सहारनपुर के छुटमलपुर थाना क्षेत्र में फतेहपुर पुलिस ने एक शातिर गौकश को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा की अगुवाई में पुलिस टीम मुजफ्फराबाद चौकी क्षेत्र के ग्राम शबरीपुर की नदी के निकट संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन दोनों रुकने के बजाय भागने लगे। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायर झोंक दिया। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल बदमाश की पहचान इसरार पुत्र पीरू निवासी दतौली मुगल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, दो कारतूस, बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल तथा गौकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि फरार बदमाश की तलाश में पुलिस की कॉम्बिंग लगातार जारी है।
सहारनपुर के छुटमलपुर थाना क्षेत्र में फतेहपुर पुलिस ने एक शातिर गौकश को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा की अगुवाई में पुलिस टीम मुजफ्फराबाद चौकी क्षेत्र के ग्राम शबरीपुर की नदी के निकट संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन दोनों रुकने के बजाय भागने लगे। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायर झोंक दिया। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि
उसका दूसरा साथी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल बदमाश की पहचान इसरार पुत्र पीरू निवासी दतौली मुगल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, दो कारतूस, बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल तथा गौकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि फरार बदमाश की तलाश में पुलिस की कॉम्बिंग लगातार जारी है।
- सहारनपुर के छुटमलपुर थाना क्षेत्र में फतेहपुर पुलिस ने एक शातिर गौकश को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा की अगुवाई में पुलिस टीम मुजफ्फराबाद चौकी क्षेत्र के ग्राम शबरीपुर की नदी के निकट संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन दोनों रुकने के बजाय भागने लगे। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायर झोंक दिया। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल बदमाश की पहचान इसरार पुत्र पीरू निवासी दतौली मुगल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, दो कारतूस, बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल तथा गौकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि फरार बदमाश की तलाश में पुलिस की कॉम्बिंग लगातार जारी है।2
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बेहट उप-जिले में एक खतरनाक गड्ढा पिछले 15 दिनों से खुला पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गड्ढे में कई लोग गिर चुके हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी या प्रधान इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। लोग इस लापरवाही पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- सहारनपुर के एसबीडी जिला अस्पताल में रविवार को सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। करीब 45 संविदा सफाईकर्मियों ने दो माह का मानदेय न मिलने के विरोध में हड़ताल कर काम बंद कर दिया। हड़ताल के चलते अस्पताल के वार्डों, ओपीडी, इमरजेंसी और अन्य हिस्सों में गंदगी फैल गई तथा जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए। सफाई कार्य ठप होने से मेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी प्रभावित हुआ और नालियों की सफाई नहीं हो सकी। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई। हड़ताली सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें मई और जून महीने का मानदेय अब तक नहीं मिला है। लगातार दो महीने से वेतन न मिलने के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर उन्हें मजबूर होकर काम बंद करना पड़ा। वहीं, जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि लखनऊ स्थित ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पोर्टल ठीक होते ही सभी सफाईकर्मियों का मानदेय जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्होंने स्वयं वार्डों के डस्टबिन खाली करवाए और वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।1
- बिहार की स्थिति बहुत खराब है। लोग परेशान हैं और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विशेष रूप से भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पुल के आस-पास की स्थिति चिंताजनक है। लोग सोशल मीडिया पर लाइक और शेयर करके सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। आवेदन करने की आवश्यकता है ताकि सरकार इस गंभीर समस्या पर ध्यान दे और आवश्यक कदम उठाए।4
- अरविंद केजरीवाल का वीडियो हुआ वायरल ई २० पर खड़े किए सवाल!1
- हरिद्वार में अपने दौरे के दौरान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नन्हीं बच्ची से स्नेहपूर्वक मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्ची के सपनों, उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर बातचीत की। सीएम धामी ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर एक संदेश भी पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि 'हमारे नौनिहालों की मुस्कान में उत्तराखंड के सुनहरे कल की झलक दिखती है।' मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश की बेटियां ही सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त भविष्य के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने दोहराया कि सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त उत्तराखंड का निर्माण सरकार का संकल्प है, ताकि हर बेटी अपने सपनों को नई उड़ान दे सके।1
- मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने सोमवार दोपहर 2 बजे प्रदेशव्यापी अभियान के तहत सहारनपुर में डीएम के माध्यम से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष उसामा गाड़ा (सल्लू) के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और मामले का निष्पक्ष समाधान कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा है। यदि निर्माण या भूमि से संबंधित कोई विवाद है तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। संगठन ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी का निर्माण उस समय हुआ था, जब संबंधित क्षेत्र विकास प्राधिकरण के दायरे में नहीं था। जिलाध्यक्ष उसामा गाड़ा ने कहा कि शिक्षा के इस संस्थान पर कठोर कार्रवाई से छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। वहीं, सपा नेताओं ने सरकार से ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि निर्णय नहीं बदला गया तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।1
- 13 फरवरी को UGC नियमों के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए एक वीडियो के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मॉरिस नगर थाना कथित भीड़ द्वारा मारपीट, गला दबाने, जातिसूचक धमकियों और छेड़छाड़ के आरोपों की जांच कर रहा है। प्रदर्शन में शामिल दोनों छात्र संगठनों—ABVP और AISA—ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। एक छात्रा ने ANI से बातचीत में दावा किया कि करीब 500 लोगों की भीड़ ने उन पर हमला किया, अनुचित तरीके से छुआ और दुष्कर्म की धमकियां दीं। उन्होंने बताया कि कानून विभाग के लोगों और पुलिस की मदद से वह वहां से निकल सकीं। इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।1