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कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर नें पंचायत चुनाव को लेकर दिया बयान!
Dushyant Kumar Journalist
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर नें पंचायत चुनाव को लेकर दिया बयान!
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
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- मुरली तरवा विधानसभा लम्भुआ में श्री मदभागवत कथा का आनन्द लेते हुए दूर दराज से आये भक्तगण2
- 🔥 हाइवे किनारे भीषण आग, दर्जनों पेड़ जलकर खाक लंभुआ, सुल्तानपुर। लंभुआ क्षेत्र के राणा नगर पेट्रोल पम्प के पास हाइवे किनारे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और वन विभाग द्वारा लगाए गए दर्जनों पेड़ इसकी चपेट में आकर जलकर खाक हो गए। तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती रही, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है।2
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🚨बस्ती में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़: संकट में अवसर तलाशने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार🚨 ⭐"बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस की कालाबाजारी करते 2 अभियुक्त गिरफ्तार, 16 भरे सिलेंडर जब्त।" ⭐"गैस की किल्लत में चांदी काट रहे थे 'कालाबाजारी के खिलाड़ी', पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे!" ⭐"बस्ती: कोतवाली पुलिस और पूर्ति विभाग ने घेरा, रंगे हाथ पकड़े गए गैस तस्कर; क्षेत्र में हड़कंप।" ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती, उत्तर प्रदेश बस्ती। एक तरफ जहां आम जनता रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ 'सफेदपोश' और उनके गुर्गे इस आपदा को अवसर में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला बस्ती जनपद का है, जहां आपूर्ति विभाग और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 19 गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) बरामद किए हैं। कैसे चलता था 'काला खेल'? गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक संतोष कुमार, जो एक गैस एजेंसी का हॉकर है, और दूसरा उसका साथी संत कुमार, जो ब्रोकर का काम करता था, मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग बिना किसी वैध पर्ची या टोकन के गैस सिलेंडर प्राप्त करते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक 'छोटा हाथी' (मैजिक वाहन) भी जब्त किया है, जिसका उपयोग सिलेंडरों की तस्करी के लिए किया जाता था। समीक्षात्मक पहलू: क्या केवल गिरफ्तारी काफी है? पुलिस और आपूर्ति विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह कई तीखे सवाल भी खड़े करती है: 🔥एजेंसी की भूमिका पर सवाल: आखिर एक हॉकर बिना किसी रिकॉर्ड के इतने सिलेंडर कैसे निकाल लेता था? क्या इसमें गैस एजेंसी के प्रबंधन की मिलीभगत नहीं है? 🔥संकट का फायदा: क्षेत्राधिकारी सदर, बस्ती, श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ईरान-इराक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जनता में जो पैनिक (घबराहट) है, ये अपराधी उसी का फायदा उठा रहे थे। 🔥सिस्टम में सेंध: यह घटना दर्शाती है कि वितरण प्रणाली में अभी भी कई ऐसे छेद हैं जिनका फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले फल-फूल रहे हैं। पुलिस की अपील और चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्षेत्राधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल वैध तरीके से, टोकन प्राप्त कर ही गैस सिलेंडर लें। यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। बस्ती पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने कालाबाजारी करने वालों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई 'संतोष' या 'संत कुमार' जनता के हक पर डाका न डाल सके। 🚨गिरफ्तारी टीम: थाना कोतवाली पुलिस एवं जनपद बस्ती आपूर्ति विभाग। 💰बरामदगी: 16 भरे सिलेंडर, 3 खाली सिलेंडर और एक मैजिक वाहन।1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- बस्ती। शहर की रगों में दौड़ते ट्रैफिक को 'जाम' के कैंसर से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अब अपनी कमर कस ली है। शनिवार को कम्पनी बाग क्षेत्र उस समय रणक्षेत्र जैसा नजर आया जब नगर पालिका की टीम दलबल के साथ सड़कों पर उतरी। लंबे समय से सरकारी जमीनों को अपनी जागीर समझकर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया। सड़कें हुईं चौड़ी, गुंडई हुई पस्त कम्पनी बाग इलाके में सड़क किनारे कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध ठेलों, खोखों और अस्थायी ढांचों ने आम जनता का पैदल चलना मुहाल कर रखा था। पालिका की टीम ने सख्त लहजे में कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को मौके से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा; जो कल तक सड़क को अपनी बपौती समझ रहे थे, आज वे अपनी अवैध दुकानों को समेटते नजर आए। साफ चेतावनी: 'सुधर जाएं वरना भुगतें' नगर पालिका के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यह महज एक दिन का तमाशा नहीं है। अगर दोबारा सड़क पर एक इंच भी कब्जा पाया गया, तो न सिर्फ सामान जब्त होगा बल्कि कानूनी कार्रवाई की ऐसी नजीर पेश की जाएगी जिसे शहर याद रखेगा। प्रशासन का संदेश साफ है— शहर की सड़कों पर हक आम जनता का है, चंद दबंगों का नहीं। जनता ने भरी हुंकार प्रशासन की इस आक्रामक शैली का स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी। आज की कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो शहर की सूरत बदली जा सकती है। "शहर को जाममुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा।" — पालिका प्रशासन अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती।1
- जयसिंहपुर में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’: डीएम-एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, जमीनी विवादों पर संयुक्त टीम को निर्देश सुलतानपुर। शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं के त्वरित और न्यायपूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को तहसील जयसिंहपुर में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी कुमार हर्ष और पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने स्वयं उपस्थित रहकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जमीन से जुड़े विवादों पर सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच करे। उन्होंने कहा कि इससे फरियादियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के लिए समय-सीमा तय करते हुए गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर विशेष जोर देते हुए पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तहसील परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। उल्लेखनीय है कि ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य आम जनता को एक ही स्थान पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।2