लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: अब तक 4 बार आ चुके ऐसे प्रयास, लेकिन कोई स्पीकर कभी नहीं हटा! विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर इतिहास रचा, सदन में शुरू हुई तीखी बहस – लेकिन संविधान के अनुसार, स्पीकर को हटाने का कोई प्रस्ताव आज तक पास नहीं हुआ! भारतीय संसद के इतिहास में लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (नो-कॉन्फिडेंस मोशन) अब चौथी बार सदन में चर्चा का विषय बना है। वर्तमान स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष (मुख्य रूप से कांग्रेस और INDIA गठबंधन) ने फरवरी 2026 में नोटिस दिया था, जिस पर मार्च 2026 के बजट सत्र के दूसरे चरण में 9-10 मार्च को लोकसभा में बहस शुरू हुई। विपक्ष ने ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार, विपक्षी सांसदों को बोलने न देने, राहुल गांधी को बाधित करने और कुछ BJP सांसदों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। इस प्रस्ताव का समर्थन 118 से अधिक सांसदों ने किया, लेकिन बहस के दौरान हंगामा और पश्चिम एशिया मुद्दे पर विवाद के कारण सदन बार-बार स्थगित हुआ। पिछले प्रयासों का इतिहास: पहला प्रस्ताव (18 दिसंबर 1954): देश के पहले लोकसभा स्पीकर जी.वी. मावलंकर के खिलाफ सोशलिस्ट पार्टी के सांसद विग्नेश्वर मिसिर ने लाया। आरोप था कि स्पीकर निष्पक्ष नहीं हैं। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्पीकर का बचाव किया और कहा कि ब्रिटेन में ऐसे प्रस्ताव कम आते हैं। दो घंटे की बहस के बाद प्रस्ताव खारिज हो गया। दूसरा प्रस्ताव (नवंबर 1966): स्पीकर सरदार हुकम सिंह के खिलाफ समाजवादी नेता मधु लिमये ने लाया। राजनीतिक अस्थिरता के दौर में यह आया, लेकिन पास नहीं हुआ। तीसरा प्रस्ताव (अप्रैल 1987): स्पीकर बलराम जाखड़ के खिलाफ CPI(M) के सोमनाथ चटर्जी ने लाया। सदन में डिप्टी स्पीकर ने अध्यक्षता की, लेकिन प्रस्ताव गिर गया। महत्वपूर्ण तथ्य: स्वतंत्र भारत में लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत प्रस्ताव लाया जा सकता है, लेकिन आज तक किसी भी स्पीकर के खिलाफ ऐसा कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ। सभी प्रस्ताव बहुमत से खारिज हो गए या गिर गए। ओम बिरला के मामले में भी NDA सरकार के पास बहुमत होने से प्रस्ताव पास होने की संभावना नहीं है, लेकिन यह संसद की निष्पक्षता और गरिमा पर बहस छेड़ रहा है। कुछ स्रोतों में तीन प्रस्तावों का जिक्र है, लेकिन हालिया रिकॉर्ड्स से यह चौथा प्रयास है। संसद की कार्यवाही जारी है – क्या होगा आगे, देखते रहिए! स्रोत: विभिन्न समाचार रिपोर्ट्स और संसदीय इतिहास (NDTV, AajTak, Hindustan Times, Jansatta आदि से अपडेटेड जानकारी)। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: अब तक 4 बार आ चुके ऐसे प्रयास, लेकिन कोई स्पीकर कभी नहीं हटा! विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर इतिहास रचा, सदन में शुरू हुई तीखी बहस – लेकिन संविधान के अनुसार, स्पीकर को हटाने का कोई प्रस्ताव आज तक पास नहीं हुआ! भारतीय संसद के इतिहास में लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (नो-कॉन्फिडेंस मोशन) अब चौथी बार सदन में चर्चा का विषय बना है। वर्तमान स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष (मुख्य रूप से कांग्रेस और INDIA गठबंधन) ने फरवरी 2026 में नोटिस दिया था, जिस पर मार्च 2026 के बजट सत्र के दूसरे चरण में 9-10 मार्च को लोकसभा में बहस शुरू हुई। विपक्ष ने ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार, विपक्षी सांसदों को बोलने न देने, राहुल गांधी को बाधित करने और कुछ BJP सांसदों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। इस प्रस्ताव का समर्थन 118 से अधिक सांसदों ने किया, लेकिन बहस के दौरान हंगामा और पश्चिम एशिया मुद्दे पर विवाद के कारण सदन बार-बार स्थगित हुआ। पिछले प्रयासों का इतिहास: पहला प्रस्ताव (18 दिसंबर 1954): देश के पहले लोकसभा स्पीकर जी.वी. मावलंकर के खिलाफ सोशलिस्ट पार्टी के सांसद विग्नेश्वर मिसिर ने लाया। आरोप था कि स्पीकर निष्पक्ष नहीं हैं। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्पीकर का बचाव किया और कहा कि ब्रिटेन में ऐसे प्रस्ताव कम आते हैं। दो घंटे की बहस के बाद प्रस्ताव खारिज हो गया। दूसरा प्रस्ताव (नवंबर 1966): स्पीकर सरदार हुकम सिंह के खिलाफ समाजवादी नेता मधु लिमये ने लाया। राजनीतिक अस्थिरता के दौर में यह आया, लेकिन पास नहीं हुआ। तीसरा प्रस्ताव (अप्रैल 1987): स्पीकर बलराम जाखड़ के खिलाफ CPI(M) के सोमनाथ चटर्जी ने लाया। सदन में डिप्टी स्पीकर ने अध्यक्षता की, लेकिन प्रस्ताव गिर गया। महत्वपूर्ण तथ्य: स्वतंत्र भारत में लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत प्रस्ताव लाया जा सकता है, लेकिन आज तक किसी भी स्पीकर के खिलाफ ऐसा कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ। सभी प्रस्ताव बहुमत से खारिज हो गए या गिर गए। ओम बिरला के मामले में भी NDA सरकार के पास बहुमत होने से प्रस्ताव पास होने की संभावना नहीं है, लेकिन यह संसद की निष्पक्षता और गरिमा पर बहस छेड़ रहा है। कुछ स्रोतों में तीन प्रस्तावों का जिक्र है, लेकिन हालिया रिकॉर्ड्स से यह चौथा प्रयास है। संसद की कार्यवाही जारी है – क्या होगा आगे, देखते रहिए! स्रोत: विभिन्न समाचार रिपोर्ट्स और संसदीय इतिहास (NDTV, AajTak, Hindustan Times, Jansatta आदि से अपडेटेड जानकारी)। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
- Post by "HASTE RAHO"1
- अवैध अफीम खेती मामले से जुड़े लोगों पर कार्रवाई, भाजपा नेता के ठिकानों चला बुलडोजर दुर्ग जिले में अवैध अफीम खेती प्रकरण से जुड़े लोगों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा में राजस्व भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया।पुलिस के अनुसार अवैध अफीम की खेती के मामले में मुख्य आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, निवासी तेमरापारा, से जुड़े कुछ लोगों द्वारा राजस्व भूमि पर अवैध निर्माण किए जाने की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी के रिश्तेदारों ने ग्राम समोदा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया था।सूचना के बाद राजस्व विभाग ने भूमि अभिलेखों की जांच की, जिसमें उक्त जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। इसके बाद राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विधिवत कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से अवैध निर्माण को हटा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने अतिक्रमित भूमि से अवैध संरचनाओं को हटाते हुए जमीन को मुक्त कराया। पुलिस के मुताबिक इस मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है और प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- कहीं ऐसा ना हो मेरे पास खुदकुशी करने के अलावा और कोई विकल्प ना बचें। वर्ष 2007 बारहवीं कक्षा के अध्ययन के दौरान वर्षभर प्रतिदिन मुझे वें बातें कहीं गई जिसने मेरे जीवन में बहुत प्रभाव किया मैं जीवित हूं तो इसलिए लगता ताकि किसी और निर्दोषों को ऐसा प्रताड़ित ना किया जाएं। वर्ष 2021 में बनाया वीडियो । वर्तमान समय में दुर्गवासियों को मेरे समाजसेवी कार्यों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता हैं। 😔.1
- छतरपुर की विधायिका ने रंगपंचमी के अवसर पर जमकर खेली होली। रंगों और गुलाल के साथ मनाया गया रंगपंचमी का उत्सव,1
- रायपुर में महिला को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी स्वर्णभूमि निवासी गोपाल गोयल है. आरोपी के खिलाफ एट्रोसिटी और रेप की धाराओं में केस दर्ज किया गया है.1
- पश्चिम के युद्ध के बीच में सदन में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह में ऐसा क्या कुछ कहा कि हो गया बवाल1
- छत्तीसगढ़ में एक साल में 400 बच्चे अब भी लापता! देश में 6वें नंबर पर राज्य, लड़कियों की संख्या अधिक राज्य से इस अवधि के दौरान 982 बच्चे लापता हुए। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया, जबकि 400 बच्चे अब भी लापता हैं। देश में बच्चों के लापता होने के मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से अधिकांश बच्चों को पुलिस और प्रशासन की मदद से ढूंढ लिया गया, लेकिन 7,777 बच्चे अब भी लापता हैं1
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