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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की मौदहा कोतवाली इलाके में एक सुनार की दुकान में चोरी की घटना सामने आई है। एक महिला और एक लड़की गहने देखने के बहाने दुकान पर पहुँचे थे। इस दौरान महिला ने 400 ग्राम वजन की चांदी की पायल अपने पर्स में छिपा ली। जब दुकानदार गहनों का डिब्बा वापस रखने के लिए अंदर गया, तो महिला ने बड़ी चालाकी से पायल को पर्स से निकालकर अपने ब्लाउज में छिपा लिया। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
मोहम्मद राशिद पत्रकार
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की मौदहा कोतवाली इलाके में एक सुनार की दुकान में चोरी की घटना सामने आई है। एक महिला और एक लड़की गहने देखने के बहाने दुकान पर पहुँचे थे। इस दौरान महिला ने 400 ग्राम वजन की चांदी की पायल अपने पर्स में छिपा ली। जब दुकानदार गहनों का डिब्बा वापस रखने के लिए अंदर गया, तो महिला ने बड़ी चालाकी से पायल को पर्स से निकालकर अपने ब्लाउज में छिपा लिया। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
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- प्रयागराज के वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद हंजला लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और शहर को 'ग्रीन सिटी' बनाने के संकल्प के साथ एक व्यापक जन-अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मुहिम की शुरुआत उन्होंने तब की थी जब पर्यावरण जागरूकता अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन आज बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और विभिन्न सामाजिक संगठन इस वृक्षारोपण अभियान से जुड़ चुके हैं। मोहम्मद हंजला का मानना है कि शहर की पहचान केवल कंक्रीट के ढांचे से नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा और हरियाली से होती है, जिसके लिए विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। बढ़ते प्रदूषण और तापमान को पर्यावरण के लिए गंभीर संकट बताते हुए उन्होंने प्रशासन और आम जनता से इस साझा जिम्मेदारी को निभाने का आह्वान किया है। उनका तर्क है कि विकास परियोजनाओं के दौरान यदि पेड़ काटना अपरिहार्य हो, तो उसके स्थान पर कई गुना अधिक पौधे लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। मोहम्मद हंजला ने नागरिकों से भावनात्मक अपील की है कि वे किसी भी स्थान पर पौधारोपण की आवश्यकता होने पर उन्हें सूचित करें, ताकि वह स्वयं वहां पहुंचकर पौधे लगा सकें। उनका लक्ष्य प्रयागराज को देश की सबसे सुंदर और हरित नगरी बनाना है, जिसके लिए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार सहित सभी सामाजिक संस्थाओं से मिलकर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का आग्रह किया है।1
- चीन ने पहली बार समुद्र में ऑर्बिटल-क्लास रीयूज़ेबल फर्स्ट-स्टेज रॉकेट बूस्टर को सफलतापूर्वक रिकवर करने का कारनामा कर दिखाया है। देश की रीयूज़ेबल स्पेस लॉन्च टेक्नोलॉजी के इतिहास में इसे एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जबकि एलन मस्क की कंपनी स्पेस-एक्स (SpaceX) इस तरह के कार्यों को लगातार अंजाम देती रही है। हालांकि, चीन की यह लैंडिंग तकनीक स्पेस-एक्स से पूरी तरह अलग है। इस प्रक्रिया में लैंडिंग लेग्स का इस्तेमाल नहीं किया गया और न ही बूस्टर ने सीधे किसी जमीन या प्लेटफॉर्म को स्पर्श किया। इसके विपरीत, नीचे उतरते हुए रॉकेट को पानी में मौजूद एक चलते हुए प्लेटफॉर्म पर लगी विशेष व्यवस्था की मदद से हवा में ही पकड़ लिया गया।1
- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक वकील ने जज के साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार किया। कार्यवाही के बीच वकील ने जज से कहा, 'मी लॉर्ड.. मैं आपको आदेश देता हूँ कि एसीपी विकास नगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दें।' अपनी बात रखने के बाद वकील ने जजों की ओर कागज उछाले और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। इस घटना ने अदालत की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
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- अयोध्या में श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और बयानों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी माफियाओं को चुनौती देने और बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर मुखर रहने वाले योगी आदित्यनाथ का पूरा ध्यान अब राम मंदिर से जुड़े विवाद पर केंद्रित हो गया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और सत्ता में वापसी के दावों को प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पुराने शासनकाल के प्रकरणों को उठाना शुरू कर दिया है। वे लगातार मंचों से राम भक्तों पर गोली चलाने की घटना और राम के अस्तित्व को नकारने के आरोपों का जिक्र कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने नवंबर 2003 में अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ने का विवादित मामला याद दिलाया है और सार्वजनिक तौर पर सवाल किया है कि क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है। इस मुद्दे पर तर्क दिया जा रहा है कि वर्ष 2003 में जब हनुमानगढ़ी में नमाज का प्रकरण हुआ था, तब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी और अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से केंद्रीय एजेंसियों के अधीन थी। ऐसे में उस घटना के लिए तत्कालीन राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी बराबर की जिम्मेदारी मानी जा रही है।1
- कौशाम्बी के चरवा नगर पंचायत के पूरब टोला में गुरुवार दोपहर जमीनी विवाद और पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। सविता देवी ने चरवा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष जग नारायण समेत 27 नामजद लोगों ने दोपहर करीब 12 बजे उनके घर पर हमला कर दिया। पीड़िता के अनुसार, विरोध करने पर हमलावरों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला किया, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और दो छोटे बच्चों को चोटें आईं। साथ ही, महिलाओं के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करने व जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। सविता देवी का दावा है कि उनके पास घटना का वीडियो मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष ने कथित तौर पर धमकी दी कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पीड़िता ने पुलिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है, जिससे उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है।4