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बंदर लें गया बकरी का बच्चा लोगों ने खाने को दिया फल फूल तो बाद में छोड़ दिया। अजमेर के लाखन कोटड़ी के पास एक बंदर बकरी के बच्चे को उठा ले गया। करीब एक घंटे तक वह उसे दुलार करता रहा। बाद में लोगों ने उसे खाने पीने की चीजें दी और बाद में उसे छोड़ा। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ हो गई। कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया। अब ये वीडियो सोशल साइट पर वायरल हो रहा है। ये घटना रविवार शाम की है। लाखन कोटड़ी में रविवार शाम को करीब छह बजे एक बंदर अचानक एक बकरी के बच्चे को उठाकर पास के पेड़ पर चढ़ गया। लोगो ने जब देखा तो बंदर से बकरी के बच्च्चे को छुडाने का प्रयास किया। इसके लिए बंदर को फल और खाने की चीजें फेंककर उसका ध्यान भटकाने की कोशिश की, ताकि बच्चा सुरक्षित नीचे आ सके। इसके करीब एक घंटे बाद बंदर ने बकरी को छोड़ दिया।
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बंदर लें गया बकरी का बच्चा लोगों ने खाने को दिया फल फूल तो बाद में छोड़ दिया। अजमेर के लाखन कोटड़ी के पास एक बंदर बकरी के बच्चे को उठा ले गया। करीब एक घंटे तक वह उसे दुलार करता रहा। बाद में लोगों ने उसे खाने पीने की चीजें दी और बाद में उसे छोड़ा। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ हो गई। कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया। अब ये वीडियो सोशल साइट पर वायरल हो रहा है। ये घटना रविवार शाम की है। लाखन कोटड़ी में रविवार शाम को करीब छह बजे एक बंदर अचानक एक बकरी के बच्चे को उठाकर पास के पेड़ पर चढ़ गया। लोगो ने जब देखा तो बंदर से बकरी के बच्च्चे को छुडाने का प्रयास किया। इसके लिए बंदर को फल और खाने की चीजें फेंककर उसका ध्यान भटकाने की कोशिश की, ताकि बच्चा सुरक्षित नीचे आ सके। इसके करीब एक घंटे बाद बंदर ने बकरी को छोड़ दिया।
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- अजमेर के लाखन कोटड़ी के पास एक बंदर बकरी के बच्चे को उठा ले गया। करीब एक घंटे तक वह उसे दुलार करता रहा। बाद में लोगों ने उसे खाने पीने की चीजें दी और बाद में उसे छोड़ा। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ हो गई। कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया। अब ये वीडियो सोशल साइट पर वायरल हो रहा है। ये घटना रविवार शाम की है। लाखन कोटड़ी में रविवार शाम को करीब छह बजे एक बंदर अचानक एक बकरी के बच्चे को उठाकर पास के पेड़ पर चढ़ गया। लोगो ने जब देखा तो बंदर से बकरी के बच्च्चे को छुडाने का प्रयास किया। इसके लिए बंदर को फल और खाने की चीजें फेंककर उसका ध्यान भटकाने की कोशिश की, ताकि बच्चा सुरक्षित नीचे आ सके। इसके करीब एक घंटे बाद बंदर ने बकरी को छोड़ दिया।1
- Post by Mukesh Kumar1
- सागवाड़ा। शहर सहित गांवों में सोमवार शाम को शुभ मुहूर्त अनुसार होलिका पूजन कर होली दहन किया गया। परंपरा के मुताबिक नगर पालिका की ओर से मांडवी चौक पर होलिका दहन हुआ। होली की आग को ले जाकर विभिन्न मोहल्लों में होली जलाई गई। मांडवी चौक पर पंडि़त विनय शुक्ला के मंत्रोच्चार के साथ एसडीएम सुबोध सिंह चारण, पूर्व पालिकाध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया सहित गणमान्य नागरिकों द्वारा विधिविधान पूर्वक पूजन किया गया। जिसके बाद होली दहन हुआ।1
- दो हजार से ज्यादा बम गिराया1
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- सीमलवाड़ा। कस्बे में करण सागर तालाब किनारे स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर के सामने होली चौक पर सोमवार रात्रि को होलीका दहन का भव्य एवं पारंपरिक आयोजन श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। सीमलवाड़ा ठाकुर साहब भोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पंडित रितेश दीक्षित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर होलीका दहन कराया गया। सायंकाल से ही होली चौक पर ग्रामीणों एवं कस्बावासियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मंगल गीत गाए तो युवाओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर होली के गीतों के साथ घूमर नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। पूरे क्षेत्र में रंग-बिरंगी रोशनी एवं सजावट से वातावरण मनोहारी दिखाई दे रहा था। शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजन, नारियल अर्पण, रोली-अक्षत एवं हवन सामग्री के साथ होलीका की आराधना की गई। इसके पश्चात अग्नि प्रज्ज्वलित कर होलीका दहन किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने अग्नि की परिक्रमा कर माता से सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं परिवार की मंगलकामनाएं कीं। कई श्रद्धालुओं ने नई फसल की बालियां अग्नि में अर्पित कर समृद्धि की कामना की। सीमलवाड़ा में होली का महापर्व प्रतिवर्ष सर्व समाज के सहयोग से मनाया जाता है, जो क्षेत्र की सामाजिक एकता और सामूहिक सौहार्द का प्रतीक है। इस अवसर पर सर्व समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड पंच सहित विभिन्न समाजों के प्रमुखजन एवं हजारों की संख्या में महिला-पुरुष और युवा उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था के भी समुचित प्रबंध किए गए थे। ग्रामवासियों के सामूहिक नेतृत्व में संपन्न हुआ यह आयोजन क्षेत्र में आपसी भाईचारे और परंपराओं के संरक्षण का सशक्त संदेश देता नजर आया। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों ने नई पीढ़ी को होलीका दहन की धार्मिक और सामाजिक महत्ता के बारे में भी अवगत कराया। बांसिया गांव में भी धूमधाम से हुआ होलीका दहन दूसरी ओर बांसिया मुख्य गांव में भी होलीका दहन बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। ठाकुर लोकेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शुभ मुहूर्त में घट स्थापना कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होलीका दहन सम्पन्न किया। कार्यक्रम से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा गांव के कल्याण एवं समृद्धि की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर ठाकुर लोकेंद्र सिंह चौहान, नारायण सिंह चुंडावत, देवीलाल कलाल, जयंतीलाल कलाल, हमराज सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह चौहान, कुंदन सिंह चौहान, जयदीप सिंह चौहान, कल्याण मंदिर गादीपति हरिश्चंद्र सिंह चुंडावत, छगन लाल दर्जी, रमण लाल नाई, मांगीलाल दर्जी, दिनेश कलाल, शंभुलाल कलाल, कांतिलाल कलाल, रमेश दर्जी, जितेंद्र दर्जी, भोपाल सिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने होलीका की परिक्रमा कर परिवार की सुख-शांति और अच्छी वर्षा की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गीतों एवं आपसी मेलजोल ने पूरे गांव को उत्सवमय बना दिया। दोनों स्थानों पर सम्पन्न हुए होलीका दहन कार्यक्रम सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक एकजुटता के जीवंत उदाहरण के रूप में सामने आए। क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आगामी धुलंडी एवं रंगोत्सव को भी शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया।1
- होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से बांसवाड़ा पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में सी.एल.जी. बैठकों का आयोजन किया गया। सुधीर जोशी, जिला पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा के निर्देशानुसार जिले के अरथूना, लोहारिया एवं आम्बापुरा थाना क्षेत्रों में आगामी त्योहारों को मध्यनज़र रखते हुए कानून एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में संबंधित थानों के सी.एल.जी. सदस्य, शांति समिति के सदस्य, पुलिस मित्र तथा सभी समुदायों के वरिष्ठजन उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने सभी से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने की अपील की। जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि होली खुशियों और रंगों का पर्व है, इसे प्रेम और सद्भाव के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब पीकर वाहन चलाने, हुड़दंग करने, अशांति फैलाने अथवा किसी भी प्रकार का उत्पात मचाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में वाहन चलाता हुआ, झगड़ा करता हुआ या माहौल खराब करने का प्रयास करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। साथ ही डी.जे. पर तेज आवाज में संगीत बजाने एवं भड़काऊ गीत चलाने पर भी सख्ती बरती जाएगी। ध्वनि प्रदूषण एवं कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि त्योहारों के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहेगा, ताकि आमजन सुरक्षित वातावरण में होली का आनंद ले सकें। बैठक में उपस्थित समाज के वरिष्ठजनों ने भी पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और शांति एवं भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया।3
- चोर के कंधे पर बैठ नाचे SHO, 'गिफ्ट' में मिला सस्पेंशन ऑर्डर मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पुलिस की साख पर उस वक्त सवालिया निशान लग गया जब जौरा थाना प्रभारी (SHO) दर्शनलाल शुक्ला का एक विवादित वीडियो सामने आया. 28 फरवरी की रात थाना परिसर में आयोजित बर्थडे पार्टी में SHO एक ऐसे हिस्ट्रीशीटर के कंधों पर बैठकर डांस करते दिखे, जिस पर दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. सोमवार को एसपी समीर सौरभ ने इस अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई करते हुए SHO को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.1