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कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे एफटीसी-द्वितीय ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मांग पूरी न होने पर जान से मार देने के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त अमरजीत, पुत्र ब्रजनारायण, निवासी ग्राम वैना, थाना राजपुर, जनपद कानपुर देहात को दोषी करार दिया है। इस दहेज हत्या के मामले में दोषी अमरजीत को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है, और साथ ही ₹15,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
Arvind sharma kanpur dehat
कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे एफटीसी-द्वितीय ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मांग पूरी न होने पर जान से मार देने के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त अमरजीत, पुत्र ब्रजनारायण, निवासी ग्राम वैना, थाना राजपुर, जनपद कानपुर देहात को दोषी करार दिया है। इस दहेज हत्या के मामले में दोषी अमरजीत को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है, और साथ ही ₹15,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
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- कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे एफटीसी-द्वितीय ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मांग पूरी न होने पर जान से मार देने के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त अमरजीत, पुत्र ब्रजनारायण, निवासी ग्राम वैना, थाना राजपुर, जनपद कानपुर देहात को दोषी करार दिया है। इस दहेज हत्या के मामले में दोषी अमरजीत को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है, और साथ ही ₹15,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।1
- जालौन जिले की कालपी कोतवाली एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। ग्राम मैनूपुर निवासी प्रमोद कुमार दीक्षित ने क्षेत्राधिकारी कालपी को दिए गए एक प्रार्थना-पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनके साथ मारपीट, पथराव और गोली चलने जैसी बड़ी घटना हुई, लेकिन कोतवाली पुलिस ने उनकी शिकायत पर प्राथमिक रिपोर्ट (FIR) दर्ज नहीं की। शिकायतकर्ता का दावा है कि कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके बेटे को कई घंटों तक कोतवाली में बैठाए रखा गया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उन्होंने क्षेत्राधिकारी से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार दीक्षित के मुताबिक, यह घटना 3 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे हुई, जब वह अपने घर के बरामदे में लेटे थे। तभी उन्हें गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके तुरंत बाद गांव के ही सरस उर्फ जयराम दीक्षित ने उनके हाथ पर लाठी से हमला किया, जबकि अभिषेक उर्फ छोटू ने पथराव शुरू कर दिया। शोर सुनकर उनके पुत्र अतुल दीक्षित और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए वहां से चले गए। घटना की सूचना तत्काल 112 पर दी गई। पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) और बाद में थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को कोतवाली ले जाया गया। आरोप है कि उन्हें थाने में करीब दो से तीन घंटे तक बैठाए रखा गया, न तो उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और न ही उनकी तहरीर पर कोई मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सूचना देने के बाद देर रात उन्हें घर भेजा गया। इस मामले के सामने आने के बाद कालपी कोतवाली की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब सभी की निगाहें क्षेत्राधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इस पूरे प्रकरण में कई अनुत्तरित प्रश्न उठ रहे हैं: यदि गोली चलने जैसी सूचना मिली थी तो मौके का निरीक्षण और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई हुई या नहीं? शिकायतकर्ता के घायल होने के दावे पर मेडिकल परीक्षण तत्काल क्यों नहीं कराया गया? शिकायतकर्ता और उसके पुत्र को घंटों कोतवाली में बैठाने की वजह क्या थी? यदि शिकायत सही थी तो एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हुई, और यदि शिकायत गलत थी तो उसका लिखित निस्तारण क्यों नहीं किया गया? क्या इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी? यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा क्षेत्राधिकारी को दिए गए प्रार्थना-पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरकरा खुर्द गांव में एक पालतू लंगूर, जिसे स्थानीय लोग 'बजरंगबली जी' कहते थे, का दुखद निधन हो गया है। बताया गया है कि रात के समय अकेला होने पर कुछ कुत्तों ने उस लंगूर को बहुत बुरी तरह घायल कर दिया था। जब गांव के लोगों ने उसे देखा, तब तक काफी देर हो चुकी थी और चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो चुकी थी। इस घटना के बाद, उस जीव की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की गई है।4
- जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया है। यह घटना उस समय हुई जब थाना सिरसाकलार में तैनात आरक्षी सौरव पटेल और रिंकू यादव, अजमेरन नामक एक महिला द्वारा अपने पति, सास, देवर और एक रिश्तेदार के खिलाफ दर्ज कराए गए अभियोग की जांच के लिए गए थे। जांच के दौरान, वादिनी अजमेरन के पति मजीद खां, शफीक, सास अकबरी और भांजे सलमान ने इन पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी जालौन द्वारा जानकारी दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के उरई में, कानपुर-झाँसी हाइवे पर राठ रोड स्थित देहली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है।1
- कानपुर देहात के अकबरपुर में, जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह ने शनिवार को अकबरपुर महाविद्यालय परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था। इस दौरान, जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों के प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, स्ट्रॉन्ग रूम, तथा प्रश्नपत्रों एवं उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित रख-रखाव सहित समस्त व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, जिलाधिकारी ने परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापक को विशेष रूप से निर्देशित किया कि परीक्षा को पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी, और सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी सतर्कता एवं सजगता के साथ करने को कहा। निरीक्षण के अंत में, परीक्षा केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और परीक्षा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित होती मिली।1
- जालौन में मलंगा पुल पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने एक टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक भी घायल हो गया। यह हादसा कोंच कोतवाली क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास मलंगा पुल पर हुआ। टक्कर के बाद अज्ञात वाहन चालक अपने वाहन समेत मौके से फरार हो गया। बताया गया कि टेंपो चालक कोंच नगर से सवारियां छोड़कर उरई की ओर लौट रहा था, तभी यह दुर्घटना हुई।1