कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 9 जून 2026 को एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। सीपीआई गरीब, किसान, मजदूर और नौजवानों को लामबंद करते हुए भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाएगी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार के शासनकाल में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भ्रूण हत्या जैसी गंभीर समस्याएं अपने चरम पर पहुँच गई हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं भी पूरी तरह चरमरा गई हैं। सीपीआई का कहना है कि धर्म के नाम पर समाज में जहर घोला जा रहा है और देश को बांटने की साजिश रची जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं: 1 से 200 यूनिट तक बिजली का बिल माफ किया जाए; गरीबों को पेंशन या बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाए; प्रदेश में मुस्लिमों का धार्मिक उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए; बजरंग दल, हिन्द युवा वाहिनी और आरएस पर प्रतिबंध लगाया जाए; 7वें प्रदेश में पुलिस अफसरशाही द्वारा की जा रही लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए तथा गांव-गांव में हो रही लूट को बंद किया जाए; और 8वां भागा दिवस, तहसील दिवस जैसे दिखावटी कार्यक्रमों को बंद कर गरीबों को वास्तविक न्याय दिया जाए। इस धरने में सीपीआई के जिला मंत्री कुशीनगर, तहसील मंत्री तमकुहीराज, एडवोकेट रामाशंकर पटेल और कई अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वे तहसील मुख्यालय चमकुहीराज पर पहुँचकर अपनी इन मांगों को सरकार तक पहुँचाएंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस प्रदर्शन से कैसे निपटता है और सरकार इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 9 जून 2026 को एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। सीपीआई गरीब, किसान, मजदूर और नौजवानों को लामबंद करते हुए भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाएगी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार के शासनकाल में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भ्रूण हत्या जैसी गंभीर समस्याएं अपने चरम पर पहुँच गई हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं भी पूरी तरह चरमरा गई हैं। सीपीआई का कहना है कि धर्म के नाम पर समाज में जहर घोला जा रहा है और देश को बांटने की साजिश रची जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं: 1 से 200 यूनिट तक बिजली का बिल माफ किया
जाए; गरीबों को पेंशन या बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाए; प्रदेश में मुस्लिमों का धार्मिक उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए; बजरंग दल, हिन्द युवा वाहिनी और आरएस पर प्रतिबंध लगाया जाए; 7वें प्रदेश में पुलिस अफसरशाही द्वारा की जा रही लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए तथा गांव-गांव में हो रही लूट को बंद किया जाए; और 8वां भागा दिवस, तहसील दिवस जैसे दिखावटी कार्यक्रमों को बंद कर गरीबों को वास्तविक न्याय दिया जाए। इस धरने में सीपीआई के जिला मंत्री कुशीनगर, तहसील मंत्री तमकुहीराज, एडवोकेट रामाशंकर पटेल और कई अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वे तहसील मुख्यालय चमकुहीराज पर पहुँचकर अपनी इन मांगों को सरकार तक पहुँचाएंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस प्रदर्शन से कैसे निपटता है और सरकार इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
- कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 9 जून 2026 को एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। सीपीआई गरीब, किसान, मजदूर और नौजवानों को लामबंद करते हुए भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाएगी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार के शासनकाल में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भ्रूण हत्या जैसी गंभीर समस्याएं अपने चरम पर पहुँच गई हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं भी पूरी तरह चरमरा गई हैं। सीपीआई का कहना है कि धर्म के नाम पर समाज में जहर घोला जा रहा है और देश को बांटने की साजिश रची जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं: 1 से 200 यूनिट तक बिजली का बिल माफ किया जाए; गरीबों को पेंशन या बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाए; प्रदेश में मुस्लिमों का धार्मिक उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए; बजरंग दल, हिन्द युवा वाहिनी और आरएस पर प्रतिबंध लगाया जाए; 7वें प्रदेश में पुलिस अफसरशाही द्वारा की जा रही लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए तथा गांव-गांव में हो रही लूट को बंद किया जाए; और 8वां भागा दिवस, तहसील दिवस जैसे दिखावटी कार्यक्रमों को बंद कर गरीबों को वास्तविक न्याय दिया जाए। इस धरने में सीपीआई के जिला मंत्री कुशीनगर, तहसील मंत्री तमकुहीराज, एडवोकेट रामाशंकर पटेल और कई अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वे तहसील मुख्यालय चमकुहीराज पर पहुँचकर अपनी इन मांगों को सरकार तक पहुँचाएंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस प्रदर्शन से कैसे निपटता है और सरकार इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।2
- जनपद कुशीनगर से प्राप्त एक प्रेस नोट के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के संबंध में जानकारी दी गई है कि 22 मई 2026 को दोपहर लगभग 1 बजे कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के जंगल पचरुखिया के पास एक सड़क दुर्घटना हुई थी। इस घटना में संदीप कुमार नामक व्यक्ति एक ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना मिलने पर पीआरवी वाहन मौके पर पहुँचा, जहाँ उत्तेजित ग्रामीण ट्रक में तोड़फोड़ और आगजनी का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को शांत किया और दुर्घटना के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया। इसके बाद, 29 मई 2026 को ट्रक मालिक ने थाने पर शिकायत दर्ज कराई कि ट्रक के केबिन से ₹30,000 और ट्रक की बैटरी चोरी कर ली गई है। जब पुलिस टीम इस चोरी के संबंध में पूछताछ करने गांव गई, तो एक महिला सुगंती देवी और उनके पुत्र मुकेश कुमार ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए उनके साथ उलझ गए। जाँच में सामने आया है कि सुगंती देवी के खिलाफ पहले भी मारपीट के मामले दर्ज हैं। इस संदर्भ में कुबेरस्थान थाने पर सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम कानूनी कार्यवाही की जा रही है। उक्त घटनाक्रम के संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. अजय कुमार सिंह का भी बयान उपलब्ध है।1
- एक वीडियो के माध्यम से बेकिंग सोडा, जिसे खाने वाला सोडा या खावा सोडा भी कहा जाता है, के 10 कमाल के घरेलू उपायों के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा। यह वीडियो बेकिंग सोडा क्या है, यह कैसे बनाया जाता है, इसके रासायनिक नाम क्या हैं और इसका रासायनिक सूत्र क्या है, इन सभी पहलुओं की पूरी जानकारी देगा। इसके अतिरिक्त, इसमें बेकिंग सोडा या खाने वाले सोडा के गुणों, इसकी प्रमुख विशेषताओं और विभिन्न उपयोगों पर भी प्रकाश डाला जाएगा, जिसमें बेकिंग पाउडर के गुण और उपयोग भी शामिल हैं।1
- एक वीडियो के माध्यम से बेकिंग सोडा या खाने वाले सोडे के 10 कमाल के घरेलू उपयोगों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इस वीडियो में यह विस्तारपूर्वक समझाया जाएगा कि बेकिंग सोडा, जिसे खाने वाला सोडा या खावा सोडा भी कहा जाता है, क्या है और इसे कैसे बनाया जाता है। दर्शक इसके रासायनिक नाम और रासायनिक सूत्र भी जानेंगे। इसके अलावा, वीडियो में बेकिंग सोडा के गुण, इसकी विशेषताएं और इसके विभिन्न उपयोगों को विस्तार से कवर किया जाएगा। यह वीडियो बेकिंग सोडा के गुणों और उपयोगों को समझने में मदद करेगा।1
- पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड, धधवा ग्राम पंचायत और नवलपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले दधियावा गांव में 'दधियावा घाव रोड' की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इस सड़क की खराब हालत को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने सरकार से विनम्र निवेदन किया है कि इसका निर्माण जल्द से जल्द करवाया जाए।1
- यह वीडियो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अनुवाद के महत्व और भविष्य पर केंद्रित है, साथ ही मीडिया अनुवाद में करियर के अवसरों पर भी प्रकाश डालता है। वीडियो का उद्देश्य अनुवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान करना है। इसमें मुख्य रूप से अनुवाद क्या है, अनुवाद कितने प्रकार के होते हैं, अनुवाद की परिभाषा क्या है, और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अनुवाद का क्या महत्व है जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वीडियो में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्या है और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का महत्व क्या है, इन महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी समझाया जाएगा।1
- कुशीनगर में एक पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने उस समय हमला कर दिया, जब वे एक मामले में दबिश देने गई थी। इस दौरान एक महिला ने पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ लिया, जबकि एक युवक ने एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ जड़ दिया। पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पुलिस टीम मोरंग लदे ट्रक में तोड़फोड़ करने वाले एक युवक को पकड़ने गई थी। यह तोड़फोड़ बीते दिनों हुई एक घटना के बाद हुई थी, जिसमें मोरंग लदे ट्रक की ठोकर से एक युवक की मौत हो गई थी। इस मौत से आक्रोशित लोगों ने धरना दिया था और धरने के दौरान ग्रामीणों ने पथराव कर पुलिस की अभिरक्षा में खड़े ट्रक में तोड़फोड़ की थी। पुलिस इसी तोड़फोड़ में शामिल लोगों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने के लिए मौके पर पहुंची थी। गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम से युवक को बचाने के लिए महिला भिड़ गई, जिसके बाद युवक ने पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारा। यह पूरा मामला कुबेरस्थान थाने के पचरुखिया गांव का है।1