SI भर्ती को लेकर जयपुर में उबाल “चलो जयपुर” के नारे संग प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन SI भर्ती को लेकर जयपुर में उबाल “चलो जयपुर” के नारे संग प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन जयपुर। SI भर्ती-2021 को लेकर प्रदेशभर के प्रशिक्षु उप निरीक्षक अभ्यर्थियों ने राजधानी जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया। “चलो जयपुर” अभियान के तहत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शहीद स्मारक पहुंचे, जहां 750 से अधिक प्रशिक्षु SI ने धरना देकर सरकार से न्याय की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में यदि कुछ लोगों द्वारा गड़बड़ी की गई है तो उसकी सजा पूरे बैच को नहीं दी जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “निर्दोषों को न्याय दो”, “दोषियों पर कार्रवाई करो” और “ईमानदार थानेदारों का भविष्य बचाओ” जैसे नारे लगाए। अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत, शारीरिक तैयारी और कठिन चयन प्रक्रिया के बाद यह मुकाम हासिल किया है। ऐसे में कुछ आरोपों के आधार पर पूरी भर्ती को संदेह के घेरे में रखना हजारों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। धरने में शामिल प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों ने मांग रखी कि जिन अभ्यर्थियों पर किसी प्रकार के आरोप हैं, उनकी अलग से जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन जिन अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड साफ है उन्हें सेवा में बनाए रखा जाए। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि वे कानून व्यवस्था संभालने के लिए प्रशिक्षित किए गए हैं और अब खुद अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में लंबित SLP पर जल्द निर्णय कराने तथा SI भर्ती-2021 की वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती विवाद में फंसी हुई है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा, हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने कहा कि वे न्याय की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे हैं और सरकार से निष्पक्ष निर्णय की उम्मीद रखते हैं। कई अभ्यर्थियों की आंखों में भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दी। उनका कहना था कि परिवारों ने उम्मीदें लगाई हैं और वर्षों की मेहनत के बाद अब उनका करियर संकट में है। राजधानी जयपुर में हुए इस प्रदर्शन ने SI भर्ती-2021 विवाद को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है।
SI भर्ती को लेकर जयपुर में उबाल “चलो जयपुर” के नारे संग प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन SI भर्ती को लेकर जयपुर में उबाल “चलो जयपुर” के नारे संग प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन जयपुर। SI भर्ती-2021 को लेकर प्रदेशभर के प्रशिक्षु उप निरीक्षक अभ्यर्थियों ने राजधानी जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया। “चलो जयपुर” अभियान के तहत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शहीद स्मारक पहुंचे, जहां 750 से अधिक प्रशिक्षु SI ने धरना देकर सरकार से न्याय की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में यदि कुछ लोगों द्वारा गड़बड़ी की गई है तो उसकी सजा पूरे बैच को नहीं दी जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “निर्दोषों को न्याय दो”, “दोषियों पर कार्रवाई करो” और “ईमानदार थानेदारों का भविष्य बचाओ” जैसे नारे लगाए। अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत, शारीरिक तैयारी और कठिन चयन प्रक्रिया के बाद यह मुकाम हासिल किया है। ऐसे में कुछ आरोपों के आधार पर पूरी भर्ती को संदेह के घेरे में रखना हजारों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। धरने में शामिल प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों ने मांग रखी कि जिन अभ्यर्थियों पर किसी प्रकार के आरोप हैं, उनकी अलग से जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन जिन अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड साफ है उन्हें सेवा में बनाए रखा जाए। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि वे कानून व्यवस्था संभालने के लिए प्रशिक्षित किए गए हैं और अब खुद अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में लंबित SLP पर जल्द निर्णय कराने तथा SI भर्ती-2021 की वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती विवाद में फंसी हुई है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा, हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने कहा कि वे न्याय की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे हैं और सरकार से निष्पक्ष निर्णय की उम्मीद रखते हैं। कई अभ्यर्थियों की आंखों में भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दी। उनका कहना था कि परिवारों ने उम्मीदें लगाई हैं और वर्षों की मेहनत के बाद अब उनका करियर संकट में है। राजधानी जयपुर में हुए इस प्रदर्शन ने SI भर्ती-2021 विवाद को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है।
- संविदा नर्सिंग कर्मियों का सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा 2013, 2018 और 2023 की तर्ज पर भर्ती की मांग, बोनस अंक और मेरिट बेस चयन पर जोर संविदा नर्सिंग कर्मियों का सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा 2013, 2018 और 2023 की तर्ज पर भर्ती की मांग, बोनस अंक और मेरिट बेस चयन पर जोर स्थायी नौकरी को लेकर नर्सिंग कर्मियों का प्रदर्शन तेज, सरकार से जल्द निर्णय की मांग जयपुर। प्रदेशभर के संविदा एवं निविदा नर्सिंग कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नर्सिंग कर्मियों ने 2013, 2018 और 2023 की पूर्व भर्तियों की तर्ज पर नई भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग उठाते हुए 10, 20 और 30 बोनस अंक देकर मेरिट बेस भर्ती जारी करने की मांग की है। साथ ही लंबे समय से संविदा और निविदा पर कार्य कर रहे नर्सिंग कर्मियों को स्थायी नौकरी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। नर्सिंग कर्मियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना काल सहित विभिन्न आपात परिस्थितियों में लगातार सेवाएं दीं, लेकिन आज भी उन्हें स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। वर्षों से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं देने वाले हजारों नर्सिंग कर्मियों को भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को उनके अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देनी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग कर्मियों ने कहा कि पूर्व में हुई भर्तियों में अनुभव के आधार पर बोनस अंक दिए गए थे, जिससे लंबे समय से कार्यरत कर्मियों को राहत मिली थी। अब उसी तर्ज पर नई भर्ती प्रक्रिया लागू कर संविदा एवं निविदा कर्मियों को 10, 20 और 30 बोनस अंक का लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि केवल लिखित परीक्षा आधारित भर्ती से वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी नर्सिंग कर्मियों के साथ अन्याय होगा। नर्सिंग कर्मियों ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के सभी संविदा एवं निविदा नर्सिंग कर्मियों को नियमित कर स्थायी नौकरी दी जाए। उनका कहना है कि स्थायीकरण नहीं होने से आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा बनी हुई है। कई कर्मी वर्षों से बेहद कम वेतन और अस्थायी व्यवस्था में काम कर रहे हैं, जबकि अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं काफी हद तक उन्हीं के भरोसे संचालित हो रही हैं। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है। प्रदेशभर से पहुंचे नर्सिंग कर्मियों ने एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में न्याय और स्थायी रोजगार की मांग उठाई।1
- 2013, 2018, 2023 की तर्ज पर भर्ती 10, 20, 30 बोनस अंक व मेरिट बेस भर्ती जारी करो सभी संविदा निविदा नर्सिंग कर्मिक को स्थायी नौकरी दो 2013, 2018, 2023 की तर्ज पर भर्ती 10, 20, 30 बोनस अंक व मेरिट बेस भर्ती जारी करो सभी संविदा निविदा नर्सिंग कर्मिक को स्थायी नौकरी दो4
- जयपुर सहित राजस्थान के कई शहरों में उबर चालक फर्जी रिजर्वेशन बुकिंग से परेशान हैं। ग्राहक जानबूझकर लंबी दूरी की बुकिंग रद्द कर देते हैं या फोन बंद कर देते हैं, जिससे ड्राइवरों का समय, मेहनत और कमाई बर्बाद हो रही है। चालकों से अपील है कि वे बुकिंग जानकारी की ठीक से जांच करें और संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्ट करें।1
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व राजस्थान मंत्री महेश जोशी को जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में तड़के गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ₹900-960 करोड़ की कथित अनियमितताओं से जुड़ी है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों के टेंडर दिए गए। जोशी पहले भी ED द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं, इस नए एक्शन से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।5
- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने एक महिला घूंघट में बोलने लगी। मुख्यमंत्री के टोकने पर महिला ने दृढ़ता से कहा कि यह उनकी मर्यादा और संस्कार है।1
- बंगाल में कथित 'गुंडा राज' की समाप्ति के बाद देवाशीष आचार्य के परिवार ने न्याय की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि आचार्य को अभिषेक बनर्जी ने बेरहमी से पिटवाया था। वे अब अपने बेटे के लिए न्याय और दोषियों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने की मांग कर रहे हैं।1
- SI भर्ती को लेकर जयपुर में उबाल “चलो जयपुर” के नारे संग प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन SI भर्ती को लेकर जयपुर में उबाल “चलो जयपुर” के नारे संग प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन जयपुर। SI भर्ती-2021 को लेकर प्रदेशभर के प्रशिक्षु उप निरीक्षक अभ्यर्थियों ने राजधानी जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया। “चलो जयपुर” अभियान के तहत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शहीद स्मारक पहुंचे, जहां 750 से अधिक प्रशिक्षु SI ने धरना देकर सरकार से न्याय की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में यदि कुछ लोगों द्वारा गड़बड़ी की गई है तो उसकी सजा पूरे बैच को नहीं दी जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “निर्दोषों को न्याय दो”, “दोषियों पर कार्रवाई करो” और “ईमानदार थानेदारों का भविष्य बचाओ” जैसे नारे लगाए। अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत, शारीरिक तैयारी और कठिन चयन प्रक्रिया के बाद यह मुकाम हासिल किया है। ऐसे में कुछ आरोपों के आधार पर पूरी भर्ती को संदेह के घेरे में रखना हजारों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। धरने में शामिल प्रशिक्षु SI अभ्यर्थियों ने मांग रखी कि जिन अभ्यर्थियों पर किसी प्रकार के आरोप हैं, उनकी अलग से जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, लेकिन जिन अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड साफ है उन्हें सेवा में बनाए रखा जाए। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि वे कानून व्यवस्था संभालने के लिए प्रशिक्षित किए गए हैं और अब खुद अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में लंबित SLP पर जल्द निर्णय कराने तथा SI भर्ती-2021 की वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती विवाद में फंसी हुई है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा, हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने कहा कि वे न्याय की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे हैं और सरकार से निष्पक्ष निर्णय की उम्मीद रखते हैं। कई अभ्यर्थियों की आंखों में भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दी। उनका कहना था कि परिवारों ने उम्मीदें लगाई हैं और वर्षों की मेहनत के बाद अब उनका करियर संकट में है। राजधानी जयपुर में हुए इस प्रदर्शन ने SI भर्ती-2021 विवाद को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है।1
- जल जीवन मिशन घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है, जिससे कई अन्य बड़े नामों पर भी जांच की तलवार लटक गई है।1
- उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा ने अन्नपूर्णा रसोई का किया निरीक्षण दी जानकारी बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता बांसखोह कस्बा स्थित रामदेव जी मंदिर के सामने अन्नपूर्णा रसोई का उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा ने निरीक्षण किया इस दौरान वहां पर खाना खा रहे लोगों से भी खाने के बारे में जानकारी ली इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर बढ़िया खाना मिलता है इस दौरान उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा ने भी खाना खाया और कहा कि रोज का जो भी मेन्यू बनाए उसकी लिस्ट लगा दे ओर साफ सफाई का ओर आटा , अचार,मिर्च मसाला सब्जी इनको हमेशा ढक कर रखें और भी कई तरह की जानकारी दी इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी भूपेश कुमार, अन्य ग्रामीण मौजूद थे4