उज्जैन के बाल योगी उमेश नाथ महाराज ने सनातन संस्कृति को लेकर क्या कहा देखिए यह रिपोर्ट जोधपुर राज्य सभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ महाराज आज जोधपुर के सर्किट हाउस पहुंचे जोधपुर के सर्किट हाउस में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति पूरे देश की सबसे महत्वपूर्ण संस्कृति है लेकिन आज का युवा धन लोभ लालच से अपनी पुरानी संस्कृति को बदल रहा है जो पूर्णतया गलत है युवाओं से इतना कहना चाहेंगे कि सनातन संस्कृति को जीवित रखने के लिए पाश्चात्य सभ्यता को छोड़कर सनातन संस्कृति में एक बार जी कर देखें उन्होने कहा की भारतीय सनातन परंपरा एक अक्षुण्ण परंपरा है। वो प्राचीन काल से चली आ रहीहै। उस परंपरा को जीवित रखना और उसका निर्वाहन करना। प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है और ऐसा नहीं होने की वजह से नुकसान हो रहा है देश को और उस नुकसान से बचने के लिए हमको सबको प्रयास करना चाहिए। जहां तक सवाल है l भारतीय सनातन परंपरा पर जो बाहरी प्रारंभ हो रहे हैं, उसमें पाश्च्यत्य सभ्यता सबसे बड़ा कारण है। भारत में तो मर्यादा का सूत्र देने के लिए ऋषि वाल्मीकि ने रामायण लिखी है, और रामायण के माध्यम से योगवासिष्ठ के माध्यम से। भगवान महर्षि वाल्मीकि ने जो संदेश दिया, उसको राम जी ने जन-जन तक पहुँचाया, इसीलिए वो मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए, तो अब मर्यादा पुरुषोत्तम पुनर्स्थापित हो गए, अयोध्या में। हर गाँव, बस्ती, शहर, अयोध्या बन गया, सब लोगों का मन मस्तिष्क,राम मय हो गया, ऐसी परिस्थिति में हमको मर्यादित क्षेत्र में रहना चाहिए, और मैं समझता हूँ कि पाश्चात्य सभ्यता बहुत दिनों तक चलती रही है, इसलिए मेरी ओर से तो यही संदेश रहेगा कि एक बार जैसे हम अर्थिंग और करंट को छू करके देखते हैं, तो अर्थिंग की क्या स्थिति है और करंट?उससे हमारी जो शारीरिक है, मानसिक है, आर्थिक है, ये सब व्यवस्थाएं कैसे दृढ़ हो पाएगी? जिसमें पावर होता है उसकी क्या स्थिति थी तो उस पावर को एक बार छू करके देखना चाहिए कि सनातन में कितनी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमारे सनातन संस्कृति में है किअगर हमारे पास दो सुखी रोटी भी है तो उसको भी हमको एक परिवार में रख लिया और एक को आधी कुत्ते को दे दे, आधी एक गाय को दे दे, हमारे यहाँ तो ऐसी। और विशेषकर जोधपुर के लोगों को ये कहना चाहूँगा कि समय अब जो है सामाजिक समरसता का है, सद्भावना का है, हम सब लोग मिलकर के और इस देश में सनातन की नीव को रखने के लिए देश के प्रधानमंत्री जी का भी सोच है, देश के मुख्यमंत्री जो हमारे उत्तर प्रदेश के हैं योगी जी उनका भी भाव है, बाकी भी देश के सभी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का भाव है कि हम सनातन के लिए जीने की कोशिश करें l वही पूछे गए सवाल वर्तमान समय ऐसा है जी कुछ कथा कथित लोग धर्म परिवर्तन का जो जबरन प्रयास कर रहे इस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धर्म तो वैसे जन्म से होता है, देखिए मानसिक तौर पर किसी को अपन बना दे। वो सबसे बड़ी बात है, और मानसिक तौर पर हमारे संत जन हमारे गुरुजन बनाते थे, गुरु दीक्षा देते थे, नाम दान देते थे, और उसको व्यवस्थित तरीके से चलाते थे, लेकिन अब ये है कि धन के लोभ लालच से हो रहा है वह गलत है
उज्जैन के बाल योगी उमेश नाथ महाराज ने सनातन संस्कृति को लेकर क्या कहा देखिए यह रिपोर्ट जोधपुर राज्य सभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ महाराज आज जोधपुर के सर्किट हाउस पहुंचे जोधपुर के सर्किट हाउस में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति पूरे देश की सबसे महत्वपूर्ण संस्कृति है लेकिन आज का युवा धन लोभ लालच से अपनी पुरानी संस्कृति को बदल रहा है जो पूर्णतया गलत है युवाओं से इतना कहना चाहेंगे कि सनातन संस्कृति को जीवित रखने के लिए पाश्चात्य सभ्यता को छोड़कर सनातन संस्कृति में एक बार जी कर देखें उन्होने कहा की भारतीय सनातन परंपरा एक अक्षुण्ण परंपरा है। वो प्राचीन काल से चली आ रहीहै। उस परंपरा को जीवित रखना और उसका निर्वाहन करना। प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है और ऐसा नहीं होने की वजह से नुकसान हो रहा है देश को और उस नुकसान से बचने के लिए हमको सबको प्रयास करना चाहिए। जहां तक सवाल है l भारतीय सनातन परंपरा पर जो बाहरी प्रारंभ हो रहे हैं, उसमें पाश्च्यत्य सभ्यता सबसे बड़ा कारण है। भारत में तो मर्यादा का सूत्र देने के लिए ऋषि वाल्मीकि ने रामायण लिखी है, और रामायण के माध्यम से योगवासिष्ठ के माध्यम से। भगवान महर्षि वाल्मीकि ने जो संदेश दिया, उसको राम जी ने जन-जन तक पहुँचाया, इसीलिए वो मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए, तो अब मर्यादा पुरुषोत्तम पुनर्स्थापित हो गए, अयोध्या में। हर गाँव, बस्ती, शहर, अयोध्या बन गया, सब लोगों का मन मस्तिष्क,राम मय हो गया, ऐसी परिस्थिति में हमको मर्यादित क्षेत्र में रहना चाहिए, और मैं समझता हूँ कि पाश्चात्य सभ्यता बहुत दिनों तक चलती रही है, इसलिए मेरी ओर से तो यही संदेश रहेगा कि एक बार जैसे हम अर्थिंग और करंट को छू करके देखते हैं, तो अर्थिंग की क्या स्थिति है और करंट?उससे हमारी जो शारीरिक है, मानसिक है, आर्थिक है, ये सब व्यवस्थाएं कैसे दृढ़ हो पाएगी? जिसमें पावर होता है उसकी क्या स्थिति थी तो उस पावर को एक बार छू करके देखना चाहिए कि सनातन में कितनी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमारे सनातन संस्कृति में है किअगर हमारे पास दो सुखी रोटी भी है तो उसको भी हमको एक परिवार में रख लिया और एक को आधी कुत्ते को दे दे, आधी एक गाय को दे दे, हमारे यहाँ तो ऐसी। और विशेषकर जोधपुर के लोगों को ये कहना चाहूँगा कि समय अब जो है सामाजिक समरसता का है, सद्भावना का है, हम सब लोग मिलकर के और इस देश में सनातन की नीव को रखने के लिए देश के प्रधानमंत्री जी का भी सोच है, देश के मुख्यमंत्री जो हमारे उत्तर प्रदेश के हैं योगी जी उनका भी भाव है, बाकी भी देश के सभी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का भाव है कि हम सनातन के लिए जीने की कोशिश करें l वही पूछे गए सवाल वर्तमान समय ऐसा है जी कुछ कथा कथित लोग धर्म परिवर्तन का जो जबरन प्रयास कर रहे इस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धर्म तो वैसे जन्म से होता है, देखिए मानसिक तौर पर किसी को अपन बना दे। वो सबसे बड़ी बात है, और मानसिक तौर पर हमारे संत जन हमारे गुरुजन बनाते थे, गुरु दीक्षा देते थे, नाम दान देते थे, और उसको व्यवस्थित तरीके से चलाते थे, लेकिन अब ये है कि धन के लोभ लालच से हो रहा है वह गलत है
- जोधपुर राज्य सभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ महाराज आज जोधपुर के सर्किट हाउस पहुंचे जोधपुर के सर्किट हाउस में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति पूरे देश की सबसे महत्वपूर्ण संस्कृति है लेकिन आज का युवा धन लोभ लालच से अपनी पुरानी संस्कृति को बदल रहा है जो पूर्णतया गलत है युवाओं से इतना कहना चाहेंगे कि सनातन संस्कृति को जीवित रखने के लिए पाश्चात्य सभ्यता को छोड़कर सनातन संस्कृति में एक बार जी कर देखें उन्होने कहा की भारतीय सनातन परंपरा एक अक्षुण्ण परंपरा है। वो प्राचीन काल से चली आ रहीहै। उस परंपरा को जीवित रखना और उसका निर्वाहन करना। प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है और ऐसा नहीं होने की वजह से नुकसान हो रहा है देश को और उस नुकसान से बचने के लिए हमको सबको प्रयास करना चाहिए। जहां तक सवाल है l भारतीय सनातन परंपरा पर जो बाहरी प्रारंभ हो रहे हैं, उसमें पाश्च्यत्य सभ्यता सबसे बड़ा कारण है। भारत में तो मर्यादा का सूत्र देने के लिए ऋषि वाल्मीकि ने रामायण लिखी है, और रामायण के माध्यम से योगवासिष्ठ के माध्यम से। भगवान महर्षि वाल्मीकि ने जो संदेश दिया, उसको राम जी ने जन-जन तक पहुँचाया, इसीलिए वो मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए, तो अब मर्यादा पुरुषोत्तम पुनर्स्थापित हो गए, अयोध्या में। हर गाँव, बस्ती, शहर, अयोध्या बन गया, सब लोगों का मन मस्तिष्क,राम मय हो गया, ऐसी परिस्थिति में हमको मर्यादित क्षेत्र में रहना चाहिए, और मैं समझता हूँ कि पाश्चात्य सभ्यता बहुत दिनों तक चलती रही है, इसलिए मेरी ओर से तो यही संदेश रहेगा कि एक बार जैसे हम अर्थिंग और करंट को छू करके देखते हैं, तो अर्थिंग की क्या स्थिति है और करंट?उससे हमारी जो शारीरिक है, मानसिक है, आर्थिक है, ये सब व्यवस्थाएं कैसे दृढ़ हो पाएगी? जिसमें पावर होता है उसकी क्या स्थिति थी तो उस पावर को एक बार छू करके देखना चाहिए कि सनातन में कितनी ताकत है। उन्होंने कहा कि हमारे सनातन संस्कृति में है किअगर हमारे पास दो सुखी रोटी भी है तो उसको भी हमको एक परिवार में रख लिया और एक को आधी कुत्ते को दे दे, आधी एक गाय को दे दे, हमारे यहाँ तो ऐसी। और विशेषकर जोधपुर के लोगों को ये कहना चाहूँगा कि समय अब जो है सामाजिक समरसता का है, सद्भावना का है, हम सब लोग मिलकर के और इस देश में सनातन की नीव को रखने के लिए देश के प्रधानमंत्री जी का भी सोच है, देश के मुख्यमंत्री जो हमारे उत्तर प्रदेश के हैं योगी जी उनका भी भाव है, बाकी भी देश के सभी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का भाव है कि हम सनातन के लिए जीने की कोशिश करें l वही पूछे गए सवाल वर्तमान समय ऐसा है जी कुछ कथा कथित लोग धर्म परिवर्तन का जो जबरन प्रयास कर रहे इस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धर्म तो वैसे जन्म से होता है, देखिए मानसिक तौर पर किसी को अपन बना दे। वो सबसे बड़ी बात है, और मानसिक तौर पर हमारे संत जन हमारे गुरुजन बनाते थे, गुरु दीक्षा देते थे, नाम दान देते थे, और उसको व्यवस्थित तरीके से चलाते थे, लेकिन अब ये है कि धन के लोभ लालच से हो रहा है वह गलत है1
- jodhpur :- जोधपुर से बड़ी खबर, जोधपुर क्षेत्र के चौपासनी गांव की पहाड़ियों में बनी 250 फीट ऊंची शिव प्रतिमा आप सभी पधारे एवं दर्शन करें1
- Post by धनराज दाधीच1
- *फाग महोत्सव* गंगलेश्वर महादेव मंदिर, गंगलाव तालाब के पास, बकरा मंडी, जोधपुर में आज फाग महोत्सव मनाया गया जहां भक्तों ने भजन गाए नाचे जूम ओर आनंद लिया।1
- जोधपुर शहर के यूआईटी कॉलोनी स्थित गायत्री नगर क्षेत्र में रिश्तों को झकझोर देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मौसेरे भाई ने अपनी बहन की हत्या कर खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही जोधपुर के हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतका भगवती बीएसटीसी की ट्रेनिंग कर रही थी और पाली के हॉस्टल से जोधपुर आई हुई थी। बताया जा रहा है कि देर रात उसका अपने मौसेरे भाई कैलाश के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि कैलाश ने लोहे की किसी भारी वस्तु से वार कर बहन की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात कैलाश पिज़्ज़ा लेकर घर आया था। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट के फटे हुए टुकड़े भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर जांच की जा रही है। एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है, ताकि घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सके। घटना के समय पास के एक घर में शादी का माहौल था, लेकिन इस हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारी ईश्वर पारीक ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। फिलहाल हत्या और आत्महत्या के पीछे की असली वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।1
- Post by District.reporter.babulaljogawat1
- सेन्दडा ब्यावर सार्वजनिक सड़क निर्माण विभाग के द्वारा निवेद कल से कुशलपुरा जाने वाली रोड का एक बार फिर घटिया सामग्री निर्माण उसे करने के लिए रोड का जो कार्य प्रणाली का काम है उसमें किस तरह की लापरवाही बढ़ती गई आप इस वीडियो के माध्यम से देखें, कुशलपुरा से निंबेडा जाने वाली रोड निर्माण का कार्य चल रहा है ठेकेदार के माध्यम से उसे रोड निर्माण कार्य को लेकर लापरवाही वर्तनी का नतीजा सामने आया है कुशलपुरा से निंबाड़ा चल रहे सड़क निर्माण के कार्य में एक ही दिन में ठेकेदार ने 3 किलोमीटर की रोड बना डाली और उसे रोड में निर्माण में होने वाली घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ जगह से रोड टूटकर नजर आ रही है3
- *धूमधाम से मनाया फाग उत्सव* जोधपुर. वी एस एस ग्रुप और स्लिम लाइन फिटनेस सेंटर के संयुक्त तत्वाधान में आज 17 सेक्टर स्थित स्लिम लाइन सेंटर में बहुत शानदार एक हर्षौल्लास के साथ फाग उत्सव का रंगारंग कार्यक्रम हुआ। सभी लोग एक जैसे कलर पहन के आए थे रेट थीम में और सभी ने जोरदार गेम्स खेल डांस हुए और फाग उत्सव की थीम पर बहुत शानदार कार्यक्रम किए गए कार्यक्रम की संचालिका फाग उत्सव की वीणा सखरानी ने बताया की फाग उत्सव महिलाओं में जहां-जहां सब लोग आज घर ग्रस्त में फंसे हुए उसे तरह से अपने लिए समय नहीं निकाल पाती है आज उन्होंने जी भर के डांस किया हाऊजी गेम्स के लिए तरह-तरह के प्राइज जीते तरह-तरह के व्यंजन बनाकर लाए और बहुत तरह के नाश्ते डिशेज चाय नाश्ता खाना-पीना सब कुछ रंगा रंग कार्यक्रम में वीणा सखरानी ने प्रतियोगिता रखी मिसेज फाग में जिसमें की मोना हरवानी आशा सिंह विनर रही दीपा सिंह किरण रिया लालवानी रजनी सिंह सिद्धि उर्मिला प्रमिला सिद्धि किरण दीप सिंह रिया लालवानी रजनी सिंह सिद्धि उर्मिला खन्ना प्रमिला मोतियानी रश्मि भावना वंदना कृपलानी और सभी लोगों ने बहुत सारे जो पर के 300 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया और तरह-तरह के पुरस्कार जीते कार्यक्रम में लायंस क्लब की अध्यक्ष उषा गर्ग का सम्मान किया गया जोधपुर के रॉकस्टार अमित पेड़ीवाल ने रंगारंग कार्यक्रम से इतना रंग जमा दिया कि डांस करने पर मजबूर थे कार्यक्रम समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा था इतने में जोधपुर लेडी रॉकस्टार योगिता भाटी द्वारा भी बहुत है होलिया पर गाने गाए गए और लोगों ने बहुत लुक्स लिया अमित पेड़ीवाल और योगिता जी का भी सम्मान किया गया सपा पहन के और सभी को पुरस्कार दिए गए मीडिया में सभी का सहयोग किया गया और वीणा सखरानी जी द्वारा एसोसिएशन ऑफ अलायंस क्लब इंटरनेशनल को ₹ 11 सौ जरूरतमंदों के लिए दिए गए।1