कुचामन के मूर्तिकार ने रचा इतिहास डॉ. श्री राम स्वामी को अमेरिका से मानद डॉक्टरेट, लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी चयन कुचामन सिटी| विशेष संवाददाता राजस्थान के Makrana की ऐतिहासिक संगमरमर मूर्तिकला को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरव प्राप्त हुआ है। भूनी ,कुचामन सिटी के प्रसिद्ध मूर्तिकार और ATOM Marble Murti World & Handicrafts के संस्थापक डॉ. श्री राम स्वामी ने अपनी अद्वितीय कला और मेहनत के दम पर विश्व स्तर पर नई पहचान बनाई है। पहले भी डॉ. स्वामी मकराना के संगमरमर से भव्य और जीवंत मूर्तियाँ बनाने के लिए प्रसिद्ध डॉ. श्री राम स्वामी को 22 जनवरी 2026 को अमेरिका की प्रतिष्ठित Caderbrook University द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की उपाधि से सम्मानित हो चुके हैं यह सम्मान उन्हें मकराना मार्बल मूर्तिकला में उत्कृष्ट योगदान और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रदान किया गया। अब एक बार फिर से विश्व रिकॉर्ड में भी हुआ चयन डॉ. श्री राम स्वामी की कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि तब मिली जब प्रतिष्ठित संस्था London Book of World Records ने उन्हें “World’s Fastest and Finest Makrana Marble Murti Artist” के रूप में चयनित किया। यह सम्मान उन्हें मकराना संगमरमर से अत्यंत कम समय में जीवंत और उत्कृष्ट मूर्तियाँ तैयार करने की अद्भुत क्षमता के लिए दिया गया है। उनकी कला में पारंपरिक भारतीय शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम दिखाई देता है, जिसके कारण उनकी मूर्तियाँ देश-विदेश में विशेष पहचान बना रही हैं। मुंबई में होगा भव्य सम्मान समारोह इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक भव्य सम्मान समारोह 18 अप्रैल 2026 को Radisson Blu Mumbai International Airport में आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत सहित कई देशों के प्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे। इस समारोह में डॉ. श्री राम स्वामी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा और उनकी कला यात्रा तथा उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। मकराना की ऐतिहासिक कला को मिल रही नई पहचान मकराना विश्वभर में अपने उत्कृष्ट संगमरमर के लिए प्रसिद्ध है। इसी संगमरमर से विश्व धरोहर ताजमहल का निर्माण भी हुआ था। उसी ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. श्री राम स्वामी ने अपनी कला और मेहनत से मकराना की मूर्तिकला को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई है। कम समय में अत्यंत उत्कृष्ट और जीवंत मूर्तियाँ तैयार करने की उनकी कला ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई है। उनकी कार्यशाला में तैयार की गई मूर्तियाँ भारत के विभिन्न मंदिरों और कई विदेशी देशों में स्थापित की जा रही हैं। युवाओं के लिए प्रेरणा डॉ. श्री राम स्वामी का मानना है कि भारतीय शिल्पकला केवल कला ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की पहचान है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य मकराना मार्बल मूर्तिकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊँचाई तक पहुँचाना तथा नई पीढ़ी को इस पारंपरिक कला से जोड़ना है। क्षेत्र में खुशी का माहौल डॉ. श्री राम स्वामी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कुचामन सिटी क्षेत्र सहित पूरे राजस्थान में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय कलाकारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल मकराना बल्कि पूरे भारत की पारंपरिक शिल्पकला को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कुचामन के मूर्तिकार ने रचा इतिहास डॉ. श्री राम स्वामी को अमेरिका से मानद डॉक्टरेट, लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी चयन कुचामन सिटी| विशेष संवाददाता राजस्थान के Makrana की ऐतिहासिक संगमरमर मूर्तिकला को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरव प्राप्त हुआ है। भूनी ,कुचामन सिटी के प्रसिद्ध मूर्तिकार और ATOM Marble Murti World & Handicrafts के संस्थापक डॉ. श्री राम स्वामी ने अपनी अद्वितीय कला और मेहनत के दम पर विश्व स्तर पर नई पहचान बनाई है। पहले भी डॉ. स्वामी मकराना के संगमरमर से भव्य और जीवंत मूर्तियाँ बनाने के लिए प्रसिद्ध डॉ. श्री राम स्वामी को 22 जनवरी 2026 को अमेरिका की प्रतिष्ठित Caderbrook University द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की उपाधि से सम्मानित हो चुके हैं यह सम्मान उन्हें मकराना मार्बल मूर्तिकला में उत्कृष्ट योगदान और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रदान किया गया। अब एक बार फिर से विश्व रिकॉर्ड में भी हुआ चयन डॉ. श्री राम स्वामी की कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि तब मिली जब प्रतिष्ठित संस्था London Book of World Records ने उन्हें “World’s Fastest and Finest Makrana Marble Murti Artist” के रूप में चयनित किया। यह सम्मान उन्हें मकराना संगमरमर से अत्यंत कम समय में जीवंत और उत्कृष्ट मूर्तियाँ तैयार करने की अद्भुत क्षमता के लिए दिया गया है। उनकी कला में पारंपरिक भारतीय शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम दिखाई देता है, जिसके कारण उनकी मूर्तियाँ देश-विदेश में विशेष पहचान बना रही हैं। मुंबई में होगा भव्य सम्मान समारोह इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक भव्य सम्मान समारोह 18 अप्रैल 2026 को Radisson Blu Mumbai International
Airport में आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत सहित कई देशों के प्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे। इस समारोह में डॉ. श्री राम स्वामी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा और उनकी कला यात्रा तथा उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। मकराना की ऐतिहासिक कला को मिल रही नई पहचान मकराना विश्वभर में अपने उत्कृष्ट संगमरमर के लिए प्रसिद्ध है। इसी संगमरमर से विश्व धरोहर ताजमहल का निर्माण भी हुआ था। उसी ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. श्री राम स्वामी ने अपनी कला और मेहनत से मकराना की मूर्तिकला को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई है। कम समय में अत्यंत उत्कृष्ट और जीवंत मूर्तियाँ तैयार करने की उनकी कला ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई है। उनकी कार्यशाला में तैयार की गई मूर्तियाँ भारत के विभिन्न मंदिरों और कई विदेशी देशों में स्थापित की जा रही हैं। युवाओं के लिए प्रेरणा डॉ. श्री राम स्वामी का मानना है कि भारतीय शिल्पकला केवल कला ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की पहचान है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य मकराना मार्बल मूर्तिकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊँचाई तक पहुँचाना तथा नई पीढ़ी को इस पारंपरिक कला से जोड़ना है। क्षेत्र में खुशी का माहौल डॉ. श्री राम स्वामी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कुचामन सिटी क्षेत्र सहित पूरे राजस्थान में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय कलाकारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल मकराना बल्कि पूरे भारत की पारंपरिक शिल्पकला को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- कुचामन सिटी| विशेष संवाददाता राजस्थान के Makrana की ऐतिहासिक संगमरमर मूर्तिकला को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरव प्राप्त हुआ है। भूनी ,कुचामन सिटी के प्रसिद्ध मूर्तिकार और ATOM Marble Murti World & Handicrafts के संस्थापक डॉ. श्री राम स्वामी ने अपनी अद्वितीय कला और मेहनत के दम पर विश्व स्तर पर नई पहचान बनाई है। पहले भी डॉ. स्वामी मकराना के संगमरमर से भव्य और जीवंत मूर्तियाँ बनाने के लिए प्रसिद्ध डॉ. श्री राम स्वामी को 22 जनवरी 2026 को अमेरिका की प्रतिष्ठित Caderbrook University द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की उपाधि से सम्मानित हो चुके हैं यह सम्मान उन्हें मकराना मार्बल मूर्तिकला में उत्कृष्ट योगदान और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रदान किया गया। अब एक बार फिर से विश्व रिकॉर्ड में भी हुआ चयन डॉ. श्री राम स्वामी की कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि तब मिली जब प्रतिष्ठित संस्था London Book of World Records ने उन्हें “World’s Fastest and Finest Makrana Marble Murti Artist” के रूप में चयनित किया। यह सम्मान उन्हें मकराना संगमरमर से अत्यंत कम समय में जीवंत और उत्कृष्ट मूर्तियाँ तैयार करने की अद्भुत क्षमता के लिए दिया गया है। उनकी कला में पारंपरिक भारतीय शिल्पकला और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम दिखाई देता है, जिसके कारण उनकी मूर्तियाँ देश-विदेश में विशेष पहचान बना रही हैं। मुंबई में होगा भव्य सम्मान समारोह इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक भव्य सम्मान समारोह 18 अप्रैल 2026 को Radisson Blu Mumbai International Airport में आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत सहित कई देशों के प्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे। इस समारोह में डॉ. श्री राम स्वामी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा और उनकी कला यात्रा तथा उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। मकराना की ऐतिहासिक कला को मिल रही नई पहचान मकराना विश्वभर में अपने उत्कृष्ट संगमरमर के लिए प्रसिद्ध है। इसी संगमरमर से विश्व धरोहर ताजमहल का निर्माण भी हुआ था। उसी ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. श्री राम स्वामी ने अपनी कला और मेहनत से मकराना की मूर्तिकला को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई है। कम समय में अत्यंत उत्कृष्ट और जीवंत मूर्तियाँ तैयार करने की उनकी कला ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई है। उनकी कार्यशाला में तैयार की गई मूर्तियाँ भारत के विभिन्न मंदिरों और कई विदेशी देशों में स्थापित की जा रही हैं। युवाओं के लिए प्रेरणा डॉ. श्री राम स्वामी का मानना है कि भारतीय शिल्पकला केवल कला ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की पहचान है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य मकराना मार्बल मूर्तिकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊँचाई तक पहुँचाना तथा नई पीढ़ी को इस पारंपरिक कला से जोड़ना है। क्षेत्र में खुशी का माहौल डॉ. श्री राम स्वामी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कुचामन सिटी क्षेत्र सहित पूरे राजस्थान में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय कलाकारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल मकराना बल्कि पूरे भारत की पारंपरिक शिल्पकला को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।2
- Post by Adv Ajeet Singh1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1
- Post by RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर1
- dinez fel h rode futhi h dinez se pani nikal raha h1
- Post by Moinuddin Khan1
- अजमेर जिले के नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने किया पदभार ग्रहण पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने बाहर नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन को दिया गॉड ऑनर, थाने के सभी निरीक्षको ने नए एसपी अग्रवाला का किया स्वागत, पदभार ग्रहण करने के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की प्रेस कॉन्फ्रेंस मीडिया बन्धु से करेंगे पहली औपचारिक बातचीत,1
- Post by Adv Ajeet Singh1