छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड के ग्राम खमरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित मार्ग आज गड्ढों और पानी के तालाब में तब्दील हो गया है। इस मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर गड्ढे में रोड है या रोड में गड्ढा, और पानी में रोड है या रोड में पानी। यह समस्या विशेष रूप से खमरा से किशनपुर, डोला-पांजरा मार्ग पर केंद्रित है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण तो ठेकेदार द्वारा कर दिया गया, लेकिन पानी की उचित निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया गया। इसी के चलते हल्की बारिश में भी सड़क पर लगभग एक-एक फीट पानी भर जाता है, जिससे सड़क जगह-जगह से जर्जर होकर उखड़ गई है। इस बदहाल सड़क से रोजाना मिडिल स्कूल, हाई स्कूल और छात्रावास के सैकड़ों स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। सड़क पर भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण जब भी कोई वाहन गुजरता है, तो पानी उछलकर बच्चों की ड्रेस खराब कर देता है, जिससे कई बार उन्हें वापस घर लौटना पड़ता है और उनकी पढ़ाई भी लगातार प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, पानी में गड्ढों की गहराई का अंदाजा न लगने के कारण कई बाइक और अन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, जिससे हादसे अब आम बात हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की इस घोर लापरवाही के कारण आम जनता को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शर्म की बात यह भी है कि यह सड़क पर्यटन मार्ग भी है, जिससे पर्यटक कर्माझिरी और जमतरा की ओर जाते हैं। सरकारी कर्मचारी और नेता भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी ने भी सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव की ओर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क निर्माण के समय गुणवत्ता मानकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। नालियों के अभाव में पानी की निकासी न होने से सड़क धीरे-धीरे पूरी तरह से खत्म हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इस PMGSY सड़क की मरम्मत कराई जाए, सड़क के दोनों ओर पानी निकासी के लिए नाली बनाई जाए, और ठेकेदार की लापरवाही की विस्तृत जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड के ग्राम खमरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित मार्ग आज गड्ढों और पानी के तालाब में तब्दील हो गया है। इस मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर गड्ढे में रोड है या रोड में गड्ढा, और पानी में रोड है या रोड में पानी। यह समस्या विशेष रूप से खमरा से किशनपुर, डोला-पांजरा मार्ग पर केंद्रित है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण तो ठेकेदार द्वारा कर दिया गया, लेकिन पानी की उचित निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया गया। इसी के चलते हल्की बारिश में भी सड़क पर लगभग एक-एक फीट पानी भर जाता है, जिससे सड़क जगह-जगह से जर्जर होकर उखड़ गई है। इस बदहाल सड़क से रोजाना मिडिल स्कूल, हाई स्कूल और छात्रावास के सैकड़ों स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। सड़क पर भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण जब भी कोई वाहन गुजरता है, तो पानी उछलकर बच्चों की ड्रेस खराब कर देता है, जिससे कई बार उन्हें वापस घर लौटना पड़ता है और उनकी पढ़ाई भी लगातार प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, पानी में गड्ढों की गहराई का अंदाजा न लगने के कारण कई बाइक और अन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, जिससे हादसे अब आम बात हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की इस घोर लापरवाही के कारण आम जनता को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शर्म की बात यह भी है कि यह सड़क पर्यटन मार्ग भी है, जिससे पर्यटक कर्माझिरी और जमतरा की ओर जाते हैं। सरकारी कर्मचारी और नेता भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी ने भी सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव की ओर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क निर्माण के समय गुणवत्ता मानकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। नालियों के अभाव में पानी की निकासी न होने से सड़क धीरे-धीरे पूरी तरह से खत्म हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इस PMGSY सड़क की मरम्मत कराई जाए, सड़क के दोनों ओर पानी निकासी के लिए नाली बनाई जाए, और ठेकेदार की लापरवाही की विस्तृत जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
- छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड के ग्राम खमरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित मार्ग आज गड्ढों और पानी के तालाब में तब्दील हो गया है। इस मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर गड्ढे में रोड है या रोड में गड्ढा, और पानी में रोड है या रोड में पानी। यह समस्या विशेष रूप से खमरा से किशनपुर, डोला-पांजरा मार्ग पर केंद्रित है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण तो ठेकेदार द्वारा कर दिया गया, लेकिन पानी की उचित निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया गया। इसी के चलते हल्की बारिश में भी सड़क पर लगभग एक-एक फीट पानी भर जाता है, जिससे सड़क जगह-जगह से जर्जर होकर उखड़ गई है। इस बदहाल सड़क से रोजाना मिडिल स्कूल, हाई स्कूल और छात्रावास के सैकड़ों स्कूली बच्चे आते-जाते हैं। सड़क पर भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण जब भी कोई वाहन गुजरता है, तो पानी उछलकर बच्चों की ड्रेस खराब कर देता है, जिससे कई बार उन्हें वापस घर लौटना पड़ता है और उनकी पढ़ाई भी लगातार प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, पानी में गड्ढों की गहराई का अंदाजा न लगने के कारण कई बाइक और अन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, जिससे हादसे अब आम बात हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की इस घोर लापरवाही के कारण आम जनता को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शर्म की बात यह भी है कि यह सड़क पर्यटन मार्ग भी है, जिससे पर्यटक कर्माझिरी और जमतरा की ओर जाते हैं। सरकारी कर्मचारी और नेता भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी ने भी सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव की ओर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क निर्माण के समय गुणवत्ता मानकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। नालियों के अभाव में पानी की निकासी न होने से सड़क धीरे-धीरे पूरी तरह से खत्म हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इस PMGSY सड़क की मरम्मत कराई जाए, सड़क के दोनों ओर पानी निकासी के लिए नाली बनाई जाए, और ठेकेदार की लापरवाही की विस्तृत जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।1
- आज मंगलवार को छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों से आए आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस जनसुनवाई में, आवेदकों ने ज़मीन के सीमांकन, नक्शा दुरूस्त करने, अतिक्रमण हटाने, नाला गहरीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली-पानी और सामाजिक सहायता जैसी विभिन्न शिकायतें रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी मामलों के त्वरित निवारण के निर्देश दिए। उन्होंने कई प्रकरणों को तत्काल नोट कर उनके समाधान का आदेश दिया, जबकि कुछ मामलों को समयसीमा समीक्षा के लिए चिह्नित किया ताकि उनका भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।1
- आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों ने मिलकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है। इस ज्ञापन में उन्होंने अपनी 18 सूत्रीय मांगों को विस्तार से उल्लेखित किया है।1
- बादलपार स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बाउंड्री वॉल बनाने की मांग की जा रही है। मंदिर परिसर में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा जानवरों का आतंक बढ़ गया है, जिसके चलते वहां लगे पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं। इस समस्या के समाधान और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द बाउंड्री वॉल के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।2
- पांढुर्णा के आस्था के प्रमुख केंद्र हनुमान लोक जाम सावली में मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचे। प्रातःकालीन आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तों की श्रद्धा और जयकारों से गूँज उठा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने चमत्कारी श्री हनुमान मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की, और आरती में शामिल होकर एक आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। उल्लेखनीय है कि हनुमान लोक जाम सावली में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहाँ भक्तों की अधिक भीड़ देखने को मिलती है।1
- पांढुर्णा शहर के तीन शेर चौक स्थित बीएसएनएल के मोबाइल टावर पर एक अज्ञात युवक 24 घंटे से अधिक समय से चढ़ा हुआ है। सोमवार शाम करीब 5 बजे टावर के ऊपरी हिस्से पर चढ़ा यह युवक, भीषण गर्मी और बीती रात की तेज बारिश व हवाओं के बावजूद नीचे आने को तैयार नहीं है। लगातार इतने समय तक कुछ भी न खाने और न पानी पीने के कारण उसकी बिगड़ती स्थिति को लेकर पुलिस और प्रशासन की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। प्रशासनिक टीम, जिसमें नगरपालिका अध्यक्ष संदीप घाटोड़े, थाना प्रभारी अमित दाणी, तहसीलदार और पुलिस-प्रशासन का पूरा अमला शामिल है, सोमवार शाम से ही लगातार मौके पर मुस्तैद है और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया है। अधिकारियों ने युवक से संवाद स्थापित करने के लिए हिंदी, मराठी और गोंडी जैसी तीन अलग-अलग भाषाओं का सहारा लिया; थाना प्रभारी ने खुद समझाइश दी, और एक स्थानीय आदिवासी व्यक्ति के माध्यम से गोंडी भाषा में भी अपील करवाई गई, लेकिन युवक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सुरक्षा के मद्देनजर टावर के नीचे एक बड़ा जाला (नेट) भी लगाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि युवक ने उसे बचाने पहुंचे एक कर्मचारी पर रॉड से हमला करने की कोशिश भी की। ड्रोन कैमरे से संपर्क साधने का प्रयास भी टावर की अत्यधिक ऊंचाई के कारण सफल नहीं हो सका। फिलहाल युवक की पहचान उजागर नहीं हो पाई है और न ही उसके टावर पर चढ़ने के कारणों का पता चल सका है। वह किसी से बात नहीं कर रहा है और उसकी कोई मांग भी सामने नहीं आई है। पुलिस की पहली प्राथमिकता उसे सकुशल नीचे उतारना है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई इस व्यक्ति को पहचानता है, तो तुरंत पांढुर्णा पुलिस थाना से संपर्क करें। मौके पर रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की टीम भी बुलाई गई है और उसे नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। खबर लिखे जाने तक युवक का कोई परिचय सामने नहीं आया था और वह बीएसएनएल टावर से नीचे नहीं उतरा था।3
- मध्य प्रदेश के पांढुर्ना में पिछले 36 घंटों से एक हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है, जहाँ एक युवक टावर पर चढ़ गया है। उसे टावर से नीचे उतारने के प्रयास लगातार जारी हैं।1
- नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहके और आयुक्त सी. पी. राय के निर्देश पर, सिद्धि विनायक वेस्ट मैनेजमेंट टीम ने मंगलवार दोपहर 1 बजे वॉर्ड नंबर 21 स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकलुढाना में एक स्वच्छता पाठशाला सफलतापूर्वक संचालित की। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वच्छता के महत्व के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना था। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत आयोजित इस अभियान के दौरान, टीम ने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, निर्धारित गति का पालन करने और जिम्मेदार ड्राइविंग के महत्व पर विशेष रूप से बल दिया।1