कोंडागांव के बाजारपारा क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार के सुव्यवस्थित पुनर्विकास की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष व कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी और कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने रविवार को बाजारपारा क्षेत्र का दौरा कर पुनर्विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाजार में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को देखा और अधिकारियों को आम नागरिकों, व्यापारियों तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाजार परिसर में आधुनिक व व्यवस्थित शेड निर्माण, बेहतर विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त हाईमास्ट और प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। अधिकारियों को बाजार को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जल्द से जल्द कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस दौरान मनोज जैन, सोनामणि पोयाम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सचिन गुप्ता और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
कोंडागांव के बाजारपारा क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार के सुव्यवस्थित पुनर्विकास की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष व कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी और कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने रविवार को बाजारपारा क्षेत्र का दौरा
कर पुनर्विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाजार में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को देखा और अधिकारियों को आम नागरिकों, व्यापारियों तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
दिए। उन्होंने बाजार परिसर में आधुनिक व व्यवस्थित शेड निर्माण, बेहतर विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त हाईमास्ट और प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। अधिकारियों को बाजार को अधिक सुविधाजनक,
सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जल्द से जल्द कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस दौरान मनोज जैन, सोनामणि पोयाम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सचिन गुप्ता और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
- कोंडागांव के बाजारपारा क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार के सुव्यवस्थित पुनर्विकास की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष व कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी और कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने रविवार को बाजारपारा क्षेत्र का दौरा कर पुनर्विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाजार में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को देखा और अधिकारियों को आम नागरिकों, व्यापारियों तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाजार परिसर में आधुनिक व व्यवस्थित शेड निर्माण, बेहतर विद्युत व्यवस्था, पर्याप्त हाईमास्ट और प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। अधिकारियों को बाजार को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जल्द से जल्द कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस दौरान मनोज जैन, सोनामणि पोयाम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सचिन गुप्ता और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।4
- कोंडागांव के बाजारपारा क्षेत्र के पुनर्विकास की तैयारियां तेज हो गई हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक सुश्री लता उसेंडी और कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने बाजार का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक बाजार शेड, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस विकास पहल से स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- अखिलेश यादव और टिन्नू यादव के विवाद में एक नया ट्विस्ट सामने आया है। 980 कॉल करने के दावे पर अब यू-टर्न ले लिया गया है, जिसके बाद अमित भारद्वाज ने इस पूरे मामले में माफी मांग ली है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर थाना परिसर में आज दिनांक 12/07/2026 को सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती के अवसर पर 'एकता वृक्षारोपण' कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। यह अभियान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस थाना स्टाफ की मौजूदगी में आयोजित हुआ। इस विशेष मौके पर नगर पालिका बलरामपुर के अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पार्षद राकेश सिंह, पूर्व पार्षद श्री विनय यादव और भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री श्री भानु दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने थाना स्टाफ के साथ मिलकर परिसर में पौधारोपण किया।4
- धमतरी के पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के कार्यकाल के आखिरी दिन पुलिस लाइन स्थित पुलिस कंपोजिट बिल्डिंग में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और सफेमा (SAFEMA) एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ वैज्ञानिक और परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा अपराधियों द्वारा अपराध से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों पर आर्थिक प्रहार की रणनीति को सशक्त बनाना था। एसपी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस बल ने जिले से नशे के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का संकल्प लिया। कार्यशाला में जिले के सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, डीएसपी मोनिका मरावी, डीएसपी सुश्री मीना साहू, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी और विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार, निरीक्षक चन्द्रकांत साहू और अन्य विशेषज्ञों द्वारा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीयन, तलाशी व जब्ती की वैधानिक प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के संरक्षण तथा गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर मार्गदर्शन दिया गया। इसके अलावा, सफेमा एक्ट, 1976 के अंतर्गत नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध चल-अचल संपत्तियों की पहचान, दस्तावेजी साक्ष्यों के संकलन और संपत्ति कुर्की की कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केवल अपराधियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उनकी आर्थिक कमर तोड़ना बेहद जरूरी है। उल्लेखनीय है कि धमतरी पुलिस द्वारा इस साल पहली बार एनडीपीएस मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करण धुरी, उषा धुरी और आरती रजक की अवैध संपत्तियों पर सफेमा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। कार्यशाला का समापन इस दृढ़ संकल्प के साथ हुआ कि धमतरी पुलिस जिले को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रखेगी।2
- बस्तर में 'तीसरी आँख' के माध्यम से लोकतंत्र और संवेदनशीलता को लेकर एक बेहद गंभीर और विचारणीय सवाल उठाया गया है। इस विमर्श में पूछा गया है कि अगर घर का सबसे योग्य बेटा 15 दिन से भूखा बैठा हो, तो क्या परिवार पहले आपस में बहस करेगा या फिर सबसे पहले उसकी जान बचाएगा। इसी सवाल को लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा बताते हुए इस पूरे विमर्श को अंत तक सुनने की बात कही गई है।1