मापुसा के पुराने अर्बन हेल्थ सेंटर के पास संदिग्ध गांजे का एक पौधा पाया गया है, जिसे मापुसा पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस पौधे की फॉरेन्सिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह वास्तव में गांजे का ही पौधा है या नहीं। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पीएसआई दत्ताप्रसाद पंडित और पीएसआई उत्क्रांत देसाई के साथ पुलिस दल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने पौधे को प्लास्टिक बैग में सील कर दिया है और इस मामले की आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद की गई, जिन्होंने सेंटर के पास यह संदिग्ध पौधा उगते हुए देखा था। स्थानीय लोगों ने मौके पर बीयर और शराब की बोतलें, सिगरेट के पैकेट और माचिस मिलने का भी दावा किया है। इसके चलते नागरिकों ने आरोप लगाया है कि इस जगह का इस्तेमाल अवैध या उपद्रवी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
मापुसा के पुराने अर्बन हेल्थ सेंटर के पास संदिग्ध गांजे का एक पौधा पाया गया है, जिसे मापुसा पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस पौधे की फॉरेन्सिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह वास्तव में गांजे का ही पौधा है या नहीं। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पीएसआई दत्ताप्रसाद पंडित और पीएसआई उत्क्रांत देसाई के साथ पुलिस दल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने पौधे को प्लास्टिक बैग में सील कर दिया है और इस मामले की आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद की गई, जिन्होंने सेंटर के पास यह संदिग्ध पौधा उगते हुए देखा था। स्थानीय लोगों ने मौके पर बीयर और शराब की बोतलें, सिगरेट के पैकेट और माचिस मिलने का भी दावा किया है। इसके चलते नागरिकों ने आरोप लगाया है कि इस जगह का इस्तेमाल अवैध या उपद्रवी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
- मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित दिशा समिति की बैठक से कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया है। बैठक के दौरान हुई तीखी बहस के बाद जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के दोनों विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील अपना अपमान किए जाने से नाराज थे, जिसके चलते उन्होंने इस दिशा बैठक का बहिष्कार कर दिया। इस बैठक में भोपाल मास्टर प्लान को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी।1
- अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में एक पिता ने अपने बच्चे को जीवन में समय के सही उपयोग का महत्व सिखाया है। उन्होंने सोशल मीडिया और मोबाइल फोन पर अनावश्यक रूप से समय बिताने के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए घातक बताया है। पिता ने अपने बच्चे को कड़ी मेहनत करने, पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने और जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने की सीख दी है। यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही समय की कीमत समझानी चाहिए ताकि वे अपना उज्जवल भविष्य बना सकें। यह सीख अन्य अभिभावकों को भी अपने बच्चों को तकनीक के बजाय उत्पादक कार्यों में व्यस्त रखने के लिए प्रेरित कर रही है।1
- सनावद में कुछ दिन पहले सामने आए लव जिहाद के एक मामले के विरोध में शुक्रवार को सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली मुरली मनोहर (बावड़ी) मंदिर परिसर से दोपहर 4 बजे शुरू हुई और नगर के प्रमुख मार्गों—सुभाष चौक, मोटका चौराहा और बस स्टैंड से होते हुए पुलिस थाना परिसर तक पहुंची। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जिन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर नारे लगाए। पुलिस थाना परिसर में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी सत्यनारायण दर्रो को जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि युवतियों को प्रेम, विवाह या बेहतर भविष्य का झांसा देकर उनका शोषण किया जा रहा है और उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, कथित लैंड जिहाद के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई। आयोजकों का स्पष्ट कहना है कि अपराध करने वालों की पहचान उनके धर्म से नहीं बल्कि उनके कृत्य से होनी चाहिए और कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए। सकल हिंदू समाज ने प्रशासन को 10 दिन का समय दिया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी समय में उग्र आंदोलन के माध्यम से रणनीति तैयार की जाएगी। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई इस रैली के बाद अब स्थानीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जहां लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।4
- पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।1
- बुरहानपुर जिले के महलगुलारा स्थित प्राकृतिक झरने का कलेक्टर ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थल की स्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- खरगोन जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में विकास के दावों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुम्हारखेड़ा से कुकड़ोल तक की महज 3 किलोमीटर की सड़क पिछले 25 वर्षों से अधूरी पड़ी है। बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों का जीवन भी मुश्किल हो गया है। रोजाना करीब 35 से अधिक छात्र-छात्राएं इसी दुर्गम रास्ते से पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं, जहाँ फिसलन के कारण उन्हें गिरते-पड़ते स्कूल पहुँचना पड़ता है। सड़क की बदहाली का खामियाजा मरीजों और किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले ढाई दशकों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। इस संबंध में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में सड़क निर्माण के वादे किए जाते हैं, जिन्हें चुनाव समाप्त होते ही भुला दिया जाता है। अब आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सांसद गजेंद्र पटेल और भगवानपुरा विधायक केदार सिंह डाबर से तत्काल सड़क बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।3
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जावर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। स्थिति यह है कि स्थानीय पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनते नालों से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए जावर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से ऊंचे पुल के निर्माण की मांग उठाई है ताकि आवाजाही सुगम और सुरक्षित हो सके।1
- खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवना गांव में दुकानों के निर्माण और आवंटन को लेकर ग्रामीणों और सरपंच पति के बीच हिंसक झड़प हो गई। ग्राम पंचायत द्वारा नवनिर्मित 24 दुकानों के निर्माण और आवंटन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत से नाराज होकर सरपंच पति और उनके समर्थकों ने शिकायतकर्ता ग्रामीणों के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, लात और घूसे जमकर चले। इस पूरी मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल और भीकनगांव एसडीएम तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश दी और मामला शांत कराया।3