्रकाश मिश्र कलाधर ने राजा दशरथ के आंगन की छवि की प्रशंसा की। सनातन संस्था के पूज्य सद्गुरु नितेश सिंह बाल ने उपस्थित भक्तजनों से सदैव सत्संग से जुड़े रहने की अपील की। कथा प्रारंभ होने से पूर्व प्रसिद्ध लोक गायिका रंजना राय ने 'ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनिया' जैसे गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे सभी श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। कार्यक्रम के मंच का संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया। अंत में डॉ. अजय जायसवाल, जयशंकर गुप्ता, रवि प्रकाश, प्रमोद यादव, मुन्नू लाल, संजय महाराज, प्रदीप कुमार, विनोद गौड़, राजकुमार, बिंदु लाल मोदनवाल, शीला गुप्ता, अर्चना चौरसिया, ममता जी, कंचन जी, आरती देवी और गौतम कुशवाहा सहित अन्य भक्तों ने व्यास पीठ की आरती उतारी।
- वाराणसी के जैतपुरा स्थित मां बागेश्वरी देवी के प्रांगण में अखिल भारतीय सनातन न्यास द्वारा आयोजित संगीतमय मानस प्रवचन के चौथे दिन पातालपुरी पीठाधीश्वर पूज्य संत जगतगुरु बालक देवाचार्य जी महाराज काशी ने राम कथा का विस्तार किया। उन्होंने बताया कि चारों भाइयों के जन्म के बाद महाराज दशरथ ने गुरु वशिष्ठ के चरणों में शीश झुकाकर उन्हें नामकरण के लिए आमंत्रित किया, जिसके बाद गुरु जी ने चारों भाइयों का नाम राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखा। राजकुमारों ने गुरुकुल में सामान्य बालकों की तरह शिष्य बनकर अल्पकाल में ही धनुर्विद्या में पारंगतता हासिल की और गुरु का आशीर्वाद लेकर राजमहल लौटे। जगतगुरु बालक देवाचार्य जी महाराज ने आगे बताया कि एक दिन राजा दशरथ के दरबार में गुरु विश्वामित्र के आगमन पर राजा ने उन्हें आदरपूर्वक सिंहासन पर बैठाया। विश्वामित्र जी ने तब उनसे राम-लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए वन ले जाने की बात कही। राजा दशरथ इस पर काफी सोच-विचार में पड़ गए, किंतु लोकहित के लिए उन्होंने सहर्ष मुनि जी को दोनों भाइयों को सौंप दिया। वन के मार्ग में राक्षसों का वध करते हुए गुरु विश्वामित्र ने गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का भी उद्धार किया और आगे वन की ओर प्रस्थान किया। इस अवसर पर पंडित वेदप्रकाश मिश्र कलाधर ने राजा दशरथ के आंगन की छवि की प्रशंसा की। सनातन संस्था के पूज्य सद्गुरु नितेश सिंह बाल ने उपस्थित भक्तजनों से सदैव सत्संग से जुड़े रहने की अपील की। कथा प्रारंभ होने से पूर्व प्रसिद्ध लोक गायिका रंजना राय ने 'ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनिया' जैसे गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे सभी श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। कार्यक्रम के मंच का संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया। अंत में डॉ. अजय जायसवाल, जयशंकर गुप्ता, रवि प्रकाश, प्रमोद यादव, मुन्नू लाल, संजय महाराज, प्रदीप कुमार, विनोद गौड़, राजकुमार, बिंदु लाल मोदनवाल, शीला गुप्ता, अर्चना चौरसिया, ममता जी, कंचन जी, आरती देवी और गौतम कुशवाहा सहित अन्य भक्तों ने व्यास पीठ की आरती उतारी।1
- वाराणसी के नमो घाट पर बुधवार को नमामि गंगे ने युवा शक्ति के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। इस दौरान, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता प्रदर्शित करती तख्तियों के साथ उपस्थित जन सामान्य को स्वच्छता का संकल्प भी दिलाया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने इस अवसर पर युवाओं की भूमिका को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा और नवीन सोच के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से लड़ने और एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभाएं, तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन भागीदारी सुनिश्चित करें। शुक्ला ने यह भी कहा कि युवा जमीनी स्तर पर और सोशल मीडिया का उपयोग करके जलवायु संकट एवं पर्यावरण बचाव के संदेशों को तेजी से जन-जन तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि युवा वृक्षारोपण अभियानों, स्वच्छता कार्यों और अपशिष्ट प्रबंधन में सक्रिय रूप से नेतृत्व करें, तो सतत जीवनशैली को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनके अनुसार, दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बंद करना, जल और ऊर्जा बचाना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने सभी से मिलकर यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे न केवल स्वयं पर्यावरण के प्रति जागरूक रहेंगे, बल्कि अपने समाज और देश को भी जागरूक करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज का छोटा सा कदम, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ कल का निर्माण करेगा। इस आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के साथ अमन, सरोज, शिवानी, अंजलि, कोमल, अंशिका, शालिनी आदि उपस्थित रहे।1
- बरेली जिले के सिरौली थाना क्षेत्र में अटा उर्फ फंदापुर निवासी शिवानी शर्मा ने अपने पति पर गंभीर अत्याचारों का आरोप लगाया है। शिवानी शर्मा का कहना है कि उसका पति प्रधान के साथ मिलकर उसे गलत काम करने के लिए मजबूर करता था। जब भी वह इन हरकतों का विरोध करती थी, तो उसका पति बेरहमी से उसकी पिटाई करता था।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चौबेपुर क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ 11 मई से लापता 14 वर्षीय दलित छात्रा को 20 दिन बाद एक बंद पड़े मकान से बरामद किया गया है। बरामदगी के बाद छात्रा ने तीन युवकों पर अपहरण, बंधक बनाने और सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। दूसरी तरफ, हिरासत में लिए गए युवकों के परिजनों ने आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला पुराने जमीनी विवाद और आपसी रंजिश का परिणाम है, जिसके तहत उन्हें साजिश करके फंसाया जा रहा है। इस घटना के कारण गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट के साथ-साथ पीड़िता के बयानों को आधार बनाकर आगे की कार्यवाही में जुटी है।1
- राहुल गांधी ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि देश में एक भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति के बारे में मोदी जी न तो कुछ कर रहे हैं और न ही कुछ कर सकते हैं। राहुल गांधी ने यह भी स्वीकार किया कि इस संबंध में विभिन्न विभागों के मुख्य अधिकारियों के संदेश आ रहे हैं। उनके इस बयान को गंभीरता से लेने की बात कही गई है, खासकर इस पहलू पर विचार करते हुए कि आखिर निवेशक भारत में पैसा लगाने से क्यों मना कर रहे हैं, जबकि भारत आर्थिक तरक्की के पथ पर है।1
- वाराणसी कमिश्नरेट में सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रोडवेज क्षेत्र के होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे पर एक संयुक्त सघन जांच अभियान चलाया गया। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देश पर, थाना सिगरा प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर इन प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया। अभियान के दौरान, पुलिस बल और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम ने प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, उनकी कार्यशीलता तथा अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की। टीम ने होटल कर्मचारियों से अग्निशमन यंत्रों के संचालन के संबंध में जानकारी ली और उन्हें आग लगने की स्थिति में अग्निशमन उपकरणों के सही प्रयोग एवं सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक किया। निरीक्षण के दौरान कई होटलों और गेस्ट हाउसों में साफ-सफाई की कमी, अग्निशमन यंत्रों का अभाव तथा अन्य सुरक्षा संबंधी खामियां पाई गईं। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। थाना सिगरा प्रभारी शिवाकांत मिश्रा एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा के मद्देनजर ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे, और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- तेज बारिश और तूफान के कारण नोएडा फिल्म सिटी में कई गाड़ियों पर पेड़ गिर गए हैं। इस घटना से फिल्म सिटी में मानसून का असर कहर बनकर सामने आया है।1