राजसमंद जिले के आमेट उपखंड क्षेत्र में आज एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक निजी बस के अचानक ब्रेक फेल हो जाने के कारण वह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस में सवार करीब दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, यह निजी बस बोराणा से आमेट की ओर आ रही थी। इसी दौरान आमेट के गांगा गुडा स्थित गौशाला के पास अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क पर ही पलट गई। बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आस-पास के स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना मिलने के बाद आमेट पुलिस भी मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से आमेट के उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों और मेडिकल टीम द्वारा आपातकालीन स्तर पर सभी का उपचार किया जा रहा है। वहीं, दो यात्रियों की हालत नाजुक होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजसमंद रेफर किया गया है। फिलहाल अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों की भीड़ जमा है और प्रशासन राहत व बचाव कार्य की निगरानी कर रहा है।
राजसमंद जिले के आमेट उपखंड क्षेत्र में आज एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक निजी बस के अचानक ब्रेक फेल हो जाने के कारण वह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस में सवार करीब दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, यह निजी बस बोराणा
से आमेट की ओर आ रही थी। इसी दौरान आमेट के गांगा गुडा स्थित गौशाला के पास अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क पर ही पलट गई। बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आस-पास
के स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना मिलने के बाद आमेट पुलिस भी मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से आमेट के उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों और मेडिकल टीम द्वारा आपातकालीन
स्तर पर सभी का उपचार किया जा रहा है। वहीं, दो यात्रियों की हालत नाजुक होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजसमंद रेफर किया गया है। फिलहाल अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों की भीड़ जमा है और प्रशासन राहत व बचाव कार्य की निगरानी कर रहा है।
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजसमंद में 'रन फॉर एनवायरमेंट' मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। यह दौड़ राजसमंद जिला प्रशासन, वन एवं पर्यावरण विभाग, और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में हुई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुरू हुई इस दौड़ को कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, एडीएम नरेश बुनकर, एसडीएम बृजेश गुप्ता सहित सरकारी विभागों के कर्मचारी, पुलिस विभाग के जवान और वन संरक्षण सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। मैराथन दौड़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुरू होकर नगर परिषद, तहसील कार्यालय, गांधी सेवा सदन और सिविल लाइंस होते हुए कलेक्ट्री पहुंचकर संपन्न हुई। दौड़ के समापन पर सभी अधिकारियों ने वृक्षारोपण किया और पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे। कार्यक्रम के अंत में, जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।4
- उदयपुर जिले के कानोड़ कस्बे की उचित मूल्य दुकान पर सरकारी गेहूं के वितरण में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां उपभोक्ताओं को गेहूं देने के बजाय नकद राशि और बाजार मूल्य से कम रुपए देकर टरकाने का आरोप है। इस मामले की जांच के लिए दो दिन पहले जिला रसद विभाग ने इंस्पेक्टर विशेष मीणा को भेजा था, लेकिन शिकायतकर्ता लालु राम मीणा ने पूर्व में जांच कर रहे अधिकारी पर ही मामले को रफा-दफा करने का गंभीर आरोप लगा दिया। मामले ने तूल पकड़ा तो उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर जिला रसद विभाग ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है, जो कानोड़ की राशन दुकान पर उपभोक्ता को गेहूं देने के बजाय बाजार मूल्य से कम रुपए देने के आरोपों की जांच करने पहुंची है।1
- उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर-5 स्थित शांति नगर, गायत्री नगर, काशीपुरी और मनवाखेड़ा क्षेत्रों में बेहद कम दबाव और मात्र 10 मिनट की जलापूर्ति से आक्रोशित महिलाओं ने गुरुवार को जलदाय विभाग के सेक्टर-4 स्थित कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने जलदाय विभाग के सहायक अभियंता का घेराव कर उन्हें खाली मटके सौंपे और क्षेत्र में तुरंत नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि इन इलाकों में लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण उनके घरों में पीने के पानी के साथ-साथ दैनिक कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता विष्णु पटेल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और भी तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन के अवसर पर मनोज बंसल, देवेंद्र माली, राज लुज, भंवर लाल, वंदना राठौड़, रीना, कविता, कृष्णा, गीता कालरा, मंजू ककड़, सोनिया टेलर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय क्षेत्रवासी मौजूद रहे।1
- पाली जिले के ईटन्दरा चारनान गांव में इन दिनों भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पानी की आपूर्ति अनियमित और असमान तरीके से हो रही है, जिसके कारण आमजन को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के लिए ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था के कार्मिक रामलाल मीणा की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सरपंच एवं ग्राम सचिव रमेश मीणा के समक्ष इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की पानी की टंकी से पानी भगवान स्टेशन की ओर भेजा जा रहा है, जबकि गांव के लोग स्वयं पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। भीषण गर्मी में पानी की इस समस्या ने ग्रामीणों के जीवन को और भी कठिन बना दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष जांच करने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि गांव में नियमित और समान जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो गांववासी मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।1
- पाली जिले के देसूरी में गुरुवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ती महंगाई, पेयजल संकट, युवाओं के रोजगार तथा किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी सिद्धार्थ सांदू को सौंपा। इस ज्ञापन में प्रमुख रूप से कानून व्यवस्था को मजबूत करने, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, डीजल-पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण लगाने और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके साथ ही, किसानों के लंबित फसल बीमा दावों का शीघ्र भुगतान करने की भी मांग शामिल थी। पार्टी ने सड़क, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने, स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देने के साथ ही गोवंश संरक्षण और नंदीशालाओं के सुचारू संचालन सहित कुल 11 प्रमुख मांगें उठाईं। ज्ञापन सौंपने वाले RLP कार्यकर्ताओं ने जनहित से जुड़े इन सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए राज्य सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।1
- Post by Bhuraram Garasiya1
- राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित नांदोली से, न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने मुरली वाले सांवरिया सेठ के दर्शन से संबंधित एक रिपोर्ट जनहित में प्रसारित की है।1
- जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने शुक्रवार को वल्लभनगर उपखंड कार्यालय में एक जनसुनवाई का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस जनसुनवाई के दौरान, कस्बे के मुख्य बाजार और बस स्टैंड पर तेजी से बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस जनसुनवाई में वृत्ताधिकारी रामकुमार भादू, वल्लभनगर थाना अधिकारी पुनाराम गुर्जर, खेरोदा थाना अधिकारी सुरेश विश्नोई, भींडर थाना अधिकारी मुकेश खटीक तथा कानोड़ थाना अधिकारी हुकुम सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्धजन उपस्थित थे।1
- गुरुवार को देसूरी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत घाणेराव में ब्लॉक स्तरीय विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। साथ ही, उन्होंने शेष लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासक चंद्रशेखर मेवाड़ा, बाली एडीएम शैलेन्द्र सिंह, देसूरी उपखंड अधिकारी सिद्धार्थ सांदू, विकास अधिकारी भोपालसिंह जोधा, तहसीलदार फतेहसिंह जसोल, ग्राम विकास अधिकारी ढलाराम चौहान, और थानाधिकारी उरजाराम सहित विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों को जिला कलेक्टर के समक्ष रखा। डॉ. गोस्वामी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। इस विशेष जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखा, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ। कार्यक्रम के अंत में, जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने पात्र लाभार्थियों को भूमि पट्टों का वितरण कर उन्हें स्वामित्व अधिकारों से लाभान्वित किया।2