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अम्बेडकरनगर: मधुमक्खियों के हमले से एक व्यक्ति की मौत, कई घायल अम्बेडकरनगर। जनपद के जलालपुर थाना क्षेत्र में मधुमक्खियों के हमले से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना थाना जलालपुर क्षेत्र के ग्राम जीवत स्थित घोर बाबा मंदिर के पास की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अचानक मधुमक्खियों का झुंड लोगों पर टूट पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मधुमक्खियों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
TEESRI AANKHEN
अम्बेडकरनगर: मधुमक्खियों के हमले से एक व्यक्ति की मौत, कई घायल अम्बेडकरनगर। जनपद के जलालपुर थाना क्षेत्र में मधुमक्खियों के हमले से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना थाना जलालपुर क्षेत्र के ग्राम जीवत स्थित घोर बाबा मंदिर के पास की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अचानक मधुमक्खियों का झुंड लोगों पर टूट पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मधुमक्खियों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- Post by विनोद मौर्य BRP गोरखपुर1
- (ब्यूरो संतकबीरनगर) ग्राम स्वराज्य संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के कुशल निर्देशन में आज थाना कोतवाली खलीलाबाद परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए एक विशेष ध्यान (Meditation) एवं योग सत्र का सफल आयोजन किया गया । मुख्य उद्देश्य: वर्तमान परिवेश में पुलिस ड्यूटी की अनिश्चितता, लंबी कार्य अवधि और अनियमितता के कारण उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव (Stress) को कम करना और कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना । प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: • विशेषज्ञ प्रशिक्षक: हार्टफुलनेस मेडिटेशन ट्रेनर आनन्द कुमार, अभय कुमार श्रीवास्तव एवं मनीष राय द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया । सिखाए गए गुर: तनाव मुक्ति, मानसिक संतुलन बनाए रखना और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न योगासनों और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया । लाभ: प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान से न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है ।2
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🚨बस्ती में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़: संकट में अवसर तलाशने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार🚨 ⭐"बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस की कालाबाजारी करते 2 अभियुक्त गिरफ्तार, 16 भरे सिलेंडर जब्त।" ⭐"गैस की किल्लत में चांदी काट रहे थे 'कालाबाजारी के खिलाड़ी', पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे!" ⭐"बस्ती: कोतवाली पुलिस और पूर्ति विभाग ने घेरा, रंगे हाथ पकड़े गए गैस तस्कर; क्षेत्र में हड़कंप।" ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती, उत्तर प्रदेश बस्ती। एक तरफ जहां आम जनता रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ 'सफेदपोश' और उनके गुर्गे इस आपदा को अवसर में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला बस्ती जनपद का है, जहां आपूर्ति विभाग और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 19 गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) बरामद किए हैं। कैसे चलता था 'काला खेल'? गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक संतोष कुमार, जो एक गैस एजेंसी का हॉकर है, और दूसरा उसका साथी संत कुमार, जो ब्रोकर का काम करता था, मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग बिना किसी वैध पर्ची या टोकन के गैस सिलेंडर प्राप्त करते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक 'छोटा हाथी' (मैजिक वाहन) भी जब्त किया है, जिसका उपयोग सिलेंडरों की तस्करी के लिए किया जाता था। समीक्षात्मक पहलू: क्या केवल गिरफ्तारी काफी है? पुलिस और आपूर्ति विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह कई तीखे सवाल भी खड़े करती है: 🔥एजेंसी की भूमिका पर सवाल: आखिर एक हॉकर बिना किसी रिकॉर्ड के इतने सिलेंडर कैसे निकाल लेता था? क्या इसमें गैस एजेंसी के प्रबंधन की मिलीभगत नहीं है? 🔥संकट का फायदा: क्षेत्राधिकारी सदर, बस्ती, श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ईरान-इराक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जनता में जो पैनिक (घबराहट) है, ये अपराधी उसी का फायदा उठा रहे थे। 🔥सिस्टम में सेंध: यह घटना दर्शाती है कि वितरण प्रणाली में अभी भी कई ऐसे छेद हैं जिनका फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले फल-फूल रहे हैं। पुलिस की अपील और चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्षेत्राधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल वैध तरीके से, टोकन प्राप्त कर ही गैस सिलेंडर लें। यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। बस्ती पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने कालाबाजारी करने वालों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई 'संतोष' या 'संत कुमार' जनता के हक पर डाका न डाल सके। 🚨गिरफ्तारी टीम: थाना कोतवाली पुलिस एवं जनपद बस्ती आपूर्ति विभाग। 💰बरामदगी: 16 भरे सिलेंडर, 3 खाली सिलेंडर और एक मैजिक वाहन।1
- Post by रवि चन्द्र पत्रकार1
- Jai mata di 🙏🙏🙏1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया। सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए। साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें' नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं। जनता ने भरी हुंकार प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है। "शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।1
- Post by रवि चन्द्र पत्रकार1