उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में एक डेढ़ वर्षीय बच्चे, रौनक वर्मा, की कथित तौर पर टीकाकरण के बाद हुई मौत का मामला सामने आया है। बच्चे के पिता रोहित वर्मा ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि टीकाकरण के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी और अंततः उसकी मृत्यु हो गई, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 10 जनवरी 2026 को कोपागंज थाना क्षेत्र के अदारी देहात चौरा इंदारा में क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता संगीता के घर पर एएनएम सुनीता द्वारा रौनक वर्मा को टीका लगाया गया था। परिजनों का आरोप है कि टीका लगने के तुरंत बाद बच्चे को तेज बुखार आ गया और वह लंगड़ाने लगा। आशा कार्यकर्ता ने इस दौरान गर्म पानी से सिकाई करने और सिरप पिलाने की सलाह दी, लेकिन बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिजनों के मुताबिक, 19 जनवरी को बच्चे को झटके आने लगे, जिसके बाद उसे तत्काल मऊ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने बच्चे को झटके आने की पुष्टि की। दुःखद रूप से, इलाज के दौरान अगले दिन सुबह बच्चे की मृत्यु हो गई। मृतक बच्चे के पिता रोहित वर्मा का कहना है कि टीकाकरण से पहले उनका पुत्र पूरी तरह स्वस्थ था और उसकी तबीयत टीका लगने के बाद ही बिगड़नी शुरू हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीकाकरण के संभावित दुष्प्रभावों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में उन्हें कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी। रोहित वर्मा ने आगे बताया कि उन्होंने 27 जनवरी 2026 को इस मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भी एक प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी कोई उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीएमओ पर इस पूरे प्रकरण में उदासीनता और संवेदनहीनता बरतने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित करें, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा सके।
उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में एक डेढ़ वर्षीय बच्चे, रौनक वर्मा, की कथित तौर पर टीकाकरण के बाद हुई मौत का मामला सामने आया है। बच्चे के पिता रोहित वर्मा ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि टीकाकरण के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी और अंततः उसकी मृत्यु हो गई, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 10 जनवरी 2026 को कोपागंज थाना क्षेत्र के अदारी देहात चौरा इंदारा में क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता संगीता के घर पर एएनएम सुनीता द्वारा रौनक वर्मा को टीका लगाया गया था। परिजनों का आरोप है कि टीका लगने के तुरंत बाद बच्चे को तेज बुखार आ गया और वह लंगड़ाने लगा। आशा कार्यकर्ता ने इस दौरान गर्म पानी से सिकाई करने और सिरप पिलाने की सलाह दी, लेकिन बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिजनों के मुताबिक, 19 जनवरी को बच्चे को झटके आने लगे, जिसके बाद उसे तत्काल मऊ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने बच्चे को झटके आने की पुष्टि की। दुःखद रूप से, इलाज के दौरान अगले दिन सुबह बच्चे की मृत्यु हो गई। मृतक बच्चे के पिता रोहित वर्मा का कहना है कि टीकाकरण से पहले उनका पुत्र पूरी तरह स्वस्थ था और उसकी तबीयत टीका लगने के बाद ही बिगड़नी शुरू हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीकाकरण के संभावित दुष्प्रभावों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में उन्हें कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी। रोहित वर्मा ने आगे बताया कि उन्होंने 27 जनवरी 2026 को इस मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भी एक प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी कोई उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीएमओ पर इस पूरे प्रकरण में उदासीनता और संवेदनहीनता बरतने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित करें, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा सके।
- पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के नेतृत्व में शुक्रवार को मऊ पुलिस लाइन में अंतरजनपदीय वाराणसी जोन वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच खेल भावना, आपसी समन्वय, शारीरिक दक्षता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएँ देकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में, पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि खेलकूद पुलिस बल के जीवन का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुणों का विकास करता है, जो पुलिस कार्यों के निर्वहन में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इस प्रतियोगिता में वाराणसी जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जनपदों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मऊ, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, भदोही, आजमगढ़, सोनभद्र और मिर्जापुर जनपदों के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिनमें खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। उद्घाटन मैच जनपद चंदौली और जनपद मिर्जापुर के बीच खेला गया, जिसमें मिर्जापुर ने चंदौली को 25-07, 25-07 से पराजित किया। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिस बल में आपसी सौहार्द और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक मऊ, क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक, विभिन्न जनपदों से आए टीम प्रभारी, तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे, जिससे पुलिस लाइन परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।4
- एक पिता को अपनी चार बेटियों के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर यात्रा करते हुए पुलिस ने पकड़ा है। इस दौरान पुलिस ने पिता को वाहन ओवरलोडिंग के कारण जमकर फटकार लगाई।1
- प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'आजादी का अमृत महोत्सव' परियोजना के तहत जल संरक्षण के लिए लाखों की लागत से बनाए गए अमृत सरोवर, अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। मऊ जिले के रानीपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनिसा (सेमरी) में बना यह सरोवर, जो ग्रामीणों को टहलने और बैठने का एक सुंदर स्थान प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया था, कथित तौर पर भ्रष्टाचार और देखरेख के अभाव में पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिससे सरकारी दावों की पोल खुल गई है। स्थानीय ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है और वे बजट के 'बंदरबांट' का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सरोवर के निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती गई और लाखों रुपये की धनराशि केवल कागजों पर खर्च की गई, जबकि धरातल पर काम की गुणवत्ता शून्य रही। घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण शुरुआती दिक्कतों में ही इंटरलॉकिंग धंस गई और तालाब में पानी रोकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों और प्रधान ने मिलकर सरकार की इस उत्कृष्ट योजना को पलीता लगा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप यह स्थान अब केवल आवारा पशुओं का अड्डा बनकर रह गया है। अब यह देखना होगा कि इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद रानीपुर विकास खंड के उच्च अधिकारी अपनी गहरी नींद से जागते हैं और इस बदहाल अमृत सरोवर के लिए कोई कदम उठाते हैं, या इसे ऐसे ही इसके हाल पर छोड़ दिया जाता है।4
- एक यूजर ने 'शुरू' ऐप के विज्ञापनों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े विरोधाभास पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। यूजर का कहना है कि ऐप के विज्ञापनों में किसी भी समस्या का तुरंत समाधान होने का दावा किया जाता है, लेकिन असलियत में केवल लोगों को सोशल मीडिया से जोड़ने के बजाय वास्तविक काम करने की आवश्यकता है। यूजर ने शिकायत की है कि वह पिछले 4-5 दिनों से नाली की समस्या के समाधान के लिए लगातार पोस्ट कर रहा है, परंतु अभी तक कोई हल नहीं निकला है। इस अनुभव के बाद, यूजर को अब यह लग रहा है कि शायद इस समस्या का कोई समाधान नहीं होगा।3
- सक्षम फाउंडेशन द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ विधायक लक्ष्मण घोरुई ने बच्चों का हौसला बढ़ाया। इस कार्यक्रम में मेधावी छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, जिससे हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। प्रशस्ति पत्र और सम्मान प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जो इस आयोजन की सफलता को दर्शाता है। इस पहल की अभिभावकों और उपस्थित अतिथियों ने भी जमकर सराहना की। समारोह ने शिक्षा और कड़ी मेहनत का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिससे विद्यार्थियों में एक नया उत्साह भर गया। सक्षम फाउंडेशन की इस पहल के माध्यम से प्रतिभाशाली बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और पहचान प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच मिला। मनोहर गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि सक्षम फाउंडेशन की यह पहल बच्चों के लिए एक सच्ची प्रेरणा बन गई है।1
- आजमगढ़ में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ दो साल से अपने बेटों का इंतजार कर रहे परिजनों को आखिरकार 'नौकरी नहीं, मौत मिली!'। इस दुखद घटना में दो युवकों के कंकाल उनके घर पहुँचे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। परिजन पिछले दो सालों से अपने बेटों की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे, जो काम की तलाश में घर से निकले थे। यह लंबी और दर्दनाक प्रतीक्षा का ऐसा अंत हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, और अब परिवार गहरे मातम में डूबा है।1
- शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर ने पुलिस लाइन मऊ में साप्ताहिक परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उच्च कोटि के अनुशासन, वर्दी के टर्नआउट, तथा शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बल को ब्रीफ किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मानसिक और शारीरिक रूप से सदैव तत्पर रहने का निर्देश देते हुए यह भी कहा कि दंगा नियंत्रण के सभी उपकरण सक्रिय दशा में अपने साथ रखें, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान ड्रोन कैमरा, फॉरेंसिक वैन, चारपहिया और दोपहिया पीआरवी वाहनों की साफ-सफाई, हूटर, लाइट, एमडीटी, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर और एंटी-राइट इक्विपमेंट जैसी चीजों की जांच की गई। पीआरवी कर्मियों को विशेष रूप से गंभीर और महिला संबंधित घटनाओं की सूचना पर मौके पर तत्काल पहुंचकर प्राथमिक कार्यवाही करने, घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए क्राइम सीन किट का सही तरीके से प्रयोग करने, तथा रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस परसेंटेज में सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं और परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर की समग्र व्यवस्था, बैरक और मेस में भोजन व अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ पुलिस सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्र, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- अवधपुर के पनिहवा टोला में एक अज्ञात महिला ने गहने चमकाने के बहाने महिलाओं से धोखाधड़ी की है। यह महिला महिलाओं के जेवर और बर्तन लेकर मौके से फरार हो गई।1