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लालसोट: करोड़ों की लागत, लेकिन इलाज नहीं: लालसोट जिला अस्पताल में मरीज बेहाल करोड़ों का अस्पताल, मरीज बेहाल करोड़ों रुपये से बने जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। डॉक्टर व स्टाफ की कमी के कारण घंटों इंतजार के बाद भी उपचार नहीं हो पा रहा है। मंगलवार रात 8.30 बजे सड़क हादसे में घायल किशन कंडोला अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय एक्स-रे की सलाह दे दी। एक्स-रे कक्ष बंद मिला और 2 घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया। दर्द से परेशान मरीज को आखिर निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। यह हालात जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

5 hrs ago
user_Girdhari lal Sahu
Girdhari lal Sahu
Lalsot, Dausa•
5 hrs ago

लालसोट: करोड़ों की लागत, लेकिन इलाज नहीं: लालसोट जिला अस्पताल में मरीज बेहाल करोड़ों का अस्पताल, मरीज बेहाल करोड़ों रुपये से बने जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। डॉक्टर व स्टाफ की कमी के कारण घंटों इंतजार के बाद भी उपचार नहीं हो पा रहा है। मंगलवार रात 8.30 बजे सड़क हादसे में घायल किशन कंडोला अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय एक्स-रे की सलाह दे दी। एक्स-रे कक्ष बंद मिला और 2 घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया। दर्द से परेशान मरीज को आखिर निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। यह हालात जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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  • करोड़ों का अस्पताल, मरीज बेहाल करोड़ों रुपये से बने जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। डॉक्टर व स्टाफ की कमी के कारण घंटों इंतजार के बाद भी उपचार नहीं हो पा रहा है। मंगलवार रात 8.30 बजे सड़क हादसे में घायल किशन कंडोला अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय एक्स-रे की सलाह दे दी। एक्स-रे कक्ष बंद मिला और 2 घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया। दर्द से परेशान मरीज को आखिर निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। यह हालात जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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    करोड़ों का अस्पताल, मरीज बेहाल
करोड़ों रुपये से बने जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। डॉक्टर व स्टाफ की कमी के कारण घंटों इंतजार के बाद भी उपचार नहीं हो पा रहा है।
मंगलवार रात 8.30 बजे सड़क हादसे में घायल किशन कंडोला अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय एक्स-रे की सलाह दे दी। एक्स-रे कक्ष बंद मिला और 2 घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया। दर्द से परेशान मरीज को आखिर निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
यह हालात जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    Lalsot, Dausa•
    5 hrs ago
  • लालसोट उपखंड के घाटा में स्थित पपलाज माता के चैत्र नवरात्रों में भक्तों की बड़ी भीड़ देखी गई। भक्त बड़े वाहनों व मोटरसाइकिलों के माध्यम से वहीं पैदल भी जानें वाले भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। पपलाज माता को नौकरी वाली माता के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर भक्त अपनी मनोकामना लेकर माता के दरबार में पहुंचते हैं। वही अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर माता रानी के दाल पुवै की सवामणि कर वहीं पर शादी वितरण कि जाती है। यहां पर हमेशा भक्तों का मेला सा लगा रहता है। भारी भीड़ के कारण जाम जैसी स्थिति नो इसलिए पुलिस प्रशासन द्वारा या पुलिस की मां को व्यवस्था की जाती है। जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा ना हो। हजारों की संख्या महिलाएं अपने बच्चों को माता रानी के दरबार में लेकर जाती है। जिसके कारण यहां हमेशा काफी भीड़ देखी जाती है। वहीं यहां पर एक प्राचीन कुई भी है। जिसमें आज तक कभी भी पानी की कोई कमी नहीं आई है। हजारों वर्षों से इस कुई में पानी अपने आप आता रहता है। इसे भी भक्त माता रानी का चमत्कार ही मानते हैं। माता रानी के दरबार में आसपास के लोगों के अलावा दिल्ली, यूपी, एमपी, सही तनिक राज्यों से लोग पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लेते हैं। यहां आने वालों भक्तों की मनोकामना आवश्यक पूर्ण होती है। ऐसा लोगों का मानना है। माता रानी की ज्योत हमेशा अखंड जल्दी रहती है। वही लोगों द्वारा अनेक प्रकार यहां पर दुकानें भी लगाकर सामान बेचा जाता है।
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    लालसोट उपखंड के घाटा में स्थित पपलाज माता के चैत्र नवरात्रों में भक्तों की बड़ी भीड़ देखी गई। भक्त बड़े वाहनों व मोटरसाइकिलों के माध्यम से वहीं पैदल भी जानें वाले भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। पपलाज माता को नौकरी वाली माता के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर भक्त अपनी मनोकामना लेकर माता के दरबार में पहुंचते हैं। वही अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर माता रानी के दाल पुवै की सवामणि कर वहीं पर शादी वितरण कि जाती है। यहां पर हमेशा भक्तों का मेला सा लगा रहता है। भारी भीड़ के कारण जाम जैसी स्थिति नो इसलिए पुलिस प्रशासन द्वारा या पुलिस की मां को व्यवस्था की जाती है। जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा ना हो। हजारों की संख्या महिलाएं अपने बच्चों को माता रानी के दरबार में लेकर जाती है। जिसके कारण यहां हमेशा काफी भीड़ देखी जाती है। वहीं यहां पर एक प्राचीन कुई भी है। जिसमें आज तक कभी भी पानी की कोई कमी नहीं आई है। हजारों वर्षों से इस कुई में पानी अपने आप आता रहता है। इसे भी भक्त माता रानी का चमत्कार ही मानते हैं। माता रानी के दरबार में आसपास के लोगों के अलावा दिल्ली, यूपी, एमपी, सही तनिक राज्यों से लोग पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लेते हैं। यहां आने वालों भक्तों की मनोकामना आवश्यक पूर्ण होती है। ऐसा लोगों का मानना है। माता रानी की ज्योत हमेशा अखंड जल्दी रहती है। वही लोगों द्वारा अनेक प्रकार यहां पर दुकानें भी लगाकर सामान बेचा जाता है।
    user_पत्रकार  : ‌ प्रकाश सैनी
    पत्रकार : ‌ प्रकाश सैनी
    Advertising agency लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • कोलंबिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार (23 मार्च) को बताया कि 110 सैनिकों को लेकर जा रहा एक सैन्य विमान देश के दक्षिणी हिस्से में पेरू की सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने बताया कि यह प्लेन क्रैश तब हुई जब लॉकहीड मार्टिन हरक्यूलिस C-130 विमान कोलंबिया के दक्षिण में पेरू की सीमा पर स्थित प्यूर्टो लेगिजामो से उड़ान भर रहा था। बताया जा रहा है कि यह कोलंबियाई सेना का विमान था। बयान में बताया गया कि विमान दुर्घटना में लगभग 80 सैनिकों के मारे जाने की आशंका है। जिस जगह पर यह हादसा हुआ वह कोलंबिया के दक्षिणी न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon region में पेरू की सीमा के पास अंदरूनी इलाके में स्थित है। विमान सशस्त्र बलों के सैनिकों को ले जा रहा था। स्थानीय मीडिया आउटलेट 'BluRadio' के अनुसार, इस विमान में लगभग 110 सैनिक सवार थे। रक्षा मंत्री सांचेज ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब विमान प्यूर्टो लेगुइजामो से उड़ान भर रहा था। उन्होंने आगे कहा कि प्लेन में सशस्त्र बलों के सैनिक सवार थे। उन्होंने कहा, "गहरे दुख के साथ, मैं यह सूचित करता हूं कि हमारी कोलंबियाई एयरोस्पेस फोर्स का एक हरक्यूलिस विमान प्यूर्टो लेगुइजामो (पुटुमायो) से उड़ान भरते समय एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गया। उस समय विमान हमारी पब्लिक फोर्स के सैनिकों को ले जा रहा था।" उन्होंने कहा कि दुर्घटना स्थल पर इमरजेंसी और सैन्य टीमों को तैनात कर दिया गया है। हालांकि, मंत्री या अधिकारियों ने अभी तक हताहतों की संख्या या दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की है। एक अधिकारी ने कहा, "सैन्य यूनिट्स पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं। हालांकि, पीड़ितों की संख्या और दुर्घटना के कारणों का अभी तक ठीक-ठीक पता नहीं चल पाया है।" कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इस भयानक दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई होगी। यह एक ऐसी दुर्घटना है जो कभी होनी ही नहीं चाहिए थी।" BluRadio की रिपोर्ट में बताया गया है कि कि यह दुर्घटना एक शहरी केंद्र से लगभग 3 किलोमीटर (2 मील) की दूरी पर हुई। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारी बचाव अभियान में लगे हुए हैं।
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    कोलंबिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार (23 मार्च) को बताया कि 110 सैनिकों को लेकर जा रहा एक सैन्य विमान देश के दक्षिणी हिस्से में पेरू की सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने बताया कि यह प्लेन क्रैश तब हुई जब लॉकहीड मार्टिन हरक्यूलिस C-130 विमान कोलंबिया के दक्षिण में पेरू की सीमा पर स्थित प्यूर्टो लेगिजामो से उड़ान भर रहा था। बताया जा रहा है कि यह कोलंबियाई सेना का विमान था।
बयान में बताया गया कि विमान दुर्घटना में लगभग 80 सैनिकों के मारे जाने की आशंका है। जिस जगह पर यह हादसा हुआ वह कोलंबिया के दक्षिणी न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon region में पेरू की सीमा के पास अंदरूनी इलाके में स्थित है। विमान सशस्त्र बलों के सैनिकों को ले जा रहा था।
स्थानीय मीडिया आउटलेट 'BluRadio' के अनुसार, इस विमान में लगभग 110 सैनिक सवार थे। रक्षा मंत्री सांचेज ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब विमान प्यूर्टो लेगुइजामो से उड़ान भर रहा था। उन्होंने आगे कहा कि प्लेन में सशस्त्र बलों के सैनिक सवार थे।
उन्होंने कहा, "गहरे दुख के साथ, मैं यह सूचित करता हूं कि हमारी कोलंबियाई एयरोस्पेस फोर्स का एक हरक्यूलिस विमान प्यूर्टो लेगुइजामो (पुटुमायो) से उड़ान भरते समय एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गया। उस समय विमान हमारी पब्लिक फोर्स के सैनिकों को ले जा रहा था।"
उन्होंने कहा कि दुर्घटना स्थल पर इमरजेंसी और सैन्य टीमों को तैनात कर दिया गया है। हालांकि, मंत्री या अधिकारियों ने अभी तक हताहतों की संख्या या दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की है। एक अधिकारी ने कहा, "सैन्य यूनिट्स पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं। हालांकि, पीड़ितों की संख्या और दुर्घटना के कारणों का अभी तक ठीक-ठीक पता नहीं चल पाया है।"
कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इस भयानक दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई होगी। यह एक ऐसी दुर्घटना है जो कभी होनी ही नहीं चाहिए थी।" BluRadio की रिपोर्ट में बताया गया है कि कि यह दुर्घटना एक शहरी केंद्र से लगभग 3 किलोमीटर (2 मील) की दूरी पर हुई। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारी बचाव अभियान में लगे हुए हैं।
    user_VK News Rajasthan
    VK News Rajasthan
    Farmer राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था वो उस समय पर वो कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में गांव के लोगों को उस समय पर मुआवजा राशि भी प्रदान कर दिया था। *ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ *लाभ* 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महावि‌द्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ* 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
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    दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था वो उस समय पर वो कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में गांव के लोगों को उस समय पर मुआवजा राशि भी प्रदान कर दिया था।
*ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* 
प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ 
*लाभ*
1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा।
2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा।
3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती,
4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी।
4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा।
5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा।
6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं।
7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं।
8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा।
9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महावि‌द्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं।
10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता।
11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा।
*वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ*
1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है।
2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है।
3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है।
4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे।
5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है।
6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है।
7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है।
इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter Dausa, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय कुछ व्यक्तियों के द्वारा स्टे लगा दिया गया था इसके चलते कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दि गई थी। *ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* *प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ* 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महावि‌द्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ एवं हानि* 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
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    दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय कुछ व्यक्तियों के द्वारा स्टे लगा दिया गया था इसके चलते कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दि गई थी। 
*ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* 
*प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ*
1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा।
2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा।
3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती,
4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी।
4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा।
5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा।
6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं।
7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं।
8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा।
9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महावि‌द्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं।
10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता।
11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा।
*वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ एवं हानि*
1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है।
2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है।
3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है।
4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे।
5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है।
6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है।
7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है।
इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • 🚆 रेल यात्रा सुरक्षा जागरूकता (जनहित में जारी) 📰 ट्रेन में सफर के दौरान नशीला पदार्थ देकर लूटपाट – यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी भारतीय रेलवे देश की जीवन रेखा है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अक्सर यात्री अपने सहयात्रियों के साथ बातचीत करने लगते हैं। यह बातचीत सामान्य विषयों जैसे राजनीति, धर्म, सामाजिक मुद्दे, और वर्तमान घटनाओं पर होती है। धीरे-धीरे यह बातचीत आपसी विश्वास में बदल जाती है। लेकिन इसी विश्वास का फायदा उठाकर कुछ अपराधी तत्व (Druggers) यात्रियों को अपना शिकार बनाते हैं। --- ⚠️ अपराध का तरीका (Modus Operandi) इन अपराधियों का तरीका बहुत ही चालाक और सुनियोजित होता है: ये लोग सामान्य यात्री बनकर ट्रेन में सफर करते हैं कई बार ये रिजर्वेशन कराकर AC या स्लीपर कोच में यात्रा करते हैं ताकि शक न हो सहयात्रियों से दोस्ताना व्यवहार करते हैं और विश्वास जीतते हैं बातचीत के दौरान वे यात्रियों को बिस्कुट, चाय, कोल्ड ड्रिंक, टॉफी, प्रसाद आदि ऑफर करते हैं इन खाद्य पदार्थों में नींद की दवा (Sleeping tablets जैसे 2 mg sedative) मिलाई होती है 👉 जैसे ही यात्री इसे खाता या पीता है, वह धीरे-धीरे बेहोश या गहरी नींद में चला जाता है 👉 इसके बाद अपराधी उसका मोबाइल, पैसे, बैग, गहने और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाता है --- 🚨 हाल ही का मामला (कंचनजंगा एक्सप्रेस) हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया: ट्रेन संख्या: 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस मार्ग: सियालदह (Sealdah) से गुवाहाटी कोच: AC कोच इस मामले में आरोपी ने: सहयात्रियों के साथ दोस्ती की खुद भी वैध टिकट/रिजर्वेशन कराया खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया और फिर यात्री को बेहोश कर उसका सामान चोरी कर लिया --- 👮 RPF द्वारा कार्रवाई इस घटना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सक्रियता दिखाई। श्री आदित्य कुमार मीना इंस्पेक्टर, RPF (Zonal Anti-Drugging Team) नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे के नेतृत्व में टीम ने: तकनीकी एवं फिजिकल सर्विलांस के माध्यम से आरोपी की पहचान की लगातार प्रयास कर उसे गिरफ्तार (Apprehend) किया आरोपी को GRP बोंगाईगांव को सौंप दिया संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया (BNS) वर्तमान में केस की जांच जारी है --- 🏥 पीड़ितों की स्थिति ऐसे मामलों में पीड़ित: गहरी बेहोशी की स्थिति में पाए जाते हैं कई बार ट्रेन के अंदर या स्टेशन पर लावारिस हालत में मिलते हैं RPF/GRP और TTE द्वारा उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता है उनके परिवारजनों को सूचित किया जाता है यह स्थिति बहुत खतरनाक हो सकती है, क्योंकि अधिक मात्रा में दवा लेने से जान का खतरा भी हो सकता है। --- 🛑 यात्रियों के लिए सुरक्षा सुझाव सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा के दौरान निम्नलिखित सावधानियां अवश्य बरतें: ✅ क्या करें: अपने सामान पर हमेशा नजर रखें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद्य पदार्थ खरीदें यात्रा के दौरान सतर्क और सजग रहें ❌ क्या न करें: किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु स्वीकार न करें ज्यादा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें अनजान व्यक्ति पर जल्दी विश्वास न करें --- 📞 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन ☎️ रेलवे हेल्पलाइन: 139 किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें। --- 📢 जनहित में अपील रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं कि ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके। लेकिन यात्रियों की सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। 👉 याद रखें: “सावधानी ही सुरक्षा है” यात्रा के दौरान थोड़ी सी लापरवाही आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है। --- 📝 निष्कर्ष आज के समय में जहां अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं, वहीं हमें भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना होगा। ट्रेन यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए जरूरी है कि हम: सतर्क रहें जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें
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    🚆 रेल यात्रा सुरक्षा जागरूकता (जनहित में जारी)
📰 ट्रेन में सफर के दौरान नशीला पदार्थ देकर लूटपाट – यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी
भारतीय रेलवे देश की जीवन रेखा है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अक्सर यात्री अपने सहयात्रियों के साथ बातचीत करने लगते हैं। यह बातचीत सामान्य विषयों जैसे राजनीति, धर्म, सामाजिक मुद्दे, और वर्तमान घटनाओं पर होती है। धीरे-धीरे यह बातचीत आपसी विश्वास में बदल जाती है।
लेकिन इसी विश्वास का फायदा उठाकर कुछ अपराधी तत्व (Druggers) यात्रियों को अपना शिकार बनाते हैं।
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⚠️ अपराध का तरीका (Modus Operandi)
इन अपराधियों का तरीका बहुत ही चालाक और सुनियोजित होता है:
ये लोग सामान्य यात्री बनकर ट्रेन में सफर करते हैं
कई बार ये रिजर्वेशन कराकर AC या स्लीपर कोच में यात्रा करते हैं ताकि शक न हो
सहयात्रियों से दोस्ताना व्यवहार करते हैं और विश्वास जीतते हैं
बातचीत के दौरान वे यात्रियों को बिस्कुट, चाय, कोल्ड ड्रिंक, टॉफी, प्रसाद आदि ऑफर करते हैं
इन खाद्य पदार्थों में नींद की दवा (Sleeping tablets जैसे 2 mg sedative) मिलाई होती है
👉 जैसे ही यात्री इसे खाता या पीता है, वह धीरे-धीरे बेहोश या गहरी नींद में चला जाता है
👉 इसके बाद अपराधी उसका मोबाइल, पैसे, बैग, गहने और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाता है
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🚨 हाल ही का मामला (कंचनजंगा एक्सप्रेस)
हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया:
ट्रेन संख्या: 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस
मार्ग: सियालदह (Sealdah) से गुवाहाटी
कोच: AC कोच
इस मामले में आरोपी ने:
सहयात्रियों के साथ दोस्ती की
खुद भी वैध टिकट/रिजर्वेशन कराया
खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया
और फिर यात्री को बेहोश कर उसका सामान चोरी कर लिया
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👮 RPF द्वारा कार्रवाई
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सक्रियता दिखाई।
श्री आदित्य कुमार मीना
इंस्पेक्टर, RPF (Zonal Anti-Drugging Team)
नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे
के नेतृत्व में टीम ने:
तकनीकी एवं फिजिकल सर्विलांस के माध्यम से आरोपी की पहचान की
लगातार प्रयास कर उसे गिरफ्तार (Apprehend) किया
आरोपी को GRP बोंगाईगांव को सौंप दिया
संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया (BNS)
वर्तमान में केस की जांच जारी है
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🏥 पीड़ितों की स्थिति
ऐसे मामलों में पीड़ित:
गहरी बेहोशी की स्थिति में पाए जाते हैं
कई बार ट्रेन के अंदर या स्टेशन पर लावारिस हालत में मिलते हैं
RPF/GRP और TTE द्वारा उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता है
उनके परिवारजनों को सूचित किया जाता है
यह स्थिति बहुत खतरनाक हो सकती है, क्योंकि अधिक मात्रा में दवा लेने से जान का खतरा भी हो सकता है।
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🛑 यात्रियों के लिए सुरक्षा सुझाव
सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा के दौरान निम्नलिखित सावधानियां अवश्य बरतें:
✅ क्या करें:
अपने सामान पर हमेशा नजर रखें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें
केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद्य पदार्थ खरीदें
यात्रा के दौरान सतर्क और सजग रहें
❌ क्या न करें:
किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु स्वीकार न करें
ज्यादा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें
अनजान व्यक्ति पर जल्दी विश्वास न करें
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📞 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन
☎️ रेलवे हेल्पलाइन: 139
किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें।
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📢 जनहित में अपील
रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं कि ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके। लेकिन यात्रियों की सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
👉 याद रखें:
“सावधानी ही सुरक्षा है”
यात्रा के दौरान थोड़ी सी लापरवाही आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
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📝 निष्कर्ष
आज के समय में जहां अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं, वहीं हमें भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना होगा। ट्रेन यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए जरूरी है कि हम:
सतर्क रहें
जागरूक रहें
और दूसरों को भी जागरूक करें
    user_Uttam Kumar Meena
    Uttam Kumar Meena
    Media and information sciences faculty गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by Anil Kumar journalist
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    Post by Anil Kumar journalist
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    19 hrs ago
  • 276वां हेला ख्याल दंगल हर्षोल्लास से संपन्न लालसोट में आयोजित 276वां गणगौर हेला ख्याल संगीत दंगल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन में सहयोग देने वाले पत्रकारों, समिति सदस्यों व कर्मियों का साफा, माला व प्रशस्ति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। अध्यक्ष चौथमल सुकारिया ने 36 घंटे चले दंगल के सफल आयोजन पर सभी का आभार जताया।
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    276वां हेला ख्याल दंगल हर्षोल्लास से संपन्न
लालसोट में आयोजित 276वां गणगौर हेला ख्याल संगीत दंगल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन में सहयोग देने वाले पत्रकारों, समिति सदस्यों व कर्मियों का साफा, माला व प्रशस्ति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। अध्यक्ष चौथमल सुकारिया ने 36 घंटे चले दंगल के सफल आयोजन पर सभी का आभार जताया।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    Lalsot, Dausa•
    18 hrs ago
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