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पिंजौर की प्राचीन और प्रसिद्ध मेन मार्किट स्थित ऐतिहासिक बावड़ी इस समय भारी गंदगी और लगातार मरी हुई मछलियों के कारण बदहाल स्थिति में है। बावड़ी से फैल रही तेज बदबू के कारण आसपास के दुकानदार, श्रद्धालु और स्थानीय लोग काफी परेशान हैं, जिससे उनका जीना मुश्किल हो गया है। जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ युवा नेता एवं समाजसेवी हन्नी सिंह ने इस स्थिति पर प्रशासन और नगर परिषद कालका-पिंजौर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से बावड़ी में बड़ी-बड़ी मछलियां मर रही हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। हन्नी सिंह ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस धार्मिक स्थल की तत्काल सफाई की मांग की है।
Samuel Yunas
पिंजौर की प्राचीन और प्रसिद्ध मेन मार्किट स्थित ऐतिहासिक बावड़ी इस समय भारी गंदगी और लगातार मरी हुई मछलियों के कारण बदहाल स्थिति में है। बावड़ी से फैल रही तेज बदबू के कारण आसपास के दुकानदार, श्रद्धालु और स्थानीय लोग काफी परेशान हैं, जिससे उनका जीना मुश्किल हो गया है। जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ युवा नेता एवं समाजसेवी हन्नी सिंह ने इस स्थिति पर प्रशासन और नगर परिषद कालका-पिंजौर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से बावड़ी में बड़ी-बड़ी मछलियां मर रही हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। हन्नी सिंह ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस धार्मिक स्थल की तत्काल सफाई की मांग की है।
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- पिंजौर की प्राचीन और प्रसिद्ध मेन मार्किट स्थित ऐतिहासिक बावड़ी इस समय भारी गंदगी और लगातार मरी हुई मछलियों के कारण बदहाल स्थिति में है। बावड़ी से फैल रही तेज बदबू के कारण आसपास के दुकानदार, श्रद्धालु और स्थानीय लोग काफी परेशान हैं, जिससे उनका जीना मुश्किल हो गया है। जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ युवा नेता एवं समाजसेवी हन्नी सिंह ने इस स्थिति पर प्रशासन और नगर परिषद कालका-पिंजौर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से बावड़ी में बड़ी-बड़ी मछलियां मर रही हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। हन्नी सिंह ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस धार्मिक स्थल की तत्काल सफाई की मांग की है।1
- अंबाला शहर के नान हाउस इलाके में सड़क पर फैले अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की टीम और पुलिस बल ने मिलकर कार्रवाई की। दुकानदारों पर आरोप है कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद वे अपनी दुकानों के सामने सड़क पर कब्जा जमा लेते हैं, जिससे 40 फुट चौड़ी सड़क मात्र 10 फुट की रह जाती है। दुकानदार अपनी दुकानों के सामने सड़क पर पड़ने वाले लगभग 10 फुट के क्षेत्र पर अपना सामान रखकर आवागमन बाधित कर देते हैं। इसी के चलते राहगीरों और यात्रियों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।1
- नालागढ़ के करसोली गाँव, पंजेहरा तहसील में एक परिवार को आज तक पंचायत की तरफ से कोई भी रास्ता नहीं दिया गया है। बताया गया है कि पंचायत ने इस परिवार को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। इस परिवार में कोई भी कमाने वाला सदस्य भी नहीं है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।1
- हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल द्वारा पंचायत चुनावों के पहले चरण में 75 प्रतिशत जीत के दावे पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा के इन दावों को “ख्याली पुलाव” और “बेबुनियाद बयानबाजी” करार देते हुए कहा कि पंचायत चुनावों की प्रकृति को समझे बिना ही राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। विक्रमादित्य सिंह ने सवाल उठाया कि क्या पंचायत चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों पर भाजपा या राजीव बिंदल का कोई ठप्पा लगा है, क्योंकि ये चुनाव व्यक्तिगत क्षमता, स्थानीय जनसमर्थन और उम्मीदवार की मेहनत के आधार पर लड़े और जीते जाते हैं। उनके अनुसार, जो उम्मीदवार जीतकर आए हैं, उन्होंने अपनी कार्यशैली, मेहनत और जनता के विश्वास के दम पर ही जीत दर्ज की है। विक्रमादित्य सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा बिना किसी आधार के बड़े-बड़े दावे कर राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रही है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत चुनावों के अभी दो चरण बाकी हैं और वास्तविक स्थिति पूरी तस्वीर सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने पंचायत चुनावों को विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तरह “सेमीफाइनल” बताने को पूरी तरह गलत बताया। विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, हर चुनाव की अपनी गरिमा और अलग प्रकृति होती है, क्योंकि पंचायत चुनाव स्थानीय मुद्दों, स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय समीकरणों पर आधारित होते हैं, जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में एक अलग तरह का राजनीतिक नेरेटिव चलता है। इसके साथ ही, विक्रमादित्य सिंह ने नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि आगामी नगर निगम चुनावों में भी पार्टी बेहतर नतीजे हासिल करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत चुनावों में जो भी प्रतिनिधि जीतकर आएगा, राज्य सरकार उसके साथ मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी। मंत्री ने अंत में बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर पार्टी का विस्तृत पक्ष अलग से रखेंगे।4
- मतदान प्रक्रिया के दौरान सरकारी संपत्ति पर चुनाव प्रचार का एक मामला सामने आया है। इस मामले के उजागर होने के बाद, उपायुक्त राहुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- रादौर के गाँव जठलाना में एक पूर्व विधायक की फैक्ट्री पर हुई फायरिंग के मामले में, आरोपी हर्ष उर्फ गंजा को पुलिस निशानदेही के लिए ले गई। सुनेहडी खालसा गाँव का निवासी यह आरोपी, गाँव काजनु नहर पुल पर निशानदेही के लिए अपने घुटनों पर चलकर पहुँचा और प्रक्रिया पूरी की।1
- पूर्व सैनिक चंदू इस समय चर्चा का विषय क्यों बने हुए हैं, यह प्रश्न उठाया जा रहा है। इसके साथ ही, यह भी जानने की जिज्ञासा है कि सेना ने उनके संबंध में कोई बड़ा कदम या कार्रवाई की है या नहीं।1
- राजधानी शिमला में इस बार क्रिकेट को केवल एक खेल नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से बचाने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने का एक बड़ा अभियान बनाया जा रहा है। "चिट्टा छोड़ो, खेलो खेल" की थीम पर आयोजित होने वाला "शिमला क्रिकेट कार्निवाल 2026" युवाओं में खेल भावना जगाने के साथ-साथ समाज को नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश देगा। यह कार्निवाल वर्ष 2023 की समरहिल त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले चार युवा क्रिकेटरों—संजीव ठाकुर, अविनाश नेगी, अमित ठाकुर और नीरज ठाकुर—की स्मृति को समर्पित किया गया है। यह महत्वपूर्ण आयोजन हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चर यूथ क्लब शिमला और नगर निगम शिमला के संयुक्त तत्वावधान में 1 जून से 13 जून तक पुलिस ग्राउंड भराड़ी में किया जाएगा। महापौर सुरेंद्र चौहान ने इस अवसर पर कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं, और आज के समय में नशे के खिलाफ खेल तथा रचनात्मक गतिविधियाँ ही सबसे प्रभावी हथियार हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 13 जून को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह मुख्यातिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्निवाल की एक खास बात यह है कि शिमला में पहली बार क्रिकेट मुकाबले फ्लडलाइट्स के नीचे डे-नाइट फॉर्मेट में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में नगर निगम के 34 वार्डों से लगभग 50 टीमें हिस्सा लेंगी, जबकि 18 विभागीय टीमें इंस्टीट्यूशनल लीग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार महिला टीमें भी इस मैदान में उतरेंगी। संस्था के अध्यक्ष वीरेंद्र बांश्टु ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता दो चरणों में होगी; पहले चरण में गली क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसके बाद दूसरे चरण में चयनित टीमों के बीच प्रोफेशनल नॉकआउट मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को नशे से दूर कर खेल संस्कृति से जोड़ने का एक बड़ा सामाजिक अभियान बनेगा। प्रतियोगिता के दौरान 12 से अधिक खिलाड़ियों को किट भी वितरित की जाएंगी, ताकि उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सके। विजेता टीमों के लिए आकर्षक नकद पुरस्कार भी रखे गए हैं: वार्ड और डिपार्टमेंटल नॉकआउट वर्ग की विजेता टीम को ₹1.11 लाख और उपविजेता को ₹55 हजार मिलेंगे, वहीं गली क्रिकेट फॉर्मेट में विजेता टीम को ₹44 हजार और रनरअप टीम को ₹22 हजार की राशि प्रदान की जाएगी।2