Shuru
Apke Nagar Ki App…
छत्तीसगढ़ के पहले रैप सिंगर माने जाने वाले एप्पी राजा, जिनका असली नाम चेतन चांडक था, का रायपुर AIIMS में निधन हो गया है। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और इलाज के दौरान ही उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के मूल निवासी एप्पी राजा ने बहुत कम उम्र से ही रैप गीत लिखना शुरू कर दिया था। उनका लोकप्रिय गीत 'टूरा भोको लोलो' लाखों लोगों तक पहुंचा और इसने उन्हें पूरे प्रदेश में एक विशेष पहचान दिलाई। आर्थिक संघर्षों और कई कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद, उन्होंने अपनी अथक मेहनत और लगन से छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को एक नई दिशा और पहचान प्रदान की। उनके निधन से प्रदेश के संगीत प्रेमियों और उनके अनगिनत प्रशंसकों में शोक की गहरी लहर व्याप्त है।
News4u36
छत्तीसगढ़ के पहले रैप सिंगर माने जाने वाले एप्पी राजा, जिनका असली नाम चेतन चांडक था, का रायपुर AIIMS में निधन हो गया है। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और इलाज के दौरान ही उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के मूल निवासी एप्पी राजा ने बहुत कम उम्र से ही रैप गीत लिखना शुरू कर दिया था। उनका लोकप्रिय गीत 'टूरा भोको लोलो' लाखों लोगों तक पहुंचा और इसने उन्हें पूरे प्रदेश में एक विशेष पहचान दिलाई। आर्थिक संघर्षों और कई कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद, उन्होंने अपनी अथक मेहनत और लगन से छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को एक नई दिशा और पहचान प्रदान की। उनके निधन से प्रदेश के संगीत प्रेमियों और उनके अनगिनत प्रशंसकों में शोक की गहरी लहर व्याप्त है।
- Dhanesh Barihaऔदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़ये कब हुआ फेक न्यूज़ लग रहा है1 hr ago
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- नवापारा राजिम नगर के मध्य स्थित मां परमेश्वरी मंदिर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दो दिवसीय लक्ष्मी नारायण सहस्त्राभिषेक, पूजन और पुरुषोत्तम मास की कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना की तथा कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ लक्ष्मी नारायण सहस्त्राभिषेक से हुआ। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और परिवार की मंगल कामना के लिए भगवान का पंचामृत, गंगाजल और विभिन्न पवित्र द्रव्यों से अभिषेक किया। मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, जहां कथावाचन के दौरान श्रद्धालुओं को पुरुषोत्तम मास की महिमा का विस्तृत वर्णन किया गया। कथावाचक पंडित दिनेश तिवारी ने बताया कि सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास को भगवान विष्णु का प्रिय मास माना गया है। इस माह में किए गए जप, तप, दान, व्रत, पूजा-पाठ और सत्संग का विशेष फल प्राप्त होता है। कथा के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म सेवा, सदाचार और मानव कल्याण का संदेश दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषोत्तम मास आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर से जुड़ने का श्रेष्ठ अवसर है, जिसमें श्रद्धापूर्वक भगवान श्री हरि का स्मरण करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। इस आयोजन में हेमंत पूनम देवांगन, दर्शन पूर्णिमा देवांगन, भागवत कविता देवांगन और दिनेश लता देवांगन मुख्य यजमान रहे, जिन्होंने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना और कथा श्रवण किया। श्रीमती अन्नपूर्णा देवांगन, श्रीमती रेखा तिवारी, लक्ष्मी देवांगन, सावित्री देवांगन, कौशल्या चक्रधारी, कुसुम चक्रधारी, पिंकी चक्रधारी, रेखा देवांगन, बादल देवांगन, गोलू देवांगन, अजय देवांगन, सुरेश देवांगन और मीना देवांगन ने भी इस धार्मिक अनुष्ठान में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पंडित दिनेश तिवारी ने यह भी बताया कि पुरुषोत्तम मास में 33 मालपुआ का दान और दीपदान का विशेष महत्व है, जिसे सूर्योदय से पूर्व और सूर्यास्त के बाद करना चाहिए। पुरुषोत्तम मास की कथा का समापन हवन-पूजन के साथ हुआ।4
- छत्तीसगढ़ के पहले रैप सिंगर माने जाने वाले एप्पी राजा, जिनका असली नाम चेतन चांडक था, का रायपुर AIIMS में निधन हो गया है। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और इलाज के दौरान ही उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के मूल निवासी एप्पी राजा ने बहुत कम उम्र से ही रैप गीत लिखना शुरू कर दिया था। उनका लोकप्रिय गीत 'टूरा भोको लोलो' लाखों लोगों तक पहुंचा और इसने उन्हें पूरे प्रदेश में एक विशेष पहचान दिलाई। आर्थिक संघर्षों और कई कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद, उन्होंने अपनी अथक मेहनत और लगन से छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को एक नई दिशा और पहचान प्रदान की। उनके निधन से प्रदेश के संगीत प्रेमियों और उनके अनगिनत प्रशंसकों में शोक की गहरी लहर व्याप्त है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जिसमें यह सवाल उठाया जा रहा है कि इतने अधिक विदेशी दौरों और उन पर हुए भारी खर्च के बाद भारत को वास्तव में क्या हासिल हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर विभिन्न वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। संसद में उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, अकेले 2021 से 2024 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर लगभग 295 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। सरकार का तर्क है कि ये विदेश यात्राएं केवल खर्च नहीं बल्कि कूटनीतिक निवेश हैं, जिन्होंने भारत की वैश्विक छवि को मजबूत किया है और विभिन्न देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया है। इन यात्राओं के दौरान भारत ने कई राष्ट्रों के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रयास किया है। हालांकि, आलोचक और विपक्ष इन यात्राओं की लागत और उनके परिणामों पर लगातार जवाब मांग रहे हैं, विशेष रूप से इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि इन दौरों का आम जनता, रोजगार सृजन और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधा असर कितना पड़ा है। अब इस बहस का मुख्य केंद्र यही है कि विदेश नीति के इन प्रयासों का वास्तविक लाभ भारतीय अर्थव्यवस्था और देश के आम नागरिकों तक कितनी मात्रा में पहुँच पाया है।1
- छत्तीसगढ़ के सिमगा ब्लॉक के ग्राम केसदा में मेसर्स एपीएल अपोलो बिल्डिंग प्रोडक्ट्स लिमिटेड की प्रस्तावित विस्तार परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित इस जनसुनवाई में अपर कलेक्टर दीप्ति गौते और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी प्रकाश राबड़े उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर अपनी राय और सुझाव प्रस्तुत किए। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से क्षेत्र के विकास, भूमि के उचित मुआवजे, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार के अवसर तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित मांगें रखीं। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कंपनी के विस्तार प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि कंपनी द्वारा आसपास के गांवों में समय-समय पर विकास कार्यों और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिला है। कंपनी की ओर से उपस्थित अधिकारी संतोष राय ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दों और मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी सामाजिक सरोकारों के तहत क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों को आगे भी जारी रखेगी तथा ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेगी। कार्यक्रम के अंत में, कंपनी प्रबंधन ने जनसुनवाई के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पर्यावरण विभाग, जनप्रतिनिधियों और समस्त ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। यह जनसुनवाई पूरे समय शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी बात प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के समक्ष खुलकर रखी।1
- रायपुर ग्रामीण पुलिस ने तिल्दा-नेवरा के कृष्णा राइस मिल से हुए धान चोरी के मामले को महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने चोरी किए गए 108 कट्टा धान के साथ घटना में इस्तेमाल किए गए दो पिकअप वाहनों को भी जब्त किया है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख 82 हजार 740 रुपये आंकी गई है। गांधी चौक तिल्दा निवासी दीनानाथ अग्रवाल ने तिल्दा-नेवरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12-13 जून की दरम्यानी रात उनकी कृष्णा राइस मिल से अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर धान चोरी कर लिया था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर गठित टीम ने तत्काल घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। साथ ही, मुखबिरों को सक्रिय किया गया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर स्थानीय स्तर पर गहन पूछताछ की गई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने परवाना देवार, जितेंद्र निषाद, रजत वर्मा और सब्बी अग्रवाल उर्फ रमेश कुमार अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सभी आरोपियों ने चोरी की वारदात को कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए 108 कट्टा धान को बरामद किया और घटना में प्रयुक्त टाटा एस वाहन क्रमांक सीजी 25 एयू 7682 और सीजी 04 पीडी 8673 को भी जब्त कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में परवाना देवार (21 वर्ष), जितेंद्र निषाद (21 वर्ष), रजत वर्मा (25 वर्ष) और सब्बी अग्रवाल उर्फ रमेश कुमार अग्रवाल (39 वर्ष) शामिल हैं। इन सभी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से चोरी के मामले का शीघ्र खुलासा होने पर क्षेत्र के व्यापारियों और नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया है।1
- तेलंगाना की प्रमुख कोयला खनन कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) में एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कंपनी की खदानों से 1600 करोड़ रुपये मूल्य का 40 लाख टन कोयला रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया है। इस घटना ने पहले से ही गंभीर वित्तीय दबाव झेल रही इस सरकारी कंपनी के कामकाज पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए, केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने 10 जून, 2026 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को एक आधिकारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह गायब हुए कोयले और कथित अनियमितताओं का पता लगाने के लिए मामले की तत्काल जांच करे। कंपनी पहले से ही गहरे वित्तीय संकट से जूझ रही है, क्योंकि केंद्रीय मंत्री के अनुसार, तेलंगाना सरकार पर सिंगरेनी कोलियरीज का 51,500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। सिंगरेनी कोलियरीज केंद्र और राज्य सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें तेलंगाना सरकार की 51% और केंद्र सरकार की 49% इक्विटी हिस्सेदारी है।1
- खरोरा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के उद्देश्य से प्रधानपाठकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार कार्यालय विकासखंड स्रोत केंद्र तिल्दा-नेवरा द्वारा शासकीय पीएम श्री भरत देवांगन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरोरा में यह आयोजन किया गया था। इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य समावेशी शिक्षा के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, नामांकन और उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने हेतु विकासखंड स्तर पर सर्वेक्षण कराना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक लखेश्वर कुमार वर्मा और रामकरण वर्मा ने आवश्यक जानकारी दी। संकुल स्रोत केंद्र तिल्दा के अधिकारी सुविधा सिंह ने सर्वेक्षण की प्रक्रिया और उसके उद्देश्यों को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने दिव्यांगता के विभिन्न प्रकारों जैसे दृष्टि बाधिता, कम दृष्टि, कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्ति, श्रवण बाधिता, चलन बाधिता, बौनापन, बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक रोग, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, पार्किंसंस रोग, विशिष्ट अधिगम अक्षमता, मल्टीपल स्कलेरोसिस, वाक एवं भाषा दिव्यांगता, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सेल रोग, बहु-दिव्यांगता तथा तेजाब हमले से पीड़ित व्यक्तियों सहित अन्य श्रेणियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस प्रशिक्षण में ईल्दा के प्राचार्य सी.के. वर्मा, घिवरा की प्राचार्य ईश्वरी पांडे, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया के प्रधानपाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा सहित खरोरा, पचरी, बेलदार सिवनी, ईल्दा, घिवरा, कनकी, मोहरेंगा और भड़हा संकुल के प्रधानपाठक उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा समावेशी शिक्षा को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।3
- भारत की परमाणु क्षमता को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि देश ने अपनी रणनीतिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परमाणु हथियारों की संख्या और उनकी तैनाती में नए कदम उठाए हैं। इन दावों के बीच, 12 परमाणु हथियार की तैनाती की खबर ने विशेष रूप से हलचल बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की परमाणु नीति का मुख्य उद्देश्य अपनी सुरक्षा और संभावित खतरों से बचाव सुनिश्चित करना है, और देश लंबे समय से 'पहले इस्तेमाल नहीं करने' (No First Use) की नीति पर बल देता रहा है। हालांकि, परमाणु हथियारों की वास्तविक तैनाती से संबंधित जानकारी आमतौर पर गोपनीय रखी जाती है। इसी कारण, इन रिपोर्टों और दावों की आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि होना अत्यंत आवश्यक है। दुनिया की नजर भारत की परमाणु ताकत पर बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा से जुड़े इन संवेदनशील मामलों में आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।1