वीर तेजाजी की शपथ पर जाट समाज का ऐतिहासिक निर्णय दिखावे पर सख्त रोक: चार तोला सोना सीमा तय, डीजे-हल्दी-मेहंदी बंद सथानी कस्बे में एक जाजम पर जुटा समाज, शिक्षा सहयोग का भी संकल्प पादूकलां (नागौर)। जिले के रियांबड़ी उपखंड के ग्राम सथानी कस्बे में जाट समाज ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए बड़ा और साहसिक निर्णय लिया है। बढ़ती फिजूलखर्ची और विवाह समारोहों में दिखावे की प्रवृत्ति से समाज के लोग कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। इस गंभीर विषय को लेकर समाजबंधु वीर तेजाजी महाराज के स्थान पर एकत्रित हुए और शपथ लेकर सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब विवाह समारोह में चार तोला सोने से अधिक न तो दिया जाएगा और न ही मंगवाया जाएगा। शादी-ब्याह में डीजे, हल्दी, मेहंदी और फ्लोर जैसी दिखावटी व्यवस्थाएं पूर्णतः बंद रहेंगी। सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार समाज ने मृत्यु भोज (मौत-मरकट) में पेहरावनी प्रथा समाप्त करने का निर्णय लिया। विवाह एवं मृत्यु कार्यक्रमों में कपड़े देने की परंपरा पर रोक लगाई गई है। शादी में बर्तन बांटने, मिठाई जानी-बिन्दड़ी की प्रथा भी बंद रहेगी। रस्म के तौर पर केवल गुड़ या बताशे दिए जाएंगे। परिवारजन अपनी श्रद्धानुसार लिफाफे में सहयोग कर सकेंगे। एक जाजम पर होगा स्नेह मिलन दीवाली और होली पर घर-घर जाकर स्नेह मिलन की परंपरा को समाप्त कर अब सभी समाजबंधु एक ही स्थान पर, वीर तेजाजी महाराज के स्थल पर एक जाजम पर बैठकर सामूहिक स्नेह मिलन करेंगे।ढोल-थाली से निभेंगे रीति-रिवाज पुरानी परंपराओं को पुनर्जीवित करते हुए तय किया गया कि अब शादी और अन्य सामाजिक कार्यक्रम ढोल और थाली के साथ सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे।शिक्षा पर विशेष जोर बैठक में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए सहयोग का संकल्प भी लिया गया। समाज के प्रबुद्धजनों ने स्पष्ट किया कि इन नियमों की पालना समाजहित में अनिवार्य रूप से की जाएगी।सथानी कस्बे से उठी यह पहल न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे जिले में सामाजिक परिवर्तन की नई मिसाल बन सकती है।
वीर तेजाजी की शपथ पर जाट समाज का ऐतिहासिक निर्णय दिखावे पर सख्त रोक: चार तोला सोना सीमा तय, डीजे-हल्दी-मेहंदी बंद सथानी कस्बे में एक जाजम पर जुटा समाज, शिक्षा सहयोग का भी संकल्प पादूकलां (नागौर)। जिले के रियांबड़ी उपखंड के ग्राम सथानी कस्बे में जाट समाज ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए बड़ा और साहसिक निर्णय लिया है। बढ़ती फिजूलखर्ची और विवाह समारोहों में दिखावे की प्रवृत्ति से समाज के लोग कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। इस गंभीर विषय को लेकर समाजबंधु वीर तेजाजी महाराज के स्थान पर एकत्रित हुए और शपथ लेकर सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। बैठक में निर्णय लिया गया
कि अब विवाह समारोह में चार तोला सोने से अधिक न तो दिया जाएगा और न ही मंगवाया जाएगा। शादी-ब्याह में डीजे, हल्दी, मेहंदी और फ्लोर जैसी दिखावटी व्यवस्थाएं पूर्णतः बंद रहेंगी। सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार समाज ने मृत्यु भोज (मौत-मरकट) में पेहरावनी प्रथा समाप्त करने का निर्णय लिया। विवाह एवं मृत्यु कार्यक्रमों में कपड़े देने की परंपरा पर रोक लगाई गई है। शादी में बर्तन बांटने, मिठाई जानी-बिन्दड़ी की प्रथा भी बंद रहेगी। रस्म के तौर पर केवल गुड़ या बताशे दिए जाएंगे। परिवारजन अपनी श्रद्धानुसार लिफाफे में सहयोग कर सकेंगे। एक जाजम पर होगा स्नेह मिलन दीवाली और होली पर घर-घर जाकर स्नेह मिलन की परंपरा को समाप्त
कर अब सभी समाजबंधु एक ही स्थान पर, वीर तेजाजी महाराज के स्थल पर एक जाजम पर बैठकर सामूहिक स्नेह मिलन करेंगे।ढोल-थाली से निभेंगे रीति-रिवाज पुरानी परंपराओं को पुनर्जीवित करते हुए तय किया गया कि अब शादी और अन्य सामाजिक कार्यक्रम ढोल और थाली के साथ सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे।शिक्षा पर विशेष जोर बैठक में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए सहयोग का संकल्प भी लिया गया। समाज के प्रबुद्धजनों ने स्पष्ट किया कि इन नियमों की पालना समाजहित में अनिवार्य रूप से की जाएगी।सथानी कस्बे से उठी यह पहल न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे जिले में सामाजिक परिवर्तन की नई मिसाल बन सकती है।
- पादूकलां (नागौर)। जिले के रियांबड़ी उपखंड के ग्राम सथानी कस्बे में जाट समाज ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए बड़ा और साहसिक निर्णय लिया है। बढ़ती फिजूलखर्ची और विवाह समारोहों में दिखावे की प्रवृत्ति से समाज के लोग कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। इस गंभीर विषय को लेकर समाजबंधु वीर तेजाजी महाराज के स्थान पर एकत्रित हुए और शपथ लेकर सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब विवाह समारोह में चार तोला सोने से अधिक न तो दिया जाएगा और न ही मंगवाया जाएगा। शादी-ब्याह में डीजे, हल्दी, मेहंदी और फ्लोर जैसी दिखावटी व्यवस्थाएं पूर्णतः बंद रहेंगी। सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार समाज ने मृत्यु भोज (मौत-मरकट) में पेहरावनी प्रथा समाप्त करने का निर्णय लिया। विवाह एवं मृत्यु कार्यक्रमों में कपड़े देने की परंपरा पर रोक लगाई गई है। शादी में बर्तन बांटने, मिठाई जानी-बिन्दड़ी की प्रथा भी बंद रहेगी। रस्म के तौर पर केवल गुड़ या बताशे दिए जाएंगे। परिवारजन अपनी श्रद्धानुसार लिफाफे में सहयोग कर सकेंगे। एक जाजम पर होगा स्नेह मिलन दीवाली और होली पर घर-घर जाकर स्नेह मिलन की परंपरा को समाप्त कर अब सभी समाजबंधु एक ही स्थान पर, वीर तेजाजी महाराज के स्थल पर एक जाजम पर बैठकर सामूहिक स्नेह मिलन करेंगे।ढोल-थाली से निभेंगे रीति-रिवाज पुरानी परंपराओं को पुनर्जीवित करते हुए तय किया गया कि अब शादी और अन्य सामाजिक कार्यक्रम ढोल और थाली के साथ सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे।शिक्षा पर विशेष जोर बैठक में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए सहयोग का संकल्प भी लिया गया। समाज के प्रबुद्धजनों ने स्पष्ट किया कि इन नियमों की पालना समाजहित में अनिवार्य रूप से की जाएगी।सथानी कस्बे से उठी यह पहल न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे जिले में सामाजिक परिवर्तन की नई मिसाल बन सकती है।3
- श्रीबालाजी में आज ग्रहण के समय सभी दुकानदारों ने ग्रहणकाल में पूरा बाजार बंद रखा ओर ग्रहण काल मै सभी मंदिरों में भजन कीर्तन किया गया1
- नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड के निकटवर्ती ग्राम सथानी में जाट समाज ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए विवाह व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने का संकल्प लिया है। समाजबंधु वीर तेजाजी महाराज के पावन स्थल पर एक जाजम में एकत्रित हुए और शपथ लेकर सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए।1
- पीपाड़ शहर में जाट समाज हथाई द्वारा आयोजित होली की गैर हर्षोल्लास एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। गैर के गेरिये जाट समाज हथाई से ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ नाचते-गाते हुए होली स्थल तक पहुंचे। पूरे मार्ग में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा। मार्ग में मुस्लिम समाज के बंधुओं ने जाट समाज की गैर के गेरियों का फूलों की वर्षा एवं दुपट्टा पहनाकर हार्दिक स्वागत किया। इस सौहार्दपूर्ण दृश्य को देखकर जाट समाज ने मुस्लिम समाज के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। होली के दौरान समस्त 36 कौम का सराहनीय सहयोग भी रहा, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश सशक्त हुआ। होली की गैर के दौरान पुलिस प्रशासन, उपखंड प्रशासन एवं नगर पालिका प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गईं। सुरक्षा एवं व्यवस्था की सराहनीय तैयारियों के लिए जाट समाज अध्यक्ष श्रवण राम सैल ने समस्त प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन एवं मुस्लिम समाज के बंधुओं का हार्दिक अभिनंदन किया। गैर संपन्न होने के पश्चात जाट समाज हथाई पर मुस्लिम बंधुओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों का साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया गया तथा होली की गैर को शांतिपूर्ण एवं अनुशासित रूप से संपन्न कराने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन सामाजिक सद्भाव, एकता और पारस्परिक सम्मान की सुंदर मिसाल बनकर सामने आया।2
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- होली की लपटें... (होलिका दहन की अग्नि) बुराई पर अच्छाई, अहंकार के नाश और पवित्रता का प्रतीक हैं। पौराणिक कथाओं में यह प्रहलाद की रक्षा और होलिका के अंत को दर्शाती है, जो नफरत पर भक्ति की जीत का संदेश देती है। मान्यता के अनुसार, होलिका की लपटों की दिशा और धुआं देश व समाज के भविष्य का संकेत देते हैं, जिसमें पश्चिम दिशा की ओर लपटें जाना शुभ माना जाता है।1
- नागौर/पादूकलां पादूकलां कस्बे सहित आसपास ग्रामीण आंचल में सोमवार को होलिका दहन पंडित द्वारा विधिवत पूजा अर्चना के साथ होलिका दहन किया गया। कस्बे के मुख्य होली दहन चारभुजा मंदिर के सामने श होली दहन किया गया पूजारी कैलाशदास वैष्वणव ने वैदिक उच्च मंत्रों के साथ विधिवत पूजा अर्चना कर देशव गांव खुशहाली कामना की सोमवार को देर शाम 9:01 बजे विधिवत पूजा अर्चना के बाद होलिका दहन सरपंच रामप्यारी देवी सरपंच प्रतिनिधि शिवजी राम फड़ौदा ने विधिवत पूजा अर्चना कर होलिका दहन गाजे बाजे के साथ किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 9:01 बजे शाम होलिका दहन किया गया शांतिपूर्ण गाजे-बाजे के साथ होलिका दहन किया गया शांति व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस थाना पादूकलां थाना अधिकारी उमाशंकर के नेतृत्व में पुलिस हेंडकांस्टेबल मानसिंह मीणा शांतिपूर्ण होली दहन संपन्न हुआ होली के पर्व पर गेर नृत्य की धूम आसपास के ग्रामीण राजस्थानी वेशभूषा के अंदर नृत्य कर रहे बेड़ा बताई में युवा शक्ति नागरिक डांडिया गेर नृत्य किया जा रहा है। इसी प्रकार रियांबड़ी में भी होली दहन शांतिपूर्ण मेवडा में सार्वजनिक तालाब किनारे स्थित होली दहन विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया गया पंडित सुरेश व्यास द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ होली दहन किया। अच्छीनाथ जी महाराज मंदिर के महंत पीर योगी लक्ष्मणनाथजी महाराज ने होली की विधिवत पूजा अर्चना कर गांव और देश में खुशहाली की कामना की2