रेलमगरा उपखण्ड क्षेत्र में बीती देर रात आई तेज धूलभरी आंधी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। इसके परिणामस्वरूप, कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रुक गई और लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। कुरज - दरीबा मार्ग सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े पेड़ तेज हवाओं का दबाव सहन नहीं कर पाए और सीधे सड़क पर आ गिरे। वहीं, कई दुकानों के बाहर लगे विज्ञापन होर्डिंग भी उखड़कर सड़कों पर फैल गए। आंधी की तीव्रता इतनी थी कि कई स्थानों पर टीन शेड भी उड़ गए, जिससे स्थानीय लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। सुबह होते ही स्थानीय निवासियों और संबंधित विभागों की सहायता से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि, तेज आंधी के कारण कई क्षेत्रों में अभी भी अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
रेलमगरा उपखण्ड क्षेत्र में बीती देर रात आई तेज धूलभरी आंधी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। इसके परिणामस्वरूप, कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रुक गई और लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना
पड़ा। कुरज - दरीबा मार्ग सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े पेड़ तेज हवाओं का दबाव सहन नहीं कर पाए और सीधे सड़क पर आ गिरे। वहीं, कई दुकानों के बाहर लगे विज्ञापन होर्डिंग भी उखड़कर सड़कों पर फैल गए। आंधी की तीव्रता इतनी थी कि कई स्थानों पर टीन शेड भी उड़ गए, जिससे स्थानीय लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। सुबह होते ही
स्थानीय निवासियों और संबंधित विभागों की सहायता से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि, तेज आंधी के कारण कई क्षेत्रों में अभी भी अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
- रेलमगरा उपखण्ड क्षेत्र में बीती देर रात आई तेज धूलभरी आंधी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। इसके परिणामस्वरूप, कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रुक गई और लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। कुरज - दरीबा मार्ग सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े पेड़ तेज हवाओं का दबाव सहन नहीं कर पाए और सीधे सड़क पर आ गिरे। वहीं, कई दुकानों के बाहर लगे विज्ञापन होर्डिंग भी उखड़कर सड़कों पर फैल गए। आंधी की तीव्रता इतनी थी कि कई स्थानों पर टीन शेड भी उड़ गए, जिससे स्थानीय लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। सुबह होते ही स्थानीय निवासियों और संबंधित विभागों की सहायता से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि, तेज आंधी के कारण कई क्षेत्रों में अभी भी अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।3
- गरियावास में नालियों की हालत बेहद खराब है, जिसके लिए स्थानीय लोग मावली नगरपालिका को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आरोप है कि नगरपालिका इन गंभीर समस्याओं को लगातार अनदेखा कर रही है। निवासियों के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में मावली के ईओ (कार्यकारी अधिकारी) को कई बार आवेदन दिए हैं, लेकिन आज तक उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि ईओ साहब उनके कॉल भी रिसीव नहीं करते, जिसके कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।1
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा राजस्थान के राजसमंद जिले की नांदोली से जनहित में एक प्रसारण किया गया, जिसे चारभुजा नाथ के चरणों में समर्पित किया गया।1
- पर्यावरण दिवस के अवसर पर, महाराणा प्रताप एयरपोर्ट उदयपुर की सीआईएसएफ इकाई के तत्वावधान में आनंद विद्या भारती पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल डबोक में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था, ताकि अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से हरित और स्वच्छ वातावरण का निर्माण किया जा सके। इस आयोजन के द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- राजस्थान के पाली में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) ने एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। इस कार्रवाई से लंबे समय से पटवारी की हरकतों से परेशान ग्रामीण अत्यधिक प्रसन्न हुए। एसीबी की इस सफल कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने ढोल-थाली बजाकर अपनी खुशी और राहत का इजहार किया, मानो पटवारी के फंसने का उन्हें बेसब्री से इंतजार था।1
- सार्वजनिक हस्ती शिल्पा शिंदे द्वारा पैसे के विवाद में किसी व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाने की बात स्वीकार करने से यह मामला गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना ने समाज में झूठे आरोपों के गंभीर परिणामों पर एक नई बहस छेड़ दी है। ऐसे एक झूठे आरोप से किसी भी पुरुष की इज्जत, करियर, परिवार, मानसिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा पूरी तरह तबाह हो सकती है। आरोप लगते ही समाज, और कई बार पूरी व्यवस्था भी, व्यक्ति को दोषी मान लेती है, जबकि सच्चाई सामने आने में कई वर्षों का समय लग सकता है। यह स्पष्ट किया गया है कि न्याय का अर्थ केवल दोषियों को दंडित करना नहीं, बल्कि निर्दोषों की रक्षा करना भी है। यदि झूठे आरोप साबित हो जाते हैं, तो ऐसे मामलों में भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे। इसी संदर्भ में, यह सवाल उठाया गया है कि पुरुषों की समस्याओं, झूठे मामलों और मानसिक उत्पीड़न की सुनवाई के लिए एक सशक्त पुरुष आयोग की आवश्यकता पर खुलकर बहस क्यों नहीं होती। जोर देकर कहा गया है कि यदि महिलाओं के लिए आयोग हो सकते हैं, तो पुरुषों की समस्याओं और झूठे मामलों की सुनवाई के लिए पुरुष आयोग क्यों नहीं होना चाहिए। ऐसे झूठे आरोप सिर्फ व्यक्तियों पर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात करते हैं।1
- नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से न्यू द्वारकेश न्यूज़चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने 'रूपनारायण भगवान की जय हो' के जयकारे के साथ जनहित में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। यह रिपोर्ट सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए प्रकाशित की गई है।1
- राजसमंद जिले के आमेट उपखंड क्षेत्र में आज एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक निजी बस के अचानक ब्रेक फेल हो जाने के कारण वह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस में सवार करीब दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, यह निजी बस बोराणा से आमेट की ओर आ रही थी। इसी दौरान आमेट के गांगा गुडा स्थित गौशाला के पास अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क पर ही पलट गई। बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आस-पास के स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना मिलने के बाद आमेट पुलिस भी मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से आमेट के उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों और मेडिकल टीम द्वारा आपातकालीन स्तर पर सभी का उपचार किया जा रहा है। वहीं, दो यात्रियों की हालत नाजुक होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजसमंद रेफर किया गया है। फिलहाल अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों की भीड़ जमा है और प्रशासन राहत व बचाव कार्य की निगरानी कर रहा है।4