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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म करने का यह निर्णय लिया। अनशन समाप्त करने के साथ ही सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है। यह घटनाक्रम आज देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Dilip Kumar Bharti
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म करने का यह निर्णय लिया। अनशन समाप्त करने के साथ ही सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है। यह घटनाक्रम आज देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म करने का यह निर्णय लिया। अनशन समाप्त करने के साथ ही सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है। यह घटनाक्रम आज देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- ऑनलाइन कमाई के तरीकों के बारे में जानने के इच्छुक लोगों को सीधे संदेश (DM) भेजने के लिए कहा गया है।1
- बांदा शहर के सिटी गार्डन मैरिज हॉल में शुक्रवार को करंट लगने से एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें पिता और पुत्र दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मैरिज हॉल में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। दोनों मृतक गिरवां थाना क्षेत्र के प्रेमपुर गांव के रहने वाले थे। मृतक पिता इसी मैरिज हॉल में गार्ड के रूप में तैनात थे और अज्ञात कारणों से अपने बेटे के साथ करंट की चपेट में आ गए। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। एक साथ पति और बेटे को खोने के सदमे में मृतक की पत्नी की हालत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल करंट लगने की मुख्य वजहों की जांच की जा रही है और पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।3
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले स्थित ग्राम मवई बुजुर्ग में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री के बीच किसानों की लगभग 300 बीघा कृषि भूमि रास्ता बंद होने के कारण खेती के लिए बेकार हो गई है। किसानों का आरोप है कि बाउंड्री निर्माण के दौरान उनके वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से वे अपने ही खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर प्रभावित किसानों ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। किसानों ने चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक करीब एक किलोमीटर लंबा पक्का संपर्क मार्ग बनवाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विकास परियोजनाएं उनसे उनकी जमीन तक पहुंच का अधिकार ही छीन लें तो ऐसे विकास पर सवाल उठना स्वाभाविक है, और यदि इसका जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उनकी आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा।1
- सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 58 वर्षीय शिक्षक इंद्रभान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वह बाइक से अपने स्कूल ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी रास्ते में मटेहना के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, इंद्रभान सिंह रामपुर बघेलान विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला बरती में पदस्थ थे और वहीं रहते थे। मंगलवार को वह किसी निजी काम से सतना आए थे और उन्होंने रात भरहुत नगर स्थित अपने मकान में बिताई थी। बुधवार सुबह वह वहीं से स्कूल के लिए निकले थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना के बाद राहगीरों ने तुरंत डायल-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस शिक्षक को जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और कोलगवां थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- बांदा में हुई बारिश की वजह से एक बार फिर नदियों का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र की नदियों के पानी के स्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।1
- अजयगढ़ वन विभाग द्वारा दमचुआ बीट के कक्ष क्रमांक 206, 215 एवं 216 में वन भूमि की सुरक्षा, पौधरोपण और वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 के दौरान पोल और जाली लगाने का कार्य कराया गया था। हालांकि, पहली ही बारिश में कई स्थानों पर ये खंभे उखड़कर गिर गए, जिससे पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह काम करीब तीन-चार महीने पहले ही पूरा हुआ था, लेकिन शुरुआती बारिश में ही इसकी पोल खुल गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खंभों की नींव में सीमेंट, गिट्टी और बालू का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं किया गया तथा कई जगह नींव में मिट्टी अधिक भर दी गई, जिसके कारण खंभे बारिश का दबाव सहन नहीं कर सके। फिलहाल गिरे हुए खंभों और जालियों को दोबारा खड़ा कराने का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इस मामले में वन विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, और अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित एजेंसी पर क्या कार्रवाई करते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा रोडवेज बस स्टेशन में हजारों लीटर डीजल की हेराफेरी का महाघोटाला सामने आया है, जिसके बाद तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कर्मचारियों के आपसी विवाद के चलते उजागर हुए इस मामले में मुख्य आरोपी स्टेशन मास्टर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। चित्रकूट धाम मंडल बांदा डिपो के एक कर्मचारी कपिल कुमार कश्यप ने प्रबंध निदेशक को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया कि 8 जुलाई 2026 को डिपो पहुंचे 20 हजार लीटर के डीजल टैंकर में से 14 हजार लीटर डीजल की कथित हेराफेरी की गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर प्रथम दृष्टया जांच में डीजल के लेखा-जोखा और दस्तावेजों में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। वहीं जांच अधिकारी एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वित्त शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्हें 29 मई 2026 को जांच सौंपी गई थी, जिसमें लिपिकों के साथ स्टेशन मास्टर की भी लापरवाही सामने आई है। साथ ही उन्हें पिछले कई सालों के दस्तावेज जांचने का आदेश मिला है। हालांकि, मूल रूप से प्रयागराज में तैनाती, बांदा अटैचमेंट और महज नौ दिन बाद रिटायरमेंट होने के कारण उन्होंने इतने कम समय में जांच करने में अक्षमता जताते हुए उच्च अधिकारियों को चिट्ठी लिख दी है। जांच अधिकारी के बयान और क्षेत्रीय प्रबंधक राम लावट के कार्यालय से जुड़ी इस जांच प्रक्रिया से स्पष्ट है कि यह गलती सिर्फ सस्पेंड किए गए तीन बाबुओं तक सीमित नहीं है। बांदा रोडवेज में पिछले कई सालों से डीजल की हेराफेरी चल रही थी और यदि इस पूरे मामले की ईमानदारी से जांच की जाए तो एक बहुत बड़ा खेल निकलकर सामने आ सकता है।3