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फर्रुखाबाद की मंडी रोड पर सेंट्रल जेल चौराहे से आईटीआई चौराहे तक लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कई दिनों से चल रहे इस काम की गुणवत्ता पर मंडी रोड के निवासियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ठेकेदार के लोगों ने शिकायत करने वालों को धमकाकर चुप करा दिया। इसके बाद, निवासियों ने फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा को सूचित किया। भईयन मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काम की गुणवत्ता पर ठेकेदार के मेट से बात की, जिसने गोलमोल जवाब दिए और उल्टा लोगों को सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की धमकी दी। इस पर मौके पर मौजूद आम जनता और लोगों ने ठेकेदार के गुर्गों को खूब लताड़ा और तत्काल काम बंद करने को कहा। जाँच में पाया गया कि 25 सेंटीमीटर की सीसी की मोटाई मात्र 10 से 15 सेंटीमीटर थी। सीसी से पहले के दो कोड, जिनकी कुल मोटाई 30 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, वे भी आधे निकले, और तैयार सड़क की कुल मोटाई 55 सेंटीमीटर के बजाय 30 सेंटीमीटर से अधिक कहीं नहीं मिली। प्लांट से सीसी कराने की जानकारी होने के बावजूद काम मिक्सर से किया जा रहा था, और वाइब्रेटर का इस्तेमाल भी नहीं हो रहा था। इन अनियमितताओं के चलते काम रुकवा दिया गया। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने तत्काल पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फोन कर मौके पर बुलाया। देर रात सहायक अभियंता और जूनियर अभियंता ने घटनास्थल पर पहुंचकर रोड की मोटाई की जांच की, जो मानक से कम पाई गई। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि किसी भी सूरत में घटिया काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने, तथा टेंडर के नियम व शर्तों के अनुसार काम कराने की मांग की गई। यह भी कहा गया कि मानक के बोर्ड लगाए जाएं और जो घटिया निर्माण हो चुका है, उसे हटाकर ही काम दोबारा शुरू किया जाए, ताकि सरकारी पैसे की बंदरबांट न हो। मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश पाठक, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज मिश्रा, सभासद महेश अग्निहोत्री बाबू, सभासद अतुल शंकर दुबे, और सभासद विश्वनाथ राजपूत शामिल थे। सभी ने घटिया निर्माण कार्य पर विरोध दर्ज कराते हुए इसे मुख्य सड़क पर होना गलत बताया और कहा कि भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा तथा पीडब्ल्यूडी अधिकारी अपना रवैया सुधार कर अच्छा काम कराएं। पंकज मिश्रा ने मंडी रोड पर भारी ट्रैफिक और ट्रकों के प्रतिदिन आवागमन का हवाला देते हुए सड़क की गुणवत्ता से बनाने पर जोर दिया, अन्यथा यह सड़क एक महीने में ही खराब हो जाएगी। उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में निशीत दुबे उर्फ निशु, विनय सिंह सोमवंशी, बीके गुप्ता, मदन अग्निहोत्री, राजीव पाल, ओम निवास पाठक, राहुल वर्मा, नितिन यादव, जितेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, आलोक मिश्रा भूरे, सनी बाथम, आशू मिश्रा, राजीव वर्मा, पंकज राठौर, इमरान खान, महिपाल राजपूत, शिवांग बाजपेई, रजत वर्मा, चंचल, रामबरन शाक्य, और आशुतोष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल रहे।

8 hrs ago
user_Rahul katheriya
Rahul katheriya
Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

फर्रुखाबाद की मंडी रोड पर सेंट्रल जेल चौराहे से आईटीआई चौराहे तक लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कई दिनों से चल रहे इस काम की गुणवत्ता पर मंडी रोड के निवासियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ठेकेदार के लोगों ने शिकायत करने वालों को धमकाकर चुप करा दिया। इसके बाद, निवासियों ने फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा को सूचित किया। भईयन मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काम की गुणवत्ता पर ठेकेदार के मेट से बात की, जिसने गोलमोल जवाब दिए और उल्टा लोगों को सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की धमकी दी। इस पर मौके पर मौजूद आम जनता और लोगों ने ठेकेदार के गुर्गों को खूब लताड़ा और तत्काल काम बंद करने को कहा। जाँच में पाया गया कि 25 सेंटीमीटर की सीसी की मोटाई मात्र 10 से 15 सेंटीमीटर थी। सीसी से पहले के दो कोड, जिनकी कुल मोटाई 30 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, वे भी आधे निकले, और तैयार सड़क की कुल मोटाई 55 सेंटीमीटर के बजाय 30 सेंटीमीटर से अधिक कहीं नहीं मिली। प्लांट से सीसी कराने की जानकारी होने के बावजूद काम मिक्सर से किया जा रहा था, और वाइब्रेटर का इस्तेमाल भी नहीं हो रहा था। इन अनियमितताओं के चलते काम रुकवा दिया गया। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने तत्काल पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फोन कर मौके पर बुलाया। देर रात सहायक अभियंता और जूनियर अभियंता ने घटनास्थल पर पहुंचकर रोड की मोटाई की जांच की, जो मानक से कम पाई गई। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि किसी भी सूरत में घटिया काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने, तथा टेंडर के नियम व शर्तों के अनुसार काम कराने की मांग की गई। यह भी कहा गया कि मानक के बोर्ड लगाए जाएं और जो घटिया निर्माण हो चुका है, उसे हटाकर ही काम दोबारा शुरू किया जाए, ताकि सरकारी पैसे की बंदरबांट न हो। मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश पाठक, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज मिश्रा, सभासद महेश अग्निहोत्री बाबू, सभासद अतुल शंकर दुबे, और सभासद विश्वनाथ राजपूत शामिल थे। सभी ने घटिया निर्माण कार्य पर विरोध दर्ज कराते हुए इसे मुख्य सड़क पर होना गलत बताया और कहा कि भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा तथा पीडब्ल्यूडी अधिकारी अपना रवैया सुधार कर अच्छा काम कराएं। पंकज मिश्रा ने मंडी रोड पर भारी ट्रैफिक और ट्रकों के प्रतिदिन आवागमन का हवाला देते हुए सड़क की गुणवत्ता से बनाने पर जोर दिया, अन्यथा यह सड़क एक महीने में ही खराब हो जाएगी। उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में निशीत दुबे उर्फ निशु, विनय सिंह सोमवंशी, बीके गुप्ता, मदन अग्निहोत्री, राजीव पाल, ओम निवास पाठक, राहुल वर्मा, नितिन यादव, जितेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, आलोक मिश्रा भूरे, सनी बाथम, आशू मिश्रा, राजीव वर्मा, पंकज राठौर, इमरान खान, महिपाल राजपूत, शिवांग बाजपेई, रजत वर्मा, चंचल, रामबरन शाक्य, और आशुतोष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल रहे।

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  • फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ स्थित 12 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा 235 कैडेट्स को 'बी' सर्टिफिकेट वितरित किए गए हैं। यह वितरण कार्यक्रम 12 यूपी बटालियन एनसीसी, फतेहगढ़ में संपन्न हुआ।
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    फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ स्थित 12 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा 235 कैडेट्स को 'बी' सर्टिफिकेट वितरित किए गए हैं। यह वितरण कार्यक्रम 12 यूपी बटालियन एनसीसी, फतेहगढ़ में संपन्न हुआ।
    user_CITY NEWS
    CITY NEWS
    Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • कायमगंज के मझोला गांव में लंबे समय से नाली का पानी पूरी सड़क पर बह रहा है, जिससे गांव के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद गांव के प्रधान इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और समस्या को हल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। गांव के लोग इस स्थिति से जूझते हुए काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं।
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    कायमगंज के मझोला गांव में लंबे समय से नाली का पानी पूरी सड़क पर बह रहा है, जिससे गांव के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद गांव के प्रधान इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और समस्या को हल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। गांव के लोग इस स्थिति से जूझते हुए काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं।
    user_Satendra Kumar
    Satendra Kumar
    कायमगंज, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • शाहजहाँपुर के कलान स्थित परौर थाना क्षेत्र के बिचपुरी निवासी 25 वर्षीय राजू उर्फ कन्हैया का शव रामगंगा नदी से लगभग 24 घंटे बाद बरामद किया गया है। मंगलवार दोपहर वह अपने साथियों के साथ नदी में नहाने गया था, तभी गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया। देर शाम तक सफलता न मिलने पर एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने बुधवार सुबह पुलिस और गोताखोरों के साथ दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर में युवक का शव नदी से निकाला जा सका। शव मिलते ही नदी किनारे मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। माँ चंद्रकाली सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया है कि राजू पाँच भाइयों में तीसरे नंबर का था और अविवाहित था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और बिचपुरी व आसपास के गाँवों में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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    शाहजहाँपुर के कलान स्थित परौर थाना क्षेत्र के बिचपुरी निवासी 25 वर्षीय राजू उर्फ कन्हैया का शव रामगंगा नदी से लगभग 24 घंटे बाद बरामद किया गया है। मंगलवार दोपहर वह अपने साथियों के साथ नदी में नहाने गया था, तभी गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गया था।

घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया। देर शाम तक सफलता न मिलने पर एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने बुधवार सुबह पुलिस और गोताखोरों के साथ दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर में युवक का शव नदी से निकाला जा सका।

शव मिलते ही नदी किनारे मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। माँ चंद्रकाली सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया है कि राजू पाँच भाइयों में तीसरे नंबर का था और अविवाहित था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और बिचपुरी व आसपास के गाँवों में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
    user_Leagel India
    Leagel India
    कलां, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • एटा शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान का प्रतीक प्राचीन कैलाश मंदिर परिसर से सटा ऐतिहासिक तालाब इस समय बदहाली और उपेक्षा का शिकार है। कभी जल संरक्षण, धार्मिक अनुष्ठानों और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र रहा यह प्राचीन जलाशय अब कूड़े के ढेरों और गंदगी के बीच अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाया है कि तालाब क्षेत्र में लगातार कूड़ा डलवाया जा रहा है, जिससे यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे-धीरे कूड़ाघर में तब्दील होती जा रही है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, तालाब की दुर्दशा लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन हाल के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो में तालाब के किनारों पर बड़े पैमाने पर कूड़ा-करकट जमा देखा जा सकता है। नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका के कुछ सफाई कर्मियों द्वारा यहां नियमित रूप से कूड़ा डलवाया जा रहा है, जिससे न केवल तालाब का स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशयों में कूड़ा डालने से जल प्रदूषण बढ़ता है, भूजल रिचार्ज प्रभावित होता है और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है, जिससे आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैलाश मंदिर एटा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यह तालाब भी स्थानीय इतिहास तथा सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग माना जाता है। बुजुर्गों के अनुसार, यह तालाब वर्षाजल संचयन, भूजल संरक्षण और धार्मिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण था। इस गंभीर स्थिति पर नागरिकों ने सवाल उठाया है कि एक ओर सरकार जल संरक्षण, अमृत सरोवर योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के ऐतिहासिक जलाशयों की यह उपेक्षा चिंताजनक है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी, नगर पालिका परिषद, सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने तालाब में कूड़ा डालने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जलाशय के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन की व्यापक योजना तैयार करने की अपील की है। स्थानीय नागरिकों ने जोर देते हुए कहा है कि कैलाश मंदिर से जुड़ा यह तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि एटा की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने प्रशासन से इस धरोहर को बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि इसकी पहचान और प्राकृतिक स्वरूप आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
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    एटा शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान का प्रतीक प्राचीन कैलाश मंदिर परिसर से सटा ऐतिहासिक तालाब इस समय बदहाली और उपेक्षा का शिकार है। कभी जल संरक्षण, धार्मिक अनुष्ठानों और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र रहा यह प्राचीन जलाशय अब कूड़े के ढेरों और गंदगी के बीच अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाया है कि तालाब क्षेत्र में लगातार कूड़ा डलवाया जा रहा है, जिससे यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे-धीरे कूड़ाघर में तब्दील होती जा रही है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार, तालाब की दुर्दशा लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन हाल के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो में तालाब के किनारों पर बड़े पैमाने पर कूड़ा-करकट जमा देखा जा सकता है। नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका के कुछ सफाई कर्मियों द्वारा यहां नियमित रूप से कूड़ा डलवाया जा रहा है, जिससे न केवल तालाब का स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशयों में कूड़ा डालने से जल प्रदूषण बढ़ता है, भूजल रिचार्ज प्रभावित होता है और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है, जिससे आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कैलाश मंदिर एटा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यह तालाब भी स्थानीय इतिहास तथा सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग माना जाता है। बुजुर्गों के अनुसार, यह तालाब वर्षाजल संचयन, भूजल संरक्षण और धार्मिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण था। इस गंभीर स्थिति पर नागरिकों ने सवाल उठाया है कि एक ओर सरकार जल संरक्षण, अमृत सरोवर योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के ऐतिहासिक जलाशयों की यह उपेक्षा चिंताजनक है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी, नगर पालिका परिषद, सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने तालाब में कूड़ा डालने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जलाशय के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन की व्यापक योजना तैयार करने की अपील की है।

स्थानीय नागरिकों ने जोर देते हुए कहा है कि कैलाश मंदिर से जुड़ा यह तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि एटा की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने प्रशासन से इस धरोहर को बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि इसकी पहचान और प्राकृतिक स्वरूप आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
    user_Amit Gupta Ptrkar Etah
    Amit Gupta Ptrkar Etah
    Newspaper publisher अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • फर्रुखाबाद की मंडी रोड पर सेंट्रल जेल चौराहे से आईटीआई चौराहे तक लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कई दिनों से चल रहे इस काम की गुणवत्ता पर मंडी रोड के निवासियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ठेकेदार के लोगों ने शिकायत करने वालों को धमकाकर चुप करा दिया। इसके बाद, निवासियों ने फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा को सूचित किया। भईयन मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काम की गुणवत्ता पर ठेकेदार के मेट से बात की, जिसने गोलमोल जवाब दिए और उल्टा लोगों को सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की धमकी दी। इस पर मौके पर मौजूद आम जनता और लोगों ने ठेकेदार के गुर्गों को खूब लताड़ा और तत्काल काम बंद करने को कहा। जाँच में पाया गया कि 25 सेंटीमीटर की सीसी की मोटाई मात्र 10 से 15 सेंटीमीटर थी। सीसी से पहले के दो कोड, जिनकी कुल मोटाई 30 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, वे भी आधे निकले, और तैयार सड़क की कुल मोटाई 55 सेंटीमीटर के बजाय 30 सेंटीमीटर से अधिक कहीं नहीं मिली। प्लांट से सीसी कराने की जानकारी होने के बावजूद काम मिक्सर से किया जा रहा था, और वाइब्रेटर का इस्तेमाल भी नहीं हो रहा था। इन अनियमितताओं के चलते काम रुकवा दिया गया। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने तत्काल पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फोन कर मौके पर बुलाया। देर रात सहायक अभियंता और जूनियर अभियंता ने घटनास्थल पर पहुंचकर रोड की मोटाई की जांच की, जो मानक से कम पाई गई। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि किसी भी सूरत में घटिया काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने, तथा टेंडर के नियम व शर्तों के अनुसार काम कराने की मांग की गई। यह भी कहा गया कि मानक के बोर्ड लगाए जाएं और जो घटिया निर्माण हो चुका है, उसे हटाकर ही काम दोबारा शुरू किया जाए, ताकि सरकारी पैसे की बंदरबांट न हो। मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश पाठक, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज मिश्रा, सभासद महेश अग्निहोत्री बाबू, सभासद अतुल शंकर दुबे, और सभासद विश्वनाथ राजपूत शामिल थे। सभी ने घटिया निर्माण कार्य पर विरोध दर्ज कराते हुए इसे मुख्य सड़क पर होना गलत बताया और कहा कि भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा तथा पीडब्ल्यूडी अधिकारी अपना रवैया सुधार कर अच्छा काम कराएं। पंकज मिश्रा ने मंडी रोड पर भारी ट्रैफिक और ट्रकों के प्रतिदिन आवागमन का हवाला देते हुए सड़क की गुणवत्ता से बनाने पर जोर दिया, अन्यथा यह सड़क एक महीने में ही खराब हो जाएगी। उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में निशीत दुबे उर्फ निशु, विनय सिंह सोमवंशी, बीके गुप्ता, मदन अग्निहोत्री, राजीव पाल, ओम निवास पाठक, राहुल वर्मा, नितिन यादव, जितेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, आलोक मिश्रा भूरे, सनी बाथम, आशू मिश्रा, राजीव वर्मा, पंकज राठौर, इमरान खान, महिपाल राजपूत, शिवांग बाजपेई, रजत वर्मा, चंचल, रामबरन शाक्य, और आशुतोष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल रहे।
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    फर्रुखाबाद की मंडी रोड पर सेंट्रल जेल चौराहे से आईटीआई चौराहे तक लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कई दिनों से चल रहे इस काम की गुणवत्ता पर मंडी रोड के निवासियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ठेकेदार के लोगों ने शिकायत करने वालों को धमकाकर चुप करा दिया।

इसके बाद, निवासियों ने फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा को सूचित किया। भईयन मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काम की गुणवत्ता पर ठेकेदार के मेट से बात की, जिसने गोलमोल जवाब दिए और उल्टा लोगों को सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की धमकी दी। इस पर मौके पर मौजूद आम जनता और लोगों ने ठेकेदार के गुर्गों को खूब लताड़ा और तत्काल काम बंद करने को कहा। जाँच में पाया गया कि 25 सेंटीमीटर की सीसी की मोटाई मात्र 10 से 15 सेंटीमीटर थी। सीसी से पहले के दो कोड, जिनकी कुल मोटाई 30 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, वे भी आधे निकले, और तैयार सड़क की कुल मोटाई 55 सेंटीमीटर के बजाय 30 सेंटीमीटर से अधिक कहीं नहीं मिली। प्लांट से सीसी कराने की जानकारी होने के बावजूद काम मिक्सर से किया जा रहा था, और वाइब्रेटर का इस्तेमाल भी नहीं हो रहा था। इन अनियमितताओं के चलते काम रुकवा दिया गया।

फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने तत्काल पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फोन कर मौके पर बुलाया। देर रात सहायक अभियंता और जूनियर अभियंता ने घटनास्थल पर पहुंचकर रोड की मोटाई की जांच की, जो मानक से कम पाई गई। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि किसी भी सूरत में घटिया काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने, तथा टेंडर के नियम व शर्तों के अनुसार काम कराने की मांग की गई। यह भी कहा गया कि मानक के बोर्ड लगाए जाएं और जो घटिया निर्माण हो चुका है, उसे हटाकर ही काम दोबारा शुरू किया जाए, ताकि सरकारी पैसे की बंदरबांट न हो।

मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश पाठक, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज मिश्रा, सभासद महेश अग्निहोत्री बाबू, सभासद अतुल शंकर दुबे, और सभासद विश्वनाथ राजपूत शामिल थे। सभी ने घटिया निर्माण कार्य पर विरोध दर्ज कराते हुए इसे मुख्य सड़क पर होना गलत बताया और कहा कि भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा तथा पीडब्ल्यूडी अधिकारी अपना रवैया सुधार कर अच्छा काम कराएं। पंकज मिश्रा ने मंडी रोड पर भारी ट्रैफिक और ट्रकों के प्रतिदिन आवागमन का हवाला देते हुए सड़क की गुणवत्ता से बनाने पर जोर दिया, अन्यथा यह सड़क एक महीने में ही खराब हो जाएगी। उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में निशीत दुबे उर्फ निशु, विनय सिंह सोमवंशी, बीके गुप्ता, मदन अग्निहोत्री, राजीव पाल, ओम निवास पाठक, राहुल वर्मा, नितिन यादव, जितेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, आलोक मिश्रा भूरे, सनी बाथम, आशू मिश्रा, राजीव वर्मा, पंकज राठौर, इमरान खान, महिपाल राजपूत, शिवांग बाजपेई, रजत वर्मा, चंचल, रामबरन शाक्य, और आशुतोष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल रहे।
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कन्नौज में सदर ब्लॉक प्रमुख रामू कठेरिया अपनी ही सरकार में एसडीएम सदर वैशाली के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने एसडीएम पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें अपने ऑफिस से भगा दिया गया था। यह घटना तब हुई जब ब्लॉक प्रमुख किसी फाइल को लेकर एसडीएम से मिलने गए थे, खासकर तब जब जांच दोबारा तहसीलदार को सौंप दी गई थी। ब्लॉक प्रमुख रामू कठेरिया ने सवाल उठाया कि अगर जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का बर्ताव किया जाता है, तो आमजन के साथ अधिकारी कैसा व्यवहार करते होंगे। उन्होंने एसडीएम को हटाने की मांग पर जोर दिया है और सदर तहसील परिसर में एक पेड़ के नीचे धरना शुरू कर दिया है। ब्लॉक प्रमुख ने अल्टीमेटम दिया है कि एसडीएम के हटने के बाद ही उनका धरना समाप्त होगा।
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    कन्नौज में सदर ब्लॉक प्रमुख रामू कठेरिया अपनी ही सरकार में एसडीएम सदर वैशाली के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने एसडीएम पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें अपने ऑफिस से भगा दिया गया था। यह घटना तब हुई जब ब्लॉक प्रमुख किसी फाइल को लेकर एसडीएम से मिलने गए थे, खासकर तब जब जांच दोबारा तहसीलदार को सौंप दी गई थी।

ब्लॉक प्रमुख रामू कठेरिया ने सवाल उठाया कि अगर जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का बर्ताव किया जाता है, तो आमजन के साथ अधिकारी कैसा व्यवहार करते होंगे। उन्होंने एसडीएम को हटाने की मांग पर जोर दिया है और सदर तहसील परिसर में एक पेड़ के नीचे धरना शुरू कर दिया है।

ब्लॉक प्रमुख ने अल्टीमेटम दिया है कि एसडीएम के हटने के बाद ही उनका धरना समाप्त होगा।
    user_पत्रकार Munish Singh
    पत्रकार Munish Singh
    Grain Wholesaler छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • कन्नौज जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के सहियापुर गाँव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ छोटे भाई ने अपने बड़े भाई की हत्या करने के बाद खुद भी फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना जमीन को लेकर दोनों भाइयों के बीच हुए विवाद का परिणाम है। विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई ने एक धारदार हथियार से अपने बड़े भाई पर हमला कर दिया, जिससे बड़े भाई की मौके पर ही मौत हो गई। बड़े भाई की मौत के बाद, छोटे भाई ने भी फाँसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। एक साथ दो भाइयों की मौत से पूरे गाँव में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर, पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की जाँच में जुट गई है।
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    कन्नौज जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के सहियापुर गाँव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ छोटे भाई ने अपने बड़े भाई की हत्या करने के बाद खुद भी फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

यह दुखद घटना जमीन को लेकर दोनों भाइयों के बीच हुए विवाद का परिणाम है। विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई ने एक धारदार हथियार से अपने बड़े भाई पर हमला कर दिया, जिससे बड़े भाई की मौके पर ही मौत हो गई।

बड़े भाई की मौत के बाद, छोटे भाई ने भी फाँसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। एक साथ दो भाइयों की मौत से पूरे गाँव में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर, पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की जाँच में जुट गई है।
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    पत्रकार Munish Singh
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    10 hrs ago
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