आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न ग्रेटर नोएडा संवाददाता, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के निर्देशों के क्रम में आज ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल के सेमिनार हॉल HS-28 ब्लॉक-A सिग्मा-1 ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर में आपदा प्रबंधन में सहभागिता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, जनपद स्तरीय अधिकारी, अध्यापक, आपदा मित्र, सिविल डिफेन्स के सदस्य एवं विद्यार्थीगण शामिल हुए।कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा अनुकृति शर्मा, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश तथा ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल की प्रधानाचार्य मंजू कौल रायना द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला गया।कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 8वीं बटालियन, गाजियाबाद के प्रशिक्षक राजू यादव द्वारा प्रतिभागियों को सीएपी प्रशिक्षण के अंतर्गत एनडीआरएफ का परिचय, उसकी संरचना, उद्देश्य एवं भूमिका के साथ-साथ विभिन्न आपदाओं में त्वरित, विशेषज्ञ एवं पेशेवर बचाव कार्यों के समन्वय के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, चक्रवात, आग, भू-स्खलन तथा रासायनिक एवं औद्योगिक दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को सीपीआर, एफबीएओ तथा बीएलएस जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जिसमें कार्डियक अरेस्ट, गला घुटने की स्थिति तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट के सभी चरणों के बारे में जानकारी दी गई। रक्तस्राव रोकने की तकनीकें जैसे प्रत्यक्ष दबाव, टूरनीकेट तथा वाउंड पैकिंग का भी प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों से इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर तथा फ्लोटिंग डिवाइस तैयार करने की विधियां भी प्रदर्शित की गईं। प्रशिक्षण के दौरान भूकंप की स्थिति में क्या करें और क्या न करें। सुरक्षित निकासी प्रक्रिया, अलार्म बजने पर निर्धारित मार्ग से बाहर निकलना, असेंबली प्वाइंट पर अनुशासन बनाए रखना तथा टीम लीडर के निर्देशों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण व्यवहारिक पहलुओं की भी जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ टीकम कुमार द्वारा कार्यशाला में प्राथमिक उपचार, भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) तथा ट्रायज प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।जिला रिसोर्स पर्सन ममता भारद्वाज तथा मास्टर ट्रेनर/प्रशिक्षण समन्वयक श्रीयांश चतुर्वेदी द्वारा ‘आपदा सखी’ मॉडल पर आधारित प्रशिक्षण में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बताया गया कि ग्रामीण महिलाएं आपदा के समय केवल पीड़ित नहीं बल्कि रक्षक की भूमिका भी निभा सकती हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक चिकित्सा,सीपीआर, खोज एवं बचाव तकनीकें, फायरमैन लिफ्ट, सुरक्षित निकासी के तरीके, स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए बांस एवं साड़ियों से स्ट्रेचर तैयार करना, जोखिम मानचित्रण तथा गांव के सुरक्षित एवं जोखिम वाले मार्गों की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि आपदा की पूर्व सूचना, राहत कार्यों तथा जागरूकता में स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इस पहल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को ग्राम पंचायत विकास योजना से जोड़कर गांवों को आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाना है।अग्निशमन अधिकारी जितेन्द्र कुमार द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण में महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रमुखों, आपदा मित्रों एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की भूमिका विषय पर जानकारी देते हुए अग्नि से बचाव के उपाय तथा फायर एक्सटिंग्यूशर के प्रयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम के दौरान रजत पांडे, संजू कुमार एवं बृजलाल द्वारा आपदा से बचाव संबंधी वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गईं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के साथ समूह फोटोग्राफ लिया गया तथा प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कार्यशाला का समापन किया गया।जनपद स्तरीय इस कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 245 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, जनपद स्तरीय अधिकारी, अध्यापक, होमगार्ड जवान, आपदा मित्र/सिविल डिफेन्स के सदस्य एवं विद्यार्थी शामिल रहे। इस कार्यक्रम का सफल संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी द्वारा किया गया।इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार यादव, जिला परियोजना अधिकारी नेहा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर ज्योति बालियान, होमगार्ड इंस्पेक्टर विपिन शर्मा, एनसीसी के प्रतिनिधि, समस्त बीएमएम तथा विभिन्न तहसीलों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जनपद स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न ग्रेटर नोएडा संवाददाता, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के निर्देशों के क्रम में आज ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल के सेमिनार हॉल HS-28 ब्लॉक-A सिग्मा-1 ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर में आपदा प्रबंधन में सहभागिता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, जनपद स्तरीय अधिकारी, अध्यापक, आपदा मित्र, सिविल डिफेन्स के सदस्य एवं विद्यार्थीगण शामिल हुए।कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा अनुकृति शर्मा, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश तथा ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल की प्रधानाचार्य मंजू कौल रायना द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला गया।कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 8वीं बटालियन, गाजियाबाद के प्रशिक्षक राजू यादव द्वारा प्रतिभागियों को सीएपी प्रशिक्षण के अंतर्गत एनडीआरएफ का परिचय, उसकी संरचना, उद्देश्य एवं भूमिका के साथ-साथ विभिन्न आपदाओं में त्वरित, विशेषज्ञ एवं पेशेवर बचाव कार्यों के समन्वय के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, चक्रवात, आग, भू-स्खलन तथा रासायनिक एवं औद्योगिक दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को सीपीआर, एफबीएओ तथा बीएलएस जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जिसमें कार्डियक अरेस्ट, गला घुटने की स्थिति तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट के सभी चरणों के बारे में जानकारी दी गई। रक्तस्राव रोकने की तकनीकें जैसे प्रत्यक्ष दबाव, टूरनीकेट तथा वाउंड पैकिंग का भी प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों से इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर तथा फ्लोटिंग डिवाइस तैयार करने की विधियां भी प्रदर्शित की गईं। प्रशिक्षण के दौरान भूकंप की स्थिति में क्या करें और क्या न करें। सुरक्षित निकासी प्रक्रिया, अलार्म बजने पर निर्धारित मार्ग से बाहर निकलना, असेंबली प्वाइंट पर अनुशासन बनाए रखना तथा टीम लीडर के निर्देशों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण व्यवहारिक पहलुओं
की भी जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ टीकम कुमार द्वारा कार्यशाला में प्राथमिक उपचार, भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) तथा ट्रायज प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।जिला रिसोर्स पर्सन ममता भारद्वाज तथा मास्टर ट्रेनर/प्रशिक्षण समन्वयक श्रीयांश चतुर्वेदी द्वारा ‘आपदा सखी’ मॉडल पर आधारित प्रशिक्षण में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बताया गया कि ग्रामीण महिलाएं आपदा के समय केवल पीड़ित नहीं बल्कि रक्षक की भूमिका भी निभा सकती हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक चिकित्सा,सीपीआर, खोज एवं बचाव तकनीकें, फायरमैन लिफ्ट, सुरक्षित निकासी के तरीके, स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए बांस एवं साड़ियों से स्ट्रेचर तैयार करना, जोखिम मानचित्रण तथा गांव के सुरक्षित एवं जोखिम वाले मार्गों की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि आपदा की पूर्व सूचना, राहत कार्यों तथा जागरूकता में स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इस पहल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को ग्राम पंचायत विकास योजना से जोड़कर गांवों को आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाना है।अग्निशमन अधिकारी जितेन्द्र कुमार द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण में महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रमुखों, आपदा मित्रों एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की भूमिका विषय पर जानकारी देते हुए अग्नि से बचाव के उपाय तथा फायर एक्सटिंग्यूशर के प्रयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम के दौरान रजत पांडे, संजू कुमार एवं बृजलाल द्वारा आपदा से बचाव संबंधी वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गईं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के साथ समूह फोटोग्राफ लिया गया तथा प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कार्यशाला का समापन किया गया।जनपद स्तरीय इस कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 245 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, जनपद स्तरीय अधिकारी, अध्यापक, होमगार्ड जवान, आपदा मित्र/सिविल डिफेन्स के सदस्य एवं विद्यार्थी शामिल रहे। इस कार्यक्रम का सफल संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी द्वारा किया गया।इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार यादव, जिला परियोजना अधिकारी नेहा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर ज्योति बालियान, होमगार्ड इंस्पेक्टर विपिन शर्मा, एनसीसी के प्रतिनिधि, समस्त बीएमएम तथा विभिन्न तहसीलों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- Post by PANKAJ KUMAR2
- जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं। प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है। और तो और - अगर ये दलित-आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है। आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है। जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं। इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।1
- गांव में नाली निर्माण को लेकर विवाद: दबंग पड़ोसी पर गाली-गलौज और काम रोकने का आरोप बुलंदशहर: जनपद के थाना चोला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रसूलपुर रिठोरी में नाली और खड़ंजा निर्माण के दौरान दो पक्षों में विवाद का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीण ने थाने में लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मुख्य घटनाक्रम शिकायतकर्ता: सुशील कुमार (पुत्र सूरजपाल), निवासी ग्राम रसूलपुर पिरौठी। आरोपी: पड़ोसी सुरेश (पुत्र रामचंद्र)। विवाद का कारण: गांव में सरकारी नाली और खड़ंजे का निर्माण कार्य चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि नाली सीधी बननी चाहिए थी, लेकिन पड़ोसी सुरेश ने उसे जानबूझकर टेढ़ा (तिरछा) करवा दिया है। गाली-गलौज और पुलिस की मौजूदगी पीड़ित सुशील कुमार के अनुसार, जब उन्होंने नाली को गलत तरीके से बनाए जाने का विरोध किया, तो आरोपी सुरेश गाली-गलौज और झगड़े पर उतारू हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख मामले की सूचना 112 नंबर पर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और गांव के अन्य गणमान्य लोगों ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं है। कार्यवाही की मांग पीड़ित ने थाना अध्यक्ष बलराम सिंह सेंगर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया है कि आरोपी की हठधर्मी के कारण निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। सुशील कुमार ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्यवाही करने की गुहार लगाई है2
- बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश): कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत में ईमानदारी हो, तो किस्मत की लकीरें खुद-ब-खुद बदल जाती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है बुलंदशहर की गायत्री वर्मा ने, जिन्होंने अभावों के बीच रहकर UPPCS परीक्षा में 210वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है। बुलंदशहर के शिकारपुर रोड की रहने वाली गायत्री के पिता राजकुमार वर्मा एक छोटी सी दुकान चलाते हैं, जहाँ वह टायरों में पंक्चर लगाने और चाय बेचने का काम करते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। सफलता का यह रास्ता इतना आसान नहीं था। गायत्री अपने पहले प्रयास में प्रीलिम्स (Prelims) परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी गलतियों से सीखा और निरंतर मेहनत जारी रखी। आज अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने सीधे अधिकारी बनकर अपने पिता और पूरे जनपद का नाम रोशन कर दिया है। जैसे ही गायत्री के चयन की खबर मिली, परिवार और आसपास के इलाके में जश्न का माहौल छा गया। अपनी बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता पर पिता राजकुमार वर्मा की आँखों में गर्व के आँसू हैं। बुलंदशहर टाइम्स न्यूज के लिए मनोज गिरी की रिपोर्ट ✍️1
- आपको बता दे कि जनपद बुलंदशहर के यमुनापुरम निवासी प्राची ने uppsc परीक्षा 2024 में 36 वीं रैंक हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है, प्राची के पिता विनय कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर है और मुरादाबाद में तैनात है, मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के प्राची ने बताया कि पहले 4 गवर्नमेंट जॉब छोड़ने के बाद वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक दिल्ली में सीडीपीसी ब्रांच में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात है, और अब uppsc परीक्षा 2024 में 36 में रैंक प्राची द्वारा हासिल की गई है, अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता पति और सास ससुर को दिया है, प्राची ने बताया कि उनकी एक 7 वर्ष की छोटी बच्ची भी है परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके सास ससुर ने बच्ची को संभाला परीक्षा की तैयारी करने में पूरा सहयोग दिया, प्राची के पति अश्वनी वर्मा वर्तमान में दिल्ली पंजाब नेशनल बैंक में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात है, प्राची की सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है, लोग इस कामयाबी पर शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे हैं।1
- Post by Ranjana rathor1
- जनपद बुलंदशहर में बीते दिनों भी सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के थाना चोला के अन्य गांवों से कुछ दिन पहले अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक द्वारा कुछ महिलाओं ओर बच्चों को लोकल पुलिस की मदद से मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर से संपर्क किया और महिला टीम बुला कर उनको मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर में पहुंचवाने जैसे नेक काम कर चुके है। जहां से महिलाओं ओर बच्चों की पहचान कर उनको उनके घर तक पहुंचाने का नेक काम मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर द्वारा किया जाता है। दिनांक 29 मार्च 2026 को एक महिला चोला थाना क्षेत्र के गांव चोला के मंदिर के समीप असहाय अवस्था में घूमती नजर आई। जिसकी सूचना राहगीरों ने अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक को दी गई। समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर द्वारा मौके पर जा कर देखा तो महिला माइंड की स्थिति ठीक नहीं थी। ओर ठीक से अपना पता भी नहीं बता पा रही थी। महिला द्वारा अपना नाम सिर्फ सिराज निशा निवासी जगदीशपुर बताया जा रहा था। अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक द्वारा तुरंत से अपना घर आश्रम शुक्रताल मुजफ्फरनगर को सूचना दी। टीम द्वारा मौके पर आकर महिला को थाना पुलिस ओर समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर की मदद से गाड़ी में बैठा कर मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर के लिए रवाना हो गई। मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर की इंचार्ज बबीता द्वारा बताया गया कि महिला का पहले ठीक से इलाज कराया जाएगा। उसके बाद महिला के परिवार के बारे में जानकारी निकाल कर उनको उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।2
- "अपनों को छोड़कर जिसे अपना बनाया, उसी ने जिंदगी नर्क बना दी।" उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक ऐसी खबर सामने आई है जो समाज और युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है। करीब 6 महीने पहले जिस युवती ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर, माता-पिता से जान का खतरा बताते हुए एक मुस्लिम युवक से प्रेम विवाह किया था, आज वही युवती न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। पीड़िता का आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद ही उस पर इस्लाम अपनाने और नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। युवती के अनुसार उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया। विरोध करने पर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। आरोपी पति ने अब उसे बेसहारा छोड़ दिया है। शादी के वक्त इसी युवती ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी और अपने ही माता-पिता को खुद का दुश्मन बताया था। लेकिन 6 महीने बीतते-बीतते हकीकत सामने आ गई। आज पीड़िता उसी मोड़ पर खड़ी है जहाँ न घर वालों का साथ है और न ही उस 'प्रेम' का वजूद जिसके लिए उसने सब कुछ दांव पर लगा दिया था। यह घटना उन सभी के लिए चेतावनी है जो भावनाओं में बहकर अपनों का साथ छोड़ देते हैं। याद रखिए, दुनिया के हर रिश्ते में स्वार्थ हो सकता है, लेकिन माता-पिता का प्यार निस्वार्थ होता है। आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें रिपोर्ट: अमित तोमर, बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज1