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अम्बेडकर नगर में डॉक्टर कौस्तुभ सिंह को नया जिला विद्यालय निरीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, इस पद पर पहले से कार्यरत प्रवीण कुमार तिवारी का तबादला कर दिया गया है।
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अम्बेडकर नगर में डॉक्टर कौस्तुभ सिंह को नया जिला विद्यालय निरीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, इस पद पर पहले से कार्यरत प्रवीण कुमार तिवारी का तबादला कर दिया गया है।
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- अकबरपुर सिझावली घेरवा से एक व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उसने बताया कि उसके घर वालों ने उससे पैसे हड़प लिए हैं और लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि पुलिस भी उसके घर वालों से पैसे खाकर बैठी है और उन्हें सपोर्ट कर रही है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और उस पर हाथ भी उठाया। इसके साथ ही, पुलिस उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दे रही है। व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बेघर होने की बात कहते हुए मदद की गुहार लगाई है और पूछा है कि वे अब कहाँ जाएँ।3
- अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके चलते एक 21 वर्षीय युवक साहिल की बेरहमी से पिटाई के बाद मौत हो गई। इस घटना में तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि नशे में धुत कुछ युवकों ने मिलकर इन चारों को बेरहमी से पीटा, जिसके बाद यह दुखद घटना हुई। पुलिस ने इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इस हिंसक वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- संतकबीरनगर जनपद में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच, शहर के एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता आलोक श्रीवास्तव के बंद पड़े आवास पर चोरों ने धावा बोल दिया। इस वारदात में लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई, जिससे एक बार फिर कानून-व्यवस्था और रात्रिकालीन गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, आलोक श्रीवास्तव बीते 10 अप्रैल 2026 से अपने पिता के स्वास्थ्य उपचार के लिए नोएडा में रह रहे थे, जिसके चलते उनका घर बंद था। शनिवार देर रात पड़ोसियों ने घर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं और आलोक श्रीवास्तव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर जब घर की स्थिति का जायजा लिया गया, तो चोरी की बड़ी घटना का खुलासा हुआ। आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति रात करीब 11:30 बजे से 1:50 बजे के बीच घर की रेकी करते और चोरी की घटना को अंजाम देते साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, चोरों ने सोने के आभूषणों में दो अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, एक लॉकेट और एक नथिया सहित लगभग ₹2 लाख मूल्य के जेवरात उड़ा लिए। इसके अतिरिक्त, चांदी के आभूषणों में पाजेब, कमर करधनी, कई जोड़ी पायल, बच्चों के आभूषण और चांदी के सिक्के शामिल थे, जिनकी कुल कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है। चोरों ने घर में रखी ₹5 से ₹6 हजार की नकदी भी अपने साथ ले ली। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सभासद प्रतिनिधि मुन्ना पांडे द्वारा पुलिस प्रशासन को मामले की जानकारी दिए जाने के बाद, एसओजी टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सके। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- भारतीय राष्ट्रीय पार्टी के संस्थापक मंडल सदस्य भाई मनोज मौर्य जी का आज निधन हो गया।1
- संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।2
- अंबेडकर नगर थाना मालीपुर जहां पेड़ काटने वालों का उपद्रव पुलिस की सह पर कुछ इस तरह से होता है कि धरती बंजर हो जाने को तैयार है। यह घटना है तारखुर्द से सटे गांव उस्मापुर की है । जहां नरेंद्र कुमार उपाध्याय पुत्र स्वर्गीय राममिलन की ट्यूबवेल के पास खंभा लगा हुआ था । और पेड़ काटने वालों ने कुछ इस तरह से पेड़ काटा कि पेड़ धड़ाम से आकर गिरा बिजली के तार के ऊपर। और खंभा गिरकर टूट गया। नुकसान विद्युत उपभोक्ता नरेंद्र कुमार उपाध्याय और विद्युत विभाग का हुआ। दुर्घटना का निमंत्रण बात ही छोड़िए ट्यूबेल मलिक ने इस दुर्घटना की सूचना बिजली विभाग को दी। नजदीकी पावर हाउस से जूनियर इंजीनियर ने आकर हालत को देखा, पेड़ काटने वाले पड़ोसी गांव कल्याणपुर निवासी राम सिंह वर्मा नामक आदमी ने , जे ई को मां बहन की गालियां दी और मारने को दौड़ा लिया। सरकारी कर्मचारी अपमान नहीं सह पाया । साहब ने 112नंबर डायल किया । पुलिस के आते ही राम सिंह वर्मा मौके से भाग गया। मालीपुर थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार मौर्य के बारे में सूत्र बताते हैं कि थानेदार ने ठेकेदार के परिवार से एक लाख की उचित डिमांड कर रहे हैं। इसमें 80 हजार रुपए का ट्रांसफार्मर का और 10 हजार रुपए का खंभा और तार की कीमत भी जोड़ी गई । जबकि यह पैसा थानेदार अगर पाएगा तो पेड़ काटने वाले पर मुकदमा नहीं लिखा जाएगा। और बहुत ठंडा ठंडा कूल कूल मिजाज से आपस में मिल बैठकर थाने के मध्य समझौता हो जाएगा । जूनियर इंजीनियर विद्युत अगर रिश्वत से कुछ हिस्सा पा जाएगा तो, शायद बेचारा अपनी प्यारी मां बहन की गालियां भी भूल जाएगा। फिलहाल कल शनिवार दोपहर की घटना शुरू-शुरू में खूब गर्मी दिखाई। लेकिन धीरे-धीरे मामला शीतल बस्ते में जा रहा है। जैसे देवरहा गांव की युवा विधवा कैशरी बानो का सामूहिक दुराचार... और हत्याकांड धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में जा रहा है! धन्य है भाजपा युग में रिश्वत राज। और धन्य है थाना अध्यक्ष मालीपुर, स्वतंत्र कुमार मौर्य के सिर पर थानेदारी का ताज।। धन्य है लेडी सिंघम प्राची सिंह का डरावना शब्र। कि अगर वे कुछ भी स्वतंत्र कुमार मौर्य को बोलेंगी । तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का फोन आ जाएगा ? कि हमारे थानेदार को अपने टच कैसे किया ? अंबेडकर नगर से आपका दिल ऊब गया है क्या ? समीक्षा मिश्रा ब्यूरो चीफ1
- अम्बेडकरनगर जिले के कटेहरी विकासखंड अंतर्गत खड़हरा ग्राम सभा स्थित गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है कि गौशाला में संरक्षित गौवंशों की देखभाल, भोजन, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण गौवंश कठिन परिस्थितियों में दम तोड़ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इस स्थिति को दर्शाने वाला एक वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है। गौवंश के भरण-पोषण के लिए आदर ग्राम पंचायत द्वारा 10% दान दिया जा रहा है, जिससे औसतन लगभग 90 से 95 लाख रुपये एकत्रित होते हैं। इसके बावजूद गौशाला की बदहाल स्थिति पर गौवंश चारा घोटाला या घोर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि गौ संरक्षण और गौशालाओं के संचालन के लिए शासन द्वारा पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए अव्यवस्था की स्थिति में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्तियों को चिह्नित किया जाना चाहिए। करणी सेना से जुड़े अजय सिंह ने गौशाला की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मांग की है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और गौवंशों के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। सामाजिक संगठनों ने यह भी पूछा है कि गौ संरक्षण के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग कैसे हो रहा है और गौवंशों की नियमित निगरानी तथा स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। उन्होंने संबंधित विभाग से मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की अपील की है। करणी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि गौशाला की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो संगठन आगे व्यापक जन-जागरण अभियान और आंदोलन की रणनीति पर विचार कर सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1