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कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल के निर्देश पर मैदानी अमले द्वारा तहसील ब्योहारी अंतर्गत ग्राम दुर्गापुर (बुढ़वा) एवं सथनी (बुढ़वा) में 170 घनमीटर खनिज रेत का विनिष्टीकरण किया गया। #शहडोल #shahdol
Angad Tiwari
कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल के निर्देश पर मैदानी अमले द्वारा तहसील ब्योहारी अंतर्गत ग्राम दुर्गापुर (बुढ़वा) एवं सथनी (बुढ़वा) में 170 घनमीटर खनिज रेत का विनिष्टीकरण किया गया। #शहडोल #shahdol
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- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल के निर्देश पर मैदानी अमले द्वारा तहसील ब्योहारी अंतर्गत ग्राम दुर्गापुर (बुढ़वा) एवं सथनी (बुढ़वा) में 170 घनमीटर खनिज रेत का विनिष्टीकरण किया गया। #शहडोल #shahdol1
- आजादी का पर्व मनाए घर-घर तिरंगा लहराय आज से शुरू हुआ घर घर तिरंगा अभियान उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उमरिया जिले में भी 9 से 17 अगस्त तक अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य आमजन में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता दिवस के प्रति उत्साह एवं जनभागीदारी बढ़ाना है। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने बताया कि 9 अगस्त को शाम 4 बजे जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम से जिला स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन की सहभागिता रहे गी2
- शहडोल,,कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल के निर्देश पर मैदानी अमले द्वारा तहसील ब्योहारी अंतर्गत ग्राम दुर्गापुर (बुढ़वा) एवं सथनी (बुढ़वा) में 170 घनमीटर खनिज रेत का विनिष्टीकरण किया गया। शहडोल,,कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल के निर्देश पर मैदानी अमले द्वारा तहसील ब्योहारी अंतर्गत ग्राम दुर्गापुर (बुढ़वा) एवं सथनी (बुढ़वा) में 170 घनमीटर खनिज रेत का विनिष्टीकरण किया गया।1
- सीएम मोहन यादव ने भोपाल से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ, उमरिया में आज से होंगे आयोजन सीएम मोहन यादव ने भोपाल से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ, उमरिया में आज से होंगे आयोजन उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उमरिया जिले में भी 9 से 17 अगस्त तक अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य आमजन में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता दिवस के प्रति उत्साह एवं जनभागीदारी बढ़ाना है। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने बताया कि 9 अगस्त को शाम 4 बजे जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम से जिला स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन की सहभागिता रहेगी। 10 अगस्त को एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, युवा मंडल, स्व-सहायता समूह एवं स्वयंसेवी संगठनों की तिरंगा यात्रा होगी। 11 अगस्त को साइकिल-बाइक रैली एवं मानव श्रृंखला तथा 12 अगस्त को खेल गतिविधियों के साथ तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी। *13 अगस्त को घर-घर संपर्क कर नागरिकों को तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह, 16 अगस्त को तिरंगा जागरूकता कार्यक्रम होंगे। 17 अगस्त को अभियान का समापन एवं समीक्षा की जाएगी।*2
- *भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से बस को लगवाया धक्का!* *सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस बस स्टैंड पर हुई खराब; मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल* *भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों से बस को लगवाया धक्का!* *सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के आवागमन के लिए संचालित बस बस स्टैंड पर हुई खराब; मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल* *रवि सेन | दैनिक देशबंधु* मानपुर, उमरिया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए बसों का संचालन कराया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स को मिला है। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर इसी व्यवस्था में संचालित एक बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी में बस में सवार स्कूली बच्चों को नीचे उतरकर बस को धक्का लगाना पड़ा। घटना सामने आने के बाद बच्चों के सुरक्षित परिवहन और बसों की तकनीकी स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। *पुरानी बसों के संचालन का आरोप* अभिभावकों का कहना है कि बस खराब होने की यह पहली घटना नहीं है। बच्चों के परिवहन में लगी बसों के बार-बार खराब होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि पुरानी बसों को डेंट-पेंट कराकर बच्चों के परिवहन में लगाया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की वास्तविक उम्र, तकनीकी स्थिति और फिटनेस की पुष्टि अधिकृत जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए अब आरटीओ की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। *बच्चों की सुरक्षा पर सवाल* स्कूली बस का बीच रास्ते में खराब होना तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी में बच्चों का खुद सड़क पर उतरकर बस को धक्का लगाना परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। क्या बच्चों के परिवहन में लगी बसों की नियमित तकनीकी जांच होती है? क्या उनके फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध हैं? क्या नियमित सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद सामने आना चाहिए। *जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण* मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने कहा, “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।” अब आरटीओ के निरीक्षण से यह स्पष्ट होगा कि बस निर्धारित फिटनेस एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। *सवाल बस खराब होने से आगे का* मामला केवल एक बस के खराब होने तक सीमित नहीं है। यदि बच्चों के परिवहन के लिए संचालित बसों की तकनीकी स्थिति कमजोर पाई जाती है तो यह व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल होगा। वहीं यदि बस फिटनेस मानकों पर खरी उतरती है तो बार-बार खराब होने की शिकायतों के कारणों की जांच भी जरूरी होगी। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब निगाह आरटीओ के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।1
- पांच माह हो गए रेरा एमपी में मुख्य अध्यक्ष पद खाली हुए अभी तक कोई भी नया अध्यक्ष नहीं चुना गया ग्राहकों के लिए बनाए गए कानून जनता के काम नहीं आ रहा न्याय कैसे मिलेगा जनता को जब पद ही खाली होगा1
- चंदिया स्थित श्री हरि शंकरी महादेव मंदिर चंदिया जिला उमरिया में सावन महीना में 24 घंटा अखंड रामायण एवं उक्त रामायण प्रतिदिन सावन मास तक अखंड रामायण का आयोजन किया जाता है उमरिया मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर वार्ड नंबर 13 मैं श्री हर संकरी महादेव मंदिर चंदिया में समस्त वार्ड वासियों द्वार श्रवणके पूरे मास में अखंड रामायण का आयोजन किया जाता है इसके उपरांत खुजलिया के दिन भगवान शिव के मंदिर में विशाल भंडारा का आयोजन किया जाता है जिसमें आसपास के काफी लोग हजारों की संख्या में भगवान शिव का प्रसाद ग्रहण करने आते हैं उक्त कार्यक्रम समस्त वार्ड वासियों एवं भक्तगणों के सहयोग से संपन्न होता है l मंदिर श्रवण के पूरे महीने भर अखंड रामायण के लिए प्रसिद्ध रहता है।2
- सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल बच्चों से बस को धक्का लगवाया, सिस्टम को किसका इंतजार? सांदीपनि विद्यालय मानपुर की बस बीच बस स्टैंड पर हुई खराब; भीषण गर्मी में बच्चे उतरे सड़क पर, मंगलानी ट्रैवल्स की बसों की फिटनेस पर उठे सवाल आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया मानपुर। स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के दावों के बीच मानपुर में सामने आई एक तस्वीर ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे मानपुर बस स्टैंड पर सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को लेकर जा रही बस अचानक खराब हो गई। भीषण गर्मी के बीच बच्चों को बस से नीचे उतरना पड़ा और इसके बाद बच्चों से ही बस को धक्का लगवाया गया। घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब बच्चों की सुरक्षा के लिए बसें संचालित की जा रही हैं, तो क्या उनके रखरखाव और तकनीकी फिटनेस की नियमित निगरानी की जा रही है? फिटनेस प्रमाण-पत्र सिर्फ कागज पर तो नहीं? बताया जा रहा है कि सांदीपनि विद्यालय मानपुर में बच्चों के परिवहन का कार्य मंगलानी ट्रैवल्स की बसों के माध्यम से कराया जा रहा है। बस के बीच रास्ते में खराब होने की घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता है। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बच्चों के परिवहन में पुरानी बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, संबंधित बस की उम्र और तकनीकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अधिकृत जांच के बिना नहीं की जा सकती। यही वजह है कि अब आरटीओ की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। जांच में बस की फिटनेस, परमिट, बीमा, ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट्स और अन्य सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट होना चाहिए। बच्चों से धक्का लगवाना बना सबसे बड़ा सवाल बस खराब होना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या आपात स्थिति में बच्चों को बस से उतारकर उनसे भारी वाहन को धक्का लगवाना सुरक्षित व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है? भीषण गर्मी में सड़क पर बच्चों को खड़ा करना और उनसे बस को धक्का लगवाना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। डीईओ बोले—आरटीओ से कराएंगे निरीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा— “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। हम आरटीओ से बस का निरीक्षण कर लेंगे।” अब सवाल यह है कि आरटीओ की जांच में क्या सामने आता है और उसके बाद क्या कार्रवाई होती है। जिम्मेदारों से 5 सीधे सवाल 1. बच्चों को लेकर चलने वाली बस की प्रतिदिन तकनीकी जांच कौन करता है? 2. संबंधित बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है या नहीं? 3. बस की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं? 4. बस खराब होने की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? 5. क्या बच्चों से बस को धक्का लगवाने की घटना की जिम्मेदारी तय होगी? अब जांच सिर्फ बस की नहीं, पूरी व्यवस्था की होनी चाहिए मामला केवल एक बस खराब होने का नहीं है। मामला उन बच्चों की सुरक्षा का है, जिन्हें अभिभावक विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं। यदि बस पूरी तरह फिट थी तो वह अचानक क्यों खराब हुई? और यदि तकनीकी खामी थी तो उसे बच्चों के परिवहन में क्यों लगाया गया? अब आरटीओ की जांच यह तय करेगी कि बस वास्तव में 'फिट' थी या केवल कागजों में।फ्रंट पेज के लिए वैकल्पिक सबसे तीखी हेडलाइन: “बच्चे पढ़ने निकले थे, बस धक्का लगाने लगे!” सांदीपनि विद्यालय की बस खराब होने से परिवहन व्यवस्था पर सवाल, भीषण गर्मी में बच्चों को सड़क पर उतारने की नौबत।1