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महिषी के मंडन धाम में शंकराचार्य का भव्य स्वागत, गूंजे वैदिक मंत्र सहरसा जिले के महिषी स्थित ऐतिहासिक मंडन धाम में आज उस समय आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला, जब कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। मिथिला की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल-शहनाई और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पूरा मंडन धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। मंडन धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि आठवीं शताब्दी में इसी पावन भूमि पर आदि गुरु शंकराचार्य और महान विद्वान मंडन मिश्र तथा भारती देवी के बीच ऐतिहासिक शास्त्रार्थ हुआ था। इस शास्त्रार्थ में विजय के बाद मंडन मिश्र ने आदि शंकराचार्य का शिष्यत्व स्वीकार कर लिया और उनके साथ कांची चले गए। आज भी कांची मठ में स्थित उनका मंदिर इस ऐतिहासिक प्रसंग की याद दिलाता है। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि महिषी की यह भूमि अत्यंत पूजनीय है। यह केवल शास्त्रार्थ की धरती ही नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र भी है। उन्होंने बिहार के लोगों की आस्था और धार्मिक जागरूकता की सराहना की। शंकराचार्य ने यह भी बताया कि कांची कामकोटि पीठ पिछले पांच दशकों से महिषी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आने वाले समय में मंडन धाम को और अधिक विकसित करने की योजना है, ताकि इसकी गौरवशाली परंपरा नई पीढ़ियों तक पहुंच सके।

3 hrs ago
user_PP News Koshi
PP News Koshi
Voice of people Mahishi, Saharsa•
3 hrs ago

महिषी के मंडन धाम में शंकराचार्य का भव्य स्वागत, गूंजे वैदिक मंत्र सहरसा जिले के महिषी स्थित ऐतिहासिक मंडन धाम में आज उस समय आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला, जब कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। मिथिला की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल-शहनाई और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पूरा मंडन धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। मंडन धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि आठवीं शताब्दी में इसी पावन भूमि पर आदि गुरु शंकराचार्य और महान विद्वान मंडन मिश्र तथा भारती देवी के बीच ऐतिहासिक शास्त्रार्थ हुआ था। इस शास्त्रार्थ में विजय के बाद मंडन मिश्र ने आदि शंकराचार्य का शिष्यत्व स्वीकार कर लिया और उनके साथ कांची चले गए। आज भी कांची मठ में स्थित उनका मंदिर इस ऐतिहासिक प्रसंग की याद दिलाता है। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि महिषी की यह भूमि अत्यंत पूजनीय है। यह केवल शास्त्रार्थ की धरती ही नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र भी है। उन्होंने बिहार के लोगों की आस्था और धार्मिक जागरूकता की सराहना की। शंकराचार्य ने यह भी बताया कि कांची कामकोटि पीठ पिछले पांच दशकों से महिषी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आने वाले समय में मंडन धाम को और अधिक विकसित करने की योजना है, ताकि इसकी गौरवशाली परंपरा नई पीढ़ियों तक पहुंच सके।

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  • सहरसा जिले के महिषी स्थित ऐतिहासिक मंडन धाम में आज उस समय आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला, जब कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। मिथिला की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल-शहनाई और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पूरा मंडन धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। मंडन धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि आठवीं शताब्दी में इसी पावन भूमि पर आदि गुरु शंकराचार्य और महान विद्वान मंडन मिश्र तथा भारती देवी के बीच ऐतिहासिक शास्त्रार्थ हुआ था। इस शास्त्रार्थ में विजय के बाद मंडन मिश्र ने आदि शंकराचार्य का शिष्यत्व स्वीकार कर लिया और उनके साथ कांची चले गए। आज भी कांची मठ में स्थित उनका मंदिर इस ऐतिहासिक प्रसंग की याद दिलाता है। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि महिषी की यह भूमि अत्यंत पूजनीय है। यह केवल शास्त्रार्थ की धरती ही नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र भी है। उन्होंने बिहार के लोगों की आस्था और धार्मिक जागरूकता की सराहना की। शंकराचार्य ने यह भी बताया कि कांची कामकोटि पीठ पिछले पांच दशकों से महिषी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आने वाले समय में मंडन धाम को और अधिक विकसित करने की योजना है, ताकि इसकी गौरवशाली परंपरा नई पीढ़ियों तक पहुंच सके।
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    सहरसा जिले के महिषी स्थित ऐतिहासिक मंडन धाम में आज उस समय आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला, जब कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती का भव्य आगमन हुआ।
मिथिला की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल-शहनाई और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पूरा मंडन धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
मंडन धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि आठवीं शताब्दी में इसी पावन भूमि पर आदि गुरु शंकराचार्य और महान विद्वान मंडन मिश्र तथा भारती देवी के बीच ऐतिहासिक शास्त्रार्थ हुआ था। इस शास्त्रार्थ में विजय के बाद मंडन मिश्र ने आदि शंकराचार्य का शिष्यत्व स्वीकार कर लिया और उनके साथ कांची चले गए।
आज भी कांची मठ में स्थित उनका मंदिर इस ऐतिहासिक प्रसंग की याद दिलाता है।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि महिषी की यह भूमि अत्यंत पूजनीय है। यह केवल शास्त्रार्थ की धरती ही नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र भी है। उन्होंने बिहार के लोगों की आस्था और धार्मिक जागरूकता की सराहना की।
शंकराचार्य ने यह भी बताया कि कांची कामकोटि पीठ पिछले पांच दशकों से महिषी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आने वाले समय में मंडन धाम को और अधिक विकसित करने की योजना है, ताकि इसकी गौरवशाली परंपरा नई पीढ़ियों तक पहुंच सके।
    user_PP News Koshi
    PP News Koshi
    Voice of people Mahishi, Saharsa•
    3 hrs ago
  • ​नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर के समीप मुख्य मार्ग पर एक अनियंत्रित ट्रक पलटने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में ट्रक चालक केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एकजुटता दिखाई और चालक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया, जिससे चालक अंदर दब गया था। शोर सुनकर आसपास के दर्जनों ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद कड़ी कोशिशों से ट्रक के हिस्से को काटकर या दबाकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में चालक का एक हाथ गंभीर रूप से टूट गया है। ग्रामीणों की मदद से उसे तुरंत इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।स्थानीय लोगों की इस त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। ग्रामीणों ने साबित कर दिया कि सही समय पर दिखाई गई सूझबूझ किसी का जीवन बचा सकती है। फिलहाल पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और ट्रक को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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    ​नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर के समीप मुख्य मार्ग पर एक अनियंत्रित ट्रक पलटने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में ट्रक चालक केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एकजुटता दिखाई और चालक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया, जिससे चालक अंदर दब गया था। शोर सुनकर आसपास के दर्जनों ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद कड़ी कोशिशों से ट्रक के हिस्से को काटकर या दबाकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में चालक का एक हाथ गंभीर रूप से टूट गया है। ग्रामीणों की मदद से उसे तुरंत इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।स्थानीय लोगों की इस त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। ग्रामीणों ने साबित कर दिया कि सही समय पर दिखाई गई सूझबूझ किसी का जीवन बचा सकती है। फिलहाल पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और ट्रक को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
    user_पत्रकार सरफराज खान
    पत्रकार सरफराज खान
    Court reporter नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    12 hrs ago
  • Post by Md Saddam Ansari
    1
    Post by Md Saddam Ansari
    user_Md Saddam Ansari
    Md Saddam Ansari
    Grain Wholesaler कहरा, सहरसा, बिहार•
    16 hrs ago
  • एक बहुत ही सनसनी खेज मामला निकलकर सामने आ रही है नगर निगम क्षेत्र बैजनाथपुर से जहां मेहता भारत गैस एजेंसी से गुरुवार के शाम टेम्पो में लदे गैस सिलेंडर चोरी की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वहीं आप तस्वीर में साफ तौर पर देख सकते हैं की खड़े टेम्पो में लदे गैस सिलेंडर की चोरी अज्ञात चोर द्वारा कितनी सावधानी से की जा रही है मगर उसे पता नहीं है की उनके चोरी की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। मामले की जानकारी देते हुए मेहता भारत गैस एजेंसी के प्रोपराइटर चन्द्रकिशोर उर्फ चंदन मेहता ने बताया की अन्य दिनों के तरह गुरुवार को भी वितरक द्वारा उपभोक्ता को गैस सिलेंडर देकर वापस एजेंसी पर आया और पूरे दिन के हिसाब किताब करने के लिए कार्यालय पहुंचा। इधर अज्ञात चोर किसी को नहीं देखकर मौका का फायदा उठाकर एजेंसी के आगे खड़े टेम्पो में से एक गैस सिलेंडर लेकर अपने अन्य बाइक सवार साथी के मदद से लेकर फरार हो गया। जब गैस वितरक द्वारा सिलेंडर की गिनती शुरू की गई तो एक सिलेंडर कम पाया गया। शक होने पर सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया तो सारा माजरा सामने आ गया। फ़िलहाल चोरी की घटना को लेकर थाना में आवेदन नहीं दिया गया है। शुक्रवार को थाना में आवेदन देने की बात कही गई है। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही चोर का पता लगाया जाना संभव है।
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    एक बहुत ही सनसनी खेज मामला निकलकर सामने आ रही है नगर निगम क्षेत्र बैजनाथपुर से जहां मेहता भारत गैस एजेंसी से गुरुवार के शाम टेम्पो में लदे गैस सिलेंडर चोरी की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वहीं आप तस्वीर में साफ तौर पर देख सकते हैं की खड़े टेम्पो में लदे गैस सिलेंडर की चोरी अज्ञात चोर द्वारा कितनी सावधानी से की जा रही है मगर उसे पता नहीं है की उनके चोरी की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। मामले की जानकारी देते हुए मेहता भारत गैस एजेंसी के प्रोपराइटर चन्द्रकिशोर उर्फ चंदन मेहता ने बताया की अन्य दिनों के तरह गुरुवार को भी वितरक द्वारा उपभोक्ता को गैस सिलेंडर देकर वापस एजेंसी पर आया और पूरे दिन के हिसाब किताब करने के लिए कार्यालय पहुंचा। इधर अज्ञात चोर किसी को नहीं देखकर मौका का फायदा उठाकर एजेंसी के आगे खड़े टेम्पो में से एक गैस सिलेंडर लेकर अपने अन्य बाइक सवार साथी के मदद से लेकर फरार हो गया। जब गैस वितरक द्वारा सिलेंडर की गिनती शुरू की गई तो एक सिलेंडर कम पाया गया। शक होने पर सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया तो सारा माजरा सामने आ गया। फ़िलहाल चोरी की घटना को लेकर थाना में आवेदन नहीं दिया गया है। शुक्रवार को थाना में आवेदन देने की बात कही गई है। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही चोर का पता लगाया जाना संभव है।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by Gulshan Gupta
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    Post by Gulshan Gupta
    user_Gulshan Gupta
    Gulshan Gupta
    अलौली, खगड़िया, बिहार•
    22 hrs ago
  • road tuta hua Hai
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    road tuta hua Hai
    user_Suraj Kumar
    Suraj Kumar
    मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    1 hr ago
  • बिहार के मधेपुरा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस झड़प में थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। दरअसल मधेपुरा जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के घोरमुहा गांव में उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें कई ग्रामीण भी घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, गम्हरिया थाना के थानाध्यक्ष राघव शरण भी इस झड़प में चोटिल हुए हैं, साथ ही कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। फिलहाल हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    बिहार के मधेपुरा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस झड़प में थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
दरअसल मधेपुरा जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के घोरमुहा गांव में उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें कई ग्रामीण भी घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, गम्हरिया थाना के थानाध्यक्ष राघव शरण भी इस झड़प में चोटिल हुए हैं, साथ ही कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर आगे की रणनीति बनाई जा रही है।
फिलहाल हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    13 hrs ago
  • सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड स्थित चंद्रायण रेफरल अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है… जहां स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद के औचक निरीक्षण के दौरान बड़ा खुलासा हुआ… निरीक्षण में डॉक्टर रोहित कुमार की फर्जी उपस्थिति का मामला सामने आया। जांच के दौरान पाया गया कि डॉक्टर रोहित कुमार का नाम न तो उपस्थिति पंजी में दर्ज था… और न ही ड्यूटी रोस्टर में शामिल था… इसके बावजूद उनका अस्पताल में कार्य करना कई सवाल खड़े करता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर डॉक्टर रोहित कुमार किस आधार पर और किसके आदेश पर अस्पताल में कार्य कर रहे थे… क्या इसके पीछे किसी बड़े स्तर की मिलीभगत है…? गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है… 27 अप्रैल को भी इसी अस्पताल में डॉक्टर संतोष कुमार द्वारा फर्जी हाजिरी लगाने का मामला सामने आया था… वहीं 4 अप्रैल को भी नवहट्टा में दो अन्य चिकित्सकों की फर्जी उपस्थिति पकड़ी गई थी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर गंभीर असर डाला है। फिलहाल सिविल सर्जन की इस कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि दोषी डॉक्टरों और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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    सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड स्थित चंद्रायण रेफरल अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है…
जहां स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद के औचक निरीक्षण के दौरान बड़ा खुलासा हुआ…
निरीक्षण में डॉक्टर रोहित कुमार की फर्जी उपस्थिति का मामला सामने आया।
जांच के दौरान पाया गया कि डॉक्टर रोहित कुमार का नाम न तो उपस्थिति पंजी में दर्ज था…
और न ही ड्यूटी रोस्टर में शामिल था…
इसके बावजूद उनका अस्पताल में कार्य करना कई सवाल खड़े करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर डॉक्टर रोहित कुमार किस आधार पर और किसके आदेश पर अस्पताल में कार्य कर रहे थे…
क्या इसके पीछे किसी बड़े स्तर की मिलीभगत है…?
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है…
27 अप्रैल को भी इसी अस्पताल में डॉक्टर संतोष कुमार द्वारा फर्जी हाजिरी लगाने का मामला सामने आया था…
वहीं 4 अप्रैल को भी नवहट्टा में दो अन्य चिकित्सकों की फर्जी उपस्थिति पकड़ी गई थी।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर गंभीर असर डाला है।
फिलहाल सिविल सर्जन की इस कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि दोषी डॉक्टरों और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
    user_PP News Koshi
    PP News Koshi
    Voice of people Nauhatta, Saharsa•
    15 hrs ago
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