समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में 'पीडीए आडिट अंक 1 पीडीए आरक्षण घोटाला पुस्तिका' जारी की है। इस पुस्तिका के माध्यम से भाजपा सरकार पर पिछड़े और शोषित वर्ग के बेटे-बेटियों और बहुओं से संविधान प्रदत्त आरक्षण का अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पार्टी का कहना है कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा दिए गए संविधान में बराबरी के इस अधिकार, यानी आरक्षण को धीरे-धीरे समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पुस्तिका में बताया गया है कि भाजपा सरकार ने 10 साल में कुल 222 परीक्षाओं में 11,514 पीडीए आरक्षित सीटों की 'लूट' की है। इसमें प्रमुखता से 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाला शामिल है, जहाँ पिछड़े वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत संवैधानिक आरक्षण के बजाय केवल 3.86 प्रतिशत आरक्षण मिला, जिससे 23.14 प्रतिशत आरक्षण की 'लूट' हुई। इसी तरह, अनुसूचित जाति का आरक्षण 21 प्रतिशत होने के बावजूद उन्हें 16.21 प्रतिशत ही प्राप्त हुआ, जो 4.8 प्रतिशत की 'लूट' दर्शाता है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इस शिक्षक भर्ती में 20 हजार सीटों के घोटाले को स्वीकार किया था। उत्तरप्रदेश सरकार ने स्वयं 2022 के चुनाव में आरक्षण की इस 'लूट' को स्वीकार करते हुए 6800 पदों की एक अतिरिक्त चयन सूची जारी की थी। इसके अलावा, भाजपा सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 1133 पदों को जानबूझकर खाली छोड़ दिया, जिससे इस भर्ती में कुल 7933 पदों (6800+1133) की 'लूट' हुई है। समाजवादी पार्टी ने 69 हजार शिक्षक भर्ती के साथ-साथ वन और वन्य जीव रक्षक भर्ती, बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, एडेड जूनियर हाईस्कूल मास्टर/हेड मास्टर भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, नेत्र परीक्षण अधिकारी भर्ती, यूपीएसएसएससी आशुलिपिक भर्ती, लखीमपुर को-आपरेटिव भर्ती, पशु चिकित्सक भर्ती, लेखपाल भर्ती, स्वास्थ्य-शिक्षा अधिकारी भर्ती, चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेद भर्ती और कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती सहित कुल 22 भर्तियों में हुए आरक्षण घोटालों और 'लूट' का भी खुलासा किया है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों की भर्तियों में 'नॉट फॉर सूटेबिल (NFS)' का उपयोग करके आरक्षित वर्ग के लोगों को बाहर किया जा रहा है और भाजपा सरकार 'डेटा छिपाने' वाली सरकार है। प्रेसवार्ता में उपस्थित जिलाध्यक्ष सुजीत यादव 'लक्कड़', स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंहा और जिला प्रवक्ता संतोष यादव 'बबलू' एडवोकेट ने कहा कि श्रद्धेय बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के रूप में ऐसा दस्तावेज दिया है, जिसमें सामाजिक न्याय का राज लाने की शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उपेक्षित, वंचित और शोषित समाज में ये चेतना पीडीए आंदोलन के रूप में बलवती हो चुकी है और आरक्षण के बगैर राजनीतिक लोकतंत्र अधूरा रह जाएगा। समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वह भाजपा सरकार के पक्षपात और 'लूट' के खिलाफ लड़ती रहेगी। पार्टी ने यह भी संकल्प लिया कि 2027 में सरकार बनाने के 90 दिन के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा और जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। समाजवादी सरकार सामाजिक न्याय का राज स्थापित कर सभी को न्याय दिलाएगी और सामाजिक व आर्थिक रूप से पीछे रह गए लोगों के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित करेगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में 'पीडीए आडिट अंक 1 पीडीए आरक्षण घोटाला पुस्तिका' जारी की है। इस पुस्तिका के माध्यम से भाजपा सरकार पर पिछड़े और शोषित वर्ग के बेटे-बेटियों और बहुओं से संविधान प्रदत्त आरक्षण का अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पार्टी का कहना है कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा दिए गए संविधान में बराबरी के इस अधिकार, यानी आरक्षण को धीरे-धीरे समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पुस्तिका में बताया गया है कि भाजपा सरकार ने 10 साल में कुल 222 परीक्षाओं में 11,514 पीडीए आरक्षित सीटों की 'लूट' की है। इसमें प्रमुखता से 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाला शामिल है, जहाँ पिछड़े वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत संवैधानिक आरक्षण के बजाय केवल 3.86 प्रतिशत आरक्षण मिला, जिससे 23.14 प्रतिशत आरक्षण की 'लूट' हुई। इसी तरह, अनुसूचित जाति का आरक्षण 21 प्रतिशत होने के बावजूद उन्हें 16.21 प्रतिशत ही प्राप्त हुआ, जो 4.8 प्रतिशत की 'लूट' दर्शाता है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इस शिक्षक भर्ती में 20 हजार सीटों के घोटाले को स्वीकार किया था। उत्तरप्रदेश सरकार ने स्वयं 2022 के चुनाव में आरक्षण की इस 'लूट' को स्वीकार करते हुए 6800 पदों की एक अतिरिक्त चयन सूची जारी की थी। इसके अलावा, भाजपा सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 1133 पदों को जानबूझकर खाली छोड़ दिया, जिससे इस भर्ती में कुल 7933 पदों (6800+1133) की 'लूट' हुई है। समाजवादी पार्टी ने 69 हजार शिक्षक भर्ती के साथ-साथ वन और वन्य जीव रक्षक भर्ती, बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, एडेड जूनियर हाईस्कूल मास्टर/हेड मास्टर भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, नेत्र परीक्षण अधिकारी भर्ती, यूपीएसएसएससी आशुलिपिक भर्ती, लखीमपुर को-आपरेटिव भर्ती, पशु चिकित्सक भर्ती, लेखपाल भर्ती, स्वास्थ्य-शिक्षा अधिकारी भर्ती, चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेद भर्ती और कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती सहित कुल 22 भर्तियों में हुए आरक्षण घोटालों और 'लूट' का भी खुलासा किया है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों की भर्तियों में 'नॉट फॉर सूटेबिल (NFS)' का उपयोग करके आरक्षित वर्ग के लोगों को बाहर किया जा रहा है और भाजपा सरकार 'डेटा छिपाने' वाली सरकार है। प्रेसवार्ता में उपस्थित जिलाध्यक्ष सुजीत यादव 'लक्कड़', स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंहा और जिला प्रवक्ता संतोष यादव 'बबलू' एडवोकेट ने कहा कि श्रद्धेय बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के रूप में ऐसा दस्तावेज दिया है, जिसमें सामाजिक न्याय का राज लाने की शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उपेक्षित, वंचित और शोषित समाज में ये चेतना पीडीए आंदोलन के रूप में बलवती हो चुकी है और आरक्षण के बगैर राजनीतिक लोकतंत्र अधूरा रह जाएगा। समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वह भाजपा सरकार के पक्षपात और 'लूट' के खिलाफ लड़ती रहेगी। पार्टी ने यह भी संकल्प लिया कि 2027 में सरकार बनाने के 90 दिन के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा और जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। समाजवादी सरकार सामाजिक न्याय का राज स्थापित कर सभी को न्याय दिलाएगी और सामाजिक व आर्थिक रूप से पीछे रह गए लोगों के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित करेगी।
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में 'पीडीए आडिट अंक 1 पीडीए आरक्षण घोटाला पुस्तिका' जारी की है। इस पुस्तिका के माध्यम से भाजपा सरकार पर पिछड़े और शोषित वर्ग के बेटे-बेटियों और बहुओं से संविधान प्रदत्त आरक्षण का अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पार्टी का कहना है कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा दिए गए संविधान में बराबरी के इस अधिकार, यानी आरक्षण को धीरे-धीरे समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पुस्तिका में बताया गया है कि भाजपा सरकार ने 10 साल में कुल 222 परीक्षाओं में 11,514 पीडीए आरक्षित सीटों की 'लूट' की है। इसमें प्रमुखता से 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाला शामिल है, जहाँ पिछड़े वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत संवैधानिक आरक्षण के बजाय केवल 3.86 प्रतिशत आरक्षण मिला, जिससे 23.14 प्रतिशत आरक्षण की 'लूट' हुई। इसी तरह, अनुसूचित जाति का आरक्षण 21 प्रतिशत होने के बावजूद उन्हें 16.21 प्रतिशत ही प्राप्त हुआ, जो 4.8 प्रतिशत की 'लूट' दर्शाता है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इस शिक्षक भर्ती में 20 हजार सीटों के घोटाले को स्वीकार किया था। उत्तरप्रदेश सरकार ने स्वयं 2022 के चुनाव में आरक्षण की इस 'लूट' को स्वीकार करते हुए 6800 पदों की एक अतिरिक्त चयन सूची जारी की थी। इसके अलावा, भाजपा सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 1133 पदों को जानबूझकर खाली छोड़ दिया, जिससे इस भर्ती में कुल 7933 पदों (6800+1133) की 'लूट' हुई है। समाजवादी पार्टी ने 69 हजार शिक्षक भर्ती के साथ-साथ वन और वन्य जीव रक्षक भर्ती, बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, एडेड जूनियर हाईस्कूल मास्टर/हेड मास्टर भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, नेत्र परीक्षण अधिकारी भर्ती, यूपीएसएसएससी आशुलिपिक भर्ती, लखीमपुर को-आपरेटिव भर्ती, पशु चिकित्सक भर्ती, लेखपाल भर्ती, स्वास्थ्य-शिक्षा अधिकारी भर्ती, चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेद भर्ती और कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती सहित कुल 22 भर्तियों में हुए आरक्षण घोटालों और 'लूट' का भी खुलासा किया है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों की भर्तियों में 'नॉट फॉर सूटेबिल (NFS)' का उपयोग करके आरक्षित वर्ग के लोगों को बाहर किया जा रहा है और भाजपा सरकार 'डेटा छिपाने' वाली सरकार है। प्रेसवार्ता में उपस्थित जिलाध्यक्ष सुजीत यादव 'लक्कड़', स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंहा और जिला प्रवक्ता संतोष यादव 'बबलू' एडवोकेट ने कहा कि श्रद्धेय बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के रूप में ऐसा दस्तावेज दिया है, जिसमें सामाजिक न्याय का राज लाने की शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उपेक्षित, वंचित और शोषित समाज में ये चेतना पीडीए आंदोलन के रूप में बलवती हो चुकी है और आरक्षण के बगैर राजनीतिक लोकतंत्र अधूरा रह जाएगा। समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वह भाजपा सरकार के पक्षपात और 'लूट' के खिलाफ लड़ती रहेगी। पार्टी ने यह भी संकल्प लिया कि 2027 में सरकार बनाने के 90 दिन के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा और जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। समाजवादी सरकार सामाजिक न्याय का राज स्थापित कर सभी को न्याय दिलाएगी और सामाजिक व आर्थिक रूप से पीछे रह गए लोगों के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित करेगी।1
- जौनपुर जिले में हवा के साथ हुई बूंदा बादी के कारण लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिली है। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।1
- आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में आरक्षण से संबंधित एक मामले की सुनवाई हुई। यह मामला ग्राम पंचायत चुनाव 2026 से जुड़ा है।1
- इतिहास और धर्मग्रंथों में ऐसे अनेक उदाहरण मिलते हैं जो दर्शाते हैं कि घमंड हमेशा पतन की ओर ले जाता है, जबकि इंसानियत महानता की राह खोलती है। रावण, जो अत्यंत विद्वान और शक्तिशाली था, अपने अहंकार के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। इसके विपरीत, भगवान श्रीराम ने विनम्रता, करुणा और मानवता का मार्ग अपनाकर समाज के लिए एक आदर्श स्थापित किया। 'इंसानियत' का अर्थ केवल दूसरों की सहायता करना ही नहीं है, बल्कि सभी के प्रति सम्मान, प्रेम और सहानुभूति रखना भी है। जो व्यक्ति अपने जीवन में इंसानियत को आधार बनाता है, उसे समाज में सम्मान और विश्वास प्राप्त होता है। वहीं, घमंडी व्यक्ति कुछ समय के लिए भले ही प्रभावशाली लगे, लेकिन वह लोगों के दिलों में कभी जगह नहीं बना पाता। धन, पद और प्रतिष्ठा क्षणिक होते हैं, जबकि अच्छे कर्म और मानवता अमर रहती है। इसलिए, जीवन में सफलता मिलने पर भी सदैव विनम्र बने रहना चाहिए। इंसानियत का मार्ग अपनाकर ही एक बेहतर समाज और सुंदर राष्ट्र का निर्माण संभव है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के सूर्य प्रकाश पाण्डेय के संदेश के अनुसार, "घमंड व्यक्ति को ऊँचा दिखा सकता है, लेकिन इंसानियत ही उसे महान बनाती है।" घमंड को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है, क्योंकि यह व्यक्ति की सोच को संकुचित कर देता है, जबकि इंसानियत उसे दूसरों के दुःख-दर्द को समझने और उनकी सहायता करने के लिए प्रेरित करती है।1
- वाराणसी के पैनेसिया हॉस्पिटल पर एक बार फिर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। एक किडनी मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अस्पताल के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँच गई और मामले की गहनता से जांच में जुट गई। अधिकारियों ने बताया कि ये अभी आरोप हैं और मामले की जांच जारी है। अस्पताल प्रशासन का आधिकारिक बयान सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि देश में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों से कानून के अनुसार निपटा जाएगा। इस घोषणा में विशेष रूप से बांग्लादेश सहित उन सभी विदेशियों का उल्लेख है जो अवैध तरीके से भारत में निवास कर रहे पाए जाएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक महिला सभासद और उनके परिवार को दबंगों द्वारा बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। यह घटना तब सामने आई जब महिला सभासद ने इन दबंगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस हिंसक मारपीट में महिला सभासद का देवर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह पूरी वारदात मिल एरिया थाना क्षेत्र के पानी की टंकी चकधौरा इलाके की बताई जा रही है।1