*सपा की PDA पाठशाला के एक साल पूरे, सहारनपुर में सपा नेता फरहाद आलम गाड़ा ने सरकार पर साधा निशाना,बंद स्कूल खोलने की मांग की* सहारनपुर के रामनगर में समाजवादी पार्टी के नेता फरहाद आलम गाड़ा ने पीडीए पाठशाला के एक वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार शाम चार बजे प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। फरहाद आलम गाड़ा ने कहा कि एक साल पहले जब उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पीडीए पाठशाला अभियान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना था, जिनके स्कूल बंद हो गए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में दावा किया था कि प्रदेश में कोई भी सरकारी स्कूल बंद नहीं होगा, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। सहारनपुर समेत कई क्षेत्रों में आज भी स्कूल बंद पड़े हैं। सरकार को बताना चाहिए कि विधानसभा में दिया गया बयान सही था या फिर अधिकारियों द्वारा स्कूल बंद करने के आदेश। सपा नेता ने कहा कि स्कूल बंद होने का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों और बेटियों की शिक्षा पर पड़ रहा है। कई किलोमीटर दूर स्कूल जाने के कारण छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बंद स्कूलों को तत्काल खोला जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। फरहाद आलम गाड़ा ने कहा कि पीडीए पाठशाला किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार को बचाने के लिए शुरू की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने बंद स्कूलों को दोबारा शुरू नहीं किया तो समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता फिर से पीडीए पाठशाला चलाएंगे। मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। गरीब, पिछड़े और वंचित समाज के बच्चों की शिक्षा के लिए पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी। सपा नेता ने नीट पेपर लीक मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लगातार सदन से लेकर सड़क तक छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पीडीए की आवाज और मजबूत होगी तथा जनता भाजपा सरकार की नीतियों का जवाब देगी।
*सपा की PDA पाठशाला के एक साल पूरे, सहारनपुर में सपा नेता फरहाद आलम गाड़ा ने सरकार पर साधा निशाना,बंद स्कूल खोलने की मांग की* सहारनपुर के रामनगर में समाजवादी पार्टी के नेता फरहाद आलम गाड़ा ने पीडीए पाठशाला के एक वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार शाम चार बजे प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। फरहाद आलम गाड़ा ने कहा कि एक साल पहले जब उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पीडीए पाठशाला अभियान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना था, जिनके स्कूल बंद हो गए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में दावा किया था कि प्रदेश में कोई भी सरकारी स्कूल बंद नहीं होगा, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। सहारनपुर समेत कई क्षेत्रों में आज भी स्कूल बंद पड़े हैं। सरकार को बताना चाहिए कि विधानसभा में दिया गया बयान सही था या फिर अधिकारियों द्वारा स्कूल बंद करने के आदेश। सपा नेता ने कहा कि स्कूल बंद होने का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों और बेटियों की शिक्षा पर पड़ रहा है। कई किलोमीटर दूर स्कूल जाने के कारण छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बंद स्कूलों को तत्काल खोला जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। फरहाद आलम गाड़ा ने कहा कि पीडीए पाठशाला किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार को बचाने के लिए शुरू की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने बंद स्कूलों को दोबारा शुरू नहीं किया तो समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता फिर से पीडीए पाठशाला चलाएंगे। मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। गरीब, पिछड़े और वंचित समाज के बच्चों की शिक्षा के लिए पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी। सपा नेता ने नीट पेपर लीक मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लगातार सदन से लेकर सड़क तक छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पीडीए की आवाज और मजबूत होगी तथा जनता भाजपा सरकार की नीतियों का जवाब देगी।
- *सपा की PDA पाठशाला के एक साल पूरे, सहारनपुर में सपा नेता फरहाद आलम गाड़ा ने सरकार पर साधा निशाना,बंद स्कूल खोलने की मांग की* सहारनपुर के रामनगर में समाजवादी पार्टी के नेता फरहाद आलम गाड़ा ने पीडीए पाठशाला के एक वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार शाम चार बजे प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। फरहाद आलम गाड़ा ने कहा कि एक साल पहले जब उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पीडीए पाठशाला अभियान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना था, जिनके स्कूल बंद हो गए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में दावा किया था कि प्रदेश में कोई भी सरकारी स्कूल बंद नहीं होगा, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। सहारनपुर समेत कई क्षेत्रों में आज भी स्कूल बंद पड़े हैं। सरकार को बताना चाहिए कि विधानसभा में दिया गया बयान सही था या फिर अधिकारियों द्वारा स्कूल बंद करने के आदेश। सपा नेता ने कहा कि स्कूल बंद होने का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों और बेटियों की शिक्षा पर पड़ रहा है। कई किलोमीटर दूर स्कूल जाने के कारण छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बंद स्कूलों को तत्काल खोला जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। फरहाद आलम गाड़ा ने कहा कि पीडीए पाठशाला किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार को बचाने के लिए शुरू की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने बंद स्कूलों को दोबारा शुरू नहीं किया तो समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता फिर से पीडीए पाठशाला चलाएंगे। मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। गरीब, पिछड़े और वंचित समाज के बच्चों की शिक्षा के लिए पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी। सपा नेता ने नीट पेपर लीक मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लगातार सदन से लेकर सड़क तक छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पीडीए की आवाज और मजबूत होगी तथा जनता भाजपा सरकार की नीतियों का जवाब देगी।1
- कांवड़ यात्रा को लेकर गंगोह नगर पालिका का सफाई अभियान तेज-कांवड़ मार्ग पर विशेष व्यवस्थाएं कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र गंगोह नगर पालिका परिषद ने कांवड़ मार्ग पर विशेष सफाई अभियान तेज कर दिया है-शिवभक्त कांवड़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पालिका की टीमें लगातार सफाई कार्य में जुटी हुई हैं-सफाई नायक रंजोर राणा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े-इसके लिए कांवड़ मार्ग पर नियमित सफाई, कूड़ा उठान और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है - उन्होंने कहा कि नगर के प्रमुख मार्गों और कांवड़ रूट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि हर समय साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनी रहे - नगर पालिका परिषद के अनुसार कांवड़ यात्रा को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है- आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सफाई कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी, ताकि पूरी यात्रा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था प्रभावी बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े!!ll1
- 140 करोड़ की आबादी वाले देश मे 750 करोड़ छात्र पेपर लीक से प्रभावित? प्रियंका गांधी का वायरल बयान! Priyanka Gandhi, Priyanka Gandhi Viral Speech, Parliament News, Lok Sabha, BJP Attack, Congress News, Paper Leak, Viral Video, Indian Politics, Political News, Priyanka Gandhi Statement, BJP vs Congress, Parliament Session 2026, DBD24 NEWS, Saharanpur News #PriyankaGandhi #Parliament #LokSabha #BJP #Congress #PaperLeak #PoliticalNews #ViralVideo #BreakingNews #IndianPolitics #DBD24NEWS #News #YouTubeShorts #Shorts #Trending1
- यमुना संदेश न्यूज़ डिजिटल मीडिया मुख्य संपादक सत्यम नागपाल यमुनानगर। शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस के अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी रमन त्यागी के कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। सभी ने शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के नारों के बीच शहीदों के योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी रमन त्यागी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन देशभक्ति, साहस और बलिदान की मिसाल है। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह हमारे वीर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को शहीद ऊधम सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित और समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपनाकर ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है। रमन त्यागी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेकर पूरी दुनिया को यह संदेश दिया था कि भारतवासी अपने देश और सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उनका बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा करनी चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर रोशन लाल, राजू सपरा, सेवा सिंह, कमल विनायक, आशु, अमनदीप, सुरजीत सिंह, राम सिंह, कुलदीप सिंह, ओम प्रकाश तलूजा, बालकिशन अनेजा, सहीराम, रणधीर काजल, आजाद विनायक, अशोक कोहली, सुरेंद्र भाटिया, मनोज, जगदीश, राजेश त्यागी, जय कुमार, रामाशंकर, नवाब, ऋषिपाल, सुरेश आनंद, पप्पू पासी, अनीता यादव, नीलम, रूमा देवी, जयपाल, टोडर, रमेश शर्मा, विश्वास, विजयपाल, असगर मंडी, मोहन लाल गोरी, दर्शन लाल, पवन कंबोज सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- इंग्लैंड जाकर लिया जलियांवाला बाग का बदला: निर्मल शहीद उधम सिंह ने अंग्रेजों से लिया निर्दोषों के खून का हिसाब: निर्मल इंग्लैंड जाकर लिया जलियांवाला बाग का बदला: निर्मल शहीद उधम सिंह ने अंग्रेजों से लिया निर्दोषों के खून का हिसाब: निर्मल शहीद उधम सिंह ने दिखाई एकता की मिसाल: निर्मल उधम सिंह का बलिदान देशभक्ति की अमर गाथा: निर्मल बलिदान दिवस पर शहीद उधम सिंह को श्रद्धांजलि उधम सिंह के बताए रास्ते पर चलने का लिया संकल्प सर्वधर्म एकता के प्रतीक थे शहीद उधम सिंह: निर्मल शहीद उधम सिंह को याद कर लिया एकता का संकल्प1
- सहारनपुर में कांवड़ यात्रा सुरक्षा के लिए मॉडर्न कंट्रोल रूम शुरू, 350 हाईटेक कैमरों और इंटरस्टेट नेटवर्क से होगी निगरानी, DIG ने किया शुभारंभ सहारनपुर में आगामी पवित्र कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुगम बनाने के उद्देश्य से सहारनपुर पुलिस ने हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइंस में डीआईजी अभिषेक सिंह ने एसएसपी अभिनंदन सिंह की मौजूदगी में शुक्रवार शाम 4 बजे अत्याधुनिक एकीकृत नियंत्रण कक्ष (इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम) का उद्घाटन किया। यह कंट्रोल रूम कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित पुलिस कार्रवाई का प्रमुख केंद्र होगा। डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से फिलहाल 350 से अधिक नाइट विजन आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। ये कैमरे कांवड़ मार्ग और संवेदनशील स्थानों को पूरी तरह कवर कर रहे हैं। इसके अलावा थाना स्तर पर लगे करीब 650 कैमरों की निगरानी भी स्थानीय स्तर पर जारी रहेगी। पूरे सहारनपुर परिक्षेत्र में कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए लगभग 3,000 सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य कंट्रोल रूम के अलावा देवबंद, काली नदी और गंगोह में तीन सब-कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। यह पूरी व्यवस्था स्मार्ट सिटी के आई-ट्रिपल-सी (I-CCC) सिस्टम से जुड़ी है, जिससे किसी भी स्थिति पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी। कंट्रोल रूम की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटरस्टेट इंटीग्रेशन है। सहारनपुर का यह सिस्टम हरिद्वार, रुड़की, देहरादून और यमुनानगर के कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ा है। इससे ट्रैफिक का दबाव, पार्किंग की स्थिति, जाम, जलभराव या श्रद्धालुओं से जुड़ी किसी भी सूचना का तत्काल आदान-प्रदान संभव होगा। पुलिस ने हरिद्वार के कंट्रोल रूम में भी अपने जवान तैनात किए हैं, ताकि वहां की लाइव फीड के आधार पर सहारनपुर में पहले से आवश्यक तैयारियां की जा सकें। कंट्रोल रूम में ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए अलग-अलग प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ट्रैफिक जाम, दुर्घटना, भीड़ या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही संबंधित थाना, सेक्टर और जोनल अधिकारियों को तुरंत अलर्ट किया जाएगा, जिससे मौके पर बिना देरी पुलिस बल पहुंच सके। डीआईजी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा के दौरान जारी रूट डायवर्जन और पुलिस की एडवाइजरी का पालन करें। यदि किसी को सहायता की आवश्यकता हो या कोई व्यक्ति बिछड़ जाए तो नजदीकी पुलिस चौकी, खोया-पाया केंद्र या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से तुरंत संपर्क करें। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के जरिए इस बार कांवड़ यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।1
- कlवड़ियों के लिए उत्तराखंड पुलिस की क्या व्यवस्था है देखें. पूरा वीडियो देखे1